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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 55

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

1081–1100 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम चरण के क्रांतिकारी आंदोलन की मुख्य वैचारिक और सामाजिक दुर्बलता (Weakness) क्या थी?

प्रथम चरण के क्रांतिकारी आंदोलन की मुख्य वैचारिक और सामाजिक दुर्बलता (Weakness) क्या थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। बंगाल और महाराष्ट्र में आंदोलनकारियों द्वारा हिंदू धार्मिक प्रतीकों (काली पूजा, गीता शपथ, गणपति उत्सव) के प्रयोग से मुस्लिम आबादी बड़े पैमाने पर इससे नहीं जुड़ सकी। प्र. सं. सही उत्तर व्याख्या (Detailed Historical Explanation)

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम चरण के क्रांतिकारी राष्ट्रवाद (1907–1917) की विफलता के अंतर्निहित कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्रांतिकारी गुप्…

प्रथम चरण के क्रांतिकारी राष्ट्रवाद (1907–1917) की विफलता के अंतर्निहित कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्रांतिकारी गुप्त समितियां आम जनता (किसानों व मजदूरों) को लामबंद करने में असमर्थ रहीं और उनका दायरा मुख्य रूप से शिक्षित युवाओं तक सीमित रहा। 2. उनके पास आधुनिक हथियारों, पर्याप्त वित्तीय संसाधनों और एक अखिल भारतीय स्तर पर एकीकृत केंद्रीय कमान का अभाव था। 3. ब्रिटिश सरकार के क्रूर दमनकारी कानूनों (जैसे भारत रक्षा अधिनियम, सामूहिक गिरफ्तारियां, फांसी व काले पानी की सजा) ने उनके संगठनात्मक ढांचे को तोड़ दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कारण सही हैं। व्यापक जनाधार का अभाव, संसाधनों की कमी और ब्रिटिश सरकार के क्रूर दमनकारी कानूनों ने प्रथम चरण के क्रांतिकारी आंदोलन को कमजोर किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम चरण के प्रमुख क्रांतिकारी मुकदमों और उनके वर्षों के सही कालानुक्रमिक क्रम का चयन कीजिए:

प्रथम चरण के प्रमुख क्रांतिकारी मुकदमों और उनके वर्षों के सही कालानुक्रमिक क्रम का चयन कीजिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही कालानुक्रम है: मुजफ्फरपुर बम कांड (अप्रैल 1908) → अलीपुर षड्यंत्र केस (मई 1908) → नासिक षड्यंत्र केस (दिसंबर 1909) → दिल्ली षड्यंत्र केस (दिसंबर 1912) → प्रथम लाहौर षड्यंत्र केस (1915)।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृतिप्रथम बौद्ध महासभा कहाँ आयोजित हुई थी?
प्रथम बौद्ध महासभा कहाँ आयोजित हुई थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) राजगृह

व्याख्या

  • प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में आयोजित हुई थी।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के आरंभ होने पर भारतीय राष्ट्रवादी नेतृत्व (Nationalist Leadership) की तात्कालिक प्रतिक्रिया के संदर्भ में निम्नलिख…

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के आरंभ होने पर भारतीय राष्ट्रवादी नेतृत्व (Nationalist Leadership) की तात्कालिक प्रतिक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उदारवादियों (Moderates) ने ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति निष्ठा की भावना के तहत युद्ध प्रयासों में ब्रिटिश सरकार का सक्रिय समर्थन किया। 2. उग्रवादियों (Extremists), जिनमें बाल गंगाधर तिलक भी शामिल थे, ने यह मानते हुए युद्ध में ब्रिटेन का समर्थन किया कि इसके बदले ब्रिटेन भारत में स्वशासन के अधिकार प्रदान करेगा। 3. क्रांतिकारियों (Revolutionaries) ने युद्ध को ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा और विदेशी शक्तियों (जर्मनी व तुर्की) के सहयोग से सशस्त्र क्रांति का प्रयास किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। प्रथम विश्व युद्ध छिड़ने पर उदारवादियों ने साम्राज्य के प्रति निष्ठा के रूप में, उग्रवादियों (तिलक सहित) ने युद्धोपरांत स्वशासन की उम्मीद में ब्रिटेन की सहायता की, जबकि क्रांतिकारियों (गदर पार्टी व बर्लिन कमेटी) ने ब्रिटेन की कठिनाई को भारत का अवसर मानते हुए सशस्त्र विद्रोह का प्रयास किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान गांधीजी द्वारा ब्रिटिश सेना में भारतीयों की भर्ती का समर्थन करने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथ…

प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान गांधीजी द्वारा ब्रिटिश सेना में भारतीयों की भर्ती का समर्थन करने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। गांधीजी का मानना था कि साम्राज्य का नागरिक होने के नाते सुरक्षा में हाथ बंटाना उनका कर्तव्य है, जिसके बदले स्वशासन का दावा मजबूत होगा। इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 'कैसर-ए-हिंद' (Kaiser-i-Hind) स्वर्ण पदक दिया, जिसे उन्होंने 1920 में असहयोग आंदोलन के दौरान लौटा दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान जर्मनी में वीरेंद्रनाथ चट्टोपाध्याय, भूपेंद्रनाथ दत्त और लाला हरदयाल द्वारा गठित 'बर्लिन समिति' (Berlin Co…

प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान जर्मनी में वीरेंद्रनाथ चट्टोपाध्याय, भूपेंद्रनाथ दत्त और लाला हरदयाल द्वारा गठित 'बर्लिन समिति' (Berlin Committee / भारतीय स्वतंत्रता समिति) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति का गठन जर्मन विदेश मंत्रालय के सहयोग से 'जिम्मरमैन योजना' (Zimmermann Plan) के तहत हुआ था। 2. इसका उद्देश्य ब्रिटिश सेना में सेवारत भारतीय सैनिकों में बगावत कराना, भारत में हथियारों की तस्करी करना और सीमांत कबायलियों को अंग्रेजों के विरुद्ध भड़काना था। 3. समिति ने राजा महेंद्र प्रताप और मौलाना बरकतुल्लाह के नेतृत्व में काबुल (अफगानिस्तान) में एक मिशन भेजा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। बर्लिन समिति वीरेंद्रनाथ चट्टोपाध्याय आदि ने 'जिम्मरमैन योजना' के तहत बनाई। इसका उद्देश्य भारतीय सैनिकों में बगावत और हथियारों की आपूर्ति था। काबुल में मिशन भेजा गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति (नवंबर 1918) के तुरंत बाद भारत में जन-असंतोष के विस्फोट के प्रमुख तात्कालिक कारणों में शामिल थे: 1. 1918-19 का विनाश…

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति (नवंबर 1918) के तुरंत बाद भारत में जन-असंतोष के विस्फोट के प्रमुख तात्कालिक कारणों में शामिल थे: 1. 1918-19 का विनाशकारी इन्फ्लूएंजा (स्पैनिश फ्लू) महामारी, जिसमें 1.2 करोड़ से अधिक भारतीयों की असमय मृत्यु हुई। 2. भीषण सूखा और अकाल, जिसने खाद्यान्नों की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया। 3. ब्रिटिश सरकार द्वारा युद्धकालीन दमनकारी कानूनों (जैसे भारत रक्षा अधिनियम) को शांति काल में भी रौलट एक्ट के रूप में जारी रखने का प्रयास। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। युद्ध समाप्त होते ही महामारी (इन्फ्लूएंजा), खाद्यान्न संकट और मुद्रास्फीति ने जनता को तबाह कर दिया। इसके ऊपर सरकार ने सुधारों के बजाय रौलट बिल पेश किए, जिसने 1919 में राष्ट्रव्यापी जनाक्रोश और गांधीजी के नेतृत्व में सत्याग्रह का मार्ग प्रशस्त किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाओं ने भारत में राष्ट्रवादी चेतना को किस प्रकार तीव्र किया? 1. 1917 की रूसी क्रांति (Russian Bolshevi…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाओं ने भारत में राष्ट्रवादी चेतना को किस प्रकार तीव्र किया? 1. 1917 की रूसी क्रांति (Russian Bolshevik Revolution) ने साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष और मेहनतकश जनता की सत्ता का क्रांतिकारी संदेश दिया। 2. अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन के 'चौदह सूत्रीय कार्यक्रम' (Fourteen Points) में आत्मनिर्णय के अधिकार (Right of Self- Determination) के सिद्धांत ने भारतीयों में स्वतंत्रता की आशा जगाई। 3. आयरलैंड में 1916 के ईस्टर विद्रोह (Easter Rising) ने ब्रिटिश साम्राज्य की आंतरिक कमजोरियों को उजागर किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। रूसी क्रांति ने जारशाही का अंत कर यह सिद्ध किया कि संगठित जनता शक्तिशाली साम्राज्य को हरा सकती है। विल्सन के 14 सूत्रों में 'आत्मनिर्णय' के वादे ने उपनिवेशों के राष्ट्रवादियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज उठाने की प्रेरणा दी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के राजनीतिक रुख में आए बदलाव के प्रमुख कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. …

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के राजनीतिक रुख में आए बदलाव के प्रमुख कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटेन द्वारा तुर्की (ओटोमन साम्राज्य) के खलीफा के विरुद्ध युद्ध छेड़ने से भारतीय मुसलमानों में ब्रिटिश विरोधी असंतोष भड़क उठा था। 2. 1911 में ब्रिटिश सरकार द्वारा 'बंगाल विभाजन' को रद्द किए जाने से मुस्लिम लीग का ब्रिटिश निष्ठा से मोहभंग हो गया था। 3. मौलाना अबुल कलाम आजाद ('अल-हिलाल'), मोहम्मद अली ('कॉमरेड') और हकीम अजमल खान जैसे युवा राष्ट्रवादी नेताओं का लीग की राजनीति पर प्रभाव बढ़ रहा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1911 में बंगाल विभाजन रद्दीकरण, बाल्कन युद्धों व प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की के खिलाफ ब्रिटेन की भूमिका, तथा अली बंधुओं व मौलाना आजाद के राष्ट्रवादी प्रचार ने मुस्लिम लीग को कांग्रेस के निकट लाने में उत्प्रेरक का काम किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य पर पड़े प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद भारत के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य पर पड़े प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. सैन्य व्यय में भारी वृद्धि की पूर्ति के लिए सरकार ने करों में वृद्धि की, सीमा शुल्क बढ़ाए और आयकर की दरें बढ़ाईं। 2. युद्ध काल में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि हुई, जिसने आम जनता, मजदूरों और किसानों के जीवन को अत्यंत कष्टकारी बना दिया। 3. विदेशी आयातों में बाधा आने से भारतीय देशी उद्योगपतियों (सूती वस्त्र, जूट, लोहा-इस्पात) को अप्रत्याशित युद्धकालीन मुनाफा और संरक्षण प्राप्त हुआ। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। युद्ध व्यय की भरपाई हेतु सीमा शुल्क व आयकर बढ़े, 1914 से 1920 के बीच कीमतें दोगुनी हो गईं जिससे जन-असंतोष भड़का। दूसरी ओर, विदेशी जहाजरानी व आयातों के बाधित होने से भारतीय पूंजीपति वर्ग को लाभ हुआ और उन्होंने युद्धोपरांत आर्थिक संरक्षण की मांग की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान देवबंद के मौलाना महमूद-उल-हसन और मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी द्वारा तुर्की और जर्मन सहायता से भारत में क्रांति की गुप्त यो…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान देवबंद के मौलाना महमूद-उल-हसन और मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी द्वारा तुर्की और जर्मन सहायता से भारत में क्रांति की गुप्त योजना को किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। मौलाना महमूद-उल-हसन और उबैदुल्लाह सिंधी द्वारा पीले रेशमी रूमाल पर गुप्त संदेश भेजकर भारत में विद्रोह की योजना को 'रेशमी रूमाल षड्यंत्र' कहा गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की वैश्विक तैनाती ने भारतीय मानस को किस प्रकार प्रभावित किया? 1. यूरोपीय मोर्चों पर युद्ध लड़ने से भारत…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों की वैश्विक तैनाती ने भारतीय मानस को किस प्रकार प्रभावित किया? 1. यूरोपीय मोर्चों पर युद्ध लड़ने से भारतीय सैनिकों के मन से 'गोरे लोगों की अजेयता और सांस्कृतिक श्रेष्ठता' (Myth of White Inviolability/Superiority) का भ्रम टूट गया। 2. विभिन्न जातियों और धर्मों के सैनिकों ने एक साथ लड़ते हुए सामाजिक संकीर्णताओं से परे एक नए भाईचारे और राष्ट्रीय गौरव का अनुभव किया। 3. युद्ध से लौटने के बाद सैनिकों ने अपने गांवों और कस्बों में पश्चिमी लोकतांत्रिक विचारों और सम्मानजनक नागरिक अधिकारों की चेतना का प्रसार किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। यूरोप और मध्य पूर्व के युद्धक्षेत्रों में लड़ने वाले 10 लाख से अधिक भारतीय सैनिकों ने देखा कि यूरोपीय सैनिक भी सामान्य मनुष्य हैं। इस अनुभव ने नस्लीय श्रेष्ठता के मिथक को ध्वस्त कर दिया और ग्रामीण भारत में नई राजनीतिक चेतना का बीजारोपण किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान मेसोपोटामिया आयोग (Mesopotamia Commission, 1917) की रिपोर्ट ने ब्रिटिश भारत सरकार के प्रशासन की किस बड़ी विफलता को उजा…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मेसोपोटामिया आयोग (Mesopotamia Commission, 1917) की रिपोर्ट ने ब्रिटिश भारत सरकार के प्रशासन की किस बड़ी विफलता को उजागर किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। 1915-16 के मेसोपोटामिया अभियान में भारतीय सेना की कुत-अल-अमारा में अपमानजनक पराजय हुई। ब्रिटिश जांच आयोग (मेसोपोटामिया कमीशन) ने भारत सरकार को पूर्णतः अक्षम और सुधार विहीन करार दिया, जिससे भारत सचिव ऑस्टेन चेम्बरलेन को इस्तीफा देना पड़ा और मॉन्टेग्यू सचिव बने।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान सैन फ्रांसिस्को में 1917–1918 में चले 'हिंदू-जर्मन षड्यंत्र मुकदमे' (Hindu-German Conspiracy Trial) के संदर्भ में निम्…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सैन फ्रांसिस्को में 1917–1918 में चले 'हिंदू-जर्मन षड्यंत्र मुकदमे' (Hindu-German Conspiracy Trial) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमेरिका के प्रथम विश्व युद्ध में शामिल होने के बाद अमेरिकी संघीय सरकार ने गदर नेताओं और जर्मन राजनयिकों पर तटस्थता कानूनों के उल्लंघन का मुकदमा चलाया। 2. यह अमेरिकी कानूनी इतिहास का उस समय का सबसे लंबा और सबसे महंगा मुकदमा था। 3. अदालत के भीतर ही एक गद्दार राम चंद्र की दूसरे क्रांतिकारी राम सिंह द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1917-18 में अमेरिका में हिंदू-जर्मन षड्यंत्र केस चला जो अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा मुकदमा था। अदालत में ही राम चंद्र की हत्या हुई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध के दौरान सैन फ्रांसिस्को से भारत में हथियारों की खेप भेजने के लिए किराए पर लिए गए जहाजों (जर्मन योजना) में कौन-सा जहाज शामिल था…

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सैन फ्रांसिस्को से भारत में हथियारों की खेप भेजने के लिए किराए पर लिए गए जहाजों (जर्मन योजना) में कौन-सा जहाज शामिल था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। जर्मन योजना के तहत सैन फ्रांसिस्को से हथियार लेकर 'एनी लार्सन' और 'मावेरिक' नामक जहाजों को बंगाल भेजा गया था, किंतु वे गंतव्य तक पहुंचने से पहले पकड़ लिए गए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम विश्व युद्ध छिड़ने पर गदर नेताओं ने भारत में सशस्त्र विद्रोह के लिए कौन-सी तारीख (D-Day) निर्धारित की थी?

प्रथम विश्व युद्ध छिड़ने पर गदर नेताओं ने भारत में सशस्त्र विद्रोह के लिए कौन-सी तारीख (D-Day) निर्धारित की थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। गदर क्रांतिकारियों ने भारत लौटकर 21 फरवरी 1915 को पूरे उत्तर भारत की छावनियों में एक साथ विद्रोह की तिथि तय की थी (जिसे बाद में बदलकर 19 फरवरी किया गया)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रसिद्ध इतिहासकार आर.सी. मजूमदार (R.C. Majumdar) ने अपनी पुस्तक 'द सिपाही म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857' में क्या प्रसिद्ध और बहुचर्चित निष्कर्…

प्रसिद्ध इतिहासकार आर.सी. मजूमदार (R.C. Majumdar) ने अपनी पुस्तक 'द सिपाही म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857' में क्या प्रसिद्ध और बहुचर्चित निष्कर्ष प्रस्तुत किया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। आर.सी. मजूमदार का यह प्रसिद्ध कथन है कि 1857 का विद्रोह "न तो प्रथम था, न ही राष्ट्रीय था, और न ही स्वतंत्रता संग्राम था", क्योंकि इसमें अखिल भारतीय चेतना और राष्ट्रीय एकता का अभाव था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रसिद्ध इतिहासकार पर्सीवल स्पीयर (Percival Spear) ने बंगाल में द्वैध शासन के काल (1765–1772) को किस रूप में वर्णित किया है?

प्रसिद्ध इतिहासकार पर्सीवल स्पीयर (Percival Spear) ने बंगाल में द्वैध शासन के काल (1765–1772) को किस रूप में वर्णित किया है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार पर्सीवल स्पीयर ने 1765 से 1772 तक के द्वैध शासन को 'खुली और निर्लज्ज लूटपाट का काल' (Period of open and unashamed plunder) कहा है।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रसिद्ध इतिहासकार माउंटस्टुआर्ट एल्फिंस्टन (Mountstuart Elphinstone) ने सिंध के ब्रिटिश विलय पर क्या आलोचनात्मक टिप्पणी की थी?

प्रसिद्ध इतिहासकार माउंटस्टुआर्ट एल्फिंस्टन (Mountstuart Elphinstone) ने सिंध के ब्रिटिश विलय पर क्या आलोचनात्मक टिप्पणी की थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। बंबई के पूर्व गवर्नर माउंटस्टुआर्ट एल्फिंस्टन ने सिंध के विलय की कठोर निंदा करते हुए कहा था कि यह एक सड़क के लुटेरे जैसी हरकत थी जिसने अफगानिस्तान में अपनी जेब कटने के बाद राह चलते किसी निर्दोष राहगीर को लूट लिया हो।