वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 56
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
1101–1120 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंप्रसिद्ध चित्र ‘बनी-ठनी’ किस चित्रकला शैली का है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बनी-ठनी किशनगढ़ शैली का प्रसिद्ध चित्र है।
प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार थॉमस मुनरो (Thomas Munro) ने सहायक संधि प्रणाली के प्रभाव के बारे में क्या टिप्पणी की थी?
प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार थॉमस मुनरो (Thomas Munro) ने सहायक संधि प्रणाली के प्रभाव के बारे में क्या टिप्पणी की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। सर थॉमस मुनरो ने सहायक संधि व्यवस्था की तीखी आलोचना करते हुए लिखा था कि यह प्रणाली संरक्षित राज्य के शासन को पंगु बना देती है, राष्ट्रीय चेतना का ह्रास करती है और अंततः राज्य को पतन की ओर ले जाती है।
प्राचीन काल में गंगा के दक्षिण का क्षेत्र किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- सही ऐतिहासिक क्षेत्र ‘मगध’ है, जो दिए गए विकल्पों में नहीं है।
प्राचीन दक्षिण भारत के संगम साहित्य के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संगम साहित्य में भौतिक जीवन, युद्ध, कृषि और सामाजिक समूहों के अनेक संदर्भ हैं।
- उसमें ब्राह्मण, वैश्य आदि वर्गों के संकेत मिलते हैं।
प्राचीन दक्षिण भारत में कोरकई, पूम्पुहार और मुचिरि किस रूप में प्रसिद्ध थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- तीनों संगम युग के प्रमुख समुद्री व्यापार केंद्र थे।
- कोरकई पांड्य, पूम्पुहार चोल और मुचिरि चेर व्यापार से जुड़ा था।
प्राचीन बिहार में हर्यक वंश की स्थापना किस शासक ने की?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बिम्बिसार को मगध के हर्यक वंश का संस्थापक माना जाता है। उसके शासन में मगध के विस्तार की मजबूत नींव पड़ी।
प्राचीन भारत (600–322 ईसा पूर्व) के निम्नलिखित क्षेत्र–नदी युग्मों पर विचार कीजिए: अश्मक — गोदावरीकम्बोज — विपाशाअवन्ति — महानदीकोसल — सरयू उपर्य…
- अश्मक — गोदावरी
- कम्बोज — विपाशा
- अवन्ति — महानदी
- कोसल — सरयू
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अश्मक का संबंध गोदावरी घाटी से था और कोसल का प्रमुख संबंध सरयू से था।
- कम्बोज क्षेत्र को विपाशा से जोड़ना सही नहीं है; अवन्ति मालवा क्षेत्र में था, महानदी उसके प्रमुख क्षेत्र से नहीं बहती।
- अतः 1 और 4 सही हैं।
प्राचीन भारत की कौन-सी लिपि दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) खरोष्ठी है।
प्राचीन भारत के किस शासक ने ‘मत्तविलास’ और ‘गुणभरा’ की उपाधियाँ धारण की थीं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- पल्लव शासक महेन्द्रवर्मन प्रथम कला, संगीत और साहित्य के संरक्षक थे।
- उन्होंने ‘मत्तविलास’, ‘गुणभरा’, ‘विचित्रचित्त’ जैसी उपाधियाँ धारण कीं और शैल-कट स्थापत्य को प्रोत्साहित किया।
प्राचीन भारत के स्तूप के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: स्तूप की अवधारणा मूलतः बौद्ध थी।स्तूप सामान्यतः अवशेषों का भंडार था।बौद्ध परंपरा में स्त…
- स्तूप की अवधारणा मूलतः बौद्ध थी।
- स्तूप सामान्यतः अवशेषों का भंडार था।
- बौद्ध परंपरा में स्तूप मन्नत और स्मारक संरचना भी था।
कितने कथन सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- स्तूप का पूर्व-बौद्ध दफन टीले जैसी परंपराओं से भी संबंध था; इसलिए पहला कथन पूर्णतः सही नहीं माना गया।
- बौद्ध स्तूप अवशेष-संग्रह, स्मृति और श्रद्धा से जुड़े थे; कथन 2 और 3 सही हैं।
प्राचीन भारत में गौतम बुद्ध सामान्यतः किन उपाधियों से जाने जाते थे? नयपुत्तशाक्यमुनितथागत
- नयपुत्त
- शाक्यमुनि
- तथागत
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- शाक्यमुनि अर्थात शाक्य कुल का मुनि और तथागत बुद्ध की प्रसिद्ध उपाधियाँ हैं।
- ‘नयपुत्त’ जैन परंपरा में महावीर से जुड़ा नाम है।
प्राचीन महाजनपद मगध की पहली राजधानी कौन-सी थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- मगध की पहली राजधानी राजगृह थी, जो दिए विकल्पों में नहीं है।
प्राचीन स्थान–वर्तमान राज्य युग्म:भिलसा — मध्य प्रदेशद्वारसमुद्र — महाराष्ट्रगिरिनगर — गुजरातस्थानेश्वर — उत्तर प्रदेश
- भिलसा — मध्य प्रदेश
- द्वारसमुद्र — महाराष्ट्र
- गिरिनगर — गुजरात
- स्थानेश्वर — उत्तर प्रदेश
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- भिलसा मध्य प्रदेश और गिरिनगर गुजरात में है; द्वारसमुद्र कर्नाटक, स्थानेश्वर हरियाणा में।
प्रारंभिक उदारवादी राष्ट्रवादियों (1885–1905) की ऐतिहासिक उपलब्धियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने अखिल भारतीय स्तर …
प्रारंभिक उदारवादी राष्ट्रवादियों (1885–1905) की ऐतिहासिक उपलब्धियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय चेतना, एकता और राजनीतिक शिक्षा की मजबूत नींव रखी। 2. उन्होंने औपनिवेशिक शासन के आर्थिक दोहन के चरित्र को बेनकाब कर अंग्रेजों के 'कल्याणकारी शासन' के दावे को नष्ट कर दिया। 3. उन्होंने राजनीतिक रूप से जागरूक भारतीयों को आधुनिक लोकतांत्रिक विचारों, नागरिक स्वतंत्रताओं और प्रतिनिधि संस्थाओं का प्रशिक्षण दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। उदारवादियों ने राष्ट्रीय चेतना जगाई, अंग्रेजों के आर्थिक दोहन को उजागर किया और भारतीयों को आधुनिक राजनीति का प्रशिक्षण दिया।
प्रारंभिक ऐतिहासिक तमिलकम में राजा और उसकी वंशावली के निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से युग्म सही सुमेलित नहीं है/हैं? सेनगुट्टुवन : चेरउदियनजेरल :…
- सेनगुट्टुवन : चेर
- उदियनजेरल : चोल
- नेडुन्जेलियन : पांड्य
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- सेनगुट्टुवन चेर शासक था — युग्म सही।
- उदियनजेरल भी चेर वंश से संबंधित था, चोल नहीं — यही गलत सुमेलित युग्म है।
- नेडुन्जेलियन पांड्य शासक था — युग्म सही।
प्रारंभिक तीनों आंदोलनों (चंपारण, अहमदाबाद, खेड़ा) ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के स्वरूप में क्या मौलिक परिवर्तन किया? 1. इसने राष्ट्रीय आंदोलन को…
प्रारंभिक तीनों आंदोलनों (चंपारण, अहमदाबाद, खेड़ा) ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के स्वरूप में क्या मौलिक परिवर्तन किया? 1. इसने राष्ट्रीय आंदोलन को केवल शिक्षित मध्यम वर्ग और शहरों के ड्राइंग रूम से निकालकर सीधे किसानों और मजदूरों के जीवन से जोड़ दिया। 2. गांधीजी ने भारतीय जनता की वास्तविक ताकत, उनकी सहनशीलता और सीमाओं को सीधे प्रत्यक्ष अनुभव से समझा। 3. गांधीजी को राजेंद्र प्रसाद, वल्लभभाई पटेल, जे.बी. कृपलानी और महादेव देसाई जैसे निष्ठावान व समर्पित युवा सहयोगियों की एक राष्ट्रव्यापी टीम प्राप्त हुई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। इन तीन क्षेत्रीय सफलताओं ने गांधीजी को एक क्षेत्रीय नेता से अखिल भारतीय जननायक बना दिया। अब वे किसी भी अखिल भारतीय आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए नैतिक और संगठनात्मक रूप से तैयार थे।
प्रारंभिक बौद्ध मूर्तिविद्या में रिक्त स्थान (empty seat) क्या दर्शाता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
प्रतीकों को साथ में याद करें
- प्रारंभिक अनाकार बौद्ध कला में बुद्ध को मानव रूप में न दिखाकर प्रतीकों से दर्शाया जाता था।
- रिक्त आसन/वज्रासन — बुद्ध का ध्यान और ज्ञान-प्राप्ति।
- धर्मचक्र — सारनाथ का प्रथम धर्मोपदेश।
- स्तूप — महापरिनिर्वाण; सवार-विहीन अश्व — महाभिनिष्क्रमण।
प्रारंभिक राष्ट्रवादी नेतृत्व (उदारवादी / Moderates - 1885–1905) की मूल राजनीतिक विचारधारा और कार्यपद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार…
प्रारंभिक राष्ट्रवादी नेतृत्व (उदारवादी / Moderates - 1885–1905) की मूल राजनीतिक विचारधारा और कार्यपद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उदारवादी नेताओं का ब्रिटिश न्यायप्रियता (British sense of justice and fair play) में गहरा विश्वास था और वे मानते थे कि अंग्रेज भारत का बुरा नहीं चाहते। 2. उनकी कार्यपद्धति '3Ps' — प्रार्थना (Prayer), याचिका (Petition) और प्रतिवाद (Protest) के संवैधानिक और शांतिपूर्ण साधनों पर आधारित थी। 3. वे तुरंत पूर्ण स्वतंत्रता नहीं चाहते थे, बल्कि ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर ही क्रमिक राजनीतिक सुधार और स्वशासन (Self-government) के पक्षधर थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। उदारवादियों का ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास था। उन्होंने 3Ps (प्रार्थना, याचिका, प्रतिवाद) की संवैधानिक पद्धति अपनाई और साम्राज्य के भीतर क्रमिक सुधार चाहे।
प्रारंभिक वैदिक काल के दौरान प्राचीन मगध राज्य की राजधानी कौन-सा नगर था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- प्राचीन मगध की आरंभिक राजधानी राजगृह थी; बाद में राजधानी पाटलिपुत्र स्थानांतरित हुई।
प्रार्थना समाज, यंग इंडिया, लोकहितवादी, सत्यशोधक समाज और रहनुमाई मजदायसन सभा का सही संस्थापक/संबंधित क्रम कौन-सा है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) आत्माराम पांडुरंग, महात्मा गांधी, गोपाल हरि देशमुख, ज्योतिबा फुले, नौरोजी फरदूनजी है।