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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 155

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3081–3100 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017लोकसभा/विधानसभा चुनाव के संदर्भ में:जीतने के लिए उम्मीदवार को कम-से-कम 50% मत चाहिए।संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष बहुमत दल और उपाध्यक्ष विपक्ष…
लोकसभा/विधानसभा चुनाव के संदर्भ में:
  1. जीतने के लिए उम्मीदवार को कम-से-कम 50% मत चाहिए।
  2. संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष बहुमत दल और उपाध्यक्ष विपक्ष से ही होना चाहिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) कोई नहीं

क्यों?

  • भारत प्रथम-पास-द-पोस्ट प्रणाली अपनाता है और उपाध्यक्ष का विपक्ष से होना संवैधानिक अनिवार्यता नहीं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्तमान अखिल भारतीय सेवाएँ कौन-सी हैं? 1. IAS 2. IPS 3. Indian Forest Service 4. Indian Foreign Service

वर्तमान अखिल भारतीय सेवाएँ कौन-सी हैं? 1. IAS 2. IPS 3. Indian Forest Service 4. Indian Foreign Service

उत्तर और पूरी व्याख्या

IAS, IPS और Indian Forest Service ही अखिल भारतीय सेवाएँ हैं। Indian Foreign Service केंद्रीय सिविल सेवा है, अखिल भारतीय सेवा नहीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्तमान में किन छह राज्यों में द्विसदनीय राज्य विधानमंडल—Legislative Assembly और Legislative Council—दोनों हैं?

वर्तमान में किन छह राज्यों में द्विसदनीय राज्य विधानमंडल—Legislative Assembly और Legislative Council—दोनों हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। वर्तमान भारतीय राज्य-व्यवस्था में Legislative Council वाले छह राज्य Andhra Pradesh, Bihar, Karnataka, Maharashtra, Telangana और Uttar Pradesh हैं। सभी राज्यों में bicameralism अनिवार्य नहीं है; अधिकांश राज्यों में केवल Legislative Assembly है। Jammu and Kashmir के राज्य के पुनर्गठन के बाद उसकी पुरानी Legislative Council समाप्त हो गई। इसलिए पुराने स्रोतों की सूची को वर्तमान संघीय संरचना से मिलाकर देखना जरूरी है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्तमान में संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र कितने राज्यों में अधिसूचित हैं?

वर्तमान में संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र कितने राज्यों में अधिसूचित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। वर्तमान में पाँचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्र 10 राज्यों में अधिसूचित हैं—आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्तमान Committee of Parliament on Official Language के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. इसे 1976 में Official Languages Act, 1963 की धारा 4 के तह…

वर्तमान Committee of Parliament on Official Language के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. इसे 1976 में Official Languages Act, 1963 की धारा 4 के तहत गठित किया गया। 2. इसमें 20 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य होते हैं। 3. गृह मंत्री परंपरा से इसके अध्यक्ष चुने जाते रहे हैं।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सही हैं। इसे अनुच्छेद 344(4) की 1957 वाली समिति से अलग समझना चाहिए। वर्तमान संसदीय राजभाषा समिति 1976 में Official Languages Act, 1963 की धारा 4 के अंतर्गत गठित हुई और 30 सांसदों वाली समिति है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्तमान whistleblower संरक्षण व्यवस्था के बारे में कौन-सा कथन सही है?

वर्तमान whistleblower संरक्षण व्यवस्था के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

Whistle Blowers Protection Act, 2014 को लागू करने की commencement notification अभी जारी नहीं हुई है। अंतरिम रूप से Public Interest Disclosure and Protection of Informers (PIDPI) Resolution, 2004 के तहत CVC whistleblower शिकायतों की नामित एजेंसी है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवर्ष 1986 में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने निम्नलिखित में से किस विधेयक पर 'पॉकेट वीटो' (Pocket Veto) का प्रसिद्ध प्रयोग किया था?

वर्ष 1986 में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने निम्नलिखित में से किस विधेयक पर 'पॉकेट वीटो' (Pocket Veto) का प्रसिद्ध प्रयोग किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। 1986 में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने Indian Post Office (Amendment) Bill पर निर्णय लंबित रखा, जिसे भारतीय संवैधानिक इतिहास में Pocket Veto का प्रमुख उदाहरण माना जाता है। इसका आधार यही है कि राष्ट्रपति के लिए अनुच्छेद 111 में विधेयक पर कार्रवाई की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी गई है। अन्य विकल्प राष्ट्रपति की वीटो-प्रथा के इस प्रसिद्ध उदाहरण से संबंधित नहीं हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्त आयोग ( 1. वित्त आयोग एक अर्द्ध-न्यायिक (Quasi-judicial) निकाय है जिसका गठन प्रत्येक पांच वर्ष में राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 2. आयोग म…

वित्त आयोग ( 1. वित्त आयोग एक अर्द्ध-न्यायिक (Quasi-judicial) निकाय है जिसका गठन प्रत्येक पांच वर्ष में राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 2. आयोग में एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं जिनकी योग्यताओं का निर्धारण संसद द्वारा विधि द्वारा किया जाता है। 3. वित्त आयोग की सिफारिशें सरकार के लिए केवल सलाहकारी होती हैं और सरकार उन्हें मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के तहत 1 अध्यक्ष और 4 सदस्यों से बनता है जिनकी योग्यताएं वित्त आयोग अधिनियम, 1951 द्वारा निर्धारित हैं। यह एक अर्द्ध-न्यायिक निकाय है और इसकी सिफारिशें केंद्र सरकार के लिए सलाहकारी होती हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्त आयोग (अनुच्छेद 280) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संवैधानिक निकाय है। 2. राष्ट्रपति इसे प्रत्येक पाँचवें वर्ष या आवश…

वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संवैधानिक निकाय है। 2. राष्ट्रपति इसे प्रत्येक पाँचवें वर्ष या आवश्यकता होने पर पहले गठित करते हैं। 3. इसमें एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं। सही उत्तर चुनिए।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसका गठन राष्ट्रपति अनुच्छेद 280 के तहत करते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्त आयोग अधिनियम, 1951 के तहत अध्यक्ष/सदस्यों की योग्यताओं में क्या शामिल है? 1. अध्यक्ष—सार्वजनिक मामलों का अनुभव। 2. उच्च न्यायालय का न्यायाध…

वित्त आयोग अधिनियम, 1951 के तहत अध्यक्ष/सदस्यों की योग्यताओं में क्या शामिल है? 1. अध्यक्ष—सार्वजनिक मामलों का अनुभव। 2. उच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उस पद के लिए योग्य व्यक्ति। 3. सरकारी वित्त और लेखा का विशेष ज्ञान। 4. वित्तीय मामलों/प्रशासन का व्यापक अनुभव या अर्थशास्त्र का विशेष ज्ञान।

उत्तर और पूरी व्याख्या

वित्त आयोग अधिनियम, 1951 इन श्रेणियों की योग्यता निर्धारित करता है। अध्यक्ष को सार्वजनिक मामलों का अनुभव और अन्य सदस्यों में न्यायिक, वित्त-लेखा, प्रशासनिक/वित्तीय अथवा अर्थशास्त्रीय विशेषज्ञता अपेक्षित हो सकती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्त आयोग की सिफारिशों की प्रकृति क्या है?

वित्त आयोग की सिफारिशों की प्रकृति क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

वित्त आयोग की सिफारिशें सलाहकारी प्रकृति की हैं। सरकार स्वीकृत सिफारिशों पर कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करती है, लेकिन संविधान उन्हें स्वतः बाध्यकारी नहीं बनाता।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) अनुच्छेद 280

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (a) अनुच्छेद 280 है।
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2025वित्त आयोग के सदस्य की नियुक्ति के लिए आवश्यक अर्हताएँ कौन निर्धारित करता है?
वित्त आयोग के सदस्य की नियुक्ति के लिए आवश्यक अर्हताएँ कौन निर्धारित करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) संसद, विधि द्वारा

क्यों?

  • अनुच्छेद 280(2) संसद को विधि द्वारा वित्त आयोग के सदस्यों की अर्हताएँ और चयन की रीति निर्धारित करने की शक्ति देता है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्त विधेयक (I) [अनुच्छेद 117(1)] और वित्त विधेयक (II) [अनुच्छेद 117(3)] के बीच अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

वित्त विधेयक (I) [अनुच्छेद 117(1)] और वित्त विधेयक (II) [अनुच्छेद 117(3)] के बीच अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। Financial Bill (I) में Money Bill के एक या अधिक विषयों के साथ अन्य सामान्य विषय भी होते हैं; इसे केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन राज्यसभा को इस पर साधारण विधेयक जैसी संशोधन/अस्वीकृति शक्ति रहती है। Financial Bill (II) अनुच्छेद 117(3) का ऐसा सामान्य विधेयक है जो CFI पर व्यय शामिल करता है; इसे किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, हालांकि विचार/पारित करने के चरण पर राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक होती है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023वित्त विधेयक और धन विधेयक के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: लोकसभा से आया वित्त विधेयक राज्यसभा संशोधित या अस्वीकार कर सकती है।धन विधेयक में राज…
वित्त विधेयक और धन विधेयक के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. लोकसभा से आया वित्त विधेयक राज्यसभा संशोधित या अस्वीकार कर सकती है।
  2. धन विधेयक में राज्यसभा केवल सिफारिश कर सकती है।
  3. वित्त विधेयक पर दोनों सदनों के मतभेद में संयुक्त बैठक नहीं होती।

कितने कथन सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल दो

क्यों?

  • सामान्य वित्त विधेयक पर राज्यसभा की पूर्ण विधायी भूमिका हो सकती है।
  • धन विधेयक पर राज्यसभा केवल सिफारिश करती है; पर सामान्य वित्त विधेयक पर मतभेद की स्थिति में संयुक्त बैठक संभव है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनवित्तीय आपातकाल ( Financial Emergency — अनुच्छेद 360) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वित्तीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दो…

वित्तीय आपातकाल ( Financial Emergency — अनुच्छेद 360) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वित्तीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा 2 महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है। 2. एक बार संसद द्वारा अनुमोदित हो जाने के बाद, यह अनिश्चित काल तक जारी रहता है जब तक कि इसे वापस न ले लिया जाए। 3. वित्तीय आपातकाल के दौरान राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन और भत्तों में कटौती का निर्देश दे सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल को 2 महीने के भीतर संसद द्वारा साधारण बहुमत से अनुमोदित होना चाहिए। अन्य आपातकालों के विपरीत, इसके लिए संसद द्वारा हर 6 महीने में पुनरावलोकन की आवश्यकता नहीं होती, यह अनिश्चित काल तक जारी रहता है जब तक कि राष्ट्रपति इसे वापस न लें।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनविदेशी नागरिकता ग्रहण करने और भारतीय नागरिकता के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 9 कहता है कि जिसने स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की न…

विदेशी नागरिकता ग्रहण करने और भारतीय नागरिकता के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 9 कहता है कि जिसने स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित कर ली है, वह अनुच्छेद 5, 6 या 8 के आधार पर भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा। 2. वर्तमान नागरिकता समाप्ति की वैधानिक व्यवस्था Citizenship Act, 1955 की धारा 9 में है। 3. भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में संघ और राज्य की अलग-अलग दोहरी नागरिकता नहीं है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सही हैं। 'Single citizenship' भारतीय संघ की समग्र व्यवस्था है; इसे अकेले अनुच्छेद 9 से उत्पन्न मानना ठीक नहीं। अनुच्छेद 9 संविधान-प्रारंभ की नागरिकता के संदर्भ में foreign citizenship का प्रभाव बताता है, जबकि वर्तमान termination Citizenship Act, 1955 की धारा 9 से विनियमित होती है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018विधानसभा अध्यक्ष के संदर्भ में:सदस्यता समाप्त होने पर पद भी समाप्त होता है।विधानसभा भंग होते ही अध्यक्ष का पद तत्काल समाप्त हो जाता है।
विधानसभा अध्यक्ष के संदर्भ में:
  1. सदस्यता समाप्त होने पर पद भी समाप्त होता है।
  2. विधानसभा भंग होते ही अध्यक्ष का पद तत्काल समाप्त हो जाता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल 1

क्यों?

  • अध्यक्ष नई विधानसभा की पहली बैठक से पहले तक पद पर बना रह सकता है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनविभाग-संबंधित स्थायी समितियों (Departmentally Related Standing Committees — DRSCs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्तमान में …

विभाग-संबंधित स्थायी समितियों (Departmentally Related Standing Committees — DRSCs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्तमान में कुल 24 DRSCs हैं—16 लोकसभा सचिवालय और 8 राज्यसभा सचिवालय के अधीन। 2. प्रत्येक समिति में 31 सदस्य होते हैं—21 लोकसभा और 10 राज्यसभा से। 3. ये संबंधित मंत्रालयों की अनुदान मांगों, विधेयकों, वार्षिक रिपोर्टों और दीर्घकालिक नीति-दस्तावेजों की जाँच कर सकती हैं। 4. कोई मंत्री इन समितियों का सदस्य नहीं हो सकता। उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। चारों कथन वर्तमान संसदीय ढाँचे से मेल खाते हैं। 24 DRSCs में 16 लोकसभा और 8 राज्यसभा सचिवालय के अधीन हैं; प्रत्येक में 31 सदस्य—21 LS और 10 RS—होते हैं। इनका कार्य संबंधित मंत्रालयों के Demands for Grants, referred Bills, annual reports और policy documents की गहन जाँच है। मंत्री सदस्य नहीं बन सकते, ताकि कार्यपालिका पर स्वतंत्र संसदीय निगरानी बनी रहे। इन समितियों का कार्यकाल सामान्यतः एक वर्ष से अधिक नहीं होता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनविशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशानिर्देश न्यायपालिका की किस भूमिका का उत्कृ ष्ट उदाहरण माने जाते हैं?

विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशानिर्देश न्यायपालिका की किस भूमिका का उत्कृ ष्ट उदाहरण माने जाते हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विशाखा मामले (1997) में जब तक संसद ने कानून नहीं बनाया था, सुप्रीम कोर्ट ने CEDAW अभिसमय और अनुच्छेदों 14, 19 व 21 के आधार पर बाध्यकारी दिशानिर्देश जारी किए, जिसे 2013 में संसद ने कानून ( POSH Act) के रूप में संहिताबद्ध किया।