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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 149

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2961–2980 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि किसी राज्य की जनसंख्या का पर्याप्त भाग अपनी बोली जाने वाली भाषा को राज्य में आधिकारिक मान्यता दिलाने की मांग करे, तो राष्ट्रपति किस अनुच्छेद …

यदि किसी राज्य की जनसंख्या का पर्याप्त भाग अपनी बोली जाने वाली भाषा को राज्य में आधिकारिक मान्यता दिलाने की मांग करे, तो राष्ट्रपति किस अनुच्छेद के तहत निर्देश दे सकते हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 347 राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि पर्याप्त जनसंख्या की मांग पर किसी भाषा को राज्य के पूरे या किसी भाग में आधिकारिक मान्यता देने का निर्देश दिया जा सके।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि किसी विधायक/सांसद को उसके राजनीतिक दल से निष्कासित कर दिया जाए तो दसवीं अनुसूची के संदर्भ में सामान्य स्थिति क्या है?

यदि किसी विधायक/सांसद को उसके राजनीतिक दल से निष्कासित कर दिया जाए तो दसवीं अनुसूची के संदर्भ में सामान्य स्थिति क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

G. Viswanathan (1996) में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि party expulsion अपने-आप सदन की सदस्यता समाप्त नहीं करता; किंतु निष्कासित सदस्य द्वारा दूसरे दल में शामिल होना Tenth Schedule के तहत समस्या पैदा कर सकता है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2022यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अधीन लाया जाए, तो निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक इसके परिणाम को सर्वोत्तम रू…

यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र को भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अधीन लाया जाए, तो निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक इसके परिणाम को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर: (a) इससे जनजातीय लोगों की जमीनों का गैर-जनजातीय लोगों को अंतरण रुकेगा।

पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन तथा संरक्षण की विशेष व्यवस्था है। इसके पैरा 5 के अंतर्गत राज्यपाल जनजातीय भूमि के हस्तांतरण को प्रतिबंधित या सीमित करने और भूमि आवंटन को नियंत्रित करने के विनियम बना सकते हैं। अतः विकल्प (a) सही है। केवल अनुसूची लागू होने से क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र या राज्य विशेष श्रेणी का राज्य नहीं बनता। अनुसूचित जाति की सूची का अनुच्छेद 341 और अनुसूचित क्षेत्रों की पाँचवीं अनुसूची अलग संवैधानिक विषय हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि कोई व्यक्ति राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य न होते हुए मंत्री या मुख्यमंत्री नियुक्त होता है, तो उसे कितने समय के भीतर सदस्यता प्राप्…

यदि कोई व्यक्ति राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य न होते हुए मंत्री या मुख्यमंत्री नियुक्त होता है, तो उसे कितने समय के भीतर सदस्यता प्राप्त करनी होती है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। Article 164(4) कहता है कि जो मंत्री लगातार छह महीने तक State Legislature का सदस्य नहीं रहता, वह उस अवधि के अंत पर minister नहीं रहेगा। यह rule मुख्यमंत्री पर भी लागू होता है क्योंकि मुख्यमंत्री भी Council of Ministers का सदस्य है। द्विसदनीय राज्य में व्यक्ति Assembly या Legislative Council—किसी भी सदन की सदस्यता लेकर शर्त पूरी कर सकता है। छह महीने की अवधि गैर-सदस्य को स्थायी रूप से executive office में बने रहने का स्वतंत्र अधिकार नहीं देती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि कोई ordinary Bill Legislative Council में originate हुआ और Legislative Assembly उसे अस्वीकार कर दे, तो उसका क्या परिणाम होता है?

यदि कोई ordinary Bill Legislative Council में originate हुआ और Legislative Assembly उसे अस्वीकार कर दे, तो उसका क्या परिणाम होता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। State bicameral system में Assembly की प्रधानता केवल Assembly-originated Bill को Council पर override करने तक सीमित नहीं; Council-originated Bill को कानून बनने के लिए Assembly की सहमति चाहिए। यदि Assembly उसे reject कर देती है तो Council के पास Parliament की Rajya Sabha जैसी joint sitting मांगने का रास्ता नहीं है। इसलिए Bill dies। यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि Legislative Council constitutional status में Rajya Sabha की तुलना में काफी कमजोर chamber है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि पदासीन प्रधानमंत्री की मृत्यु हो जाए या वह त्यागपत्र दे दे, तो मंत्रिपरिषद पर क्या प्रभाव पड़ता है?

यदि पदासीन प्रधानमंत्री की मृत्यु हो जाए या वह त्यागपत्र दे दे, तो मंत्रिपरिषद पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख है; अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री की मृत्यु या त्यागपत्र से मंत्रिपरिषद का राजनीतिक और संवैधानिक आधार समाप्त हो जाता है। नई सरकार बनने तक निवर्तमान मंत्री कार्यवाहक व्यवस्था में रह सकते हैं, लेकिन यह नई स्वतंत्र मंत्रिपरिषद नहीं मानी जाती। संसद का स्वतः विघटन नहीं होता और वरिष्ठतम मंत्री स्वतः प्रधानमंत्री नहीं बनता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि पदासीन मुख्यमंत्री की मृत्यु हो जाए या वह त्यागपत्र दे दे, तो राज्य मंत्रिपरिषद पर सामान्य संवैधानिक प्रभाव क्या होता है?

यदि पदासीन मुख्यमंत्री की मृत्यु हो जाए या वह त्यागपत्र दे दे, तो राज्य मंत्रिपरिषद पर सामान्य संवैधानिक प्रभाव क्या होता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। मुख्यमंत्री Council of Ministers का head है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति उसके advice पर आधारित होती है। इसलिए CM की मृत्यु या resignation से existing ministry का संवैधानिक आधार समाप्त हो जाता है। प्रशासनिक continuity के लिए outgoing ministers कुछ समय caretaker रूप में कार्य कर सकते हैं, लेकिन नया मुख्यमंत्री बनने पर ministry का पुनर्गठन/नई नियुक्ति होती है। Deputy CM कोई अलग संवैधानिक succession office नहीं है और Assembly भी स्वतः dissolve नहीं होती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयदि सर्वोच्च न्यायालय किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति के रूप में चुनाव को शून्य (Void) घोषित कर देता है, तो उसके द्वारा निर्णय की तारीख से पहले राष्ट्…

यदि सर्वोच्च न्यायालय किसी व्यक्ति के राष्ट्रपति के रूप में चुनाव को शून्य (Void) घोषित कर देता है, तो उसके द्वारा निर्णय की तारीख से पहले राष्ट्रपति के रूप में किए गए आधिकारिक कार्यों का क्या होगा?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 71(2) प्रशासनिक निरंतरता की रक्षा करता है। यदि बाद में राष्ट्रपति का चुनाव शून्य भी घोषित हो जाए, तब भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से पहले राष्ट्रपति पद की शक्तियों और कर्तव्यों के निर्वहन में किए गए कार्य केवल इस आधार पर अमान्य नहीं होते। इसका उद्देश्य शासन में कानूनी अनिश्चितता और व्यापक प्रशासनिक अव्यवस्था से बचना है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनयोजना आयोग और नीति आयोग के बीच अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?

योजना आयोग और नीति आयोग के बीच अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (d) गलत है। योजना आयोग और नीति आयोग—दोनों ही संविधान या संसद के अधिनियम से स्थापित निकाय नहीं थे/हैं; दोनों कार्यकारी संकल्प से बने।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनरजनी कोठारी ने स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों की भारतीय दलीय व्यवस्था को किस प्रसिद्ध अवधारणा से समझाया?

रजनी कोठारी ने स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों की भारतीय दलीय व्यवस्था को किस प्रसिद्ध अवधारणा से समझाया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

रजनी कोठारी की 'Congress System' अवधारणा कांग्रेस के प्रभुत्व के भीतर ही प्रतिस्पर्धा और गुटीय राजनीति को समझाती थी।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019राजनीतिक दर्शन में स्वतंत्रता की सबसे उपयुक्त परिभाषा क्या है?
राजनीतिक दर्शन में स्वतंत्रता की सबसे उपयुक्त परिभाषा क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) स्वयं की क्षमताओं का पूर्ण विकास करने का अवसर

क्यों?

  • सकारात्मक स्वतंत्रता व्यक्ति की क्षमता-विकास के अवसर पर बल देती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराजनीतिक दल की आयकर छूट से जुड़ी शर्तों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. ₹20,000 से अधिक प्रत्येक स्वैच्छिक योगदान का नाम-पता सहित रिकॉर्ड रखना…

राजनीतिक दल की आयकर छूट से जुड़ी शर्तों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. ₹20,000 से अधिक प्रत्येक स्वैच्छिक योगदान का नाम-पता सहित रिकॉर्ड रखना होता है। 2. ₹2,000 से अधिक का दान सामान्यतः account-payee cheque/draft या बैंकिंग/electronic माध्यम से ही लेना चाहिए। 3. खातों का लेखा-परीक्षण और समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आवश्यक शर्तों में है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों Income-tax Act की धारा 13A की प्रमुख अनुपालन शर्तें हैं। 2024 में Electoral Bond Scheme असंवैधानिक होने के बाद चुनावी बॉन्ड वाला भुगतान मार्ग उपलब्ध नहीं है; इसलिए वर्तमान व्यवहार में वैध बैंकिंग/electronic माध्यम महत्वपूर्ण हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराजनीतिक दलों की मान्यता और चुनाव चिह्न संबंधी विवादों के निपटारे में निर्वाचन आयोग की शक्ति किस प्रकृति की मानी जाती है?

राजनीतिक दलों की मान्यता और चुनाव चिह्न संबंधी विवादों के निपटारे में निर्वाचन आयोग की शक्ति किस प्रकृति की मानी जाती है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

दल की मान्यता और चुनाव चिह्न विवादों के निपटारे में निर्वाचन आयोग अर्ध-न्यायिक भूमिका निभाता है। चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराजनीतिक दलों के आंतरिक लोकतंत्र के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. विधि आयोग की 170वीं रिपोर्ट ने आंतरिक चुनाव, लोकतांत्रिक संगठन और वित्तीय प…

राजनीतिक दलों के आंतरिक लोकतंत्र के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. विधि आयोग की 170वीं रिपोर्ट ने आंतरिक चुनाव, लोकतांत्रिक संगठन और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कानूनी सुधार सुझाए। 2. RPA, 1951 की धारा 29A ECI को दलों के हर आंतरिक चुनाव पर व्यापक न्यायिक नियंत्रण देती है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 सही है। ECI पंजीकरण और दल-संविधान से जुड़े अनुपालन पर निर्देश दे सकता है, लेकिन धारा 29A उसे दलों के प्रत्येक आंतरिक संगठनात्मक विवाद का असीमित न्यायिक नियंत्रक नहीं बनाती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराजनीतिक दलों के पंजीकरण और हटाने के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. धारा 29A के तहत पंजीकरण ECI करता है। 2. दल के संविधान में भारत के संविधान, स…

राजनीतिक दलों के पंजीकरण और हटाने के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. धारा 29A के तहत पंजीकरण ECI करता है। 2. दल के संविधान में भारत के संविधान, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र तथा भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के प्रति निष्ठा का प्रावधान होना चाहिए। 3. ECI के पास धारा 29A से हर परिस्थिति में असीमित सामान्य deregistration शक्ति है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है। Supreme Court ने Indian National Congress v. Institute of Social Welfare (2002) में सामान्य असीमित deregistration शक्ति को नकारा था, यद्यपि धोखाधड़ी जैसे सीमित अपवाद हैं। 2025–26 में ECI ने कई RUPPs को अपनी सूची से 'delist' किया है; इसे असीमित वैधानिक deregistration शक्ति के बराबर नहीं समझना चाहिए।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023राजनीतिक दलों को स्थापना-वर्ष से सुमेलित कीजिए: a. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), b. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, c. बहुजन समाज पार्टी, d. …
राजनीतिक दलों को स्थापना-वर्ष से सुमेलित कीजिए: a. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), b. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, c. बहुजन समाज पार्टी, d. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस; 1. 1964, 2. 1998, 3. 1925, 4. 1984।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) a-1, b-3, c-4, d-2

क्यों?

  • सही मिलान है: CPI(M)—1964, CPI—1925, BSP—1984 और AITC—1998।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराजा राम पाल बनाम माननीय अध्यक्ष, लोक सभा (2007) मामले में संसद सदस्यों के निष्कासन ( Expulsion of MPs) के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की संविधान …

राजा राम पाल बनाम माननीय अध्यक्ष, लोक सभा (2007) मामले में संसद सदस्यों के निष्कासन ( Expulsion of MPs) के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने क्या व्यवस्था दी? 1. संसद के पास सदन की गरिमा और शुचिता बनाए रखने के लिए गंभीर दुराचरण (जैसे पैसे लेकर सवाल पूछना) के दोषी सदस्यों को निष्कासित करने की अंतर्निहित शक्ति है। 2. संसद द्वारा सदस्यों के निष्कासन की यह शक्ति न्यायिक समीक्षा ( Judicial Review) के दायरे में आती है। 3. यदि निष्कासन दुर्भावनापूर्ण, असंवैधानिक या प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पूर्ण उल्लंघन में किया गया हो, तो अदालतें हस्तक्षेप कर सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। कै श फॉर क्वेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संसद को सदस्यों को निष्कासित करने की शक्ति है, किंतु यह शक्ति असीमित नहीं है और न्यायिक समीक्षा के अधीन है। 14 (d) A तीनों कथन सही हैं। फिरोज गांधी अधिनियम के सिद्धांतों को 44वें संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 361 के रूप में संवैधानिक दर्जा दिया गया, जो मीडिया को संसदीय रिपोर्टिंग की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्य का Annual Financial Statement (सामान्यतः Budget) किस अनुच्छेद के तहत Legislature के समक्ष रखा जाता है?

राज्य का Annual Financial Statement (सामान्यतः Budget) किस अनुच्छेद के तहत Legislature के समक्ष रखा जाता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। Article 202 राज्य के Annual Financial Statement से संबंधित है; Union level पर समान provision Article 112 है। Governor प्रत्येक financial year के संबंध में estimated receipts और expenditure का statement State Legislature के समक्ष रखवाता है। इसके बाद charged expenditure, demands for grants, appropriation और financial bills की प्रक्रिया चलती है। Article 204 Appropriation Bills और Article 206 vote on account, vote of credit तथा exceptional grants से संबंधित है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने इन सिद्धांतों को भारतीय संविधान की 'व…

राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने इन सिद्धांतों को भारतीय संविधान की 'विशेषता' (Novel Feature) बताया था। 2. ग्रैनविले ऑस्टिन ने निदेशक तत्वों और मूल अधिकारों को 'संविधान की अंतरात्मा' (Conscience of the Constitution) कहा है। 3. ये 1935 के भारत सरकार अधिनियम में उल्लिखित 'अनुदेश-प्रपत्र' (Instrument of Instructions) के समान हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। नीति निदेशक तत्व आयरिश संविधान (1937) से प्रेरित हैं, 1935 के इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शंस के समान हैं तथा इन्हें संविधान की अंतरात्मा व अनोखी विशेषता कहा गया है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्य के महाधिवक्ता ( Advocate General of the State) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की …

राज्य के महाधिवक्ता ( Advocate General of the State) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उसके पास उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता होनी चाहिए। 2. उसका पारिश्रमिक संविधान द्वारा निर्धारित नहीं है, बल्कि राज्यपाल द्वारा अवधारित किया जाता है। 3. उसे राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में बोलने और मतदान करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 177 के तहत महाधिवक्ता को राज्य विधानमंडल की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, लेकिन 'मतदान' करने का अधिकार नहीं है। कथन 1 और 2 सही हैं (अनुच्छेद 165)।