वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 115
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प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करें104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों ( SC…
104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों ( SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के आरक्षण को 25 जनवरी 2030 तक बढ़ा दिया। 2. इसने लोक सभा और विधान सभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय ( Anglo-Indian Community) के नामनिर्देशन (अनुच्छेद 331 व 333) को 10 वर्षों के लिए आगे बढ़ाया। 3. इसके परिणामस्वरूप लोक सभा में आंग्ल-भारतीय सदस्यों के नामनिर्देशन की व्यवस्था समाप्त हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है क्योंकि 104वें संशोधन ने आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामनिर्देशन को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे वह समाप्त हो गया। केवल SC ST / आरक्षण को 2030 तक बढ़ाया गया। कथन 1 और 3 सही हैं।
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
105वें संशोधन ने मराठा आरक्षण निर्णय के बाद राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अपनी SEBC/OBC सूची पहचानने की शक्ति स्पष्ट रूप से बहाल की।
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
105वें संशोधन ने मराठा आरक्षण निर्णय के बाद राज्यों/UTs की राज्य-स्तरीय SEBC सूची निर्धारित करने की शक्ति स्पष्ट की।
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प…
105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को अपनी स्वयं की सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों SEBCs/OBCs) की सूची तैयार करने और बनाए रखने की शक्ति प्राप्त है। ( 2. इस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 342A में संशोधन किया गया ताकि राज्यों की सूची तैयार करने की शक्ति पर राष्ट्रपति के अनन्य अधिकार के संबंध में उत्पन्न संशय दूर हो सके । 3. यह संशोधन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मराठा आरक्षण मामले (डॉ. जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल बनाम महाराष्ट्र राज्य) में दिए गए निर्णय की पृष्ठभूमि में लाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 105वें संशोधन ने सुप्रीम कोर्ट के मराठा आरक्षण मामले के फैसले के प्रभाव को निष्प्रभावी करते हुए राज्यों को अपनी स्वयं की ओबीसी सूची बनाने का अधिकार बहाल किया।
106वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम / Women's Reservation Act) के प्रमुख प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर वि…
106वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम / Women's Reservation Act) के प्रमुख प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिनियम लोक सभा, राज्य विधान सभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा में महिलाओं के लिए कुल सीटों का एक-तिहाई (33%) आरक्षण प्रदान करता है। 2. यह आरक्षण अनुसूचित जातियों ( SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षित सीटों के भीतर भी क्षैतिज रूप से (Horizontally) लागू होगा। 3. यह आरक्षण अधिनियम के लागू होने के तुरंत बाद होने वाले पहले आम चुनाव से प्रभावी हो गया है, जिसके लिए किसी परिसीमन Delimitation) की आवश्यकता नहीं है। ( 4. यह आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 334A के अनुसार प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे संसद विधि द्वारा आगे बढ़ा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
A कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 334 के अनुसार यह आरक्षण इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद की जाने वाली पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़ों के प्रकाशन के बाद किए जाने वाले परिसीमन की कवायद के बाद ही लागू होगा। कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने स्वतंत्र और संप्रभु भार…
13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने स्वतंत्र और संप्रभु भारत की संवैधानिक दिशा रखी। 2. इसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया। 3. इसके मूल आदर्श आगे चलकर प्रस्तावना में प्रतिबिंबित हुए। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान-निर्माण की दार्शनिक दिशा—संप्रभुता, लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्याय, स्वतंत्रता और समानता—का आधार रखा। 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया गया और इसके मूल विचार संविधान की प्रस्तावना में विकसित रूप से दिखाई देते हैं।
16वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1963 ने कौन-से प्रमुख परिवर्तन किए? 1. अनुच्छेद 19(2), (3), (4) में भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा को प्रतिबं…
16वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1963 ने कौन-से प्रमुख परिवर्तन किए? 1. अनुच्छेद 19(2), (3), (4) में भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा को प्रतिबंध का आधार जोड़ा। 2. तीसरी अनुसूची की शपथों में भारत की संप्रभुता और अखंडता बनाए रखने की प्रतिज्ञा जोड़ी।
उत्तर और पूरी व्याख्या
दोनों सही हैं। संशोधन का संदर्भ अलगाववादी चुनौतियों से था और इसने संवैधानिक स्वतंत्रताओं पर 'sovereignty and integrity of India' के हित में युक्तियुक्त प्रतिबंध का आधार जोड़ा।
1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' बनाया। 2. इसने मद्रास और…
1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' बनाया। 2. इसने मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी को बंगाल के गवर्नर-जनरल से पूर्णतः स्वतंत्र कर दिया। 3. इसके अंतर्गत 1774 में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 और 3 सही हैं। 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर-जनरल बनाया और वॉरेन हेस्टिंग्स इस पद पर आने वाले प्रथम व्यक्ति बने। इसी अधिनियम के आधार पर 1774 में कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय स्थापित हुआ। कथन 2 गलत है, क्योंकि मद्रास और बंबई के गवर्नरों को युद्ध और शांति जैसे मामलों में बंगाल के गवर्नर-जनरल के अधीन किया गया था।
1774 में स्थापित कलकत्ता सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
1774 में स्थापित कलकत्ता सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सर एलिजा इम्पे कलकत्ता सर्वोच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे। न्यायालय की स्थापना 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के प्रावधानों के अनुसार 1774 में हुई। प्रारंभिक वर्षों में इसके अधिकार क्षेत्र और कंपनी प्रशासन के बीच गंभीर विवाद हुए, जिन्हें 1781 के एक्ट ऑफ सेटलमेंट ने आंशिक रूप से स्पष्ट किया।
1781 के एक्ट ऑफ सेटलमेंट का मुख्य उद्देश्य क्या था?
1781 के एक्ट ऑफ सेटलमेंट का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
1781 का एक्ट ऑफ सेटलमेंट 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से उत्पन्न प्रशासनिक और न्यायिक टकरावों को कम करने के लिए लाया गया था। इसने कलकत्ता सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट और सीमित किया तथा गवर्नर-जनरल और परिषद के आधिकारिक कार्यों को उसके सामान्य हस्तक्षेप से बाहर रखने की व्यवस्था की।
1784 के पिट्स इंडिया एक्ट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
1784 के पिट्स इंडिया एक्ट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 ने कंपनी के वाणिज्यिक कामों और राजनीतिक प्रशासन पर नियंत्रण को अलग ढाँचे में रखा तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की। लेकिन इसने कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त नहीं किया। भारत के साथ कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार में बड़ा परिवर्तन 1813 के चार्टर एक्ट से आया, जबकि चाय और चीन व्यापार का एकाधिकार कुछ समय और बना रहा।
1813 के चार्टर एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कंपनी का भारतीय व्यापार पर एकाधिकार समाप्त हुआ, पर चाय और चीन के साथ व्यापा…
1813 के चार्टर एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कंपनी का भारतीय व्यापार पर एकाधिकार समाप्त हुआ, पर चाय और चीन के साथ व्यापार का एकाधिकार बना रहा। 2. स्थानीय सरकारों को कर लगाने की शक्ति दी गई। 3. ईसाई मिशनरियों को भारत आने की अनुमति मिली। कितने कथन सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1813 के चार्टर एक्ट ने भारत के साथ सामान्य व्यापार में कंपनी के एकाधिकार को समाप्त किया, लेकिन चाय और चीन के व्यापार को अपवाद रखा। अधिनियम ने मिशनरियों के भारत आने का मार्ग खोला और स्थानीय प्रशासन को कराधान से संबंधित शक्तियाँ भी प्रदान कीं।
1833 के चार्टर एक्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया गया। 2. लॉर्ड विलियम बेंटि…
1833 के चार्टर एक्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया गया। 2. लॉर्ड विलियम बेंटिंक भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल बने। 3. मद्रास और बंबई की विधायी शक्तियाँ केंद्रीकृत कर दी गईं। 4. सिविल सेवाओं में खुली प्रतियोगिता का सिद्धांत प्रस्तावित किया गया, पर तत्काल लागू नहीं हो सका। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन सही हैं। 1833 का चार्टर एक्ट अत्यधिक केंद्रीकरण वाला अधिनियम था और इसने भारत में विधायी शक्ति को गवर्नर-जनरल-इन-काउंसिल के हाथों केंद्रित किया। इसी के साथ कंपनी की वाणिज्यिक गतिविधियाँ समाप्त हुईं और वह मूलतः प्रशासनिक संस्था बन गई। खुली प्रतियोगिता का सिद्धांत प्रस्तावित हुआ, पर प्रभावी प्रतियोगी भर्ती बाद में 1853 के बाद विकसित हुई।
1853 के चार्टर एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिविल सेवाओं की भर्ती में खुली प्रतियोगिता का मार्ग खुला। 2. 1854 में मैकॉल…
1853 के चार्टर एक्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिविल सेवाओं की भर्ती में खुली प्रतियोगिता का मार्ग खुला। 2. 1854 में मैकॉले समिति नियुक्त हुई। 3. केंद्रीय विधायी परिषद में स्थानीय प्रतिनिधित्व का तत्व जोड़ा गया। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1853 के एक्ट ने कंपनी की संरक्षण-आधारित नियुक्ति व्यवस्था को कमजोर कर प्रतियोगी भर्ती की दिशा खोली। 1854 की मैकॉले समिति ने भारतीय सिविल सेवा के लिए प्रतियोगी परीक्षा की रूपरेखा विकसित की। साथ ही विस्तारित विधायी परिषद में प्रांतों से प्रतिनिधियों को शामिल किया गया।
1909 के भारतीय परिषद अधिनियम अर्थात मॉर्ले-मिंटो सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पहली बार किसी भारतीय को वायसराय की कार…
1909 के भारतीय परिषद अधिनियम अर्थात मॉर्ले-मिंटो सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पहली बार किसी भारतीय को वायसराय की कार्यकारी परिषद में स्थान मिला। 2. सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा प्रथम भारतीय विधि सदस्य बने। 3. मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन की व्यवस्था की गई। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1909 के सुधारों के तहत सत्येंद्र प्रसाद सिन्हा वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि सदस्य बनने वाले प्रथम भारतीय बने। इसी अधिनियम ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल स्वीकार किया, जिससे सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व को संस्थागत रूप मिला।
1935 के भारत शासन अधिनियम ( Government of India Act, 1935) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने केंद्र में द्वैध शासन (Dyarchy …
1935 के भारत शासन अधिनियम ( Government of India Act, 1935) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने केंद्र में द्वैध शासन (Dyarchy at Centre) प्रणाली आरंभ की और प्रांतीय स्वायत्तता (Provincial Autonomy) की शुरुआत की। 2. इसने एक संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना का प्रावधान किया, जिसके निर्णयों के विरुद्ध लंदन स्थित प्रिवी काउंसिल में अपील नहीं की जा सकती थी। 3. अवशिष्ट शक्तियां ( Residuary Powers) गवर्नर-जनरल (वायसराय) को सौंपी गई थीं, न कि संघीय विधायिका को। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है क्योंकि 1935 के अधिनियम के तहत स्थापित संघीय न्यायालय ( Federal Court ) के फै सलों के विरुद्ध लंदन स्थित प्रिवी काउंसिल ( Privy Council ) में अपील की जा सकती थी, यह अंतिम अपीलीय अदालत नहीं थी। कथन 1 और 3 सही हैं; केंद्र में द्वैध शासन लागू किया गया और अवशिष्ट शक्तियां गवर्नर-जनरल को दी गई थीं।
1937 में स्थापित संघीय न्यायालय के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
1937 में स्थापित संघीय न्यायालय के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है। संघीय न्यायालय महत्वपूर्ण संवैधानिक और संघीय विवादों का न्यायालय था, लेकिन अंतिम अपीलीय प्राधिकार लंदन की प्रिवी काउंसिल बनी रही। इसलिए स्वतंत्र भारत के सर्वोच्च न्यायालय की तरह यह पूर्ण अंतिम अपीलीय न्यायालय नहीं था।
1947 में ब्रिटिश सर्वोपरिता समाप्त होने के बाद देशी रियासतों के सामने कौन-से विकल्प व्यवहारिक रूप से मौजूद थे? 1. भारत में विलय/अधिमिलन 2. पाकिस्…
1947 में ब्रिटिश सर्वोपरिता समाप्त होने के बाद देशी रियासतों के सामने कौन-से विकल्प व्यवहारिक रूप से मौजूद थे? 1. भारत में विलय/अधिमिलन 2. पाकिस्तान में अधिमिलन 3. स्वतंत्र स्थिति बनाए रखने का प्रयास
उत्तर और पूरी व्याख्या
ब्रिटिश सर्वोपरिता के समाप्त होने से रियासतों पर ब्रिटिश क्राउन की संधि-आधारित सर्वोच्चता खत्म हो गई। उन्हें भारत या पाकिस्तान में अधिमिलन का मार्ग उपलब्ध था और कुछ रियासतों ने स्वतंत्र रहने की कोशिश भी की। व्यवहार में भौगोलिक, प्रशासनिक और राजनीतिक परिस्थितियों ने अधिकांश रियासतों को दो नए डोमिनियनों में से किसी एक से जुड़ने की ओर अग्रसर किया।
1948 में गठित जे.वी.पी. समिति (JVP Committee) के सदस्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल थे? 1. जवाहरलाल नेहरू 2. वल्लभभाई पटेल 3. पट्टाभि सीतारम…
1948 में गठित जे.वी.पी. समिति (JVP Committee) के सदस्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल थे? 1. जवाहरलाल नेहरू 2. वल्लभभाई पटेल 3. पट्टाभि सीतारमैया नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
JVP समिति में जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल और पट्टाभि सीतारमैया शामिल थे। इसने अप्रैल 1949 में भाषा को राज्यों के पुनर्गठन का आधार मानने से औपचारिक रूप से इनकार कर दिया था।
1976 में केंद्र सरकार के लेखांकन और लेखा-परीक्षा संबंधी व्यवस्था में क्या महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ?
1976 में केंद्र सरकार के लेखांकन और लेखा-परीक्षा संबंधी व्यवस्था में क्या महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ?
उत्तर और पूरी व्याख्या
1976 की departmentalisation of accounts व्यवस्था में केंद्र के लेखांकन और ऑडिट कार्य अलग किए गए। संघ सरकार का लेखांकन Controller General of Accounts प्रणाली के माध्यम से होता है, जबकि CAG स्वतंत्र लेखा-परीक्षा करता है।