वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 156
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3101–3120 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंविशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के बारे में:वे 18 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में रहते हैं।स्थिर/घटती आबादी एक मानदंड है।देश में 95 P…
- वे 18 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में रहते हैं।
- स्थिर/घटती आबादी एक मानदंड है।
- देश में 95 PVTG अधिसूचित हैं।
- इरुलर और कोंडा रेड्डी PVTG सूची में हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- भारत में 75 PVTG हैं; बाकी 1, 2 और 4 सही हैं।
शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ मामला (1951) में उच्चतम न्यायालय ने पहले संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 की वैधता की समीक्षा करते हुए क्या निर्णय दिया था…
शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ मामला (1951) में उच्चतम न्यायालय ने पहले संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 की वैधता की समीक्षा करते हुए क्या निर्णय दिया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
शंकरी प्रसाद मामले (1951) में न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन की शक्ति में मौलिक अधिकारों में संशोधन शामिल है और अनुच्छेद 13 में 'विधि' शब्द केवल सामान्य विधियों पर लागू होता है, संविधान संशोधन पर नहीं।
शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य (1974) मामले में उच्चतम न्यायालय की 7-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों पर क्या निर्णय…
शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य (1974) मामले में उच्चतम न्यायालय की 7-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों पर क्या निर्णय दिया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
शमशेर सिंह मामले (1974) में 7-जजों की संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि संसदीय प्रणाली में राष्ट्रपति और राज्यपाल दोनों ही औपचारिक/संवैधानिक प्रमुख हैं और वे सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं।
शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य (1974) वाद में उच्चतम न्यायालय की 7-सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर …
शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य (1974) वाद में उच्चतम न्यायालय की 7-सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा व्यक्तिगत संतुष्टि के बजाय मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता से कार्य करना ही संवैधानिक नियम है। Satisfaction) शब्द का प्रयोग हुआ है, वह मंत्रिपरिषद की संतुष्टि है, न कि 2. संवैधानिक प्रावधानों में जहां भी राष्ट्रपति या राज्यपाल की 'संतुष्टि' ( व्यक्तिगत। 3. राज्यपाल किसी भी परिस्थिति में अपने पद से त्यागपत्र देने के लिए बाध्य नहीं हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 अप्रासंगिक व भ्रामक है। शमशेर सिंह वाद (1974) का मूल निष्कर्ष यह था कि संसदीय शासन प्रणाली में राष्ट्रपति और राज्यपाल केवल औपचारिक संवैधानिक प्रमुख हैं और संविधान में जहां भी उनकी 'संतुष्टि' की बात कही गई है, वह वस्तुतः मंत्रिपरिषद की ही संतुष्टि है। अतः कथन 1 और 2 सही हैं।
शहरी स्थानीय शासन के विभिन्न प्रकारों में 'विशेष प्रयोजन एजेंसी' (Special Purpose Agency) के उदाहरणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. …
शहरी स्थानीय शासन के विभिन्न प्रकारों में 'विशेष प्रयोजन एजेंसी' (Special Purpose Agency) के उदाहरणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. नगर सुधार न्यास (Town Improvement Trust) 2. शहरी विकास प्राधिकरण (Urban Development Authorities जैसे DDA, BDA) 3. जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (Water Supply and Sewerage Board) 4. आवास बोर्ड (Housing Board) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। ये सभी एकल-उद्देश्यीय एजेंसियां (Single-purpose agencies) हैं जो किसी विशिष्ट कार्य के लिए राज्य विधानमंडल के कानून या कार्यकारी आदेश से बनाई जाती हैं और नगरपालिकाओं के समानांतर कार्य करती हैं।
शायरा बानो बनाम भारत संघ (2017) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने किस प्रथा को असंवैधानिक घोषित किया था?
शायरा बानो बनाम भारत संघ (2017) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने किस प्रथा को असंवैधानिक घोषित किया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
शायरा बानो मामले (2017) में सुप्रीम कोर्ट ने 3:2 के बहुमत से तत्काल तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को मनमाना और अनुच्छेद 14 का उल्लंघन मानते हुए शून्य और असंवैधानिक घोषित किया।
शोषण के विरुद्ध अधिकार में क्या शामिल है?मानव तस्करी और बंधुआ/बलात श्रम निषेधअस्पृश्यता उन्मूलनअल्पसंख्यक हित संरक्षणकारखानों और खानों में बच्चों…
- मानव तस्करी और बंधुआ/बलात श्रम निषेध
- अस्पृश्यता उन्मूलन
- अल्पसंख्यक हित संरक्षण
- कारखानों और खानों में बच्चों के नियोजन का निषेध
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अनुच्छेद 23 और 24 मानव तस्करी/बलात श्रम तथा बाल श्रम निषेध से जुड़े हैं।
श्री X, एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो किसी विश्वमारी के दौरान एक निर्णायक टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने पाया कि टीके के वितरण के …
श्री X की कार्रवाई से लोक प्रशासन के निम्नलिखित सिद्धांतों में से कौन-सा सर्वाधिक प्रभावी रूप से प्रदर्शित होता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प विश्लेषण
- उत्तरदायित्व: अधिकारी ने सार्वजनिक हित की रक्षा की, अनियमितता की सूचना सक्षम सतर्कता प्राधिकारी को दी और खराब गुणवत्ता वाली संविदा रोकी। यह अपने निर्णय और सार्वजनिक दायित्व के लिए जवाबदेह रहने का सबसे सीधा उदाहरण है।
- दल भावना: संगठन में टीम-भावना और एकता से जुड़ी है; यहाँ मुख्य मुद्दा यह नहीं है।
- समता: निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यवहार का सिद्धांत है, पर इस प्रसंग में केंद्रीय तत्व जवाबदेही है।
- प्रत्यायोजन: अधिकार/कार्य सौंपने की प्रशासनिक प्रक्रिया है; यहाँ अधिकारी ने प्रत्यायोजन नहीं, बल्कि जवाबदेही लागू की।
संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और व…
संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वे 6 वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक पद धारण करते हैं। 2. कदाचार ( Misbehaviour) के आधार पर राष्ट्रपति उन्हें केवल तभी हटा सकते हैं जब उच्चतम न्यायालय द्वारा जांच के बाद उन्हें हटाने की सिफारिश की जाए, और यह सिफारिश राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी होती है। 3. UPSC का अध्यक्ष अपने कार्यकाल के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य नियोजन का पात्र नहीं होता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 316 और 317 के तहत UPSC सदस्यों को कार्यकाल की सुरक्षा प्राप्त है और कदाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट की जांच बाध्यकारी होती है।
संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) के कार्यों एवं संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. UPSC अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय स…
संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) के कार्यों एवं संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. UPSC अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओं के पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है। 2. संसद UPSC के अधिकार क्षेत्र में अतिरिक्त कार्य और शक्तियां जोड़ सकती है। 3. UPSC की सलाह सरकार के लिए केवल परामर्शकारी (Advisory) होती है और सरकार उसकी सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं है। 4. यदि सरकार आयोग की किसी सलाह को अस्वीकार करती है, तो उसे संसद के समक्ष अस्वीकृति के कारणों का ज्ञापन प्रस्तुत करना होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों कथन सही हैं। अनुच्छेद 320 और 321 के तहत संसद UPSC को अतिरिक्त कार्य सौंप सकती है। आयोग की सलाह परामर्शकारी होती है, लेकिन सरकार द्वारा अस्वीकृति किए जाने पर संसद में इसके कारणों का ज्ञापन ( Memorandum of reasons ) प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत का केंद्रीय भर्ती अभिकरण है। 2. संविधान आयोग के सदस्यों की निश…
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह भारत का केंद्रीय भर्ती अभिकरण है। 2. संविधान आयोग के सदस्यों की निश्चित संख्या तय नहीं करता। 3. लगभग आधे सदस्यों ने नियुक्ति से पहले कम से कम दस वर्ष केंद्र या राज्य सरकार के अधीन पद धारण किया होना चाहिए। सही उत्तर चुनिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 315-323 UPSC की संवैधानिक व्यवस्था देते हैं। सदस्यों की संख्या संविधान में निश्चित नहीं है; राष्ट्रपति नियमों द्वारा संरचना निर्धारित करते हैं। अनुच्छेद 316 में लगभग आधे सदस्यों के लिए दस वर्ष सरकारी सेवा का अनुभव अपेक्षित है।
संघीय बजट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: केंद्रीय वित्त मंत्री, प्रधानमंत्री की ओर से, संसद के दोनों सदनों के समक्ष वार्षिक वित्त…
- केंद्रीय वित्त मंत्री, प्रधानमंत्री की ओर से, संसद के दोनों सदनों के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण रखते हैं।
- संघ स्तर पर अनुदान की कोई मांग राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना नहीं की जा सकती।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- वार्षिक वित्तीय विवरण संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है और व्यवहार में वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं।
- अनुच्छेद 113 के अनुसार अनुदान की मांग राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही की जाती है।
संपत्ति के अधिकार ( Right to Property) के संवैधानिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार अनु…
संपत्ति के अधिकार ( Right to Property) के संवैधानिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 के तहत एक मौलिक अधिकार था। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर भाग XII में अनुच्छेद 300A के तहत केवल एक विधिक/कानूनी अधिकार (Legal Right) बना दिया गया। 3. वर्तमान में किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से विधि के प्राधिकार के बिना वंचित नहीं किया जा सकता, किंतु इसके उल्लंघन पर सीधे अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
A तीनों कथन सही हैं। 44वें संशोधन (1978) ने संपत्ति के अधिकार को विधिक अधिकार (अनुच्छेद 300 ) बनाया। इसके उल्लंघन पर अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय जाया जा सकता है, किंतु सीधे अनुच्छेद 32 के तहत नहीं।
संविधान का अनुच्छेद 37 नीति निदेशक तत्वों के स्वरूप को स्पष्ट करता है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संविधान का अनुच्छेद 37 नीति निदेशक तत्वों के स्वरूप को स्पष्ट करता है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 37 स्पष्ट रूप से कहता है कि भाग IV के उपबंध किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे, किंतु फिर भी ये देश के शासन में मूलभूत (Fundamental in governance) हैं और विधि बनाते समय इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा।
संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से संबंधित नीति निदेशक तत्व देता है?
संविधान का कौन-सा अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि से संबंधित नीति निदेशक तत्व देता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 51 अंतरराष्ट्रीय शांति, सम्मानपूर्ण संबंध, अंतरराष्ट्रीय विधि के प्रति आदर और arbitration को प्रोत्साहन का निर्देश देता है।
संविधान की 'मूल संरचना' (Basic Structure) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान में 'मूल संरचना' शब्द को कि…
संविधान की 'मूल संरचना' (Basic Structure) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान में 'मूल संरचना' शब्द को किसी भी अनुच्छेद में परिभाषित नहीं किया गया है। 2. यह एक विशुद्ध न्यायिक नवाचार (Judicial Innovation) है जो न्यायपालिका के निर्णयों के माध्यम से विकसित हुआ है। 3. संसद 368 के तहत संविधान संशोधन करके संविधान से मूल संरचना के सिद्धांत को समाप्त कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि मूल संरचना की अवधारणा का उद्देश्य ही संसद की संशोधन शक्ति को सीमित करना है; संसद स्वयं मूल संरचना को समाप्त नहीं कर सकती। कथन 1 और 2 सही हैं।
संविधान की 11वीं अनुसूची में कुल कितने कार्यात्मक विषय (Functional Items) शामिल हैं?
संविधान की 11वीं अनुसूची में कुल कितने कार्यात्मक विषय (Functional Items) शामिल हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (c) है। 11वीं अनुसूची (पंचायतों के लिए) में 29 विषय हैं, जबकि 12वीं अनुसूची (नगरपालिकाओं के लिए) में 18 विषय हैं।
संविधान की 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए कुल कितने कार्यात्मक विषय (Functional Items) शामिल हैं?
संविधान की 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए कुल कितने कार्यात्मक विषय (Functional Items) शामिल हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। 12वीं अनुसूची में कुल 18 विषय शामिल हैं (जैसे शहरी योजना, भूमि उपयोग नियमन, सड़कें व पुल, जल आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य व स्वच्छता आदि)।
संविधान की अनुसूचियों (Schedules) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
संविधान की अनुसूचियों (Schedules) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (d) गलत है क्योंकि असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन 'छठी अनुसूची' में है। पांचवीं अनुसूची अन्य अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों के प्रशासन से संबंधित है।
संविधान की आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में आठवीं अनुसूची के तहत 14 भाषाएं शामिल…
संविधान की आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में आठवीं अनुसूची के तहत 14 भाषाएं शामिल थीं। 2. सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1967 द्वारा जोड़ा गया था। 3. वर्तमान में आठवीं अनुसूची में कुल 22 आधिकारिक भाषाएं हैं। 4. अंग्रेजी भाषा को 92वें संविधान संशोधन द्वारा आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 4 गलत है क्योंकि अंग्रेजी भाषा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में शामिल नहीं है।