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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 54

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

1061–1080 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिपुर्तगालियों द्वारा संचालित 'कार्टाज़-आर्मेडा-काफिला' (Cartaz-Armada-Cafila) व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्टाज़ …

पुर्तगालियों द्वारा संचालित 'कार्टाज़-आर्मेडा-काफिला' (Cartaz-Armada-Cafila) व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कार्टाज़ वस्तुतः पुर्तगालियों द्वारा जारी किया जाने वाला एक अनिवार्य नौसैनिक व्यापारिक परमिट (Pass) था। 2. मुग़ल सम्राट अकबर को भी अपने जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए पुर्तगालियों से कार्टाज़ लेना पड़ता था। 3. कार्टाज़ के तहत भारतीय जहाजों को काली मिर्च और गोला-बारूद के व्यापार की खुली छूट दी गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि कार्टाज़ व्यवस्था के तहत भारतीय व एशियाई जहाजों को काली मिर्च, अस्त्र-शस्त्र और गोला-बारूद का व्यापार करने की सख्त मनाही थी। कथन 1 और 2 सही हैं; हिंद महासागर में जहाजों की सुरक्षा के लिए कार्टाज़ अनिवार्य था और मुग़ल सम्राट अकबर को भी हज जहाजों के लिए यह पास लेना पड़ता था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिपुर्तगाली गवर्नर नीनो डी कुन्हा (1529–1538) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने 1530 में पुर्तगाली सरकार का मुख्यालय कोचीन से …

पुर्तगाली गवर्नर नीनो डी कुन्हा (1529–1538) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने 1530 में पुर्तगाली सरकार का मुख्यालय कोचीन से गोवा स्थानांतरित किया। 2. उसने बेसिन (Bassein) और दीव पर पुर्तगाली नियंत्रण स्थापित किया। 3. उसने बंगाल में हुगली को पुर्तगाली व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। नीनो डी कुन्हा ने 1530 में कोचीन के स्थान पर गोवा को आधिकारिक राजधानी बनाया। उसने गुजरात के बहादुर शाह से बेसिन (1534) और दीव (1537) प्राप्त किया और बंगाल के हुगली में पुर्तगाली बस्ती का विस्तार किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिपुर्तगाली गवर्नर फ्रांसिस्को डी अल्मीडा (1505–1509) की नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह भारत में पुर्तगाल का पहला वाय…

पुर्तगाली गवर्नर फ्रांसिस्को डी अल्मीडा (1505–1509) की नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह भारत में पुर्तगाल का पहला वायसराय था। 2. उसने 'शांत जल की नीति' (Blue Water Policy / Cartaz-Armada system) का प्रतिपादन किया ताकि हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसैनिक वर्चस्व स्थापित हो सके । 3. 1509 में दीव के प्रसिद्ध नौसैनिक युद्ध में अल्मीडा ने मिस्र, तुर्की और गुजरात के संयुक्त मुस्लिम नौसैनिक बेड़े को पराजित किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। फ्रांसिस्को डी अल्मीडा पुर्तगाल का पहला गवर्नर था। उसने हिंद महासागर पर पूर्ण नियंत्रण के लिए शांत जल की नीति (Cartaz व्यवस्था) लागू की और 1509 में दीव के पास मिस्र-गुजरात के संयुक्त बेड़े को पराजित कर पुर्तगाली नौसैनिक श्रेष्ठता सिद्ध की।

UPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2021पुर्तगाली लेखक नूनिज के अनुसार विजयनगर साम्राज्य की महिलाएँ किन क्षेत्रों में दक्ष थीं?कुश्तीज्योतिषलेखांकनभविष्यवाणी
पुर्तगाली लेखक नूनिज के अनुसार विजयनगर साम्राज्य की महिलाएँ किन क्षेत्रों में दक्ष थीं?
  1. कुश्ती
  2. ज्योतिष
  3. लेखांकन
  4. भविष्यवाणी
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2, 3 और 4

क्यों?

  • नूनिज के विवरण में महिलाओं की इन विविध गतिविधियों में भागीदारी का उल्लेख मिलता है।
BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 2018पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने से सूर्य के दैनिक उदय-अस्त की व्याख्या सबसे पहले किसने की?
पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने से सूर्य के दैनिक उदय-अस्त की व्याख्या सबसे पहले किसने की?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) आर्यभट्ट

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (a) आर्यभट्ट है।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिपेरिस जाकर रूसी निर्वासित क्रांतिकारियों से 'बम बनाने की कला' (Manual on Bomb-Making) सीखकर भारत लौटने वाले प्रमुख बंगाली क्रांतिकारी कौन थे?

पेरिस जाकर रूसी निर्वासित क्रांतिकारियों से 'बम बनाने की कला' (Manual on Bomb-Making) सीखकर भारत लौटने वाले प्रमुख बंगाली क्रांतिकारी कौन थे?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। हेमचंद्र कानूनगो (दास) पेरिस गए, जहां उन्होंने रूसी क्रांतिकारियों से बम बनाने की विधि सीखी और 1908 में कलकत्ता लौटकर मणिकतल्ला में बम कारखाना स्थापित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (1839–1842) के दौरान अंग्रेजों द्वारा सिंध की संप्रभुता के उल्लंघन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1832…

प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (1839–1842) के दौरान अंग्रेजों द्वारा सिंध की संप्रभुता के उल्लंघन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1832 की संधि की स्पष्ट शर्तों का उल्लंघन करते हुए अंग्रेजों ने अपनी सेनाओं और गोला-बारूद को सिंध के रास्ते अफगानिस्तान भेजा। 2. 1839 में लॉर्ड ऑकलैंड ने सिंध के अमीरों पर जबरन सहायक संधि थोप दी और उन्हें ब्रिटिश सेना के भरण-पोषण के लिए बाध्य किया। 3. अफगानिस्तान में ब्रिटिश सेना की शर्मनाक पराजय के बाद अंग्रेजों ने अपनी खोई हुई सैन्य प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए सिंध को बलि का बकरा बनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अंग्रेजों ने 1832 की संधि की धज्जियां उड़ाते हुए सिंध के रास्ते सेना अफगानिस्तान भेजी। 1839 में कराची पर नौसैनिक हमला कर अमीरों पर सहायक संधि थोपी। अफगानिस्तान में 1842 में अपनी शर्मनाक हार के बाद अंग्रेजों ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए निर्दोष सिंध को निशाना बनाया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (1839–1842) के समय लॉर्ड ऑकलैंड द्वारा अपनाई गई 'अग्रगामी नीति' (Forward Policy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार …

प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध (1839–1842) के समय लॉर्ड ऑकलैंड द्वारा अपनाई गई 'अग्रगामी नीति' (Forward Policy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऑकलैंड का उद्देश्य अफगानिस्तान के अमीर दोस्त मुहम्मद को हटाकर अपने कठपुतली शासक शाह शुजा को काबुल के तख्त पर बैठाना था। 2. रूसी दूत विटकोविच (Vitkevich) के काबुल पहुंचने से अंग्रेज भयभीत हो गए थे। 3. 1838 की त्रिदलीय संधि (ऑकलैंड, रणजीत सिंह और शाह शुजा) इसी अग्रगामी नीति की परिणति थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। लॉर्ड ऑकलैंड ने रूसी खतरे से बचने के लिए दोस्त मुहम्मद की जगह शाह शुजा को बैठाने की विनाशकारी योजना बनाई, जो 1838 की त्रिदलीय संधि और 1839 के प्रथम अफगान युद्ध में परिणत हुई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध के दौरान काबुल से ब्रिटिश सेना की वापसी (1842) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अफगान कबायलियों ने दोस्त…

प्रथम आंग्ल-अफगान युद्ध के दौरान काबुल से ब्रिटिश सेना की वापसी (1842) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अफगान कबायलियों ने दोस्त मुहम्मद के पुत्र अकबर खान के नेतृत्व में विद्रोह कर ब्रिटिश अधिकारियों (मैकनॉटन और बर्न्स) की हत्या कर दी। 2. जनवरी 1842 में काबुल से जलालाबाद लौटती हुई 16,000 की ब्रिटिश सेना (सैनिक व शिविर अनुयायी) बर्फीले दर्रों में भूख और अफगान गोलियों से लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई। 3. डॉ. विलियम ब्राइडन (Dr. William Brydon) एकमात्र जीवित व्यक्ति था जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में जलालाबाद पहुंचा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1841 में काबुल में विद्रोह हुआ जिसमें बर्न्स और मैकनॉटन मारे गए। जनवरी 1842 में काबुल से लौटती 16,000 की ब्रिटिश टुकड़ी दर्रों में मारी गई और केवल डॉ. ब्राइडन जीवित बचकर जलालाबाद पहुंचे।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध (1824–1826) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. युद्ध की घोषणा गवर्नर-जनरल लॉर्ड एमहर्स्ट (Lord Amherst) ने…

प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध (1824–1826) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. युद्ध की घोषणा गवर्नर-जनरल लॉर्ड एमहर्स्ट (Lord Amherst) ने की थी। 2. ब्रिटिश सेनापति सर आर्चीबाल्ड कैंपबेल ने रंगून पर नौसैनिक हमला कर कब्जा कर लिया। 3. दोनोब्यू के युद्ध में प्रसिद्ध बर्मी सेनापति महा बंधुला की मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1824 में लॉर्ड एमहर्स्ट ने युद्ध घोषित किया। कैंपबेल ने रंगून जीता और महा बंधुला की दोनोंब्यू में शहादत के बाद बर्मी सेना बिखर गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775–1782) के तात्कालिक कारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775–1782) के तात्कालिक कारण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1773 में युवा पेशवा नारायणराव की हत्या के बाद उसके चाचा रघुनाथराव (राघोबा) ने पेशवा बनने के लिए बंबई सरकार से 1775 में सूरत की संधि की। राघोबा ने अंग्रेजों को सालसेट और बेसिन देने का वादा किया, जिसने प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775–82) की शुरुआत की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के दौरान हस्ताक्षरित विभिन्न संधियों के सही कालानुक्रमिक क्रम का चयन कीजिए:

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के दौरान हस्ताक्षरित विभिन्न संधियों के सही कालानुक्रमिक क्रम का चयन कीजिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही कालानुक्रम है: सूरत की संधि (मार्च 1775 - बंबई सरकार व राघोबा) → पुरंदर की संधि (मार्च 1776 - वारेन हेस्टिंग्स व नाना फडणवीस) → बड़गांव की संधि (जनवरी 1779 - ब्रिटिश आत्मसमर्पण) → सालबाई की संधि (मई 1782 - युद्ध की समाप्ति)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767–1769) के कारणों और घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. युद्ध से पूर्व अंग्रेजों ने मराठों और…

प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767–1769) के कारणों और घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. युद्ध से पूर्व अंग्रेजों ने मराठों और हैदराबाद के निज़ाम के साथ मिलकर हैदर अली के विरुद्ध एक त्रिगुट (Triple Alliance) बनाया था। 2. हैदर अली ने अपनी कूटनीति से मराठों को धन देकर और निज़ाम को प्रदेश का लालच देकर अपनी ओर मिला लिया और अंग्रेजों को अलग-थलग कर दिया। 3. हैदर अली ने तीव्र गति से आक्रमण करते हुए मद्रास की प्राचीर तक धावा बोल दिया, जिससे घबराकर अंग्रेजों को संधि करने पर विवश होना पड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767–69) में अंग्रेजों ने मराठा व निज़ाम से गठबंधन किया था। हैदर अली ने चतुर कूटनीति से इस गठबंधन को तोड़ा और 1769 में बिजली की गति से मद्रास पहुंचकर अंग्रेजों को अपनी शर्तों पर मद्रास की संधि करने के लिए विवश कर दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (1845–1846) के छिड़ने के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. लाहौर दरबार में डोगरा बंधुओं (ध्यान सिंह, ग…

प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (1845–1846) के छिड़ने के मुख्य कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. लाहौर दरबार में डोगरा बंधुओं (ध्यान सिंह, गुलाब सिंह) और संधावालिया सरदारों के बीच हिंसक गुटबंदी। 2. सिख सेना (खालसा सेना) का अत्यधिक शक्तिशाली हो जाना और सेना की पंचायतों द्वारा राजनीतिक निर्णयों को नियंत्रित करना। 3. रानी जिंदन और लाल सिंह द्वारा खालसा सेना की शक्ति को नष्ट करने के उद्देश्य से उसे अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध में झोंकना। 4. अंग्रेजों द्वारा सतलज सीमा पर सैन्य छावनियों (फिरोजपुर, लुधियाना) में सैनिकों और युद्ध सामग्री का भारी जमावड़ा। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों कारण सही हैं। लाहौर दरबार में षड्यंत्र, अनियंत्रित खालसा सेना से भयभीत रानी जिंदन और लाल सिंह द्वारा सेना को कमजोर करने के लिए अंग्रेजों से युद्ध में धकेलना, तथा अंग्रेजों द्वारा सीमा पर सैन्य जमावड़ा प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के मुख्य कारण थे।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (1845–1846) के दौरान लड़ी गई 5 प्रमुख लड़ाइयों का सही कालानुक्रमिक क्रम क्या है?

प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (1845–1846) के दौरान लड़ी गई 5 प्रमुख लड़ाइयों का सही कालानुक्रमिक क्रम क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही कालानुक्रम है: मुदकी का युद्ध (18 दिसंबर 1845) → फिरोजशाह का युद्ध (21-22 दिसंबर 1845) → बद्दोवाल का युद्ध (21 जनवरी 1846) → अलीवाल का युद्ध (28 जनवरी 1846) → सबरांव का युद्ध (10 फरवरी 1846)।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के समय भारत का गवर्नर-जनरल और मुख्य सेनापति (Commander-in-Chief) क्रमशः कौन थे?

प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के समय भारत का गवर्नर-जनरल और मुख्य सेनापति (Commander-in-Chief) क्रमशः कौन थे?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध के समय गवर्नर-जनरल लॉर्ड हार्डिंग प्रथम (1844–1848) था और मुख्य सेनापति सर ह्यू गफ था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम आंग्ल-सिख युद्ध में सिख सेना की पराजय में उनके अपने सेनापतियों के विश्वासघात के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिख प्रधानमं…

प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध में सिख सेना की पराजय में उनके अपने सेनापतियों के विश्वासघात के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिख प्रधानमंत्री लाल सिंह और प्रधान सेनापति तेजा सिंह गुप्त रूप से अंग्रेजों के साथ मिले हुए थे और ब्रिटिश कमांडरों को रणनीतिक सूचनाएं भेज रहे थे। 2. सबरांव के निर्णायक युद्ध (फरवरी 1846) में तेजा सिंह ने सतलज नदी पर बने नावों के पुल को तोड़ दिया, जिससे पीछे हटती हुई सिख सेना नदी में डूब गई। 3. सरदार शाम सिंह अटारीवाला ने कसम खाई थी कि वे युद्ध के मैदान से जीवित वापस नहीं लौटेंगे और सबरांव में अंतिम सांस तक लड़ते हुए शहीद हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। लाल सिंह और तेजा सिंह के विश्वासघात ने सिखों को हराया। सबरांव में तेजा सिंह ने नावों का पुल तोड़ दिया। सरदार शाम सिंह अटारीवाला ने सफेद कफन बांधकर वीरतापूर्वक लड़ते हुए अपना बलिदान दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम कर्नाटक युद्ध (1746–1748) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह युद्ध यूरोप में ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध (War of Austr…

प्रथम कर्नाटक युद्ध (1746–1748) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह युद्ध यूरोप में ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार युद्ध (War of Austrian Succession) का भारतीय विस्तार था। 2. युद्ध की शुरुआत ब्रिटिश नौसेना कमांडर बार्नेट द्वारा कुछ फ्रांसीसी जहाजों पर कब्जा करने से हुई। 3. फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले ने मॉरीशस के गवर्नर ला बूर्दोने (La Bourdonnais) की सहायता से मद्रास पर अधिकार कर लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। प्रथम कर्नाटक युद्ध (1746-48) यूरोप के ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध की गूंज था। बार्नेट द्वारा फ्रांसीसी जहाज पकड़े जाने पर डुप्ले ने मॉरीशस के गवर्नर ला बूर्दोने की मदद से अंग्रेजों के फोर्ट सेंट जॉर्ज (मद्रास) पर कब्जा कर लिया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम कर्नाटक युद्ध की समाप्ति किस संधि के तहत हुई थी?

प्रथम कर्नाटक युद्ध की समाप्ति किस संधि के तहत हुई थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। 1748 में यूरोप में ऑस्ट्रियाई उत्तराधिकार युद्ध समाप्त होने पर 'ऐक्स-ला-शैपेल की संधि' (Treaty of Aix la Chapelle) हुई। इसके तहत भारत में मद्रास अंग्रेजों को पुनः सौंप दिया गया और उत्तरी अमेरिका में लुईसबर्ग फ्रांसीसियों को लौटा दिया गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृतिप्रथम कर्नाटक युद्ध के दौरान लड़े गए सेंट थोमे / अडयार के युद्ध (Battle of St. Thome - 1746) का ऐतिहासिक महत्व क्या था?

प्रथम कर्नाटक युद्ध के दौरान लड़े गए सेंट थोमे / अडयार के युद्ध (Battle of St. Thome - 1746) का ऐतिहासिक महत्व क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1746 के सेंट थोमे (अडयार नदी) के युद्ध में कैप्टन पैराडाइज के नेतृत्व वाली मात्र 930 सैनिकों की फ्रांसीसी टुकड़ी ने कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन की 10,000 की विशाल सेना को हरा दिया। इसने पहली बार भारतीय पारंपरिक सेनाओं के मुकाबले आधुनिक यूरोपीय सैन्य प्रशिक्षण व तोपखाने की श्रेष्ठता उजागर की।