वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 33
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
641–660 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करें18वीं शताब्दी के मुग़ल दरबार में 'सैयद बंधुओं' (Sayyid Brothers - अब्दुल्ला खान एवं हुसैन अली) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार …
18वीं शताब्दी के मुग़ल दरबार में 'सैयद बंधुओं' (Sayyid Brothers - अब्दुल्ला खान एवं हुसैन अली) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्हें भारतीय इतिहास में 'निर्माता' या 'नृप-निर्माता' (King Makers) के रूप में जाना जाता है। 2. उन्होंने मराठा पेशवा बालाजी विश्वनाथ के साथ 1719 में एक संधि की, जिसे रिचर्ड टेम्पल ने 'मराठों का मैग्ना कार्टा' कहा। 3. सैयद बंधुओं का संबंध मुग़ल दरबार के तूरानी (Turanian) गुट से था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि सैयद बंधु (अब्दुल्ला खान और हुसैन अली) 'हिंदुस्तानी गुट' (भारतीय मुस्लिम) के नेता थे, न कि तूरानी गुट के । कथन 1 और 2 सही हैं; उन्होंने फर्रुखसियर, रफी-उद-दरजात, रफी-उद-दौला और मुहम्मद शाह को गद्दी पर बैठाया और 1719 में पेशवा बालाजी विश्वनाथ के साथ दिल्ली संधि की।
18वीं शताब्दी के मैसूर राज्य में हैदर अली और टीपू सुल्तान के सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हैदर अली ने 1755 में डिंडी…
18वीं शताब्दी के मैसूर राज्य में हैदर अली और टीपू सुल्तान के सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हैदर अली ने 1755 में डिंडीगुल में फ्रांसीसियों की सहायता से एक आधुनिक शस्त्रागार (Modern Arsenal) की स्थापना की। 2. टीपू सुल्तान ने एक नया कैलेंडर, नई मुद्रा प्रणाली और नाप-तौल के नए मानक लागू किए। 3. टीपू सुल्तान ने श्रीरंगपट्टनम में 'स्वतंत्रता का वृक्ष' (Tree of Liberty) लगाया और जैकोबिन क्लब (Jacobin Club) का सदस्य बना। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। हैदर अली ने डिंडीगुल में फ्रांसीसियों से तोपखाना स्थापित कराया। टीपू सुल्तान अत्यंत आधुनिक दृष्टि वाला शासक था; उसने नई माप-तौल, सिक्का और पंचांग व्यवस्था लागू की, श्रीरंगपट्टनम में स्वतंत्रता का वृक्ष लगाया और फ्रांसीसी जैकोबिन क्लब का सदस्य बनकर खुद को 'नागरिक टीपू' (Citizen Tipu) कहलाना पसंद किया।
18वीं शताब्दी में मुग़ल साम्राज्य के विघटन के दौरान उत्पन्न गुटबंदी (Court Factions) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. तूरानी ग…
18वीं शताब्दी में मुग़ल साम्राज्य के विघटन के दौरान उत्पन्न गुटबंदी (Court Factions) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. तूरानी गुट : मध्य एशिया से आए सुन्नी अमीर (उदा. निज़ाम-उल-मुल्क) 2. ईरानी गुट : फारस से आए शिया अमीर (उदा. सआदत खान और अमीर खान) 3. हिंदुस्तानी गुट : भारतीय मुसलमान अमीर (उदा. सैयद बंधु)। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। 18वीं सदी के मुग़ल दरबार में तीन मुख्य गुट थे: तूरानी (मध्य एशियाई सुन्नी), ईरानी (फारसी शिया) और हिंदुस्तानी (भारतीय मूल के मुस्लिम और राजपूत अमीर)। इनके आपसी षड्यंत्रों ने केंद्रीय सत्ता को भीतर से खोखला कर दिया।
18वीं सदी के अंत में नेपाल में गोरखा राज्य के उत्थाान और आंग्ल-नेपाल तनाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1768 में पृथ्वी नाराय…
18वीं सदी के अंत में नेपाल में गोरखा राज्य के उत्थाान और आंग्ल-नेपाल तनाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1768 में पृथ्वी नारायण शाह ने काठमांडू घाटी को जीतकर एक एकीकृत नेपाल राज्य की स्थापना की। 2. गोरखाओं ने पश्चिम में सतलज नदी से लेकर पूर्व में तीस्ता नदी तक अपने साम्राज्य का विस्तार किया। 3. बटवल (Butwal) और शिवराज (Sheoraj) के तराई क्षेत्रों पर अधिकार को लेकर अंग्रेजों और गोरखाओं के बीच मुख्य सीमा विवाद उत्पन्न हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। पृथ्वी नारायण शाह ने आधुनिक नेपाल की नींव रखी। गोरखाओं ने सतलज से तीस्ता तक विस्तार किया। गोरखपुर और तराई के बटवल व शिवराज क्षेत्रों की सीमा पर दावेदारी को लेकर 1814 में युद्ध छिड़ाा।
18वीं सदी के अंत में मराठा राजनीति में 'बारहभाई परिषद' (Barabhai Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह नारायणराव के मरणोप…
18वीं सदी के अंत में मराठा राजनीति में 'बारहभाई परिषद' (Barabhai Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह नारायणराव के मरणोपरांत जन्मे नवजात पुत्र सवाई माधवराव के नाम पर शासन चलाने के लिए 12 मराठा सरदारों की एक रीजेंसी काउंसिल थी। 2. इस परिषद का वास्तविक नेतृत्व नाना फडणवीस और महादजी सिंधिया कर रहे थे। 3. रघुनाथराव ने इस परिषद के गठन का स्वागत किया और स्वेच्छा से संन्यास ले लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि रघुनाथराव ने इस परिषद का कड़ा विरोध किया और अंग्रेजों से सहायता मांगी। कथन 1 और 2 सही हैं; नारायणराव के मरणोपरांत पुत्र सवाई माधवराव के नाम पर 12 मराठा सरदारों की 'बारहभाई परिषद' ने शासन संभाला जिसका नेतृत्व नाना फडणवीस ने किया।
18वीं सदी के उत्तरार्ध में मराठा परिसंघ (Maratha Confederacy) के प्रमुख राजवंशों और उनके संबंधित केंद्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1…
18वीं सदी के उत्तरार्ध में मराठा परिसंघ (Maratha Confederacy) के प्रमुख राजवंशों और उनके संबंधित केंद्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. पेशवा: पुणे 2. गायकवाड़: बड़ौदा 3. भोंसले: नागपुर 4. होल्कर: इंदौर 5. सिंधिया: ग्वालियर उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी पांचों युग्म सही सुमेलित हैं। 18वीं सदी में मराठा परिसंघ 5 प्रमुख घरानों में बंटा था: पूना में पेशवा, बड़ौदा में गायकवाड़, नागपुर में भोंसले, इंदौर में होल्कर, और ग्वालियर में सिंधिया।
18वीं सदी के मध्य बंगाल से ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रमुख निर्यात क्या थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बंगाल से कपास/रेशम वस्त्र, साल्टपीटर और अफीम महत्त्वपूर्ण निर्यात थे।
18वीं सदी के रोहिलखंड और बंगश पठानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अली मुहम्मद खान ने बरेली और मुरादाबाद के क्षेत्र में रोहिल…
18वीं सदी के रोहिलखंड और बंगश पठानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अली मुहम्मद खान ने बरेली और मुरादाबाद के क्षेत्र में रोहिलखंड राज्य की स्थापना की थी। 2. मुहम्मद खान बंगश ने फर्रुखाबाद के आसपास एक स्वतंत्र अफगान राज्य की स्थापना की। 3. रोहिला सरदारों ने अवध और मुग़ल दरबार के साथ निरंतर शांतिपूर्ण व मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि रोहिला सरदारों (विशेषकर नजीब-उद-दौला और हाफिज रहमत खान) का अवध के नवाबों और मुग़ल दरबार के साथ निरंतर संघर्ष चलता रहा। 1774 में अवध के नवाब ने अंग्रेजों की मदद से मीरनपुर कटरा के युद्ध में रोहिला युद्ध लड़कर रोहिलखंड को अवध में मिला लिया। कथन 1 और 2 सही हैं।
18वीं सदी में जाट राज्य (भरतपुर) और सूरजमल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चूड़ामन और बदन सिंह ने जाट राज्य की नींव रखी, जबकि स…
18वीं सदी में जाट राज्य (भरतपुर) और सूरजमल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चूड़ामन और बदन सिंह ने जाट राज्य की नींव रखी, जबकि सूरजमल के काल में जाट सत्ता अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंची। 2. सूरजमल को उनकी बुद्धिमत्ता और रणनीतिक कुशलता के कारण 'जाटों का प्लेटो' (Plato of the Jats) कहा जाता है। 3. पानीपत के तृतीय युद्ध (1761) के दौरान सूरजमल ने मराठों की युद्ध नीति से असहमति के कारण स्वयं को युद्ध से अलग कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। जाट सत्ता का उत्कर्ष भरतपुर में हुआ। सूरजमल को अपनी कूटनीतिक प्रतिभा के कारण 'जाटों का प्लेटो' और 'अफलातून' कहा गया। पानीपत के तृतीय युद्ध (1761) से पहले उसने सदाशिवराव भाऊ को छापामार रणनीति की सलाह दी थी, जिसे न मानने पर वह सेना सहित वापस लौट आया था।
18वीं सदी में बंगाल के स्वायत्त राज्य के संस्थापक मुर्शिद कुली खान के सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने बंगाल की राज…
18वीं सदी में बंगाल के स्वायत्त राज्य के संस्थापक मुर्शिद कुली खान के सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उसने बंगाल की राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद स्थानांतरित की। 2. उसने भूमि राजस्व संग्रह के लिए 'इज़ारा' व्यवस्था लागू की और कृषि विस्तार के लिए किसानों को 'तकावी' (Taccavi) ऋण प्रदान किए। 3. उसने नियमित रूप से मुग़ल सम्राट को वार्षिक नजराना भेजना बंद कर दिया और मुग़ल आधिपत्य को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि मुर्शिद कुली खान ने कभी भी मुग़ल आधिपत्य को औपचारिक रूप से अस्वीकार नहीं किया; वह मुग़ल सम्राट के नाम पर नियमित रूप से राजस्व व नजराना भेजता था। कथन 1 और 2 सही हैं; राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद लाई गई और किसानों को तकावी ऋण बांटे गए।
18वीं सदी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारतीय शक्तियों के विरुद्ध अपनाई गई 'घेरे की नीति' (Policy of Ring Fence) के संदर्भ में निम्नलिखित…
18वीं सदी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारतीय शक्तियों के विरुद्ध अपनाई गई 'घेरे की नीति' (Policy of Ring Fence) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस नीति का मुख्य प्रतिपादक वारेन हेस्टिंग्स था। 2. इसका उद्देश्य अपने राज्य (विशेषकर बंगाल) की सीमाओं की सुरक्षा के लिए पड़ोसी राज्यों की सीमाओं की रक्षा करना था ताकि एक मध्यवर्ती क्षेत्र (Buffer Zone) बन सके। 3. अवध की सुरक्षा की गारंटी लेना और रोहिल्ला युद्ध (1774) में अवध का साथ देना इसी रिंग फेंस नीति का हिस्सा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। वारेन हेस्टिंग्स की 'रिंग फेंस नीति' (मध्यवर्ती राज्य नीति) का उद्देश्य ब्रिटिश सीमाओं (बंगाल) की रक्षा के लिए बफर राज्यों का निर्माण करना था। अवध को बफर स्टेट बनाना और 1774 में रोहिल्ला युद्ध लड़ना इसी नीति का अंग था। यही नीति आगे चलकर वेलेजली की सहायक संधि में विकसित हुई।
18वीं सदी में मैसूर राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के संदर्भ में समकालीन यूरोपीय यात्रियों ने क्या अवलोकन किया?
18वीं सदी में मैसूर राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के संदर्भ में समकालीन यूरोपीय यात्रियों ने क्या अवलोकन किया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। समकालीन अंग्रेज पर्यवेक्षकों (जैसे जॉन शोर, मूर) ने दर्ज किया कि हैदर अली और टीपू के अधीन मैसूर भारत का सबसे समृद्ध और सुशासित राज्य था, जहां कृषि फली-फूली थी और किसान ब्रिटिश-शासित बंगाल या मद्रास की तुलना में कहीं अधिक खुशहाल थे।
18वीं सदी में सवाई जय सिंह (जयपुर के राजा) के वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने दिल्ली, …
18वीं सदी में सवाई जय सिंह (जयपुर के राजा) के वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में पांच खगोलीय वेधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। 2. उन्होंने खगोलीय अवलोकनों के आधार पर 'जिज मुहम्मद शाही' (Zij Muhammad Shahi) नामक सारणियों का एक सेट तैयार कराया। 3. उन्होंने यूक्लिड के ज्यामिति ग्रंथ 'एलिमेंट्स' (Elements) का संस्कृत में अनुवाद कराया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। आमेर/जयपुर के सवाई जय सिंह प्रख्यात खगोलशास्त्री और वास्तुकार थे। उन्होंने 5 शहरों में जंतर-मंतर बनवाए, 'जिज मुहम्मद शाही' खगोलीय सारणी तैयार की और यूक्लिड के ज्यामिति ग्रंथ 'रेखागणित' तथा जॉन नेपियर के लॉगरिथम का अनुवाद कराया।
1900 में भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon) ने भारत राज्य सचिव को लिखे पत्र में कांग्रेस के अंत के बारे में क्या दंभी टिप्पणी की थी?
1900 में भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon) ने भारत राज्य सचिव को लिखे पत्र में कांग्रेस के अंत के बारे में क्या दंभी टिप्पणी की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1900 में कर्जन ने लिखा था कि "कांग्रेस लड़खड़ा कर गिर रही है और मेरी इच्छा है कि मैं इसकी शांतिपूर्ण मृत्यु में मदद कर सकूं।"
1901 और 1903 में दो खंडों में प्रकाशित प्रसिद्ध पुस्तक 'द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' (The Economic History of India) के लेखक कौन थे?
1901 और 1903 में दो खंडों में प्रकाशित प्रसिद्ध पुस्तक 'द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' (The Economic History of India) के लेखक कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। रमेश चंद्र दत्त (R.C. Dutt) ने 'द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' (1901 व 1903) लिखकर ब्रिटिश भू-राजस्व और विनाशकारी नीतियों का पर्दाफाश किया।
1901 में लॉर्ड कर्जन द्वारा उत्तर-पश्चिम सीमांत के प्रशासन के लिए गठित नए प्रांत का नाम क्या था?
1901 में लॉर्ड कर्जन द्वारा उत्तर-पश्चिम सीमांत के प्रशासन के लिए गठित नए प्रांत का नाम क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1901 में लॉर्ड कर्जन ने पंजाब से सीमांत जिलों को अलग करके एक नया प्रशासनिक प्रांत 'उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत' (NWFP) बनाया जो सीधे गवर्नर-जनरल के अधीन चीफ कमिश्नर द्वारा प्रशासित था।
1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act, 1904) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिनियम 1902 में सर थ…
1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act, 1904) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अधिनियम 1902 में सर थॉमस रैले (Thomas Raleigh) की अध्यक्षता में गठित विश्वविद्यालय आयोग की सिफारिशों पर आधारित था। 2. इसका वास्तविक उद्देश्य भारतीय राष्ट्रवाद के केंद्र बन चुके विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर सरकारी नियंत्रण को अत्यधिक कठोर बनाना था। 3. गोपाल कृष्ण गोखले ने केंद्रीय विधायिका में इस अधिनियम का कड़ा विरोध करते हुए इसे "प्रगति के मार्ग को अवरुद्ध करने वाला कदम" बताया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। 1902 के रैले आयोग की रिपोर्ट पर 1904 का विश्वविद्यालय कानून बना जिसका उद्देश्य सीनेट और सिंडिकेट में सरकारी नियंत्रण बढ़ाना था। गोखले ने इसका कड़ा विरोध किया।
1904 में लॉर्ड कर्जन के समय कर्नल फ्रांांसिस यंगहसबैंड (Francis Younghusband) के नेतृत्व में तिब्बत भेजे गए सैन्य अभियान का मुख्य कारण क्या था?
1904 में लॉर्ड कर्जन के समय कर्नल फ्रांांसिस यंगहसबैंड (Francis Younghusband) के नेतृत्व में तिब्बत भेजे गए सैन्य अभियान का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। लॉर्ड कर्जन को भय था कि रूसी एजेंट दोरजिएव के जरिए दलाई लामा रूस के प्रभाव में आ रहे हैं, जिससे भारत की उत्तरी सीमा को खतरा हो सकता है। इसी रूसी हौवे के कारण उसने 1904 में यंगहसबैंड मिशन भेजा।
1905 के बंगाल विभाजन की रूपरेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विभाजन के तहत दो नए प्रांत बनाए गए: (1) 'पूर्वी बंगाल और असम' (…
1905 के बंगाल विभाजन की रूपरेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विभाजन के तहत दो नए प्रांत बनाए गए: (1) 'पूर्वी बंगाल और असम' (राजधानी: ढाका) और (2) 'पश्चिम बंगाल' (राजधानी: कलकत्ता, जिसमें बिहार और उड़ीसा शामिल थे)। 2. पूर्वी बंगाल और असम में मुस्लिम जनसंख्या बहुसंख्यक (लगभग 1.8 करोड़ मुस्लिम और 1.2 करोड़ हिंदू) थी। 3. पश्चिम बंगाल में 5.4 करोड़ की कुल आबादी में बंगाली भाषी स्वयं अपने ही प्रांत में उड़िया और हिंदी भाषियों के मुकाबले भाषाई अल्पसंख्यक (Minority) बन गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। पूर्वी बंगाल और असम (ढाका राजधानी) में मुस्लिम बहुमत बनाया गया, जबकि पश्चिम बंगाल में बंगाली भाषियों को उड़िया और हिंदी के मुकाबले अल्पसंख्यक बना दिया गया।
1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन (अध्यक्ष: गोपाल कृष्ण गोखले) में स्वदेशी और बहिष्कार के प्रश्न पर क्या निर्णय लिया गया था?
1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन (अध्यक्ष: गोपाल कृष्ण गोखले) में स्वदेशी और बहिष्कार के प्रश्न पर क्या निर्णय लिया गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (a) सही है। 1905 के बनारस अधिवेशन में गोखले की अध्यक्षता में कांग्रेस ने स्वदेशी का समर्थन किया, किंतु नरमपंथियों ने इसे बंगाल से बाहर फैलाने और सभी संस्थाओं के बहिष्कार की उग्रवादी मांग को नामंजूर किया।