लाहौरी गेट हवेली में शाहजहानाबाद संग्रहालय: पुरानी दिल्ली की शहरी विरासत
MCD और IGNCA की साझेदारी से पुरानी दिल्ली की बहुस्तरीय शहरी विरासत को संग्रहालय एवं व्याख्या केंद्र के माध्यम से प्रस्तुत करने की योजना।
चर्चा में क्यों?
नगर निगम दिल्ली और IGNCA ने बहाल की गई लाहौरी गेट हवेली को शाहजहानाबाद संग्रहालय एवं व्याख्या केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में समझौता आगे बढ़ाया। अक्टूबर 2026 के प्रथम सप्ताह में परियोजना को मंजूरी और साझेदारी के कारण यह विषय चर्चा में आया।
शाहजहानाबाद क्या था?
शाहजहानाबाद मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा 17वीं शताब्दी में विकसित शाही राजधानी थी। इसका ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य लाल किला, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, बाजारों, हवेलियों और बहुधार्मिक पड़ोसों से बना था। आधुनिक पुरानी दिल्ली इसी ऐतिहासिक नगर से विकसित हुई।
संग्रहालय में क्या प्रस्तावित है?
योजना के अनुसार संग्रहालय में पुरानी दिल्ली के इतिहास, नगर योजना, बाजार, भोजन, भाषा, जीवनशैली और स्थापत्य को artefacts, narrative panels, digital databases और audio-visual सामग्री से प्रस्तुत किया जाएगा। लाल किला, जामा मस्जिद, टाउन हॉल, पारंपरिक हवेलियाँ और चांदनी चौक के बाजार प्रमुख विषय होंगे।
Adaptive reuse क्यों महत्वपूर्ण है?
किसी पुराने भवन को ध्वस्त किए बिना नई सार्वजनिक उपयोगिता देना adaptive reuse कहलाता है। इससे वास्तु विरासत संरक्षित रहती है और भवन सामाजिक उपयोग में बना रहता है। संग्रहालयों और व्याख्या केंद्रों के लिए यह मॉडल ऐतिहासिक शहरों में उपयोगी है।
प्रारंभिक परीक्षा केंद्रित तथ्य
- परियोजना: Shahjahanabad Museum and Interpretation Centre।
- स्थान: लाहौरी गेट हवेली, पुरानी दिल्ली।
- साझेदारी: नगर निगम दिल्ली + IGNCA।
- फोकस: पुरानी दिल्ली की शहरी, स्थापत्य और जीवित सांस्कृतिक विरासत।
कथन आधारित सावधानियाँ
- लाहौरी गेट हवेली को लाल किले के लाहौरी गेट से न मिलाएँ; यह अलग नगर संपत्ति है।
- शाहजहानाबाद दिल्ली सल्तनत का नगर नहीं, मुगलकालीन शाही शहर है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: भारत के ऐतिहासिक शहरों में adaptive reuse आधारित संग्रहालय मॉडल विरासत संरक्षण और सार्वजनिक शिक्षा को कैसे जोड़ सकता है?