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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 31

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1869 में सत्येंद्रनाथ टैगोर के बाद आईसीएस (ICS) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दूसरे भारतीय कौन थे, जिन्हें बाद में एक मामूली तकनीकी बहाने से सेवा से…

1869 में सत्येंद्रनाथ टैगोर के बाद आईसीएस (ICS) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दूसरे भारतीय कौन थे, जिन्हें बाद में एक मामूली तकनीकी बहाने से सेवा से निष्कासित कर दिया गया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने 1869 में आईसीएस परीक्षा पास की और सिलहट में सहायक मजिस्ट्रेट नियुक्त हुए, किंतु 1874 में एक मामूली लिपिकीय त्रुटि के बहाने उन्हें नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद वे पूर्णकालिक राष्ट्रीय नेता बने।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1870 में एम.जी. रानाडे, जी.वी. जोशी और एस.एच. चिपलूनकर द्वारा स्थापित 'पूना सार्वजनिक सभा' (Poona Sarvajanik Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनो…

1870 में एम.जी. रानाडे, जी.वी. जोशी और एस.एच. चिपलूनकर द्वारा स्थापित 'पूना सार्वजनिक सभा' (Poona Sarvajanik Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका मुख्य उद्देश्य जनता और ब्रिटिश सरकार के बीच एक मध्यस्थ (Bridge) के रूप में कार्य करना था। 2. 1875 में इसने ब्रिटिश संसद में एक याचिका प्रस्तुत कर भारत के लिए प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व (Direct representation) की मांग की। 3. 1876–78 के अकाल के दौरान इसने महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत कार्य चलाए और लगान माफी के लिए कानूनी अभियान छेड़ा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1870 में पूना सार्वजनिक सभा बनी (रानाडे व जोशी)। इसने जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य किया, 1875 में संसद में प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व की मांग की और अकाल के समय राहत कार्य किए।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1872 के 'नेटिव मैरिज एक्ट' (Native Marriage Act / Civil Marriage Act) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कानून केशव चंद्र सेन क…

1872 के 'नेटिव मैरिज एक्ट' (Native Marriage Act / Civil Marriage Act) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह कानून केशव चंद्र सेन के अथक प्रयासों का परिणाम था और इसे 'ब्रह्म विवाह अधिनियम' भी कहा गया। 2. इसने बाल विवाह पर रोक लगाते हुए लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और लड़कों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की। 3. इसने बहुविवाह को प्रतिबंधित किया और अंतरजातीय तथा अंतर-धार्मिक विवाहों को कानूनी मान्यता प्रदान की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1872 का नेटिव मैरिज एक्ट केशव चंद्र सेन के प्रयासों से बना। इसने बाल विवाह पर रोक लगाई (लड़कियों के लिए 14 वर्ष, लड़कों के लिए 18 वर्ष), बहुविवाह रोका और अंतरजातीय विवाह को वैध किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1873 में अमृतसर में स्थापित 'सिंह सभा आंदोलन' (Singh Sabha Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना ठाकुर सिंह सं…

1873 में अमृतसर में स्थापित 'सिंह सभा आंदोलन' (Singh Sabha Movement) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना ठाकुर सिंह संधावालिया और ज्ञानी ज्ञान सिंह के नेतृत्व में सिख धर्म में ईसाई मिशनरियों और आर्य समाज के धर्मांतरण प्रयासों के विरोध में हुई थी। 2. इसका उद्देश्य सिख धर्म को उसकी मूल शुद्धता में पुनर्स्थापित करना और गुरुओं की शिक्षाओं का प्रसार करना था। 3. इसने सिखों में आधुनिक पश्चिमी शिक्षा के प्रसार के लिए 1892 में अमृतसर में 'खालसा कॉलेज' की स्थापना की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1873 में अमृतसर में सिंह सभा आंदोलन शुरू हुआ। इसने सिख धर्म की शुद्धता की रक्षा की और ईसाई व आर्य समाज के प्रभाव का मुकाबला किया। 1892 में अमृतसर में खालसा कॉलेज की स्थापना की।

BPSC विगत वर्ष • इतिहास और संस्कृति • 20181875 के दक्कन दंगों का तात्कालिक कारण क्या था?
1875 के दक्कन दंगों का तात्कालिक कारण क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) महाजनों द्वारा ऊँची ब्याज दर

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) महाजनों द्वारा ऊँची ब्याज दर है।
विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1875 में न्यूयॉर्क में मैडम एच.पी. ब्लावत्स्की (रूसी) और कर्नल एच.एस. ऑल्कोट (अमेरिकी) द्वारा स्थापित 'थियोसोफिकल सोसाइटी' (Theosophical Society)…

1875 में न्यूयॉर्क में मैडम एच.पी. ब्लावत्स्की (रूसी) और कर्नल एच.एस. ऑल्कोट (अमेरिकी) द्वारा स्थापित 'थियोसोफिकल सोसाइटी' (Theosophical Society) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1879 में सोसाइटी के संस्थापक भारत आए और 1882 में मद्रास के निकट अड्यार (Adyar) में अपना अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय स्थापित किया। 2. सोसाइटी का विश्वास हिंदू धर्म के पुनर्जन्म, कर्म के सिद्धांत, और उपनिषदों व सांख्य दर्शन की शिक्षाओं में था। 3. सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य मानव जाति के सार्वभौमिक भाईचारे का निर्माण और प्राचीन धर्मों व दर्शनों का तुलनात्मक अध्ययन करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1875 में न्यूयॉर्क में मैडम ब्लावत्स्की और कर्नल ऑल्कोट ने स्थापना की। 1882 में अड्यार (मद्रास) में मुख्यालय बना। हिंदू पुनर्जन्म और सांख्य दर्शन में विश्वास था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1875 में बंबई में स्थापित 'आर्य समाज' (Arya Samaj) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1877 में लाहौर में आर्य समाज क…

1875 में बंबई में स्थापित 'आर्य समाज' (Arya Samaj) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1877 में लाहौर में आर्य समाज के सिद्धांतों को संशोधित कर 10 मूलभूत सिद्धांतों के रूप में पुनर्गठित किया गया। 2. आर्य समाज ने वेदों को 'अपौरुषेय' और अचूक (Infallible) माना, किंतु परवर्ती पौराणिक ग्रंथों को नकार दिया। 3. आर्य समाज ने जन्म-आधारित वर्ण व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और गुण, कर्म एवं स्वभाव पर आधारित वर्ण व्यवस्था का समर्थन किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1875 में बंबई में स्थापना हुई, 1877 में लाहौर में 10 नियम बने। वेदों को अचूक माना, पुराणों को नकारा, और जन्म के बजाय कर्म आधारित वर्ण व्यवस्था की वकालत की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1875 में शिशिर कुमार घोष द्वारा कलकत्ता में स्थापित 'इंडीया लीग' (India League) का मुख्य उद्देश्य क्या था?

1875 में शिशिर कुमार घोष द्वारा कलकत्ता में स्थापित 'इंडीया लीग' (India League) का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1875 में शिशिर कुमार घोष ने कलकत्ता में 'इंडीया लीग' की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य आम जनता में राष्ट्रीय चेतना जगाना था।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1875 में स्थापित 'मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज' (MAO College, Aligarh) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना सर सैयद अह…

1875 में स्थापित 'मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज' (MAO College, Aligarh) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना सर सैयद अहमद खान द्वारा ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों की तर्ज पर की गई थी। 2. थियोडोर बेक (Theodore Beck) इसके प्रथम प्राचार्य बने, जिन्होंने अलीगढ़ के छात्रों में ब्रिटिश-समर्थक और कांग्रेस-विरोधी भावनाएं भड़काने में भूमिका निभाई। 3. 1920 में केंद्रीय कानून द्वारा इस कॉलेज को 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय' (AMU) का दर्जा दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1875 में स्थापित एमएओ कॉलेज (MAO College) में थियोडोर बेक प्रथम प्रिंसिपल बने जिन्होंने मुस्लिम छात्रों को राष्ट्रवाद से विमुख किया। 1920 में यह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1876 के 'रॉयल टाइटल्स एक्ट' (Royal Titles Act, 1876) और 1877 के दिल्ली दरबार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महारानी विक्टोरिया…

1876 के 'रॉयल टाइटल्स एक्ट' (Royal Titles Act, 1876) और 1877 के दिल्ली दरबार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महारानी विक्टोरिया ने औपचारिक रूप से 'कैसर-ए-हिंद' (Kaiser-i-Hind / भारत की साम्राज्ञी) की पदवी धारण की। 2. वायसराय लॉर्ड लिटन ने 1877 में एक भव्य दिल्ली दरबार आयोजित कर भारतीय राजाओं को महारानी के प्रत्यक्ष सामंत के रूप में प्रस्तुत किया। 3. इस अधिनियम ने ब्रिटिश क्राउन और भारतीय रियासतों के बीच के संबंधों को संधियों के आधार के बजाय वैधानिक संप्रभुता और अधीनता के रिश्ते में बदल दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1876 के रॉयल टाइटल्स एक्ट से विक्टोरिया 'कैसर-ए-हिंद' बनीं। 1877 के दिल्ली दरबार में सभी राजाओं को औपचारिक रूप से महारानी के अधीनस्थ सामंत के रूप में शपथ दिलाई गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1877 के दिल्ली दरबार के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस भारतीय नेता ने हाथ से काते हुए खादी के वस्त्र पहनकर भाग लिया और महारानी विक्टोरिया को एक…

1877 के दिल्ली दरबार के संदर्भ में निम्नलिखित में से किस भारतीय नेता ने हाथ से काते हुए खादी के वस्त्र पहनकर भाग लिया और महारानी विक्टोरिया को एक पत्र सौंपकर भारतीयों के समान राजनीतिक अधिकारों की मांग की?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। पूना सार्वजनिक सभा के प्रतिनिधि गणेश वासुदेव जोशी ('सार्वजनिक काका') ने 1877 के दिल्ली दरबार में हाथ से बुनी खादी पहनकर भाग लिया और महारानी से भारतीयों को राजनीतिक व आर्थिक अधिकार देने का पत्र प्रस्तुत किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1878 के वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट से बचने के लिए रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी भाषा में परिवर्तित होने वाला प्रसिद्ध समाचार पत्र कौन-सा था?

1878 के वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट से बचने के लिए रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी भाषा में परिवर्तित होने वाला प्रसिद्ध समाचार पत्र कौन-सा था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1878 के वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट केवल देशी (भारतीय) भाषाओं के पत्रों पर लागू होता था। इससे बचने के लिए अमृत बाजार पत्रिका रातों-रात बंगाली से अंग्रेजी पत्र बन गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1878 में ब्रह्म समाज के द्वितीय विभाजन और 'साधारण ब्रह्म समाज' (Sadharan Brahmo Samaj) की स्थापना का मुख्य कारण क्या था?

1878 में ब्रह्म समाज के द्वितीय विभाजन और 'साधारण ब्रह्म समाज' (Sadharan Brahmo Samaj) की स्थापना का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1878 में केशव चंद्र सेन ने स्वयं के बनाए कानून का उल्लंघन करते हुए अपनी 13 वर्षीय अल्पवयस्क बेटी का विवाह कूचबिहार के राजा से हिंदू कर्मकांडों से करा दिया। इससे नाराज होकर उनके युवा अनुयायियों ने उनसे नाता तोड़ लिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1878 में स्थापित 'साधारण ब्रह्म समाज' के प्रमुख संस्थापकों में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल थे? 1. आनंद मोहन बोस 2. शिवनाथ शास्त्री 3. उमेश चं…

1878 में स्थापित 'साधारण ब्रह्म समाज' के प्रमुख संस्थापकों में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल थे? 1. आनंद मोहन बोस 2. शिवनाथ शास्त्री 3. उमेश चंद्र दत्त 4. द्वारकानाथ गांगुली नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों नेता सही हैं। मई 1878 में आनंद मोहन बोस, शिवनाथ शास्त्री, उमेश चंद्र दत्त और द्वारकानाथ गांगुली ने मिलकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित 'साधारण ब्रह्म समाज' की स्थापना की।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1880 में लॉर्ड रिपन द्वारा द्वितीय आंग्ल-अफगान युद्ध की समाप्ति पर नए अमीर अब्दुर रहमान के साथ किए गए समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर वि…

1880 में लॉर्ड रिपन द्वारा द्वितीय आंग्ल-अफगान युद्ध की समाप्ति पर नए अमीर अब्दुर रहमान के साथ किए गए समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अब्दुर रहमान को अफगानिस्तान का अमीर स्वीकार किया गया और उसे वार्षिक वित्तीय सब्सिडी दी गई। 2. अमीर ने स्वीकार किया कि उसके विदेशी संबंध केवल ब्रिटिश सरकार के माध्यम से संचालित होंगे। 3. अंग्रेजों ने काबुल में ब्रिटिश रेजीडेंट रखने की अपनी जिद छोड़ दी और केवल एक मुस्लिम भारतीय एजेंट रखना स्वीकार किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। लॉर्ड रिपन ने व्यवहारिक नीति अपनाई। उसने अब्दुर रहमान को अमीर माना, विदेश नीति पर नियंत्रण रखा, सब्सिडी दी, और काबुल में ब्रिटिश रेजीडेंट रखने की जिद छोड़ दी जिससे दीर्घकालिक शांति स्थापित हुई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1882 में ताराबाई शिंदे (Tarabai Shinde) द्वारा मराठी में प्रकाशित ऐतिहासिक ग्रंथ 'स्त्री-पुरुष तुलना' (A Comparison between Women and Men) की मुख…

1882 में ताराबाई शिंदे (Tarabai Shinde) द्वारा मराठी में प्रकाशित ऐतिहासिक ग्रंथ 'स्त्री-पुरुष तुलना' (A Comparison between Women and Men) की मुख्य विशेषता क्या थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। 1882 में ताराबाई शिंदे ने 'स्त्री-पुरुष तुलना' लिखी, जो आधुनिक भारत का पहला खुला नारीवादी ग्रंथ माना जाता है, जिसमें पितृसत्तात्मक दोहरे मानदंडों की तीखी आलोचना की गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1882 में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा गायों की रक्षा के लिए गठित संस्था का नाम क्या था?

1882 में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा गायों की रक्षा के लिए गठित संस्था का नाम क्या था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (a) सही है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1882 में 'गौरक्षिणी सभा' की स्थापना की थी।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1883 और 1885 में इंडियन एसोसिएशन द्वारा कलकत्ता में आयोजित 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन' (National Conference) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों प…

1883 और 1885 में इंडियन एसोसिएशन द्वारा कलकत्ता में आयोजित 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय सम्मेलन' (National Conference) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रत्यक्ष अग्रदूत (Precursor of INC) माना जाता है। 2. दिसंबर 1885 में इसका दूसरा सम्मेलन कलकत्ता में आयोजित हुआ, जिसके कारण सुरेंद्रनाथ बनर्जी बंबई में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में भाग नहीं ले सके थे। 3. 1886 में इंडियन एसोसिएशन और नेशनल कॉन्फ्रेंस का औपचारिक विलय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में कर दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। इंडियन एसोसिएशन ने 1883 और 1885 में कलकत्ता में नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जो कांग्रेस का प्रत्यक्ष अग्रदूत थी। इसी कारण सुरेंद्रनाथ बनर्जी 1885 में बंबई नहीं जा सके थे। 1886 में इसका कांग्रेस में विलय हुआ।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1883 में लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में उठे 'इल्बर्ट बिल विवाद' (Ilbert Bill Controversy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस विधेयक…

1883 में लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में उठे 'इल्बर्ट बिल विवाद' (Ilbert Bill Controversy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस विधेयक का उद्देश्य न्यायपालिका में नस्लीय भेदभाव को समाप्त कर भारतीय जिला और सत्र न्यायाधीशों को यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई का अधिकार देना था। 2. भारत में रहने वाले अंग्रेजों और एंग्लो-इंडियन समुदाय ने इस विधेयक का संगठित और आक्रामक विरोध किया तथा 'डिफेंस एसोसिएशन' का गठन किया। 3. इस विवाद ने भारतीय बुद्धिजीवियों को यह सिखाया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक अखिल भारतीय राजनीतिक संगठन और निरंतर आंदोलन कितना आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 1883 में पी.सी. इल्बर्ट द्वारा लाए गए विधेयक ने भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय लोगों के मुकदमे सुनने का अधिकार देना चाहा। अंग्रेजों के नस्लीय विरोध ने इस विधेयक को कमजोर करवा दिया। इसने भारतीयों को सिखाया कि संगठित होकर ही अधिकार प्राप्त किए जा सकते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • इतिहास और संस्कृति1884 में मद्रास में स्थापित 'मद्रास महाजन सभा' (Madras Mahajana Sabha) के प्रमुख संस्थापकों में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल थे? 1. एम. वीरराघ…

1884 में मद्रास में स्थापित 'मद्रास महाजन सभा' (Madras Mahajana Sabha) के प्रमुख संस्थापकों में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल थे? 1. एम. वीरराघवाचार्य 2. जी. सुब्रमण्यम अय्यर 3. पी. आनंद चार्लू नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों नेता सही हैं। मई 1884 में मद्रास महाजन सभा की स्थापना एम. वीरराघवाचार्य, जी. सुब्रमण्यम अय्यर और पी. आनंद चार्लू ने की थी।