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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 157

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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3121–3140 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule) और अनुच्छेद 31B के संदर्भ में आई. आर. कोएल्हो मामला (2007) में उच्चतम न्यायालय ने क्या व्यवस्था दी?

संविधान की नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule) और अनुच्छेद 31B के संदर्भ में आई. आर. कोएल्हो मामला (2007) में उच्चतम न्यायालय ने क्या व्यवस्था दी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कोएल्हो मामले (2007) में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट किया कि 24 अप्रैल 1973 के बाद नौवीं अनुसूची में डाले गए किसी भी कानून को यदि वह मौलिक अधिकारों के आधारभूत ढांचे का हनन करता है, तो रद्द किया जा सकता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की पांचवीं अनुसूची ( Fifth Schedule) और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के मध्य तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पांच…

संविधान की पांचवीं अनुसूची ( Fifth Schedule) और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के मध्य तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पांचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के अलावा अन्य राज्यों में स्थित अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से संबंधित है। 2. छठी अनुसूची विशेष रूप से असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम ( AMTM) के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। 3. पांचवीं अनुसूची के तहत जनजातीय सलाहकार परिषद ( TAC) का गठन किया जाता है, जबकि छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला और ADCs) का गठन किया जाता है। क्षेत्रीय परिषदों ( उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। पांचवीं अनुसूची 10 राज्यों (आंध्र, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, म.प्र., राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, AMTM हि.प्र.) में लागू है, जबकि छठी अनुसूची पूर्वोत्तर के 4 राज्यों में लागू है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र ( Scheduled Area) घोषित करने की शक्ति और सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों…

संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र ( Scheduled Area) घोषित करने की शक्ति और सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने, उसके क्षेत्र को बढ़ाने या घटाने, या उसकी सीमाओं को पुनः परिभाषित करने की शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति में निहित है। 2. राष्ट्रपति संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श से ऐसी घोषणा करते हैं। 3. संबंधित राज्य का राज्यपाल प्रतिवर्ष या जब भी राष्ट्रपति द्वारा अपेक्षा की जाए, उस राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राष्ट्रपति को रिपोर्ट सौंपता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। राष्ट्रपति को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने की अनन्य शक्ति है और राज्यपाल वहां के प्रशासन की वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को देने के लिए बाध्य हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की प्रस्तावना ( Preamble) में उल्लिखित 'गणराज्य' (Republic) शब्द के संवैधानिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: …

संविधान की प्रस्तावना ( Preamble) में उल्लिखित 'गणराज्य' (Republic) शब्द के संवैधानिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका अर्थ है कि राज्य का प्रमुख हमेशा एक निश्चित अवधि के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होता है। 2. इसका तात्पर्य किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग की अनुपस्थिति और सभी सार्वजनिक कार्यालयों का बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक के लिए खुला होना है। 3. राजनीतिक संप्रभुता किसी एक व्यक्ति (जैसे राजा) के हाथ में होने के बजाय जनता के हाथों में निहित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 'गणराज्य' शब्द के दो व्यापक अर्थ हैं: पहला, राजनीतिक संप्रभुता किसी एकल व्यक्ति के बजाय जनता में निहित होना; और दूसरा, किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग की अनुपस्थिति, जिससे सभी नागरिक समान रूप से सार्वजनिक पदों के पात्र होते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017संविधान की प्रस्तावना में कौन-सा उद्देश्य शब्दशः निहित नहीं है?
संविधान की प्रस्तावना में कौन-सा उद्देश्य शब्दशः निहित नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) आर्थिक स्वतंत्रता

क्यों?

  • प्रस्तावना विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता कहती है; ‘आर्थिक स्वतंत्रता’ शब्द नहीं है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की प्रस्तावना में वर्णित विभिन्न प्रकार के न्याय ( युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सामाजिक न्याय (Social Justice) : अनुच्छेद 15, 16 और 17 के त…

संविधान की प्रस्तावना में वर्णित विभिन्न प्रकार के न्याय ( युग्मों पर विचार कीजिए: 1. सामाजिक न्याय (Social Justice) : अनुच्छेद 15, 16 और 17 के तहत भेदभाव और अस्पृश्यता का अंत 2. आर्थिक न्याय (Economic Justice) : अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के तहत संसाधनों का न्यायसंगत वितरण 3. राजनीतिक न्याय (Political Justice) : अनुच्छेद 325 और 326 के तहत वयस्क मताधिकार और समान राजनीतिक सहभागिता उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की जो प्रतिज्ञा की गई है, उसे संविधान के भाग III (मूल अधिकार) और भाग ( IV DPSP ) में मूर्त रूप दिया गया है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की व्याख्या से संबंधित किसी महत्वपूर्ण प्रश्न की सुनवाई के लिए 'Constitution Bench' में न्यूनतम कितने न्यायाधीश होने चाहिए?

संविधान की व्याख्या से संबंधित किसी महत्वपूर्ण प्रश्न की सुनवाई के लिए 'Constitution Bench' में न्यूनतम कितने न्यायाधीश होने चाहिए?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 145(3) के अनुसार संविधान की व्याख्या से संबंधित substantial question of law या अनुच्छेद 143 के presidential reference की सुनवाई के लिए कम-से-कम पाँच न्यायाधीशों की पीठ आवश्यक है। पाँच केवल न्यूनतम संख्या है; मामले की प्रकृति, पुराने precedent पर पुनर्विचार या संवैधानिक महत्व के अनुसार सात, नौ, ग्यारह या उससे बड़ी पीठ भी गठित हो सकती है। छोटी division benches संविधान पीठ नहीं कहलातीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. परमाणु ऊर्जा और खनिज सं…

संविधान की सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. परमाणु ऊर्जा और खनिज संसाधन — संघ सूची (Union List) 2. सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता — राज्य सूची (State List) 3. शिक्षा और वन — समवर्ती सूची (Concurrent List) 4. बैंकिंग और बीमा — समवर्ती सूची (Concurrent List) उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

युग्म 4 गलत है क्योंकि बैंकिंग और बीमा 'संघ सूची' के विषय हैं, समवर्ती सूची के नहीं। युग्म 1, 2 और 3 सही हैं (शिक्षा और वन को 42वें संशोधन 1976 द्वारा समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान की सातवीं अनुसूची में अवशिष्ट शक्तियों ( Residuary Powers) के आवंटन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

संविधान की सातवीं अनुसूची में अवशिष्ट शक्तियों ( Residuary Powers) के आवंटन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 248 और संघ सूची की प्रविष्टि 97 के अनुसार, किसी भी सूची में शामिल न किए गए विषयों पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति (अवशिष्ट शक्ति) संसद के पास है, जो कनाडाई संविधान से प्रेरित एकात्मक झुकाव है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए नीति निदेशक तत्वों ( DPSPs) में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? A 1. अनुच्छेद 39 : समान…

संविधान के 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़े गए नीति निदेशक तत्वों ( DPSPs) में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? A 1. अनुच्छेद 39 : समान न्याय और गरीबों को निःशुल्क कानूनी सहायता ( Free legal aid) 2. अनुच्छेद 43A : उद्योगों के प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी (Participation of workers in management) 3. अनुच्छेद 48A : पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन तथा वन एवं वन्यजीवों की रक्षा 4. अनुच्छेद 43B : सहकारी समितियों का संवर्धन नीचे दिए गए कू ट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

A A A B अनुच्छेद 39 , 43 और 48 को 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था। अनुच्छेद 43 (सहकारी समितियां) को 97वें संविधान संशोधन अधिनियम (2011) द्वारा जोड़ा गया था। 44 (c) एम. सी. मेहता और सुभाष कु मार मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार की विस्तृत व्याख्या करते हुए प्रदूषण मुक्त जल और वायु तथा स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अंतर्गत 'हड़ताल करने के अधिकार' (Right to Strike) की वर्तमान विधिक स्थिति क्या है?

संविधान के अंतर्गत 'हड़ताल करने के अधिकार' (Right to Strike) की वर्तमान विधिक स्थिति क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

हड़ताल का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने टी.के. रंगराजन मामले सहित निर्णयों में यह स्पष्ट किया है। वर्तमान श्रम-कानूनी ढांचे में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, जो 21 नवंबर 2025 से प्रभावी है, हड़तालों को वैधानिक शर्तों के साथ विनियमित करती है; उदाहरणतः सामान्यतः पूर्व सूचना की आवश्यकता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 1 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों के समूह' (Federation of States) के रूप में वर…

संविधान के अनुच्छेद 1 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों के समूह' (Federation of States) के रूप में वर्णित करता है। 2. 'भारत का राज्यक्षेत्र' (Territory of India) अभिव्यक्ति 'भारत के संघ' (Union of India) की तुलना में अधिक व्यापक है। 3. भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और न ही राज्यों को संघ से अलग होने का अधिकार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहता है, न कि फे डरेशन। भारत के राज्यक्षेत्र में राज्य, UTs तथा भविष्य में अर्जित क्षेत्र सभी आते हैं, अतः यह व्यापक है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 10 और 11 के तहत नागरिकता के अधिकारों के विनियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 10 यह सुनिश्चित कर…

संविधान के अनुच्छेद 10 और 11 के तहत नागरिकता के अधिकारों के विनियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 10 यह सुनिश्चित करता है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता का अधिकार संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन ही समाप्त किया जा सकता है, कार्यपालिका के मनमाने आदेश से नहीं। 2. अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन, समाप्ति और नागरिकता से संबंधित अन्य सभी मामलों के संबंध में विधि बनाने की संपूर्ण और असीमित शक्ति प्रदान करता है। 3. संविधान लागू होने के बाद नागरिकता से जुड़े नियम बनाने का अधिकार राज्य विधानमंडलों को भी दिया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

नागरिकता पर संसद की विधायी शक्ति है; राज्य विधानमंडल स्वतंत्र नागरिकता कानून नहीं बना सकते।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 100(3) के अनुसार संसद के किसी सदन की बैठक के लिए 'कोरम' (Quorum) क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 100(3) के अनुसार संसद के किसी सदन की बैठक के लिए 'कोरम' (Quorum) क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 100(3) के अनुसार जब तक संसद अन्यथा कानून न बनाए, किसी सदन की बैठक का quorum उस सदन की कुल सदस्य संख्या का एक-दशमांश है। यदि quorum पूरा न हो तो पीठासीन अधिकारी बैठक स्थगित कर सकता है या quorum पूरा होने तक निलंबित कर सकता है। इसे मतदान के बहुमत से न मिलाएँ—quorum केवल कार्यवाही वैध रूप से चलाने के लिए न्यूनतम उपस्थिति है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत सांसदों को प्राप्त वाक् -स्वतंत्रता की उन्मुक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा अपवाद संविधान में स्वयं …

संविधान के अनुच्छेद 105(2) के तहत सांसदों को प्राप्त वाक् -स्वतंत्रता की उन्मुक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा अपवाद संविधान में स्वयं उल्लिखित है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 121 संसद में सांसदों की वाक् -स्वतंत्रता पर एक स्पष्ट संवैधानिक प्रतिबंध लगाता है कि महाभियोग प्रस्ताव के विचाराधीन रहने के अतिरिक्त न्यायाधीशों के न्यायिक आचरण पर संसद में चर्चा नहीं की जाएगी।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 12 में दी गई 'राज्य' (State) की परिभाषा के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल हैं? 1. भारत की सरकार एवं संसद 2. राज्यों …

संविधान के अनुच्छेद 12 में दी गई 'राज्य' (State) की परिभाषा के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल हैं? 1. भारत की सरकार एवं संसद 2. राज्यों की सरकारें एवं राज्य विधानमंडल 3. स्थानीय प्राधिकरण (जैसे नगरपालिकाएं, पंचायतें, जिला बोर्ड) 4. अन्य सांविधिक या गैर-सांविधिक प्राधिकरण (जैसे LIC, ONGC, SAIL) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 12 के अनुसार केंद्र व राज्य की कार्यपालिका व विधायिका, स्थानीय प्राधिकारी तथा वे सभी वैधानिक या गैर- वैधानिक निकाय जो राज्य की एजेंसी के रूप में कार्य करते हैं, 'राज्य' की परिभाषा में आते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 123 (राष्ट्रपति) और अनुच्छेद 213 (राज्यपाल) के अंतर्गत अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार की…

संविधान के अनुच्छेद 123 (राष्ट्रपति) और अनुच्छेद 213 (राज्यपाल) के अंतर्गत अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्यादेश केवल तभी जारी किया जा सकता है जब संसद (या विधानमंडल) के दोनों सदनों में से कम से कम एक सदन सत्र में न हो। 2. अध्यादेश निर्माण शक्ति एक समानांतर विधायी शक्ति ( Parallel legislative power) नहीं है, बल्कि असाधारण परिस्थितियों से निपटने का साधन है। 3. डी.सी. वाधवा वाद (1987) में उच्चतम न्यायालय ने बिना विधानमंडल के समक्ष रखे बार-बार अध्यादेश को पुनः प्रख्यापित करने को संविधान पर कपट ( Fraud on the Constitution) घोषित किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अध्यादेश निर्माण शक्ति विधायी शक्ति के सह-विस्तृत है लेकिन यह विधायिका की जगह नहीं ले सकती। डी.सी. वाधवा (1987) और कृ ष्ण कु मार सिंह (2017) वादों में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अध्यादेश को विधायिका के पटल पर न रखकर बार-बार पुनः प्रख्यापित करना असंवैधानिक है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'आच्छादन का सिद्धांत' ( Doctrine of Eclipse) और 'पृथक्करणीयता का सिद्धांत' (Doctrine of Severability) के संबंध …

संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'आच्छादन का सिद्धांत' ( Doctrine of Eclipse) और 'पृथक्करणीयता का सिद्धांत' (Doctrine of Severability) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आच्छादन का सिद्धांत केवल संविधान-पूर्व विधियों (Pre-constitutional laws) पर लागू होता है, संविधान-पश्चात विधियों पर नहीं। 2. पृथक्करणीयता के सिद्धांत के तहत यदि किसी अधिनियम का असंवैधानिक भाग वैध भाग से अलग किया जा सकता है, तो केवल असंवैधानिक भाग शून्य होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

दोनों कथन सही हैं। भीखाजी नारायण वाद (1955) के अनुसार आच्छादन का सिद्धांत मूलतः संविधान-पूर्व विधियों पर लागू होता है जहां मूल अधिकारों से असंगत होने पर कानून मृत नहीं होता, बल्कि आच्छादित हो जाता है। पृथक्करणीयता के तहत केवल असंगत भाग को शून्य किया जाता है यदि वह शेष अधिनियम से अलग करने योग्य हो।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 13 के तहत "विधि" ( Law) की परिभाषा और न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 13(2) घोषित …

संविधान के अनुच्छेद 13 के तहत "विधि" ( Law) की परिभाषा और न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 13(2) घोषित करता है कि राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो भाग III में प्रदत्त मौलिक अधिकारों को छीनती है या न्यून करती है। 2. अनुच्छेद 13 में विधि के अंतर्गत स्थायी कानून, अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम, अधिसूचना और विधि का बल रखने वाली रूढ़ियां ( Customs) शामिल हैं। 3. के शवानंद भारती मामले (1973) में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संविधान संशोधन अनुच्छेद 13 के तहत "विधि" नहीं है, किंतु यदि वह मूल ढांचे का उल्लंघन करता है तो उसे रद्द किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 13 न्यायिक समीक्षा का आधार है। सामान्य कानूनों को 13(2) के तहत और संविधान संशोधनों को मूल ढांचे के उल्लंघन के आधार पर परखा जाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के अनुच्छेद 131 के तहत उच्चतम न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार ( Original Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विवाद शामिल न…

संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत उच्चतम न्यायालय के मूल क्षेत्राधिकार ( Original Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विवाद शामिल नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 131 का अनन्य मूल क्षेत्राधिकार केवल संघीय इकाइयों (केंद्र और राज्यों या राज्यों के बीच) के विधिक अधिकारों के विवादों पर लागू होता है; किसी नागरिक या निजी निकाय बनाम सरकार का विवाद इसमें शामिल नहीं होता।