वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 150
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
2981–3000 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंराज्य के महाधिवक्ता (Advocate General—अनुच्छेद 165) के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. राज्य का सर्वोच्च कानून अधिकारी। 2. नियुक्ति राज्यपाल द्…
राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General—अनुच्छेद 165) के संदर्भ में कौन-से कथन सही हैं? 1. राज्य का सर्वोच्च कानून अधिकारी। 2. नियुक्ति राज्यपाल द्वारा; उच्च न्यायालय न्यायाधीश बनने की योग्यता आवश्यक। 3. राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद और पारिश्रमिक राज्यपाल निर्धारित करते हैं। 4. राज्य विधानमंडल में बोलने/भाग लेने का अधिकार है, मतदान का नहीं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन सही हैं। अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति/योग्यता और अनुच्छेद 177 विधानमंडल में उसके बोलने/भाग लेने के अधिकार का आधार है।
राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission - अनुच्छेद 243K) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पंचायतों के सभी चुनावों के लिए …
राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission - अनुच्छेद 243K) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पंचायतों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयुक्त में निहित होता है। 2. राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है। 3. राज्य निर्वाचन आयुक्त को पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस प्रकार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 243K के तहत पंचायत चुनावों की मतदाता सूची और चुनाव संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। उसे पद से हटाने की सुरक्षा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जैसी है—अर्थात उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है; नियुक्ति के बाद सेवा-शर्तें उसके प्रतिकूल नहीं बदली जा सकतीं।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित पाँच क्षेत्रीय परिषदों के अतिरिक्त 'पूर्वोत्तर परिषद' (North-Eastern Council) का गठन किस अधिनियम के त…
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित पाँच क्षेत्रीय परिषदों के अतिरिक्त 'पूर्वोत्तर परिषद' (North-Eastern Council) का गठन किस अधिनियम के तहत किया गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। North-Eastern Council एक अलग सांविधिक निकाय है, जिसकी स्थापना North-Eastern Council Act, 1971 के तहत हुई। इसे 1956 की पाँच Zonal Councils में से एक नहीं समझना चाहिए। बाद में सिक्किम को भी इसमें शामिल किया गया और आज यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के आठ राज्यों से संबंधित क्षेत्रीय विकास और समन्वय का प्रमुख मंच है।
राज्य मंत्रिपरिषद के 'Collective Responsibility' के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
राज्य मंत्रिपरिषद के 'Collective Responsibility' के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। Article 164(2) स्पष्ट करता है कि State Council of Ministers collectively responsible to the Legislative Assembly होगी। इसका अर्थ है कि सरकार का पद पर बने रहना Assembly के confidence पर निर्भर है। Legislative Council सरकार को प्रश्नों/बहस से जवाबदेह बना सकती है, लेकिन no-confidence के माध्यम से ministry को हटाने की वही निर्णायक शक्ति नहीं रखती। Governor का 'pleasure' भी parliamentary majority के संदर्भ में पढ़ा जाता है, निजी राजनीतिक इच्छा के रूप में नहीं।
राज्य मंत्रियों (Ministers of State) की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी राज्य मंत्री को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकत…
राज्य मंत्रियों (Ministers of State) की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी राज्य मंत्री को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है या उसे किसी कैबिनेट मंत्री के साथ संबद्ध किया जा सकता है। 2. राज्य मंत्री कैबिनेट के सदस्य नहीं होते और सामान्यतः कैबिनेट बैठकों में भाग नहीं लेते। 3. स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री को अपने मंत्रालय से संबंधित विषय पर विचार के समय विशेष रूप से आमंत्रित किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। Minister of State दो रूपों में हो सकता है—स्वतंत्र प्रभार के साथ या किसी Cabinet Minister की सहायता करते हुए। वे Cabinet के नियमित सदस्य नहीं होते, इसलिए सामान्यतः उसकी बैठकों में नहीं बैठते। लेकिन उनके विभाग से संबंधित विषय आने पर प्रधानमंत्री/कैबिनेट व्यवस्था के अनुसार उन्हें विशेष रूप से बुलाया जा सकता है। मंत्री की संवैधानिक सामूहिक उत्तरदायित्व की स्थिति सभी मंत्रियों पर लागू रहती है, चाहे उनकी श्रेणी अलग हो।
राज्य मंत्रियों की 'Individual Responsibility' का संवैधानिक अर्थ क्या है?
राज्य मंत्रियों की 'Individual Responsibility' का संवैधानिक अर्थ क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। Article 164(1) ministers को Governor के pleasure पर पद देता है, पर parliamentary system में यह Governor की स्वतंत्र राजनीतिक इच्छा नहीं है। मुख्यमंत्री ministry का head है और वह किसी मंत्री को हटाने की सलाह दे सकता है; Governor उस constitutional advice पर कार्य करता है। Individual responsibility को collective responsibility से अलग समझें—एक मंत्री का पद CM के विश्वास पर निर्भर है, जबकि पूरी Council Assembly के confidence पर निर्भर करती है।
राज्य मंत्रियों की 'Legal Responsibility' के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
राज्य मंत्रियों की 'Legal Responsibility' के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। Article 166 राज्य सरकार की executive action को Governor के नाम से व्यक्त करने और prescribed manner में authenticate करने की व्यवस्था देता है। संविधान ब्रिटिश Crown model की तरह प्रत्येक Governor order पर संबंधित minister का countersignature अनिवार्य नहीं करता। इसका अर्थ यह नहीं कि ministers सामान्य कानून से ऊपर हैं; प्रश्न केवल constitutional 'legal responsibility/countersignature' के तकनीकी अर्थ का है। Political responsibility Assembly और Chief Minister के माध्यम से बनी रहती है।
राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तथा हटाने के बारे में कौन-सा कथन सही है?
राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तथा हटाने के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
SHRC की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत हटाने की संवैधानिक-जैसी सुरक्षा राष्ट्रपति और उच्चतम न्यायालय की जांच प्रक्रिया से जुड़ी है।
राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के कौन-से परिणाम अनिवार्य नहीं हैं?विधानसभा का विघटनराज्य मंत्रिपरिषद की समाप्तिस्थानीय निकायों का विघटन
- विधानसभा का विघटन
- राज्य मंत्रिपरिषद की समाप्ति
- स्थानीय निकायों का विघटन
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- विधानसभा निलंबित अवस्था में रखी जा सकती है और स्थानीय निकाय स्वतः समाप्त नहीं होते; मंत्रिपरिषद हटती है।
राज्य में सरकार के गठन के समय राज्यपाल के परिस्थिति-जन्य विवेकाधिकार ( Situational Discretion) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
राज्य में सरकार के गठन के समय राज्यपाल के परिस्थिति-जन्य विवेकाधिकार ( Situational Discretion) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सरकारिया और पुंछी आयोग के दिशा-निर्देशों तथा एस. आर. बोम्मई निर्णय के अनुसार, त्रिशंकु विधानसभा में राज्यपाल का कर्तव्य पहले चुनाव-पूर्व गठबंधन और फिर सबसे बड़े दल को आमंत्रित कर सदन के पटल पर फ्लोर टेस्ट कराना है।
राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति और हटाने के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति और हटाने के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 316 के तहत SPSC अध्यक्ष/सदस्य की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, जबकि अनुच्छेद 317 के तहत हटाने की शक्ति राष्ट्रपति के पास है।
राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) राज्यपाल है।
राज्य विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या में Governor द्वारा मनोनीत सदस्यों का भाग कितना होता है?
राज्य विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या में Governor द्वारा मनोनीत सदस्यों का भाग कितना होता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 171(3)(e) के अनुसार Legislative Council के शेष लगभग एक-छठे सदस्यों को Governor nominate करता है। अनुच्छेद 171(5) उनके क्षेत्रों को literature, science, art, co-operative movement और social service से जोड़ता है। यह Rajya Sabha के राष्ट्रपति-नामांकन से अलग है, जहाँ 12 सदस्यों के लिए literature, science, art और social service आधार हैं; co-operative movement वहाँ अलग नामांकन-श्रेणी नहीं है।
राज्य विधानमंडल की कार्यवाही के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अनुच्छेद 210 राज्य विधानमंडल में राज्य की राजभाषा, हिंदी या अंग्रेज़ी के प्रयोग की अनुमति देता है; अन्य विकल्प संवैधानिक प्रावधानों से मेल नहीं खाते।
राज्य विधानसभा के संदर्भ में:राज्यपाल वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में सदन को संबोधित करता है।यदि राज्य विधानमंडल के पास किसी विषय पर नियम न हो तो…
- राज्यपाल वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में सदन को संबोधित करता है।
- यदि राज्य विधानमंडल के पास किसी विषय पर नियम न हो तो वह लोकसभा का नियम अपनाता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- दोनों कथन स्वीकार्य संसदीय व्यवहार से जुड़े हैं।
राज्य सभा में प्रतिनिधित्व में क्या शामिल है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- राज्य सभा में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्य तथा राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य दोनों होते हैं।
राज्य सरकारों को पंचायतों के संगठन का निर्देश कौन-सा अनुच्छेद देता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) अनुच्छेद 40 है।
राज्य सूचना आयोग (SIC) के बारे में कौन-सा कथन सही है?
राज्य सूचना आयोग (SIC) के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
SIC स्वतंत्र राज्य-स्तरीय वैधानिक निकाय है। नियुक्ति राज्यपाल करते हैं; चयन समिति में मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुख्यमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री होते हैं।
राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 213) और राष्ट्रपति की शक्ति (अनुच्छेद 123) के मध्य प्रमुख अंतरों पर विचार कीजिए: 1. राज्यपाल के…
राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 213) और राष्ट्रपति की शक्ति (अनुच्छेद 123) के मध्य प्रमुख अंतरों पर विचार कीजिए: 1. राज्यपाल केवल उन्हीं विषयों पर अध्यादेश जारी कर सकता है जिन पर राज्य विधानमंडल को विधि बनाने की शक्ति है। 2. यदि किसी अध्यादेश में ऐसे उपबंध हैं जिनके लिए विधानमंडल में विधेयक पेश करने हेतु राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होती, तो राज्यपाल राष्ट्रपति के निर्देश के बिना ऐसा अध्यादेश प्रख्यापित नहीं कर सकता। 3. राज्यपाल विधान परिषद या विधान सभा का सत्र चल रहा हो तो भी अपने विवेकानुसार अध्यादेश जारी कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि यदि राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल है तो दोनों सदनों में से किसी एक के या एकसदनीय होने पर विधान सभा के सत्र में रहने पर अध्यादेश जारी नहीं हो सकता। कथन 1 और 2 सही हैं।
राज्यपाल की नियुक्ति और निष्कासन के संदर्भ में सरकारिया आयोग (1988) और पुंछी आयोग (2010) की साझा सिफारिशों में कौन-सी शामिल हैं? 1. राज्यपाल को स…
राज्यपाल की नियुक्ति और निष्कासन के संदर्भ में सरकारिया आयोग (1988) और पुंछी आयोग (2010) की साझा सिफारिशों में कौन-सी शामिल हैं? 1. राज्यपाल को संबंधित राज्य के बाहर का एक प्रतिष्ठित निष्पक्ष व्यक्ति होना चाहिए जो हाल की सक्रिय राजनीति में शामिल न रहा हो। 2. राज्यपाल की नियुक्ति से पहले संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री से प्रभावी परामर्श किया जाना चाहिए। 3. राज्यपाल को 5 वर्ष के एक निश्चित कार्यकाल की गारंटी दी जानी चाहिए और केंद्र में सरकार बदलने पर उन्हें मनमाने ढंग से नहीं हटाया जाना चाहिए। 4. पुंछी आयोग ने सिफारिश की कि राज्यपाल को हटाने के लिए राज्य विधानमंडल द्वारा महाभियोग ( Impeachment) जैसी प्रक्रिया होनी चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों सिफारिशें सही हैं। पुंछी आयोग ने विशेष रूप से यह भी सिफारिश की थी कि राज्यपाल को हटाने के लिए राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त के बजाय राज्य विधानमंडल द्वारा महाभियोग की प्रक्रिया अपनाई जाए।