इतिहास एवं कला-संस्कृति • UPSC 2027

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर 2026 को एकता नगर, गुजरात में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए और अभिनेता अनंत नाग को 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया।

स्रोत तिथि: 22 सितंबर 2026
प्रकाशित: 23 सितंबर 2026अंतिम अद्यतन: 23 सितंबर 2026इतिहास एवं कला-संस्कृतिपरीक्षा: प्रारंभिक + मुख्यGS-Iस्रोत-सत्यापित

पाठ्यक्रम से जुड़ाव

  • प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, संबंधित मंत्रालय और प्रमुख विजेता।
  • मुख्य परीक्षा GS-I: भारतीय कला-संस्कृति, सिनेमा, भाषायी विविधता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति।

चर्चा में क्यों?

22 सितंबर 2026 को एकता नगर (केवड़िया), गुजरात में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए गए। ये पुरस्कार वर्ष 2024 की सिनेमाई उपलब्धियों के लिए थे। इसी समारोह में वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में दीर्घकालीन योगदान के लिए 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया।

मुख्य बिंदु

  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना 1954 में हुई।
  • पुरस्कार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संबंधित हैं।
  • तीन व्यापक क्षेत्र—फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन।
  • 72वाँ संस्करण वर्ष 2024 की फिल्मों और उपलब्धियों से संबंधित है।
  • सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘Article 370’.
  • सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म: ‘Bhangaar’.
  • सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: ‘Ram-Nami’.
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, मुख्य भूमिका: Mammootty और Kartik Aaryan (संयुक्त)।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, मुख्य भूमिका: Yami Gautam.
  • दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024: Anant Nag.

पृष्ठभूमि और विस्तार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा की कलात्मक, तकनीकी, भाषायी और क्षेत्रीय विविधता को मान्यता देने के लिए स्थापित किए गए थे। इनके अंतर्गत केवल लोकप्रिय हिंदी सिनेमा नहीं, बल्कि विभिन्न भारतीय भाषाओं की फीचर और गैर-फीचर कृतियाँ भी शामिल होती हैं।

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में आजीवन और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान माना जाता है। इसे किसी एक वर्ष की फिल्म के पुरस्कार से अलग समझना चाहिए। इसका नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर है, जिन्हें भारतीय फीचर सिनेमा के अग्रदूतों में गिना जाता है।

2026 में पुरस्कार समारोह को पहली बार दिल्ली से बाहर एकता नगर में आयोजित करने की दिशा भी उल्लेखनीय रही, जिसे सरकार ने विभिन्न राज्यों और सांस्कृतिक स्थलों तक राष्ट्रीय आयोजनों को ले जाने की व्यापक पहल से जोड़ा।

महत्व, प्रभाव और चुनौतियाँ

सांस्कृतिक विविधता: राष्ट्रीय पुरस्कार विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रों और कथन परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान देते हैं।

सांस्कृतिक अभिलेख: फिल्में सामाजिक परिवर्तन, स्मृति, संघर्ष, भाषा और जीवन-शैली का दृश्य अभिलेख बन सकती हैं।

गैर-फीचर सिनेमा: डॉक्यूमेंट्री और लघु फिल्में ऐसे सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषय सामने ला सकती हैं जिन्हें वाणिज्यिक सिनेमा में कम स्थान मिलता है।

प्रतिनिधित्व की चुनौती: पुरस्कार प्रणाली की विश्वसनीयता पारदर्शी चयन, विविध निर्णायक मंडल और स्पष्ट मानदंडों पर निर्भर करती है।

संरक्षण चुनौती: भारतीय फिल्म विरासत का डिजिटलीकरण, पुनर्स्थापन और दीर्घकालीन अभिलेखीकरण अभी भी महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक नीति का क्षेत्र है।

मुख्य परीक्षा

भारतीय सिनेमा को केवल मनोरंजन उद्योग के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह भाषायी पहचान, सामाजिक कल्पना, लोक परंपरा, संगीत, पोशाक, राजनीतिक-सामाजिक स्मृति और आधुनिकता के अनुभव का वाहक है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसी संस्थाएँ सांस्कृतिक विविधता को दृश्यता देती हैं; साथ ही फिल्म संरक्षण, क्षेत्रीय उद्योगों की आर्थिक क्षमता और रचनात्मक स्वतंत्रता जैसे प्रश्न भी सांस्कृतिक नीति से जुड़े हैं।

आगे की राह

  • क्षेत्रीय और अल्पसंख्यक भाषाओं की फिल्मों के संरक्षण और वितरण को समर्थन।
  • राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार और डिजिटलीकरण क्षमता मजबूत करना।
  • पुरस्कार चयन मानदंड और जूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता।
  • फिल्म पुनर्स्थापन, उपशीर्षक और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए संस्थागत सहायता।
  • सिनेमा अध्ययन, अभिलेख और सांस्कृतिक शोध के बीच बेहतर समन्वय।

संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना: 1954।
  • दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर है।
  • 72वें पुरस्कारों का संदर्भ वर्ष: 2024।
  • समारोह: एकता नगर (केवड़िया), गुजरात।
  • दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024: अनंत नाग।

विगत वर्षों के प्रश्न और अपेक्षित प्रश्न

सत्यापित PYQ

प्रारंभिक परीक्षा 2003 — भावार्थ: वर्ष 2001 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए किस व्यक्ति का चयन किया गया था? सही उत्तर—यश चोपड़ा।

अपेक्षित प्रारंभिक प्रश्न

प्रश्न 1. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: (1) इनकी स्थापना 1954 में हुई। (2) ये सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संबंधित हैं। (3) दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसी एक वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार है। सही कूट चुनिए।

उत्तर देखें

उत्तर: केवल (1) और (2) सही हैं।

प्रश्न 2. 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसे प्रदान किया गया?

उत्तर देखें

उत्तर: अनंत नाग।

अपेक्षित मुख्य प्रश्न

भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन उद्योग नहीं, बल्कि भाषायी विविधता, सामाजिक स्मृति और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

PYQ सत्यापन: UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2003।

स्रोतप्राथमिक तथा विश्वसनीय स्रोत

सामग्री स्रोतों का स्वतंत्र, परीक्षा-उन्मुख पुनर्लेखन है; किसी प्रकाशन का पाठ प्रतिलिपि नहीं किया गया है।