वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 154
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3061–3080 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंलोकपाल की संरचना के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य। 2. कम-से-कम 50% सदस्य न्यायिक सदस्य। 3. कम-से-कम 50% सदस्य SC/…
लोकपाल की संरचना के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य। 2. कम-से-कम 50% सदस्य न्यायिक सदस्य। 3. कम-से-कम 50% सदस्य SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक/महिला श्रेणियों से।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की संरचनात्मक आवश्यकताओं को दर्शाते हैं।
लोकपाल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: लोकपाल का अधिकार भारतीय लोक सेवकों पर लागू होता है, पर विदेश में तैनात भारतीय लोक सेवकों पर …
- लोकपाल का अधिकार भारतीय लोक सेवकों पर लागू होता है, पर विदेश में तैनात भारतीय लोक सेवकों पर नहीं।
- अध्यक्ष या सदस्य संसद/विधानमंडल का सदस्य नहीं हो सकता, और अध्यक्ष केवल वर्तमान या सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश ही हो सकता है।
- अध्यक्ष या सदस्य पद ग्रहण करते समय 45 वर्ष से कम आयु का नहीं होना चाहिए।
- लोकपाल पदस्थ प्रधानमंत्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच नहीं कर सकता।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- लोकपाल का क्षेत्राधिकार विदेश में तैनात भारतीय लोक सेवकों पर भी लागू हो सकता है।
- अध्यक्ष पूर्व मुख्य न्यायाधीश के अलावा पात्र पूर्व न्यायाधीश/प्रतिष्ठित न्यायविद भी हो सकता है; शर्त केवल मुख्य न्यायाधीश तक सीमित नहीं है।
- प्रधानमंत्री के विरुद्ध भी विशेष सुरक्षा-शर्तों के अधीन जाँच संभव है; न्यूनतम आयु 45 वर्ष वाली शर्त सही है।
लोकपाल चयन समिति में कौन शामिल हैं? 1. प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष 2. लोकसभा में विपक्ष के नेता 3. CJI या उनके नामित सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश 4…
लोकपाल चयन समिति में कौन शामिल हैं? 1. प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष 2. लोकसभा में विपक्ष के नेता 3. CJI या उनके नामित सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश 4. राष्ट्रपति द्वारा नामित प्रतिष्ठित विधिवेत्ता, जिसका चयन पहले चार सदस्यों की सिफारिश से होता है
उत्तर और पूरी व्याख्या
पाँच-सदस्यीय चयन समिति की यही वैधानिक संरचना है।
लोकसभा अध्यक्ष की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह प्रमाणित करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं। 2. संसद की स…
लोकसभा अध्यक्ष की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह प्रमाणित करता है कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं। 2. संसद की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता सामान्यतः वही करता है। 3. लोकसभा की संसदीय समितियों के अध्यक्ष/सभापतियों की नियुक्ति में उसकी केंद्रीय भूमिका होती है। 4. जिन समितियों—जैसे कार्य मंत्रणा समिति और नियम समिति—का अध्यक्ष स्वयं पदेन सदस्य/अध्यक्ष है, वहाँ वह समिति की अध्यक्षता करता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। धन विधेयक का प्रमाणीकरण लोकसभा अध्यक्ष की विशिष्ट शक्ति है और अनुच्छेद 110(3) इसे निर्णायक बनाता है। संयुक्त बैठक की अध्यक्षता भी सामान्यतः अध्यक्ष करते हैं। संसदीय समितियों की संरचना और अध्यक्षता में Speaker की प्रमुख संस्थागत भूमिका है; Business Advisory Committee, Rules Committee और General Purposes Committee जैसी समितियों में वह स्वयं पदेन अध्यक्ष होता है। इन शक्तियों के कारण अध्यक्ष केवल सदन का moderator नहीं, बल्कि संसदीय संस्था का प्रशासनिक केंद्र भी है।
लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव और पद से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा अपने सदस्यों में से करती है और चुनाव की तारी…
लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव और पद से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा अपने सदस्यों में से करती है और चुनाव की तारीख राष्ट्रपति निर्धारित करते हैं। 2. लोकसभा भंग होते ही अध्यक्ष तुरंत पद छोड़ देता है। 3. अध्यक्ष को लोकसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 93 के तहत लोकसभा अपने सदस्यों में से अध्यक्ष चुनती है। अध्यक्ष को हटाने के लिए 'all the then members' का बहुमत चाहिए, जिसे प्रभावी बहुमत कहा जाता है। कथन 2 गलत है—लोकसभा भंग होने पर अध्यक्ष तुरंत पद नहीं छोड़ता; अनुच्छेद 94 के अनुसार वह अगली लोकसभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर बना रहता है। यह व्यवस्था नए सदन के गठन तक संस्थागत निरंतरता बनाए रखती है।
लोकसभा अध्यक्ष के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: लोकसभा भंग होने पर अध्यक्ष नई लोकसभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर बने रहते हैं।…
- लोकसभा भंग होने पर अध्यक्ष नई लोकसभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर बने रहते हैं।
- अध्यक्ष चुने जाने पर सदस्य को संविधान के अनुसार तत्काल अपनी राजनीतिक पार्टी से त्यागपत्र देना अनिवार्य है।
- अध्यक्ष को सदन के तत्कालीन कुल सदस्यों के बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा हटाया जा सकता है और प्रस्ताव से कम-से-कम 14 दिन पहले सूचना आवश्यक है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संविधान अध्यक्ष को विघटन के बाद भी नई लोकसभा की पहली बैठक से ठीक पहले तक पद पर बनाए रखता है।
- अध्यक्ष के लिए राजनीतिक दल छोड़ना संवैधानिक अनिवार्यता नहीं है।
- हटाने के लिए प्रभावी बहुमत तथा 14 दिन की पूर्व सूचना आवश्यक है।
लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर विचार के समय निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: वे सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।उन्हें बोलने का अधिकार नहीं …
- वे सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।
- उन्हें बोलने का अधिकार नहीं होगा।
- उन्हें प्रथम अवसर पर प्रस्ताव पर मत देने का अधिकार नहीं होगा।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- ऐसे प्रस्ताव के दौरान अध्यक्ष पीठासीन नहीं होते, लेकिन वे बोल सकते हैं और कार्यवाही में भाग ले सकते हैं।
- उन्हें प्रथम अवसर पर मत देने का अधिकार भी होता है; बराबरी की स्थिति में निर्णायक मत नहीं।
लोकसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) के पद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उपाध्यक्ष का चुनाव अध्यक्ष के चुनाव के बाद होता है और च…
लोकसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) के पद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उपाध्यक्ष का चुनाव अध्यक्ष के चुनाव के बाद होता है और चुनाव की तारीख लोकसभा अध्यक्ष तय करते हैं। 2. उपाध्यक्ष अध्यक्ष का अधीनस्थ नहीं होता; वह सीधे सदन के प्रति उत्तरदायी स्वतंत्र संवैधानिक पदाधिकारी है। 3. 11वीं लोकसभा के बाद सत्ता पक्ष से अध्यक्ष और विपक्ष से उपाध्यक्ष चुने जाने की एक संसदीय परंपरा विकसित हुई, यद्यपि यह बाध्यकारी संवैधानिक नियम नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 93 लोकसभा को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनने का निर्देश देता है। उपाध्यक्ष अध्यक्ष का कर्मचारी या अधीनस्थ नहीं, बल्कि सदन द्वारा चुना गया स्वतंत्र पीठासीन अधिकारी है। 1990 के दशक से उपाध्यक्ष पद विपक्ष को देने की एक राजनीतिक परंपरा विकसित हुई, पर यह संविधान या नियमों में बाध्यकारी नहीं है और हाल की लोकसभाओं में इसका निरंतर पालन भी नहीं हुआ। इसलिए इसे संवैधानिक अधिकार की तरह नहीं पढ़ना चाहिए।
लोकसभा का सदस्य चुने जाने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) 25 वर्ष है।
लोकसभा की नैतिकता समिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: आरंभ में यह तदर्थ समिति थी।लोकसभा सदस्य के अनैतिक आचरण की शिकायत केवल कोई ल…
- आरंभ में यह तदर्थ समिति थी।
- लोकसभा सदस्य के अनैतिक आचरण की शिकायत केवल कोई लोकसभा सदस्य ही कर सकता है।
- यह समिति न्यायालय में विचाराधीन मामले को नहीं ले सकती।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- लोकसभा की नैतिकता समिति आरंभ में तदर्थ रूप में बनी थी और बाद में स्थायी हुई।
- कोई बाहरी व्यक्ति भी किसी सांसद के माध्यम से शिकायत कर सकता है; इसलिए कथन 2 गलत है।
- न्यायालय में विचाराधीन विषय सामान्यतः समिति नहीं लेती।
लोकसभा के उपाध्यक्ष के संबंध में: चुनाव की तारीख अध्यक्ष तय कर सकते हैं।उपाध्यक्ष का ruling या विपक्ष से होना अनिवार्य है।अध्यक्षता करते समय उसके…
- चुनाव की तारीख अध्यक्ष तय कर सकते हैं।
- उपाध्यक्ष का ruling या विपक्ष से होना अनिवार्य है।
- अध्यक्षता करते समय उसके पास अध्यक्ष जैसी शक्तियाँ होती हैं और ruling के विरुद्ध अपील नहीं होती।
- उपाध्यक्ष चुनाव का प्रस्ताव अध्यक्ष और समर्थन प्रधानमंत्री करते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- नियमों के अनुसार चुनाव की तिथि अध्यक्ष तय करते हैं और अध्यक्षता करते समय उपाध्यक्ष की शक्ति अध्यक्ष के समान होती है।
- दल-आधारित अनिवार्यता और प्रस्ताव संबंधी चौथा कथन सही नहीं है।
लोकसभा के विघटन पर निम्नलिखित में से कौन-से विधेयक समाप्त हो जाते हैं? लोकसभा में लंबित विधेयकलोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में लंबित विधेयकजिस व…
- लोकसभा में लंबित विधेयक
- लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में लंबित विधेयक
- जिस विधेयक पर राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाने की मंशा पहले ही अधिसूचित कर चुके हों
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- लोकसभा में लंबित और लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में लंबित विधेयक विघटन पर समाप्त हो जाते हैं।
- संयुक्त बैठक की राष्ट्रपति द्वारा पूर्व अधिसूचना हो जाने पर विधेयक समाप्त नहीं होता।
लोकसभा के विघटन पर विधेयकों के व्यपगत होने के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
लोकसभा के विघटन पर विधेयकों के व्यपगत होने के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है क्योंकि वही असत्य कथन है। दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति के समक्ष पहुँचा विधेयक लोकसभा के विघटन से lapse नहीं होता। लोकसभा में लंबित विधेयक तथा लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा में लंबित विधेयक सामान्यतः समाप्त हो जाते हैं। लेकिन केवल राज्यसभा में लंबित ऐसा विधेयक जिसे लोकसभा ने अभी पारित नहीं किया, जारी रहता है। संयुक्त बैठक बुलाने की राष्ट्रपति की सूचना पहले ही जारी हो चुकी हो तो भी अलग नियम लागू होता है।
लोकसभा के सचिवालय स्टाफ की भर्ती की शक्ति किसमें निहित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संविधान लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों की भर्ती से संबंधित नियम राष्ट्रपति को लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श के बाद बनाने की व्यवस्था देता है।
लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन कौन दाखिल कर सकता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- लोकसभा प्रत्याशी के लिए भारत का नागरिक और मतदाता होना आवश्यक है; उसी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी नहीं।
लोकसभा में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (a) अनुच्छेद 330 है।
लोकसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधित्व की वर्तमान संवैधानिक स्थिति क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- 104वें संविधान संशोधन ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन सदस्यों के नामांकन की व्यवस्था आगे नहीं बढ़ाई; यह विशेष प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता के संदर्भ में:प्रथम लोकसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल स्वतंत्र पार्टी था।लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में म…
- प्रथम लोकसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल स्वतंत्र पार्टी था।
- लोकसभा में विपक्ष के नेता को पहली बार 1969 में मान्यता मिली।
- 75 से कम सदस्यों वाली पार्टी का नेता विपक्ष का नेता नहीं बन सकता।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- पहला और तीसरा कथन सही नहीं; औपचारिक मान्यता 1969 से जुड़ी है।
लोकसभा या राज्य विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका की मूल सुनवाई किस न्यायालय में होती है?
लोकसभा या राज्य विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका की मूल सुनवाई किस न्यायालय में होती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
RPA, 1951 की धारा 80A के तहत चुनाव याचिका हाई कोर्ट सुनता है; आगे सुप्रीम कोर्ट में अपील का प्रावधान है।
लोकसभा सीटों के परिसीमन और राज्यों के बीच सीट-वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 84वें संविधान संशोधन ने राज्यों को लोकसभा म…
लोकसभा सीटों के परिसीमन और राज्यों के बीच सीट-वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 84वें संविधान संशोधन ने राज्यों को लोकसभा में आवंटित सीटों के पुनर्समायोजन को 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के प्रासंगिक आँकड़े प्रकाशित होने तक स्थगित रखा। 2. 87वें संविधान संशोधन, 2003 ने निर्वाचन क्षेत्रों के आंतरिक परिसीमन के लिए 2001 की जनगणना को आधार बनाया। 3. 104वें संविधान संशोधन ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में Anglo-Indian समुदाय के नामांकन को आगे जारी नहीं रखा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। 84वें संशोधन की महत्वपूर्ण बारीकी यह है कि रोक केवल '2026 तक' नहीं, बल्कि 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के प्रासंगिक आँकड़े प्रकाशित होने तक प्रभावी है। 87वें संशोधन ने 2001 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्समायोजन का मार्ग दिया, बिना राज्यों के कुल सीट-आवंटन को बदले। 104वें संशोधन ने Anglo-Indian नामांकन की अवधि नहीं बढ़ाई, जबकि SC/ST आरक्षण को आगे बढ़ाया।