वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 32
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प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करें1885 में बंबई में स्थापित 'बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन' (Bombay Presidency Association) को किस 'त्रिमूर्ति' (Triumvirate) ने मिलकर स्थापित किया थ…
1885 में बंबई में स्थापित 'बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन' (Bombay Presidency Association) को किस 'त्रिमूर्ति' (Triumvirate) ने मिलकर स्थापित किया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। जनवरी 1885 में बंबई में 'बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन' की स्थापना फिरोजशाह मेहता, के.टी. तैलंग और बदरुद्दीन तैयबजी (जिन्हें बंबई की त्रिमूर्ति कहा जाता था) ने की थी।
1887 के मद्रास अधिवेशन में अध्यक्ष पद से भाषण देते हुए बदरुद्दीन तैयबजी ने भारतीय मुसलमानों से क्या ऐतिहासिक अपील की थी?
1887 के मद्रास अधिवेशन में अध्यक्ष पद से भाषण देते हुए बदरुद्दीन तैयबजी ने भारतीय मुसलमानों से क्या ऐतिहासिक अपील की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1887 में बदरुद्दीन तैयबजी ने मुसलमानों से अपील की कि कांग्रेस पूरे देश का संगठन है और सभी समुदायों को मिलकर अपने अधिकारों के लिए इसमें शामिल होना चाहिए।
1887 में एम.जी. रानाडे और रघुनाथ राव द्वारा शुरू किए गए 'प्लेज मूवमेंट' (Pledge Movement / प्रतिज्ञा आंदोलन) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
1887 में एम.जी. रानाडे और रघुनाथ राव द्वारा शुरू किए गए 'प्लेज मूवमेंट' (Pledge Movement / प्रतिज्ञा आंदोलन) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। भारतीय राष्ट्रीय सामाजिक सम्मेलन के मंच से रानाडे और रघुनाथ राव ने 'प्लेज मूवमेंट' (प्रतिज्ञा आंदोलन) चलाया, जिसमें युवाओं से लिखित शपथ पत्र भरवाए जाते थे कि वे बाल विवाह नहीं करेंगे।
1887 में प्रकाशित पंडिता रमाबाई की प्रसिद्ध अंग्रेजी पुस्तक कौन-सी थी जिसने पश्चिमी जगत में हिंदू महिलाओं की दयनीय स्थिति को उजागर किया?
1887 में प्रकाशित पंडिता रमाबाई की प्रसिद्ध अंग्रेजी पुस्तक कौन-सी थी जिसने पश्चिमी जगत में हिंदू महिलाओं की दयनीय स्थिति को उजागर किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1887 में पंडिता रमाबाई ने 'द हाई कास्ट हिंदू वुमन' (The High-Caste Hindu Woman) पुस्तक लिखी, जिसने बाल विवाह और विधवा उत्पीड़न की वैश्विक आलोचना प्रस्तुत की।
1887 में लाहौर में शिव नारायण अग्निहोत्री द्वारा स्थापित 'देव समाज' (Dev Samaj) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अग्निहोत्री पूर…
1887 में लाहौर में शिव नारायण अग्निहोत्री द्वारा स्थापित 'देव समाज' (Dev Samaj) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अग्निहोत्री पूर्व में ब्रह्म समाज के अनुयायी थे। 2. देव समाज ने ईश्वर के बजाय नैतिक आचरण, आत्मा की शुद्धि और गुरु की पूजा पर बल दिया। 3. समाज का उपदेश संकलन 'देव शास्त्र' नामक पुस्तक में संगृहीत है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1887 में लाहौर में शिव नारायण अग्निहोत्री ने 'देव समाज' बनाया। नैतिक आचरण और गुरु पूजा पर बल दिया। ग्रंथ 'देव शास्त्र' कहलाता है।
1888 के इलाहाबाद अधिवेशन के आयोजन को विफल करने के लिए संयुक्त प्रांत के उप-राज्यपाल ऑकलैंड कॉल्विन ने क्या कदम उठाए थे?
1888 के इलाहाबाद अधिवेशन के आयोजन को विफल करने के लिए संयुक्त प्रांत के उप-राज्यपाल ऑकलैंड कॉल्विन ने क्या कदम उठाए थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1888 में इलाहाबाद के गवर्नर कॉल्विन ने अधिवेशन रोकने का प्रयास किया। दरभंगा के महाराजा ने स्वयं लोथर काउंसिल खरीदकर कांग्रेस को अधिवेशन के लिए भेंट कर दिया।
1889 में कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रथम महिला स्नातक कादम्बिनी गांगुली (Kadambini Ganguly) द्वारा कांग्रेस अधिवेशन को संबोधित किए जाने के ऐतिहासि…
1889 में कलकत्ता विश्वविद्यालय की प्रथम महिला स्नातक कादम्बिनी गांगुली (Kadambini Ganguly) द्वारा कांग्रेस अधिवेशन को संबोधित किए जाने के ऐतिहासिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह बंबई में आयोजित पांचवें अधिवेशन (1889) में घटित हुआ, जिसकी अध्यक्षता सर विलियम वेडरबर्न ने की थी। 2. कादम्बिनी गांगुली कांग्रेस अधिवेशन को संबोधित करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 3. इसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम महिलाओं के समान अधिकारों और सहभागिता को मान्यता देगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1889 के बंबई अधिवेशन में कलकत्ता विवि की पहली महिला स्नातक कादम्बिनी गांगुली ने कांग्रेस को संबोधित किया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की समानता को रेखांकित किया।
1889 में पंजाब के गुरदासपुर जिले के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद द्वारा शुरू किए गए 'अहमदिया आंदोलन' (Ahmadiyya Movement) के संदर्भ में निम्नलिख…
1889 में पंजाब के गुरदासपुर जिले के कादियान में मिर्जा गुलाम अहमद द्वारा शुरू किए गए 'अहमदिया आंदोलन' (Ahmadiyya Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मिर्जा गुलाम अहमद ने स्वयं को मसीहा (मसीह मौऊद), महदी और भगवान कृष्ण का अवतार घोषित किया। 2. इस आंदोलन ने सभी धर्मों के बीच शांति, बंधुत्व और सहिष्णुता पर बल दिया तथा आक्रामक 'सशस्त्र जिहाद' का विरोध किया। 3. मिर्जा गुलाम अहमद ने अपनी शिक्षाओं को 'बराहीन-ए-अहमदिया' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ में लिपिबद्ध किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1889 में कादियान (पंजाब) में मिर्जा गुलाम अहमद ने अहमदिया आंदोलन शुरू किया। उन्होंने खुद को मसीहा व कृष्ण का अवतार बताया, सशस्त्र जिहाद का विरोध किया और 'बराहीन-ए-अहमदिया' लिखी।
1889 में लंदन में कांग्रेस के प्रचार और ब्रिटिश जनमत को प्रभावित करने के लिए विलियम वेडरबर्न की अध्यक्षता में गठित 'ब्रिटिश समिति' (British Commi…
1889 में लंदन में कांग्रेस के प्रचार और ब्रिटिश जनमत को प्रभावित करने के लिए विलियम वेडरबर्न की अध्यक्षता में गठित 'ब्रिटिश समिति' (British Committee of INC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति ने ब्रिटिश संसद और जनता तक भारत की आवाज पहुंचाने के लिए 'इंडीया' (India) नामक एक पत्रिका का नियमित प्रकाशन शुरू किया। 2. दादाभाई नौरोजी ने इस समिति को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। 3. 1892 में दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में फिंसबरी (Finsbury) सीट से लिबरल पार्टी के टिकट पर चुने जाने वाले पहले एशियाई/भारतीय बने। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1889 में लंदन में ब्रिटिश कमेटी बनी (पत्रिका 'इंडीया')। 1892 में दादाभाई नौरोजी फिंसबरी से ब्रिटिश संसद में चुने जाने वाले पहले एशियाई बने।
1891 के 'सहमति की आयु अधिनियम' (Age of Consent Act, 1891) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने बालिकाओं के विवाह/सहमति की न्यून…
1891 के 'सहमति की आयु अधिनियम' (Age of Consent Act, 1891) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने बालिकाओं के विवाह/सहमति की न्यूनतम आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 12 वर्ष कर दी। 2. कलकत्ता में 10 वर्षीय बालिका फूलमणि दासी की उसके वयस्क पति द्वारा किए गए वैवाहिक बलात्कार से हुई मृत्यु ने इस कानून को पारित कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। 3. बाल गंगाधर तिलक ने इस कानून का कड़ा विरोध किया क्योंकि उनका मानना था कि विदेशी सरकार को भारतीयों के निजी धार्मिक और सामाजिक मामलों में कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1891 के कानून ने विवाह की न्यूनतम आयु 10 से 12 वर्ष की। 10 वर्षीय फूलमणि दासी की मृत्यु ने इसे प्रेरित किया। बाल गंगाधर तिलक ने विदेशी सरकार द्वारा धर्म में हस्तक्षेप के सिद्धांत पर इसका विरोध किया था।
1892 के 'भारतीय परिषद अधिनियम' (Indian Councils Act, 1892) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कानून उदारवादियों के निरंतर संवैध…
1892 के 'भारतीय परिषद अधिनियम' (Indian Councils Act, 1892) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कानून उदारवादियों के निरंतर संवैधानिक दबाव और अभियानों का पहला ठोस परिणाम था। 2. इसने विधान परिषदों में अतिरिक्त गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या में वृद्धि की और सीमित अप्रत्यक्ष निर्वाचन (नामांकन के रूप में) की शुरुआत की। 3. भारतीय सदस्यों को बजट पर चर्चा करने और कार्यपालिका से 6 दिन की पूर्व सूचना पर पूरक प्रश्न (Supplementary questions) पूछने का पूर्ण अधिकार दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि 1892 के अधिनियम में बजट पर केवल चर्चा की छूट मिली थी, मतदान या पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं दिया गया था। कथन 1 और 2 सही हैं।
1893 में खींची गई 'डूरंड रेखा' (Durand Line) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
1893 में खींची गई 'डूरंड रेखा' (Durand Line) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1893 में सर मॉर्टिमर डूरंड और अमीर अब्दुर रहमान के बीच डूरंड समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसने ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच 2,640 किमी लंबी सीमा रेखा खींची।
1893 में शिकागो की विश्व धर्म संसद में किसने भाग लिया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- स्वामी विवेकानंद ने शिकागो धर्म संसद में प्रसिद्ध भाषण दिया।
1893 में शिक्षा के माध्यम और मांसाहार के प्रश्न पर आर्य समाज में हुए विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दयानंद एंग्लो-वैद…
1893 में शिक्षा के माध्यम और मांसाहार के प्रश्न पर आर्य समाज में हुए विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दयानंद एंग्लो-वैदिक (DAV) कॉलेज दल : लाला हंसराज और लाला लाजपत राय (अंग्रेजी व पाश्चात्य शिक्षा के समर्थक) 2. गुरुकुल दल : स्वामी श्रद्धानंद और लाला मुंशीराम (वैदिक पद्धति व संस्कृत/हिंदी शिक्षा के समर्थक; 1902 में हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
दोनों युग्म सही सुमेलित हैं। 1893 में आर्य समाज विभाजित हुआ: डीएवी कॉलेज दल (लाला लाजपत राय व हंसराज - पाश्चात्य शिक्षा) और गुरुकुल दल (स्वामी श्रद्धानंद - वैदिक पद्धति; 1902 गुरुकुल कांगड़ी)।
1894 में लखनऊ में शिवली नोमानी, मौलाना अल्ताफ हुसैन हाली और अन्य विद्वानों द्वारा स्थापित 'नदवत-उल-उलेमा' (Nadwat-ul-Ulama) का मुख्य उद्देश्य क्य…
1894 में लखनऊ में शिवली नोमानी, मौलाना अल्ताफ हुसैन हाली और अन्य विद्वानों द्वारा स्थापित 'नदवत-उल-उलेमा' (Nadwat-ul-Ulama) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1894 में लखनऊ में शिवली नोमानी आदि द्वारा स्थापित नदवत-उल-उलेमा का उद्देश्य अलीगढ़ के अति-पश्चिमीकरण और देवबंद के अति-रूढ़िवाद के बीच एक संतुलित सुधारवादी मार्ग निकालना था।
1896 के कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
1896 के कलकत्ता कांग्रेस अधिवेशन का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से 'धन की निकासी के सिद्धांत' को स्वीकार किया और इसी अधिवेशन में पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर ने 'वंदे मातरम्' गाया।
1897 में बाल गंगाधर तिलक पर चलाए गए प्रसिद्ध राजद्रोह (Sedition) मुकदमे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूना में चापेकर बंधुओं …
1897 में बाल गंगाधर तिलक पर चलाए गए प्रसिद्ध राजद्रोह (Sedition) मुकदमे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूना में चापेकर बंधुओं द्वारा प्लेग कमिश्नर वाल्टर चार्ल्स रैंड (Rand) की हत्या के बाद अंग्रेजों ने तिलक पर उत्तेजक लेख लिखने का आरोप लगाया। 2. भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A के तहत तिलक को 18 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। 3. इस ऐतिहासिक मुकदमे और जेल जाने के बाद जनता ने तिलक को 'लोकमान्य' (जनता द्वारा स्वीकृत नेता) की उपाधि से नवाजा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1897 में चापेकर बंधुओं द्वारा रैंड की हत्या के बाद तिलक पर धारा 124A लगी और उन्हें 18 माह की कैद हुई। इसके बाद वे राष्ट्रीय नायक बने और उन्हें 'लोकमान्य' कहा गया।
1897 में भारत में आईसीएस परीक्षा में सुधारों और प्रशासनिक व्यय की जांच के लिए गठित 'वेल्बी आयोग' (Welby Commission) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनो…
1897 में भारत में आईसीएस परीक्षा में सुधारों और प्रशासनिक व्यय की जांच के लिए गठित 'वेल्बी आयोग' (Welby Commission) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दादाभाई नौरोजी इस शाही आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त होने वाले पहले भारतीय थे। 2. गोपाल कृष्ण गोखले और दिनशा वाचा ने इस आयोग के समक्ष गवाही दी और भारत के आर्थिक दोहन के अकाट्य तथ्य प्रस्तुत किए। 3. आयोग ने सिफारिश की कि ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा के कुछ सैन्य खर्च का वहन ब्रिटिश राजकोष द्वारा किया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1897 के वेल्बी आयोग में दादाभाई नौरोजी सदस्य थे। गोखले और वाचा ने गवाही दी और भारत के धन निष्कासन के तथ्य प्रस्तुत किए।
18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में सिंध के राजनीतिक परिदृश्य और 'तालपुर अमीरों' (Talpur Amirs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1783…
18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में सिंध के राजनीतिक परिदृश्य और 'तालपुर अमीरों' (Talpur Amirs) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1783 में मीर फतेह अली खान के नेतृत्व में तालपुर बलूची कबीले ने कलोरा (Kalhora) राजकुमारों को हटाकर सिंध पर अधिकार कर लिया। 2. तालपुर शासक 'सिंध के अमीर' (Amirs of Sindh) कहलाए और उन्होंने सिंध को तीन स्वतंत्र शाखाओं (हैदराबाद, खैरपुर और मीरपुर) में विभाजित किया। 3. अमीरों ने 1809 में अंग्रेजों के साथ 'शाश्वत मित्रता की संधि' (Treaty of Eternal Friendship) की जिसमें फ्रांसीसियों को सिंध में कोई शरण न देने का वचन दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1783 में तालपुर बलूचियों ने कलोरा शासकों को हटाकर सिंध पर अधिकार किया। वे अमीर कहलाए और हैदराबाद, खैरपुर और मीरपुर में शासन किया। 1809 में नेपोलियन के डर से लॉर्ड मिंटो ने अमीरों से शाश्वत मित्रता की संधि कर फ्रांसीसियों के प्रवेश पर रोक लगाई।
18वीं शताब्दी के मध्य में मैसूर राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि और हैदर अली के उत्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मैसूर पर वोडे…
18वीं शताब्दी के मध्य में मैसूर राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि और हैदर अली के उत्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मैसूर पर वोडेयार (Wodeyar) राजवंश का शासन था और वास्तविक सत्ता दो भाइयों नंजराज (सर्वधिकारी) और देवराज (दुलवई) के हाथों में थी। 2. हैदर अली ने एक साधारण सैनिक के रूप में शुरुआत की और अपनी योग्यता के बल पर 1755 में डिंडीगुल का फौजदार बना। 3. 1761 में हैदर अली ने नंजराज को अपदस्थ कर मैसूर की वास्तविक सत्ता अपने हाथों में ले ली, यद्यपि उसने नाममात्र के हिंदू राजा को सिंहासन पर बनाए रखा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 18वीं सदी में वोडेयार शासक कठपुतली थे और नंजराज-देवराज सर्वेसर्वा थे। हैदर अली ने 1755 में डिंडीगुल में फ्रांसीसियों से तोपखाना बनाकर अपनी ताकत बढ़ाई और 1761 में नंजराज को हटाकर मैसूर का वास्तविक शासक बन गया।