बौद्ध और जैन स्थापत्य — Practice Set
बौद्ध और जैन स्थापत्य के 50 UPSC-स्तरीय वस्तुनिष्ठ अभ्यास प्रश्न एक ही पृष्ठ पर और 20 मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न अलग-अलग पृष्ठों पर। विकल्प चुनते ही उत्तर और व्याख्या दिखाई जाएगी।
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UPSC Mains अभ्यास प्रश्न
20 संभावित प्रश्न; हर प्रश्न का अलग पृष्ठ है।
अभ्यास प्रश्न 1 · 10 अंक · 150 शब्द"बौद्ध स्तूप केवल ईंट और पत्थर का एक स्मारक टीला नहीं है, बल्कि यह बौद्ध ब्रह्मांड विज्ञान (Cosmology) और दर्शन का एक त्रि-आयामी आरेख है।" स्तूप के विभिन्न स्थापत्य अंगों के प्रतीकात्मक अर्थ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।अभ्यास प्रश्न 2 · 10 अंक · 150 शब्दसाँची, भरहुत और अमरावती के स्तूपों की स्थापत्य और मूर्तिकला शैलियों की तुलना करते हुए स्पष्ट कीजिए कि वे किस प्रकार प्रारंभिक भारतीय कला के क्षेत्रीय और कालानुक्रमिक विकास को दर्शाते हैं।अभ्यास प्रश्न 3 · 15 अंक · 250 शब्द"पश्चिमी दक्कन का बौद्ध शैलकृत गुफा स्थापत्य केवल भिक्षुओं के एकांतवास की खोज नहीं था, बल्कि यह प्राचीन व्यापारिक मार्गों, शहरीकरण और वणिक श्रेणियों के आर्थिक नेटवर्क के साथ गहराई से जुड़ा हुआ था।" परीक्षण कीजिए।अभ्यास प्रश्न 4 · 15 अंक · 250 शब्दबौद्ध और जैन स्थापत्य एवं प्रतिमा विज्ञान के बीच की प्रमुख समानताओं और विषमताओं का विश्लेषण कीजिए। उनके दार्शनिक अंतरों ने उनकी कलात्मक अभिव्यक्तियों को किस प्रकार भिन्न आकार दिया?अभ्यास प्रश्न 5 · 15 अंक · 250 शब्द"बौद्ध कला में अनाकार (प्रतीकात्मक) चरण से मानवाकार (प्रतिमा) चरण की ओर संक्रमण केवल एक कलात्मक परिवर्तन नहीं था, बल्कि यह बौद्ध धर्म के भीतर हो रहे गहरे वैचारिक और सामाजिक परिवर्तनों का प्रतिबिंब था।" आलोचनात्मक चर्चा कीजिए।अभ्यास प्रश्न 6 · 10 अंक · 150 शब्दभारतीय शैलकृत वास्तुकला के उदय में मौर्यकालीन 'बाराबर और नागार्जुनी गुफाओं' के स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए।अभ्यास प्रश्न 7 · 15 अंक · 250 शब्द"अजंता की गुफाएँ केवल प्राचीन भारतीय भित्ति-चित्रकला का ही शिखर नहीं हैं, बल्कि वे गुप्त-वाकाटक युग में स्थापत्य, मूर्तिकला और चित्रकला की 'त्रिवेणी' तथा बौद्ध धर्म के वैचारिक विकास का संपूर्ण दस्तावेज हैं।" चर्चा कीजिए।अभ्यास प्रश्न 8 · 10 अंक · 150 शब्दएलोरा की शैलकृत गुफाएँ किस प्रकार अजंता की गुफा परंपरा से स्थापत्य, कलात्मक माध्यम और धार्मिक बहुलता के स्तर पर भिन्न हैं? स्पष्ट कीजिए।अभ्यास प्रश्न 9 · 10 अंक · 150 शब्दकलिंग नरेश खारवेल के संरक्षण में विकसित ओडिशा की 'उदयगिरि और खंडगिरि' की जैन गुफाओं की प्रमुख स्थापत्य और कलात्मक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।अभ्यास प्रश्न 10 · 15 अंक · 250 शब्द"मध्यकालीन और पूर्व-मध्यकालीन जैन मंदिर स्थापत्य ने बाहरी सादगी के भीतर संगमरमर की जालीदार सूक्ष्मता, ज्यामितीय पूर्णता और 'मंदिर-नगर' की अनूठी अवधारणा को जन्म दिया।" दिलवाड़ा, रणकपुर और पालीताना के विशेष संदर्भ में चर्चा कीजिए।अभ्यास प्रश्न 11 · 15 अंक · 250 शब्द"प्राचीन भारत का बौद्ध और जैन स्थापत्य केवल सम्राटों के राजकोष की देन नहीं था, बल्कि यह सामान्य जनमानस, शिल्पकारों, भिक्षु-भिक्षुणियों और विशेषकर महिलाओं के 'सामूहिक दान' (Collective Patronage) का प्रतिफल था।" अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।अभ्यास प्रश्न 12 · 10 अंक · 150 शब्द"शैलकृत गुफाओं और स्तूपों में पत्थर को इस प्रकार तराशा गया मानो शिल्पकार लकड़ी पर काम कर रहे हों।" प्रारंभिक भारतीय स्थापत्य में 'काष्ठ से प्रस्तर संक्रमण' (Transition from Wood to Stone) की इस परिघटना की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।अभ्यास प्रश्न 13 · 10 अंक · 150 शब्दकुषाण और गुप्त काल में विकसित बौद्ध मूर्तिकला की तीन प्रमुख शैलियों—गांधार, मथुरा और सारनाथ—की तुलना कीजिए। किस प्रकार सारनाथ शैली ने भारतीय शास्त्रीय कला के आध्यात्मिक आदर्श को पूर्णता प्रदान की?अभ्यास प्रश्न 14 · 10 अंक · 150 शब्दजैन प्रतिमा विज्ञान में 'कायोत्सर्ग', 'श्रीवत्स', 'लांछन' और 'समवसरण' के दार्शनिक और प्रतीकात्मक महत्त्व की व्याख्या कीजिए।अभ्यास प्रश्न 15 · 15 अंक · 250 शब्द"साँची, अमरावती, गांधार और नालंदा-विक्रमशिला से निकली भारतीय बौद्ध स्थापत्य और मूर्तिकला की धाराओं ने संपूर्ण एशिया के सांस्कृतिक भूगोल को किस प्रकार आकार दिया?" सोदाहरण विश्लेषण कीजिए।अभ्यास प्रश्न 16 · 15 अंक · 250 शब्द"भारतीय मंदिर वास्तुकला (नागर, द्रविड़ और वेसर) का जन्म किसी शून्य से नहीं हुआ; इसकी संरचनात्मक जड़ें बौद्ध और जैन शैलकृत गुफाओं, चैत्यगृहों और स्तूपों में गहराई से समाहित थीं।" इस कथन की पुष्टि कीजिए।अभ्यास प्रश्न 17 · 10 अंक · 150 शब्दबौद्ध और जैन शैलकृत गुफाओं एवं पहाड़ी मंदिरों के निर्माण में प्राचीन भारतीय वास्तुकारों के पर्यावरण-बोध, जल-प्रबंधन और भू-वैज्ञानिक ज्ञान का मूल्यांकन कीजिए।अभ्यास प्रश्न 18 · 15 अंक · 250 शब्द"बिहार और पूर्वी भारत ने न केवल बौद्ध और जैन धर्मों को जन्म दिया, बल्कि मौर्य काल से लेकर पाल काल तक भारतीय स्थापत्य और मूर्तिकला के मानकों को भी निर्धारित किया।" इस कथन का परीक्षण कीजिए।अभ्यास प्रश्न 19 · 10 अंक · 150 शब्दप्रायद्वीपीय भारत (दक्कन और दक्षिण भारत) में जैन गुफाओं, बसदियों और एकाश्म प्रतिमाओं के विकास में चालुक्य, गंग, राष्ट्रकूट और पांड्य शासकों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।अभ्यास प्रश्न 20 · 15 अंक · 250 शब्द"बौद्ध और जैन स्थापत्य धरोहरें भारत की बहुलतावादी संस्कृति और वैश्विक पर्यटन व सांस्कृतिक कूटनीति (Soft Power) की आधारशिला हैं, किंतु आज वे संरक्षण और प्रबंधन की अनेक चुनौतियों का सामना कर रही हैं।" विश्लेषण कीजिए।