RBI का परिचालन जोखिम पूँजी ढाँचा
प्रश्न
RBI का नया परिचालन जोखिम पूँजी ढाँचा बैंकिंग प्रणाली में बेहतर आंतरिक नियंत्रण और डेटा-आधारित जोखिम प्रबंधन को किस प्रकार प्रोत्साहित कर सकता है? विवेचना कीजिए।
आदर्श उत्तर
परिचालन जोखिम में विफल प्रक्रियाएँ, मानव त्रुटि, प्रणालीगत खराबी और बाहरी घटनाएँ शामिल हैं। RBI का नया ढाँचा Basel III के मानकीकृत दृष्टिकोण के अनुरूप इस जोखिम को अधिक मापनीय और पूँजी-संवेदनशील बनाता है।
प्रमुख प्रभाव: Business Indicator और Internal Loss Multiplier जैसी अवधारणाएँ बैंक के आकार तथा वास्तविक हानि-अनुभव को पूँजी आवश्यकता से जोड़ती हैं। दीर्घकालिक आंतरिक हानि-आँकड़े रखने की आवश्यकता से धोखाधड़ी, साइबर घटना, प्रणाली-विफलता और प्रक्रिया-त्रुटि का व्यवस्थित अभिलेखीकरण बढ़ेगा। इससे बोर्ड और प्रबंधन को कमजोर नियंत्रण क्षेत्रों की पहचान, व्यवसाय निरंतरता, तीसरे पक्ष के जोखिम तथा साइबर सुरक्षा में निवेश का बेहतर आधार मिलेगा।
समान पद्धति से पर्यवेक्षी तुलना और जोखिम-आधारित पूँजी अनुशासन भी मजबूत होगा।
हालाँकि डेटा की गुणवत्ता, दुर्लभ किंतु अत्यधिक हानि वाली घटनाओं का आकलन और छोटे बैंकों की अनुपालन लागत चुनौती रहेंगी। अतः पूँजी गणना को मजबूत आंतरिक नियंत्रण, परीक्षण और जोखिम-संस्कृति के साथ जोड़ना आवश्यक है।
संदर्भ
- भारतीय रिज़र्व बैंक — वाणिज्यिक बैंक (आगामी अनुदेश) द्वितीय संशोधन निर्देश, 2026; 23 अक्टूबर 2026।