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UPSC Mains अभ्यास · GS Paper 1

अभ्यास प्रश्न 8

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10 अंक150 शब्दबौद्ध और जैन स्थापत्य

प्रश्न

एलोरा की शैलकृत गुफाएँ किस प्रकार अजंता की गुफा परंपरा से स्थापत्य, कलात्मक माध्यम और धार्मिक बहुलता के स्तर पर भिन्न हैं? स्पष्ट कीजिए।

प्रश्न की मांग

अजंता और एलोरा के बीच स्थलाकृति (प्रांगण), बहुमंजिला संरचना, चित्रकला बनाम मूर्तिकला, और एकल धर्म बनाम त्रि-धार्मिक सह-अस्तित्व के अंतर को स्पष्ट करना।

भूमिका की दिशा

एक ही जिले (छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र) में स्थित होने के बावजूद, अजंता (2री शती ई.पू.–6ठी शती ई.) और एलोरा (6ठी–10वीं शती ई.) शैलकृत वास्तुकला के दो भिन्न ऐतिहासिक और स्थापत्य चरणों को दर्शाते हैं।

उत्तर-लेखन रूपरेखा

  • धार्मिक बहुलता बनाम एकल धर्म: अजंता की सभी 29 गुफाएँ केवल बौद्ध धर्म से जुड़ी हैं; जबकि एलोरा की 34 गुफाएँ बौद्ध (1–12), ब्राह्मण/हिंदू (13–29) और दिगंबर जैन (30–34) तीनों धर्मों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का प्रतीक हैं।
  • स्थलाकृति और खुला प्रांगण: अजंता की गुफाएँ वाघोरा नदी की खड़ी चट्टान (Vertical cliff) में कटी हैं इसलिए उनके सामने आंगन नहीं है; जबकि एलोरा की ढलानदार पहाड़ी ने गुफाओं के सामने विशाल खुले प्रांगण (Courtyards) और एकाश्म मंदिर (कैलाश व छोटा कैलाश) बनाने की सुविधा दी।
  • बहुमंजिला विहार स्थापत्य: अजंता के विहार मुख्यतः एकमंजिला हैं, जबकि एलोरा में विशाल तीन-मंजिला बौद्ध विहार (गुफा 11 'दो ताल' और गुफा 12 'तीन ताल') तथा दोमंजिला जैन गुफाएँ (इंद्रसभा व जगन्नाथ सभा) बनीं।
  • कला माध्यम और धार्मिक चरण: अजंता में भित्ति-चित्रकला प्रमुख रही और महायान का उत्कर्ष दिखा; जबकि एलोरा में विशालकाय पाषाण शिल्प प्रमुख हो गया और बौद्ध गुफाओं में 'वज्रयान' (तारा, महामयूरी, मंडल) का प्रभाव उभरा।

उपयोगी उदाहरण

एलोरा गुफा 10 (विश्वकर्मा चैत्य), गुफा 12 (तीन ताल), गुफा 16 (कैलाश मंदिर) और गुफा 32 (जैन इंद्रसभा)।

निष्कर्ष की दिशा

अजंता जहाँ बौद्ध शास्त्रीय चित्रकला की पराकाष्ठा है, वहीं एलोरा पूर्व-मध्यकालीन भारत की वास्तुकला की विशालता और धार्मिक समन्वय का शिखर है।