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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 166

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3301–3320 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसमान कार्य के लिए समान वेतन ( Equal Pay for Equal Work) के सिद्धांत की संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

समान कार्य के लिए समान वेतन ( Equal Pay for Equal Work) के सिद्धांत की संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 39(d) पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन का निर्देश देता है। रणधीर सिंह मामले (1982) में सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनुच्छेदों 14 व 16 के साथ जोड़कर एक लागू करने योग्य अधिकार माना।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसरकारिया आयोग (1983-88) द्वारा समवर्ती सूची के संबंध में की गई प्रमुख सिफारिशों में कौन-सी शामिल थी? 1. समवर्ती सूची को समाप्त कर सभी विषय राज्य …

सरकारिया आयोग (1983-88) द्वारा समवर्ती सूची के संबंध में की गई प्रमुख सिफारिशों में कौन-सी शामिल थी? 1. समवर्ती सूची को समाप्त कर सभी विषय राज्य सूची में डाल दिए जाएं। 2. केंद्र सरकार को समवर्ती सूची के किसी विषय पर कानून बनाने से पहले राज्य सरकारों से सक्रिय और प्रभावी परामर्श ( Active consultation) करना चाहिए। 3. समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केवल राज्य सभा को दिया जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

केवल कथन 2 सही है। सरकारिया आयोग ने Concurrent List समाप्त करने की सिफारिश नहीं की; उसने केंद्र को ऐसे विषयों पर कानून बनाते समय राज्यों से individual और collective स्तर पर active consultation की स्वस्थ परंपरा विकसित करने पर बल दिया। यह संविधान में कोई अलग legally mandatory veto नहीं बनाता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसरकारिया आयोग की सिफारिश पर वर्ष 1990 में गठित अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की संरचना में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल हैं? 1. प्र…

सरकारिया आयोग की सिफारिश पर वर्ष 1990 में गठित अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की संरचना में निम्नलिखित में से कौन-कौन शामिल हैं? 1. प्रधानमंत्री (अध्यक्ष) 2. सभी राज्यों के मुख्यमंत्री 3. विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री तथा अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक 4. प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अंतर-राज्यीय परिषद की मूल संरचना संघ और राज्यों के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को एक मंच पर लाती है—प्रधानमंत्री अध्यक्ष होते हैं, राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रशासित प्रदेशों के उपयुक्त प्रतिनिधि सदस्य होते हैं तथा केंद्रीय मंत्रियों को भी नामित किया जाता है। इसका उद्देश्य बाध्यकारी निर्णय देना नहीं, बल्कि सहकारी संघवाद, संवाद और नीति-समन्वय को संस्थागत मंच प्रदान करना है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसरकारी संपत्ति और आय के कराधान से छूट (Inter-governmental Tax Immunities) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संघ की संपत्ति सामान्…

सरकारी संपत्ति और आय के कराधान से छूट (Inter-governmental Tax Immunities) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संघ की संपत्ति सामान्यतः राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले करों से मुक्त है, जब तक संसद अन्यथा प्रावधान न करे (अनुच्छेद 285)। 2. राज्य की संपत्ति और आय सामान्यतः केंद्रीय कराधान से मुक्त है (अनुच्छेद 289)। 3. राज्य द्वारा संचालित व्यापार या वाणिज्यिक उपक्रमों पर संसद कानून बनाकर केंद्रीय कर लगा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 285 संघ की संपत्ति को राज्य कराधान से सामान्य छूट देता है, पर संसद अपवाद बना सकती है। अनुच्छेद 289 राज्यों की संपत्ति और आय को संघीय करों से सुरक्षा देता है, लेकिन खंड (2) व्यापार या व्यवसाय संबंधी गतिविधियों के लिए संसद को कर लगाने की अनुमति देता है। इसलिए 'सरकारी संपत्ति कभी करयोग्य नहीं होती' कहना गलत होगा—संविधान में स्पष्ट अपवाद मौजूद हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसरकारीया आयोग ( Sarkaria Commission) और पुंछी आयोग (Punchhi Commission) की प्रमुख सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरक…

सरकारीया आयोग ( Sarkaria Commission) और पुंछी आयोग (Punchhi Commission) की प्रमुख सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरकारीया आयोग ने सिफारिश की कि अनुच्छेद 356 का प्रयोग केवल अंतिम विकल्प ( Rarest of rare cases) के रूप में किया जाना चाहिए। 2. पुंछी आयोग ने राज्यपालों के महाभियोग ( Impeachment of Governors) के लिए राज्य विधानमंडलों को अधिकार देने की सिफारिश की थी। 3. दोनों आयोगों ने अंतर-राज्यीय परिषद ( Inter-State Council) को एक सक्रिय और निरंतर कार्यरत संस्था बनाने की वकालत की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। सरकारीया आयोग (1988) ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसे दुर्लभतम उपाय बताया। पुंछी आयोग (2010) ने राज्यपालों को स्वतंत्र बनाने के लिए राज्य विधानमंडल द्वारा महाभियोग की सिफारिश की थी। दोनों ने अंतर-राज्यीय परिषद को मजबूत करने पर बल दिया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसर्वानंद सोनोवाल बनाम भारत संघ (2005) मामले में उच्चतम न्यायालय ने किस अधिनियम को असंवैधानिक घोषित किया था?

सर्वानंद सोनोवाल बनाम भारत संघ (2005) मामले में उच्चतम न्यायालय ने किस अधिनियम को असंवैधानिक घोषित किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सर्वानंद सोनोवाल मामले (2005) में सुप्रीम कोर्ट ने IMDT Act 1983 को असंवैधानिक घोषित किया क्योंकि इस कानून ने असम में अवैध प्रवासियों की पहचान करने की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया था कि यह राज्य को बाह्य आक्रामकता से बचाने के संवैधानिक कर्तव्य (अनुच्छेद 355) में बाधा बन रहा था।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासनसर्वोच्च न्यायालय एक—
सर्वोच्च न्यायालय एक—
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

  • एक से अधिक कथन उसके कार्य/स्वरूप से जुड़े हैं, इसलिए BPSC ने E स्वीकार किया।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों द्वारा जारी की जाने वाली रिटों ( Writs) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बंदी प्रत्यक्षीक…

सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों द्वारा जारी की जाने वाली रिटों ( Writs) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बंदी प्रत्यक्षीकरण ( Habeas Corpus) : सार्वजनिक और निजी दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध जारी की जा सकती है। 2. परमादेश ( Mandamus) : केवल सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन हेतु सार्वजनिक अधिकारियों के विरुद्ध, निजी व्यक्तियों या भारत के राष्ट्रपति/राज्यपाल के विरुद्ध नहीं। 3. प्रतिषेध (Prohibition) : केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निकायों के विरुद्ध, प्रशासनिक या विधायी निकायों के विरुद्ध नहीं। 4. अधिकार पृच्छा (Quo-Warranto) : किसी सार्वजनिक पद के अवैध दावे की जांच हेतु, जिसे केवल पीड़ित व्यक्ति ही नहीं बल्कि कोई भी जागरूक नागरिक मांग सकता है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों युग्म सही सुमेलित हैं। ये सभी संवैधानिक रिटों के सटीक विधिक मानदंड और अपवाद हैं।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018सर्वोच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश अपना त्यागपत्र किसे लिखकर दे सकता है?
सर्वोच्च न्यायालय का कोई न्यायाधीश अपना त्यागपत्र किसे लिखकर दे सकता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) राष्ट्रपति

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (a) राष्ट्रपति है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों और उनमें मूल संरचना घोषित किए गए तत्वों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. इंदिरा…

सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों और उनमें मूल संरचना घोषित किए गए तत्वों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण (1975) : स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा विधि का शासन 2. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980) : मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के बीच संतुलन तथा न्यायिक समीक्षा 3. एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) : धर्मनिरपेक्षता और संघवाद उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। ये सभी सुप्रीम कोर्ट के मील के पत्थर निर्णय हैं जिनमें संविधान के आधारभूत ढांचे के विभिन्न तत्वों की पुष्टि की गई।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के संदर्भ में:धन का उपयोग टिकाऊ परिसंपत्तियों के लिए होना चाहिए।एक निर्धारित हिस्सा अनुसूचित जाति/जनजा…
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के संदर्भ में:
  1. धन का उपयोग टिकाऊ परिसंपत्तियों के लिए होना चाहिए।
  2. एक निर्धारित हिस्सा अनुसूचित जाति/जनजाति आबादी के हित में होना चाहिए।
  3. अप्रयुक्त धन अगले वर्ष नहीं ले जाया जा सकता।
  4. जिला प्राधिकरण को कम-से-कम 10% कार्यों का निरीक्षण करना चाहिए।
सही कथन चुनिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) केवल 1, 2 और 4

क्यों?

  • MPLADS निधि गैर-लैप्सेबल है; 1, 2 और 4 सही हैं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसांसदों और राज्य विधानमंडल के सदस्यों की सामान्य अयोग्यता पर निर्वाचन आयोग की भूमिका के बारे में कौन-सा कथन सही है?

सांसदों और राज्य विधानमंडल के सदस्यों की सामान्य अयोग्यता पर निर्वाचन आयोग की भूमिका के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 103 और 192 के तहत संसद/राज्य विधानमंडल सदस्यों की कुछ अयोग्यताओं पर राष्ट्रपति या राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय लेकर उसके अनुसार निर्णय करते हैं। दलबदल संबंधी प्रश्न दसवीं अनुसूची के तहत सदन के अध्यक्ष/सभापति के पास जाते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसांसदों पर लोकपाल अधिकार क्षेत्र में कौन-सी संवैधानिक छूट लागू रहती है?

सांसदों पर लोकपाल अधिकार क्षेत्र में कौन-सी संवैधानिक छूट लागू रहती है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

लोकपाल का अधिकार क्षेत्र सांसदों तक जाता है, लेकिन संसदीय भाषण और मतदान पर संविधान का विशेषाधिकार संरक्षण बना रहता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसाइमन कमीशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 1927 में निर्धारित समीक्षा अवधि से पहले नियुक्त किया गया। 2. इसके 7 सदस्यों में…

साइमन कमीशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 1927 में निर्धारित समीक्षा अवधि से पहले नियुक्त किया गया। 2. इसके 7 सदस्यों में 2 भारतीय सदस्य थे। 3. इसने प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त कर उत्तरदायी सरकार की दिशा में परिवर्तन सुझाया। सही कथन कौन-से हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। साइमन कमीशन 1927 में नियुक्त हुआ और उसके सभी सात सदस्य ब्रिटिश थे; इसलिए कथन 2 गलत है। भारतीय सदस्य न होने के कारण व्यापक बहिष्कार हुआ। आयोग ने प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त करने और प्रांतीय उत्तरदायित्व बढ़ाने की सिफारिश की।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसामयिक अध्यक्ष (Speaker Pro Tem) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

सामयिक अध्यक्ष (Speaker Pro Tem) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। नई लोकसभा के गठन के समय स्थायी अध्यक्ष अभी चुना नहीं गया होता, इसलिए राष्ट्रपति एक वरिष्ठ सदस्य को Speaker Pro Tem के रूप में नियुक्त करते हैं। वह नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने और नियमित अध्यक्ष के चुनाव तक सदन की प्रारंभिक कार्यवाही संचालित करने का सीमित दायित्व निभाता है। यह कोई अलग दीर्घकालिक संवैधानिक पद नहीं है; अध्यक्ष का चुनाव होते ही इसकी अस्थायी भूमिका समाप्त हो जाती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसामान्य विधेयक पर संसद के दोनों सदनों की 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दूसरा सद…

सामान्य विधेयक पर संसद के दोनों सदनों की 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दूसरा सदन विधेयक अस्वीकार कर दे, संशोधनों पर अंतिम असहमति हो या छह महीने से अधिक कार्रवाई न करे तो संयुक्त बैठक की स्थिति बन सकती है। 2. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता सामान्यतः लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। 3. संयुक्त बैठक में निर्णय उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 108 साधारण विधेयक पर द्विसदनीय गतिरोध तोड़ने का उपाय है। अस्वीकृति, संशोधन पर असहमति या दूसरे सदन द्वारा छह महीने से अधिक विधेयक रोकना संयुक्त बैठक की परिस्थितियाँ हैं। अध्यक्षता Speaker करते हैं और निर्णय साधारण बहुमत से होता है। लोकसभा की संख्या अधिक होने के कारण व्यवहार में उसका संख्यात्मक प्रभाव अधिक रहता है, लेकिन संयुक्त बैठक में दोनों सदनों के सदस्य एक साथ मतदान करते हैं।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019सामुदायिक विकास कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
सामुदायिक विकास कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी में इस प्रश्न के लिए विकल्प (E) स्वीकार किया गया है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसार्वजनिक उपक्रमों संबंधी समिति ( Committee on Public Undertakings - COPU) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति का गठन वर्ष…

सार्वजनिक उपक्रमों संबंधी समिति ( Committee on Public Undertakings - COPU) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस समिति का गठन वर्ष 1964 में कृष्ण मेनन समिति की सिफारिश पर किया गया था। 2. इसमें कुल 22 सदस्य (15 लोक सभा और 7 राज्य सभा) होते हैं। 3. समिति का अध्यक्ष केवल लोक सभा के सदस्यों में से ही नियुक्त किया जाता है। 4. यह समिति सार्वजनिक उपक्रमों के दैनिक प्रशासन या सरकारी नीति से जुड़े सामान्य मामलों की जांच नहीं करती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों कथन सही हैं। COPU की स्थापना 1964 में हुई थी और इसके अध्यक्ष सदैव लोक सभा सदस्य ही होते हैं।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023सिक्किम भारतीय संघ का पूर्ण राज्य कब बना?
सिक्किम भारतीय संघ का पूर्ण राज्य कब बना?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) 1975

क्यों?

  • 36वें संविधान संशोधन, 1975 के बाद सिक्किम भारत का पूर्ण राज्य बना।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसीएजी ( CAG) के लेखापरीक्षा क्षेत्राधिकार (Audit Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

सीएजी ( CAG) के लेखापरीक्षा क्षेत्राधिकार (Audit Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (c) गलत है। CAG की भूमिका केवल regulatory audit तक सीमित नहीं है; वह propriety और performance audit भी करता है। सरकारी कंपनियों तथा सरकारी वित्त से महत्वपूर्ण रूप से जुड़े निकायों की लेखापरीक्षा का दायरा संविधान, CAG (DPC) Act और संबंधित कानूनों से तय होता है।