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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 114

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2261–2280 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

प्रश्न खोलकर हल करें
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2021‘संवैधानिक सरकार’ का अर्थ क्या है?
‘संवैधानिक सरकार’ का अर्थ क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) संविधान की शर्तों से सीमित सरकार

क्यों?

  • संवैधानिक शासन में सत्ता संविधान और विधि द्वारा सीमित रहती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति' (Committee on Public Undertakings — COPU) का गठन 1964 में किस समिति की सिफारिश पर किया गया था?

'सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति' (Committee on Public Undertakings — COPU) का गठन 1964 में किस समिति की सिफारिश पर किया गया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। Committee on Public Undertakings का गठन 1964 में कृष्ण मेनन समिति की सिफारिश के आधार पर किया गया। वर्तमान संसदीय ढाँचे में COPU में 22 सदस्य होते हैं—15 लोकसभा और 7 राज्यसभा से। यह सार्वजनिक उपक्रमों की रिपोर्टों/खातों और CAG की संबंधित रिपोर्टों की जाँच करती है, लेकिन सार्वजनिक उपक्रमों के रोजमर्रा के प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं करती। इसे PAC से भ्रमित न करें—दोनों वित्तीय नियंत्रण के अलग पहलुओं को देखते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'स्थगन प्रस्ताव' (Adjournment Motion) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

'स्थगन प्रस्ताव' (Adjournment Motion) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है क्योंकि वही गलत कथन है। Adjournment Motion सरकार की जिम्मेदारी तय करने वाला असाधारण संसदीय साधन है और केवल लोकसभा में उपलब्ध है। इसे किसी निश्चित, तात्कालिक और सार्वजनिक महत्व के मामले पर सदन का सामान्य काम रोककर चर्चा के लिए लाया जाता है तथा 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए। इसमें सरकार की निंदा का तत्व निहित होता है, इसलिए राज्यसभा—जहाँ मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से उत्तरदायी नहीं—में यह समान रूप में उपलब्ध नहीं है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Indian Parliamentary Group' (IPG) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

'Indian Parliamentary Group' (IPG) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। Indian Parliamentary Group 1949 में Constituent Assembly (Legislative) के 1948 के प्रस्ताव के अनुसरण में बना और Speaker, Lok Sabha उसका ex-officio President होता है। IPG भारत का Inter-Parliamentary Union National Group और Commonwealth Parliamentary Association की प्रमुख भारतीय शाखा से जुड़ा मंच है। Outstanding Parliamentarian Award भी इसके अधीन संचालित होता है। मूल PDF में इसे हर वर्ष देने की स्थिर बात थी; आधिकारिक IPG निर्णयों में award function की periodicity बदलने पर भी निर्णय हुए हैं, इसलिए यहाँ अधिक सटीक वर्तमान-उपयुक्त wording रखी गई है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Judicial Activism' शब्द का प्रयोग पहली बार 1947 में किसने लोकप्रिय बनाया?

'Judicial Activism' शब्द का प्रयोग पहली बार 1947 में किसने लोकप्रिय बनाया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अमेरिकी इतिहासकार Arthur Schlesinger Jr. ने जनवरी 1947 में Fortune magazine में अमेरिकी Supreme Court Judges पर लिखे लेख में 'judicial activism' शब्द का प्रसिद्ध उपयोग किया। भारत में यह अवधारणा बाद में विशेष रूप से 1970–80 के दशक में rights expansion, PIL और सामाजिक न्याय से जुड़ी। इसलिए शब्द की उत्पत्ति और भारत में उसके न्यायिक विकास को अलग-अलग याद रखना चाहिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Judicial Overreach' का सर्वाधिक उपयुक्त उदाहरण कौन-सा है?

'Judicial Overreach' का सर्वाधिक उपयुक्त उदाहरण कौन-सा है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। Judicial Overreach कोई कठोर संवैधानिक परिभाषा वाला शब्द नहीं, बल्कि आलोचनात्मक अवधारणा है—जब न्यायालय rights review से आगे बढ़कर नीति-निर्माण या प्रशासन के ऐसे क्षेत्र को स्वयं नियंत्रित करने लगे जहाँ elected branches को संस्थागत विवेक प्राप्त है। इसके विपरीत Article 21 की रक्षा, legal aid या prisoner rights जैसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप स्पष्ट अधिकार-संरक्षण से जुड़ा हो सकता है। इसलिए activism और overreach के बीच रेखा संदर्भ, remedy और separation of powers पर निर्भर करती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Judicial Restraint' का सिद्धांत मुख्यतः क्या कहता है?

'Judicial Restraint' का सिद्धांत मुख्यतः क्या कहता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। Judicial Restraint न्यायिक समीक्षा समाप्त करने की वकालत नहीं करता; इसका अर्थ है कि अदालतें separation of powers, democratic legitimacy और संस्थागत competence का सम्मान करें। जहाँ संविधान स्पष्ट रूप से अधिकार देता है या उल्लंघन स्पष्ट है, वहाँ न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो सकता है। लेकिन आर्थिक, प्रशासनिक या नीति-निर्माण के क्षेत्र में केवल इसलिए न्यायालय अपना preferred policy choice नहीं थोपता कि दूसरा विकल्प उसे बेहतर लगता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Judicial Review' के आधुनिक संवैधानिक सिद्धांत के विकास से सर्वाधिक प्रसिद्ध रूप से कौन-सा देश और निर्णय जुड़ा है?

'Judicial Review' के आधुनिक संवैधानिक सिद्धांत के विकास से सर्वाधिक प्रसिद्ध रूप से कौन-सा देश और निर्णय जुड़ा है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। Judicial Review की जड़ें पहले के विधिक सिद्धांतों में मिल सकती हैं, लेकिन आधुनिक लिखित संविधान के संदर्भ में Marbury v. Madison (1803) को निर्णायक मील का पत्थर माना जाता है। Chief Justice John Marshall के नेतृत्व में U.S. Supreme Court ने संविधान से असंगत कानून को लागू न करने की न्यायिक शक्ति स्थापित की। भारत में यह शक्ति संविधान के अनेक प्रावधानों में अधिक स्पष्ट संवैधानिक आधार के साथ मौजूद है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2021‘Right to the City’ के संदर्भ में:यह सहमत मानवाधिकार है और UN-Habitat देशों की प्रतिबद्धताएँ मॉनिटर करता है।यह शहर के हर निवासी को सार्वजनिक स्था…
‘Right to the City’ के संदर्भ में:
  1. यह सहमत मानवाधिकार है और UN-Habitat देशों की प्रतिबद्धताएँ मॉनिटर करता है।
  2. यह शहर के हर निवासी को सार्वजनिक स्थान पुनः प्राप्त करने और सार्वजनिक भागीदारी का अधिकार देता है।
  3. राज्य अनधिकृत कॉलोनियों को सार्वजनिक सेवा/सुविधा से वंचित नहीं कर सकता—यह भी इसके विचार से जुड़ा है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 2 और 3

क्यों?

  • यह अवधारणा समावेशी शहरी अधिकारों और सार्वजनिक भागीदारी से जुड़ी है; इसे अलग बाध्यकारी UN मानवाधिकार के रूप में स्थापित नहीं किया गया।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018‘Rule of Law Index’ कौन जारी करता है?
‘Rule of Law Index’ कौन जारी करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) World Justice Project

क्यों?

  • यह सूचकांक World Justice Project जारी करता है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन'Voluntarily giving up membership' का दलबदल कानून में क्या अर्थ है? 1. केवल औपचारिक इस्तीफा ही आवश्यक नहीं। 2. सदस्य के आचरण से भी दल छोड़ने का न…

'Voluntarily giving up membership' का दलबदल कानून में क्या अर्थ है? 1. केवल औपचारिक इस्तीफा ही आवश्यक नहीं। 2. सदस्य के आचरण से भी दल छोड़ने का निष्कर्ष निकाला जा सकता है। 3. Ravi S. Naik मामले ने इस व्यापक अर्थ को स्वीकार किया।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सही हैं। औपचारिक इस्तीफे के बिना भी स्पष्ट राजनीतिक आचरण से सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ने का निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2026‘X’, भारत के संविधान के भाग III के अनुच्छेद 13 में यथा उपबंधित, ‘विधि’ शब्द के अर्थ पर एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहा था। ‘X’ ने स्पष्ट किया कि भा…
‘X’, भारत के संविधान के भाग III के अनुच्छेद 13 में यथा उपबंधित, ‘विधि’ शब्द के अर्थ पर एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहा था। ‘X’ ने स्पष्ट किया कि भारत के संविधान में ‘विधि’ शब्द का अर्थ अत्यधिक व्यापक है। इसमें अध्यादेश, आदेश तथा नियम और विनियम भी सम्मिलित हैं। ‘Y’ ने ध्यान दिलाया कि अनुच्छेद 13 में ‘विधि’ शब्द के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल रखने वाली रूढ़ि या प्रथा भी सम्मिलित है, जिससे ‘X’ सहमत नहीं था।

उपर्युक्त के आधार पर, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही निष्कर्ष को चुनिए :

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) केवल ‘Y’ का विचार सही है

संवैधानिक आधार

  • अनुच्छेद 13(3)(a) में ‘विधि’ की समावेशी परिभाषा है। इसमें अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम, विनियम, अधिसूचना के साथ ऐसी रूढ़ि या प्रथा भी सम्मिलित है जिसे भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल प्राप्त है।
  • इसलिए ‘Y’ का कथन सही है और ‘X’ का रूढ़ि/प्रथा को बाहर मानना गलत है।
अनुच्छेद 13 ट्रैप: ‘Law’ केवल संसद/विधानमंडल का अधिनियम नहीं; विधि का बल रखने वाली custom/usage भी इसके दायरे में आती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 (वस्तु एवं सेवा कर / GST) के संवैधानिक तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A 1. अनुच्छेद 246…

101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 (वस्तु एवं सेवा कर / GST) के संवैधानिक तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A 1. अनुच्छेद 246 संसद और प्रत्येक राज्य विधानमंडल को वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर कर लगाने के लिए समवर्ती विधायी शक्ति (Concurrent legislative power) प्रदान करता है। 2. अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य (Inter-State trade) के दौरान आपूर्ति पर जीएसटी लगाने और एकत्र करने का अनन्य अधिकार भारत सरकार के पास है (अनुच्छेद 269A)। 3. अनुच्छेद 279A के तहत जीएसटी परिषद (GST Council) की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा की जाती है जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री अध्यक्ष होते हैं और राज्यों को दो-तिहाई (2/3) मतदान भार प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

A तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 246 समवर्ती शक्ति देता है, 269 A IGST का प्रावधान करता है, और 279A के तहत जीएसटी परिषद में केंद्र का 1/3 और राज्यों का 2/3 वोटिंग भार होता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 (GST) द्वारा केंद्र और राज्यों के वित्तीय संबंधों में किए गए परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विच…

101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 (GST) द्वारा केंद्र और राज्यों के वित्तीय संबंधों में किए गए परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 246A ने संसद और राज्य विधानमंडलों को GST लगाने की समवर्ती शक्ति प्रदान की। 2. अंतर-राज्यीय व्यापार या वाणिज्य पर GST (IGST) केंद्र द्वारा लगाया और वसूला जाता है तथा संविधान के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच बाँटा जाता है (अनुच्छेद 269A)। 3. अनुच्छेद 279A के तहत GST परिषद का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। 101वें संशोधन ने GST के लिए विशेष संवैधानिक ढांचा बनाया—अनुच्छेद 246A संघ और राज्यों को GST पर विधायी शक्ति देता है, जबकि अंतर-राज्यीय आपूर्ति पर अनुच्छेद 269A लागू होता है। अनुच्छेद 279A के तहत GST परिषद गठित है और केंद्रीय वित्त मंत्री उसके अध्यक्ष होते हैं। मतदान होने पर केंद्र के मत का भार 1/3 और राज्यों का संयुक्त भार 2/3 होता है; प्रस्ताव के लिए कम-से-कम 3/4 भारित मत चाहिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 और भाग XIII के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 और भाग XIII के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (c) सही है। 101वें संशोधन ने GST के लिए नई विशेष विधायी शक्ति (246A), अंतर-राज्यीय GST (269A) और GST Council (279A) सहित कई कर-संबंधी अनुच्छेद बदले, पर Part XIII के Articles 301–307 को सीधे संशोधित नहीं किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन101वें से 106वें संविधान संशोधन अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: NCBC) को संवैधानिक दर्जा (अनुच्छेद 338B)। 1. 102वां सं…

101वें से 106वें संविधान संशोधन अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: NCBC) को संवैधानिक दर्जा (अनुच्छेद 338B)। 1. 102वां संशोधन अधिनियम : राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ( 2. 103वां संशोधन अधिनियम : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण (अनुच्छेद 15(6) व 16(6))। 3. 105वां संशोधन अधिनियम : राज्यों को अपनी सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) सूची बनाने की शक्ति बहाल करना। 4. 106वां संशोधन अधिनियम : लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटों का आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं। 102वां संशोधन (2018) NCBC को संवैधानिक दर्जा देता है; 103वां संशोधन (2019) EWS आरक्षण से संबंधित है; 105वां संशोधन (2021) राज्यों की पिछड़ा वर्ग सूची बनाने की शक्ति बहाल करता है; तथा 106वां संशोधन (2023) नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा संविधान में अंतःस्थापित अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार B कीजिए: 1. अनुच्छेद 338 …

102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा संविधान में अंतःस्थापित अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार B कीजिए: 1. अनुच्छेद 338 : राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ( NCBC) को संवैधानिक दर्जा 2. अनुच्छेद 342A : सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBCs) की केंद्रीय सूची अधिसूचित करने की राष्ट्रपति की शक्ति 3. अनुच्छेद 366(26C) : सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की संवैधानिक परिभाषा उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। 102वें संशोधन ने NCBC B को संवैधानिक दर्जा देने के लिए अनुच्छेद 338 , पिछड़े वर्गों की पहचान के लिए A C 342 , तथा परिभाषा के लिए 366(26 ) अंतःस्थापित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के संवैधानिक पहलुओं पर जनहित अभियान बनाम भारत संघ (2022) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधा…

103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के संवैधानिक पहलुओं पर जनहित अभियान बनाम भारत संघ (2022) मामले में उच्चतम न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर्वोच्च न्यायालय ने 3:2 के बहुमत से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों ( EWS) के लिए 10% आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। 2. न्यायालय ने माना कि केवल आर्थिक आधार पर दिया गया आरक्षण संविधान के मूल ढांचे ( Basic Structure) का उल्लंघन नहीं करता है। 3. न्यायालय ने माना कि EWS आरक्षण से SC, ST और OBC को बाहर रखना गैर-संवैधानिक और मनमाना भेदभाव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि बहुमत के निर्णय ने यह माना कि , SC ST OBC और पहले से ही अनुच्छेद 15(4), 15(5) और 16(4) के तहत आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, अतः उन्हें EWS कोटे से अलग रखना तर्क संगत वर्गीकरण है और मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं है। कथन 1 और 2 सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन103वें संविधान संशोधन से जुड़े EWS आरक्षण के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े गए। 2. अधिकतम 10% आरक्षण उन आर्थिक रूप…

103वें संविधान संशोधन से जुड़े EWS आरक्षण के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े गए। 2. अधिकतम 10% आरक्षण उन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है जो SC/ST/OBC आरक्षण में नहीं आते। 3. शिक्षा में यह निजी गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों तक जा सकता है, पर अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान अपवाद हैं।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने Janhit Abhiyan v. Union of India (2022) में 103वें संशोधन को 3:2 से वैध ठहराया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के प्रभाव के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में SC/ST सीट आरक्षण की अवधि 25 जनवरी…

104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के प्रभाव के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में SC/ST सीट आरक्षण की अवधि 25 जनवरी 2030 तक बढ़ी। 2. आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामनिर्देशन की विशेष व्यवस्था को आगे नहीं बढ़ाया गया, जिससे उसका संवैधानिक sunset 2020 में हुआ।

उत्तर और पूरी व्याख्या

दोनों सही हैं। संशोधन ने SC/ST राजनीतिक आरक्षण को 80 वर्ष तक बढ़ाया, लेकिन Anglo-Indian nomination को समान विस्तार नहीं दिया।