लोकसभा की नैतिकता समिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर और व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3
क्यों?
- लोकसभा की नैतिकता समिति आरंभ में तदर्थ रूप में बनी थी और बाद में स्थायी हुई।
- कोई बाहरी व्यक्ति भी किसी सांसद के माध्यम से शिकायत कर सकता है; इसलिए कथन 2 गलत है।
- न्यायालय में विचाराधीन विषय सामान्यतः समिति नहीं लेती।