तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया।
इतिहास/संस्कृति से सीधा संबंध
तुलु दक्षिण भारत की द्रविड़ भाषा-परिवार की भाषा है और मुख्यतः तटीय कर्नाटक के तुलुनाडु क्षेत्र में बोली जाती है। इसकी सांस्कृतिक परंपरा यक्षगान, भूत-कोला जैसी स्थानीय अभिव्यक्तियों और मौखिक साहित्य से जुड़ी है। आज तुलु सामान्यतः कन्नड़ लिपि में लिखी जाती है; ऐतिहासिक रूप से तुलु-तिगलारी लिपि परंपरा भी मिलती है।
- तुलु द्रविड़ भाषा-परिवार से संबंधित है।
- मुख्य क्षेत्र: दक्षिण कन्नड़ और उडुपी; व्यापक सांस्कृतिक क्षेत्र को तुलुनाडु कहा जाता है।
- तुलु अभी संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है।
- राज्य किसी भाषा को अपने आधिकारिक कार्य में मान्यता दे सकता है; इसे आठवीं अनुसूची में शामिल होना आवश्यक नहीं है।