दिव्यांगजन पेंशन और कल्याणकारी राज्य
प्रश्न
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना में दिव्यांगजन पेंशन के विस्तार को भारतीय कल्याणकारी राज्य और अनुच्छेद 41 के संदर्भ में समझाइए। इसके क्रियान्वयन की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
आदर्श उत्तर
अनुच्छेद 41 राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं में वृद्धावस्था, बीमारी तथा दिव्यांगता की स्थिति में सार्वजनिक सहायता का निर्देश देता है। दिव्यांगजन पेंशन का विस्तार इसी कल्याणकारी दायित्व को अधिक समावेशी बनाता है।
स्वीकृत सुधार में दिव्यांगता की सीमा 80 से घटाकर 40 प्रतिशत मानक दिव्यांगता के अनुरूप करना और न्यूनतम आयु हटाना शामिल है। इससे पात्र गरीब परिवारों के बच्चे तथा पहले वंचित दिव्यांगजन सहायता के दायरे में आ सकेंगे। यह आय-सुरक्षा के साथ गरिमा और देखभाल-संबंधी खर्चों में सहारा देता है।
प्रमुख चुनौतियाँ: प्रमाणपत्र प्राप्त करने की कठिनाई, पुरानी गरीबी-सूचियाँ, डिजिटल और बैंकिंग अवरोध, अपर्याप्त पेंशन तथा भुगतान में देरी। राज्यों की अलग पूरक सहायता से क्षेत्रीय असमानता भी बनी रह सकती है।
समाधान के लिए सुलभ प्रमाणन शिविर, घर-आधारित आवेदन सहायता, नियमित भुगतान, शिकायत निवारण और सामाजिक अंकेक्षण जरूरी हैं। स्वास्थ्य, पुनर्वास तथा सहायक उपकरणों से समन्वय पेंशन को व्यापक सामाजिक सुरक्षा बनाएगा।