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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 153

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3041–3060 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के संसदीय अनुमोदन (Parliamentary Approval) के संदर्भ में निम्नलिखित में से क्या प्रावधान है?

राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के संसदीय अनुमोदन (Parliamentary Approval) के संदर्भ में निम्नलिखित में से क्या प्रावधान है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। 44वें संशोधन के बाद राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को एक महीने के भीतर दोनों सदनों की स्वीकृति चाहिए। स्वीकृति 'विशेष बहुमत' से होती है—सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वालों का कम-से-कम दो-तिहाई। एक बार अनुमोदित होने के बाद भी यह स्वतः अनिश्चितकाल तक नहीं चलता; प्रत्येक छह महीने में संसद से नवीनीकरण आवश्यक है। लोकसभा भंग होने की स्थिति के लिए संविधान अलग संक्रमण व्यवस्था देता है, इसलिए विकल्प (d) गलत है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 358 और अनुच्छेद 359 के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 358 केवल अनुच्छेद 19…

राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 358 और अनुच्छेद 359 के प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 358 केवल अनुच्छेद 19 से संबंधित है, जबकि अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति निर्दिष्ट मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने के अधिकार को आदेश द्वारा निलंबित कर सकता है। 2. अनुच्छेद 358 केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर घोषित आपातकाल में स्वतः लागू होता है; सशस्त्र विद्रोह के आधार पर घोषित आपातकाल में नहीं। 3. अनुच्छेद 359 के तहत भी अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 के प्रवर्तन के अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 44वें संविधान संशोधन के बाद अनुच्छेद 358 का स्वचालित प्रभाव केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण वाले राष्ट्रीय आपातकाल में अनुच्छेद 19 पर पड़ता है। अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को निर्दिष्ट अधिकारों के प्रवर्तन के लिए न्यायालय जाने का अधिकार निलंबित करने देता है, लेकिन अनुच्छेद 20 और 21 इससे सुरक्षित हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय आपातकाल को समाप्त/वापस लेने (Revocation) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति किसी भी समय दूसरी उद…

राष्ट्रीय आपातकाल को समाप्त/वापस लेने (Revocation) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति किसी भी समय दूसरी उद्घोषणा द्वारा आपातकाल को वापस ले सकते हैं, जिसके लिए संसदीय अनुमोदन आवश्यक नहीं होता। 2. लोकसभा यदि साधारण बहुमत से आपातकाल को समाप्त करने का संकल्प पारित कर दे, तो राष्ट्रपति इसे वापस लेने के लिए बाध्य हैं। 3. लोकसभा के कम-से-कम 1/10 सदस्य लिखित नोटिस देकर आपातकाल की समाप्ति पर विचार हेतु विशेष बैठक बुलाने की मांग कर सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। राष्ट्रपति बाद की उद्घोषणा से राष्ट्रीय आपातकाल वापस ले सकते हैं और इस revocation को संसद से अनुमोदित कराने की आवश्यकता नहीं होती। 44वें संशोधन ने लोकसभा को अतिरिक्त नियंत्रण दिया: यदि वह अस्वीकृति/समाप्ति का संकल्प पारित करती है तो राष्ट्रपति को उद्घोषणा वापस लेनी होगी। कम-से-कम 1/10 लोकसभा सदस्य लिखित नोटिस देकर इस उद्देश्य से विशेष बैठक की मांग कर सकते हैं; यह प्रावधान आपातकालीन शक्ति पर लोकतांत्रिक नियंत्रण मजबूत करता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय एकता के लिए पारंपरिक राजनीतिक चुनौतियों में कौन-से शामिल हैं? 1. सांप्रदायिकता 2. क्षेत्रवाद/उप-राष्ट्रवाद 3. जातिवाद 4. भाषाई कट्टरता

राष्ट्रीय एकता के लिए पारंपरिक राजनीतिक चुनौतियों में कौन-से शामिल हैं? 1. सांप्रदायिकता 2. क्षेत्रवाद/उप-राष्ट्रवाद 3. जातिवाद 4. भाषाई कट्टरता

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों भारतीय राष्ट्रीय एकीकरण के विमर्श में बार-बार चर्चा में आने वाली चुनौतियाँ हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन से मिला?

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन से मिला?

उत्तर और पूरी व्याख्या

102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 ने अनुच्छेद 338B के तहत NCBC को संवैधानिक दर्जा दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत बना वैधानिक निकाय है। 2. इसकी स्था…

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत बना वैधानिक निकाय है। 2. इसकी स्थापना पेरिस सिद्धांतों की भावना के अनुरूप हुई। 3. संविधान के अनुच्छेद 338 में NHRC का स्पष्ट प्रावधान है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 और 2 सही हैं। अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से संबंधित है; NHRC का आधार मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NHRC एक संविधिक निकाय (Statutory body) है जिसका गठन मानव अधिका…

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NHRC एक संविधिक निकाय (Statutory body) है जिसका गठन मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत किया गया था। 2. आयोग के अध्यक्ष केवल भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश (CJI) ही हो सकते हैं, कोई अन्य न्यायाधीश नहीं। 3. आयोग मानवाधिकार उल्लंघन के किसी ऐसे मामले की जांच नहीं कर सकता जो घटना घटित होने की तारीख से 1 वर्ष के बाद उठाया गया हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 2 गलत है क्योंकि मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 के पश्चात भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश के अलावा 'सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी सेवानिवृत्त न्यायाधीश' को भी NHRC का अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। कथन 1 और 3 सही हैं; 1 वर्ष पुरानी घटनाओं की जांच का अधिकार नहीं है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 किस कक्षा से व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा में एकीकृत करने पर जोर देती है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 किस कक्षा से व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा में एकीकृत करने पर जोर देती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) कक्षा 6

क्यों?

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा और इंटर्नशिप के परिचय पर बल देती है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019लघु खनिजों के प्रबंधन के संदर्भ में:रेत लघु खनिज है।राज्य खनन पट्टा दे सकते हैं, पर लघु खनिज नियम केवल केंद्र बनाता है।राज्य अवैध खनन रोकने के नि…
लघु खनिजों के प्रबंधन के संदर्भ में:
  1. रेत लघु खनिज है।
  2. राज्य खनन पट्टा दे सकते हैं, पर लघु खनिज नियम केवल केंद्र बनाता है।
  3. राज्य अवैध खनन रोकने के नियम बना सकते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल 1 और 3

क्यों?

  • रेत लघु खनिज है और राज्य सरकारों के पास नियमन संबंधी व्यापक शक्तियाँ हैं।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2025लघु खनिजों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राज्य सरकारें अपने क्षेत्र में स्थित लघु खनिजों के निष्कर्षण हेतु रियायत देने के…
लघु खनिजों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I: राज्य सरकारें अपने क्षेत्र में स्थित लघु खनिजों के निष्कर्षण हेतु रियायत देने के नियम नहीं बना सकतीं।

कथन II: केंद्र सरकार संबंधित कानून के अंतर्गत किसी खनिज को ‘लघु खनिज’ अधिसूचित कर सकती है।

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) I गलत है, II सही

क्यों?

  • केंद्र सरकार किसी खनिज को लघु खनिज घोषित कर सकती है।
  • लघु खनिजों की रियायत/पट्टा आदि के लिए नियम बनाने की महत्त्वपूर्ण शक्ति राज्यों के पास है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलॉर्ड कॉर्नवालिस ने भारत में गवर्नर-जनरल का पद स्वीकार करने से पहले किन विशेष शक्तियों की माँग की थी? 1. विशेष मामलों में परिषद के निर्णय को निरस…

लॉर्ड कॉर्नवालिस ने भारत में गवर्नर-जनरल का पद स्वीकार करने से पहले किन विशेष शक्तियों की माँग की थी? 1. विशेष मामलों में परिषद के निर्णय को निरस्त करने की शक्ति। 2. कमांडर-इन-चीफ का पद भी गवर्नर-जनरल के साथ रखा जाए।

उत्तर और पूरी व्याख्या

दोनों कथन सही हैं। कॉर्नवालिस ने प्रशासनिक निर्णयों में अपनी स्थिति मजबूत करने और सैन्य नेतृत्व में टकराव से बचने के लिए ये दोनों शर्तें रखीं। 1786 के अधिनियम ने गवर्नर-जनरल को विशेष परिस्थितियों में अपनी परिषद के निर्णय से अलग निर्णय लेने की सुविधा दी और कॉर्नवालिस को कमांडर-इन-चीफ का पद भी मिला।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोक अदालतों ( (Legal Services Authorities Act, 1987) के तहत निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक अदालत को वैधानिक दर्जा प्राप्त है और इसके द्व…

लोक अदालतों ( (Legal Services Authorities Act, 1987) के तहत निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक अदालत को वैधानिक दर्जा प्राप्त है और इसके द्वारा दिए गए निर्णय को एक दीवानी अदालत की डिक्री (Civil court decree) के समान माना जाता है। 2. लोक अदालत के फैसले के विरुद्ध किसी भी नियमित न्यायालय में कोई अपील ( No appeal) नहीं होती, क्योंकि यह दोनों पक्षों की आपसी सहमति पर आधारित होता है। 3. लोक अदालत में कोई अदालती शुल्क ( Court fee) नहीं लगता, और यदि अदालत में लंबित मामले का निपटारा लोक अदालत में हो जाता है तो पहले से जमा शुल्क वापस कर दिया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1987 के अधिनियम के तहत लोक अदालत के फैसले अंतिम व बाध्यकारी होते हैं, कोई अपील नहीं होती और अदालती शुल्क वापस मिल जाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोक लेखा समिति ( Public Accounts Committee - PAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा…

लोक लेखा समिति ( Public Accounts Committee - PAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से) जिनका चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा होता है। 2. कोई भी मंत्री इस समिति का सदस्य निर्वाचित नहीं हो सकता। 3. समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा अनिवार्य रूप से केवल सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ सदस्य में से की जाती है। 4. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ( CAG) समिति के 'मित्र, दार्शनिक एवं मार्गदर्शक' (Friend, philosopher, and guide) के रूप में कार्य करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि 1967 से चली आ रही सर्वसम्मत संसदीय परंपरा के अनुसार लोक लेखा समिति ( PAC ) का अध्यक्ष अनिवार्य रूप से 'विपक्षी दल' के सदस्य में से चुना जाता है, सत्तारूढ़ दल से नहीं। कथन 1, 2 और 4 सही हैं; कै ग पीएसी का मित्र और मार्गदर्शक होता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोक लेखा समिति (PAC) के 'मार्गदर्शक, दार्शनिक और मित्र' (Guide, Philosopher and Friend) के रूप में कौन कार्य करता है?

लोक लेखा समिति (PAC) के 'मार्गदर्शक, दार्शनिक और मित्र' (Guide, Philosopher and Friend) के रूप में कौन कार्य करता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। CAG सरकारी खातों और व्यय का संवैधानिक लेखापरीक्षक है, जबकि PAC उन audit findings की संसदीय जाँच करती है। CAG के अधिकारी समिति को तकनीकी सहायता, लेखापरीक्षण पृष्ठभूमि और वित्तीय अनियमितताओं की समझ देते हैं; इसी कारण CAG को PAC का 'guide, philosopher and friend' कहा जाता है। ध्यान रखें कि PAC स्वयं audit agency नहीं है—वह CAG की रिपोर्टों के आधार पर संसदीय उत्तरदायित्व तय करती है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासनलोक सभा में राज्यों की सीटों के पुनर्समायोजन/परिसीमन को किस वर्ष तक स्थगित किया गया था?
लोक सभा में राज्यों की सीटों के पुनर्समायोजन/परिसीमन को किस वर्ष तक स्थगित किया गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) 2026

व्याख्या

  • संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना तक राज्यों के बीच सीट पुनर्समायोजन स्थगित है।
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासनलोक सभा में सामान्यतः कितने सत्र होते हैं?
लोक सभा में सामान्यतः कितने सत्र होते हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) 3

व्याख्या

  • सामान्यतः बजट, मानसून और शीतकालीन—तीन सत्र होते हैं।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017लोकतंत्र की श्रेष्ठता मुख्यतः किस बात में है?
लोकतंत्र की श्रेष्ठता मुख्यतः किस बात में है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) साधारण नागरिकों की बुद्धि और चरित्र को सक्रिय भागीदारी में लाना

क्यों?

  • लोकतंत्र का मूल मूल्य व्यापक नागरिक भागीदारी और सार्वजनिक विवेक है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोकपाल अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल क्या है?

लोकपाल अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुसार कार्यकाल पाँच वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लोकपाल के क्षेत्राधिकार में कौन-कौन शामिल हैं? 1. भारत के प्रधानमंत्री (अंतरराष्ट्रीय संबंध, बाह्य व…

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लोकपाल के क्षेत्राधिकार में कौन-कौन शामिल हैं? 1. भारत के प्रधानमंत्री (अंतरराष्ट्रीय संबंध, बाह्य व आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और परमाणु ऊर्जा से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपों को छोड़कर) 2. केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य (संसद के भीतर बोले गए शब्दों या मतदान को छोड़कर) A B C और D के सभी अधिकारी और कर्मचारी 3. केंद्र सरकार के ग्रुप , , 4. ऐसे सभी गैर-सरकारी संगठन (NGOs) जो ₹10 लाख से अधिक का विदेशी अंशदान (FCRA) या सरकार से निर्धारित राशि से अधिक का वार्षिक अनुदान प्राप्त करते हैं उपर्युक्त में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों श्रेणियां लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। प्रधानमंत्री कु छ संवेदनशील सुरक्षा अपवादों और 2/3 सदस्यों की सहमति की शर्त के अधीन लोकपाल के दायरे में आते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनलोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत लोकपाल के क्षेत्राधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री लोकपाल के जांच के…

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत लोकपाल के क्षेत्राधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री लोकपाल के जांच के दायरे में आते हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संबंध, बाह्य व आंतरिक सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा से जुड़े आरोपों पर कु छ अपवाद हैं। 2. संसद के सभी वर्तमान एवं पूर्व सदस्य (सांसदों द्वारा सदन में दिए गए भाषण या वोट को छोड़कर) लोकपाल के दायरे में शामिल हैं। A B C D 3. केंद्र सरकार के सभी समूह ' ', ' ', ' ' और ' ' के अधिकारी और कर्मचारी लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। लोकपाल अधिनियम, 2013 के तहत प्रधानमंत्री कु छ सुरक्षा अपवादों के साथ जांच के दायरे में हैं। संसद सदस्य भी सदन के A D बाहर किए गए भ्रष्ट आचरण के लिए शामिल हैं। समूह से तक के सभी केंद्रीय लोक सेवक लोकपाल के दायरे में आते हैं।