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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 165

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3281–3300 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय प्रणाली को कभी-कभी 'प्रधानमंत्रीय सरकार' (Prime Ministerial Government) के रूप में क्यों वर्णित किया जाता है?

संसदीय प्रणाली को कभी-कभी 'प्रधानमंत्रीय सरकार' (Prime Ministerial Government) के रूप में क्यों वर्णित किया जाता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। आधुनिक संसदीय सरकार में प्रधानमंत्री मंत्रियों की नियुक्ति/पोर्टफोलियो, कैबिनेट एजेंडा, संसदीय रणनीति, दलगत नेतृत्व और राष्ट्रपति के साथ संचार में केंद्रीय भूमिका निभाता है। इसी कारण कुछ विद्वानों ने कैबिनेट सरकार के प्रधानमंत्री-केंद्रित होने की बात कही है। पर यह राजनीतिक व्यवहार का वर्णन है, संवैधानिक रूप से सारी शक्ति प्रधानमंत्री में निहित होने का कथन नहीं। कानून संसद बनाती है और मंत्रिमंडल की सामूहिक उत्तरदायित्व व्यवस्था बनी रहती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय प्रणाली में प्रधानमंत्री की स्थिति के संदर्भ में लॉर्ड मॉर्ले (Lord Morley) ने प्रधानमंत्री को किस रूप में वर्णित किया था?

संसदीय प्रणाली में प्रधानमंत्री की स्थिति के संदर्भ में लॉर्ड मॉर्ले (Lord Morley) ने प्रधानमंत्री को किस रूप में वर्णित किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। लॉर्ड मॉर्ले ने प्रधानमंत्री को 'समानों में प्रथम' (Primus inter pares) कहा। इसका अर्थ है कि औपचारिक रूप से सभी कैबिनेट मंत्री सहकर्मी होते हैं, परंतु प्रधानमंत्री उनके बीच नेतृत्वकारी और केंद्रीय भूमिका निभाता है। 'Moon among lesser stars' का उल्लेख सर विलियम हारकोर्ट से जोड़ा जाता है। ऐसे उद्धरण UPSC में अक्सर लेखक और कथन के सही मिलान के रूप में पूछे जाते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय विशेषाधिकारों ( 1. संसद के किसी भी सदस्य को संसद सत्र के दौरान तथा सत्र के 40 दिन पूर्व और 40 दिन बाद तक दीवानी मामलों (Civil matters) में…

संसदीय विशेषाधिकारों ( 1. संसद के किसी भी सदस्य को संसद सत्र के दौरान तथा सत्र के 40 दिन पूर्व और 40 दिन बाद तक दीवानी मामलों (Civil matters) में गिरफ्तारी से छू ट प्राप्त है। 2. यह गिरफ्तारी से उन्मुक्ति आपराधिक मामलों ( Criminal matters) या निवारक निरोध (Preventive Detention) पर लागू नहीं होती है। 3. संसद को अपनी कार्यवाही के प्रकाशन को प्रतिबंधित करने और अपनी अवमानना के लिए बाहरी व्यक्तियों को दंडित करने का अधिकार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। नागरिक प्रक्रिया संहिता के तहत सांसदों को दीवानी मामलों में सत्र के 40 दिन पहले और बाद तक गिरफ्तारी से उन्मुक्ति प्राप्त है, लेकिन यह आपराधिक मामलों या निवारक निरोध पर लागू नहीं होती। सदन को अपनी अवमानना पर किसी बाहरी व्यक्ति को भी दंडित करने का अधिकार है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय विशेषाधिकारों ( Parliamentary Privileges) और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के बीच टकराव के संदर्भ में ऐतिहासिक सर्चलाइट मामला (एमएसएम शर्मा ब…

संसदीय विशेषाधिकारों ( Parliamentary Privileges) और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के बीच टकराव के संदर्भ में ऐतिहासिक सर्चलाइट मामला (एमएसएम शर्मा बनाम श्रीकृ ष्ण सिन्हा, 1959) में उच्चतम न्यायालय ने क्या व्यवस्था दी थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सर्चलाइट मामले (1959) में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने माना कि जब सदन के विशेषाधिकारों और अनुच्छेद 19(1) के बीच a टकराव होता है, तो सदन के विशेषाधिकार प्रभावी होते हैं और सदन अपनी प्रतिबंधित कार्यवाहियों के प्रकाशन को रोक सकता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय विशेषाधिकारों ( Parliamentary Privileges) के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत सांसदों को प्राप्त अधिकारों पर विचार कीजिए: 1. संसद…

संसदीय विशेषाधिकारों ( Parliamentary Privileges) के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत सांसदों को प्राप्त अधिकारों पर विचार कीजिए: 1. संसद में सदस्यों को वाक् -स्वतंत्रता ( Freedom of speech) प्राप्त है जो अनुच्छेद 19(2) के सामान्य प्रतिबंधों के अधीन नहीं है, किंतु यह सदन की प्रक्रिया और नियमों के अधीन है। 2. संसद या उसकी किसी समिति में कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में किसी सदस्य के विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती। 3. सांसदों को दीवानी मामलों में संसद सत्र के दौरान तथा सत्र से 40 दिन पहले और 40 दिन बाद तक गिरफ्तारी से उन्मुक्ति प्राप्त है, किंतु यह उन्मुक्ति आपराधिक मामलों या निवारक निरोध ( Preventive Detention) पर लागू नहीं होती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 105 सांसदों को सदन में पूर्ण अभिव्यक्ति व मतदान की उन्मुक्ति देता है तथा दीवानी मामलों में 40 दिन की गिरफ्तारी से सुरक्षा देता है (आपराधिक मामलों में नहीं)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय विशेषाधिकारों (अनुच्छेद 105) के तहत सांसदों के व्यक्तिगत विशेषाधिकारों में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?

संसदीय विशेषाधिकारों (अनुच्छेद 105) के तहत सांसदों के व्यक्तिगत विशेषाधिकारों में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। सांसदों को संसदीय कार्य के स्वतंत्र निर्वहन के लिए कुछ विशेषाधिकार मिलते हैं, लेकिन वे सामान्य आपराधिक कानून से ऊपर नहीं हैं। दीवानी मामलों में गिरफ्तारी से ऐतिहासिक/कानूनी सीमित संरक्षण उपलब्ध रहा है, पर आपराधिक आरोप या preventive detention में ऐसी सार्वभौमिक immunity नहीं है। अनुच्छेद 105(2) विशेष रूप से संसद में भाषण या मतदान के लिए न्यायालयीय कार्यवाही से प्रतिरक्षा देता है। विशेषाधिकार का उद्देश्य कार्यात्मक स्वतंत्रता है, व्यक्तिगत दंडमुक्ति नहीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय विशेषाधिकारों के संहिताकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 105(3) संसद को अपने सदनों, सदस्यों और समितियों के वि…

संसदीय विशेषाधिकारों के संहिताकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 105(3) संसद को अपने सदनों, सदस्यों और समितियों के विशेषाधिकार कानून द्वारा परिभाषित करने की अनुमति देता है। 2. संसद ने अब तक सभी संसदीय विशेषाधिकारों को समग्र रूप से संहिताबद्ध करने वाला एक व्यापक कानून नहीं बनाया है। 3. यदि संसद विशेषाधिकारों को परिभाषित करने के लिए कानून बनाती है, तो वह कानून संविधान की सर्वोच्चता और न्यायिक समीक्षा के सामान्य सिद्धांतों से पूर्णतः बाहर नहीं हो जाता। कौन-से कथन सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों सही हैं। विशेषाधिकारों का बड़ा भाग आज भी संविधान, सदन के नियमों, परंपराओं और न्यायिक निर्णयों से समझा जाता है। Raja Ram Pal जैसे निर्णयों ने यह भी स्पष्ट किया है कि संसदीय विशेषाधिकार असीमित या संविधान से ऊपर नहीं हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय व्यवस्था में मंत्रियों की 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) की अवधारणा का क्या अर्थ है? 1. सभी मंत्री लोकसभा में अपनी सरक…

संसदीय व्यवस्था में मंत्रियों की 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) की अवधारणा का क्या अर्थ है? 1. सभी मंत्री लोकसभा में अपनी सरकार के निर्णयों के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं। 2. यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो सभी मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ता है, जिसमें राज्यसभा से आए मंत्री भी शामिल हैं। 3. कैबिनेट के फैसलों से असहमत होने पर भी किसी मंत्री को सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन करना होता है, अन्यथा उसे त्यागपत्र देना पड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। सामूहिक उत्तरदायित्व का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 75(3) है—मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति एक इकाई के रूप में उत्तरदायी है। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद जाती है, चाहे कुछ मंत्री राज्यसभा के सदस्य ही क्यों न हों। कैबिनेट के भीतर मतभेद संभव हैं, लेकिन निर्णय हो जाने के बाद सार्वजनिक रूप से उसका समर्थन करना सामूहिक उत्तरदायित्व का हिस्सा है; असहमति बनाए रखने वाला मंत्री प्रायः इस्तीफा देता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय शब्दावली में गिलोटिन ( Guillotine) का क्या अर्थ है?

संसदीय शब्दावली में गिलोटिन ( Guillotine) का क्या अर्थ है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

गिलोटिन वह संसदीय प्रक्रिया है जिसके तहत बजट के लिए आवंटित समय समाप्त होने पर जिन अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं हो पाई होती है, उन्हें भी बिना चर्चा के सीधे मतदान के लिए रख दिया जाता है। <PARSED TEXT FOR PAGE: 16 / 16> प्र. सं. सही उत्तर व्याख्या (Explanation)

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017संसदीय शासन प्रणाली का मुख्य लाभ क्या है?
संसदीय शासन प्रणाली का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी रहती है

क्यों?

  • संसदीय प्रणाली का मूल तत्व कार्यपालिका की विधायिका के प्रति उत्तरदायित्व है।
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019संसदीय शासन व्यवस्था के बारे में कौन-सा कथन सही है?
संसदीय शासन व्यवस्था के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी में इस प्रश्न के लिए विकल्प (E) स्वीकार किया गया है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020संसदीय शासन व्यवस्था में—
संसदीय शासन व्यवस्था में—
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) सरकार विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है

क्यों?

  • संसदीय शासन में मंत्रिपरिषद विधायिका, विशेषतः निचले सदन, के प्रति उत्तरदायी होती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय समितियों की सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिकांश समिति-रिपोर्टें सलाहकारी प्रकृति की होती हैं और सरकार पर स्वत…

संसदीय समितियों की सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अधिकांश समिति-रिपोर्टें सलाहकारी प्रकृति की होती हैं और सरकार पर स्वतः विधिक रूप से बाध्यकारी नहीं होतीं। 2. कुछ वित्तीय समितियों—विशेषकर PAC—का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाने के बाद लेखों और लेखापरीक्षण की 'post-mortem' जाँच करता है, जबकि सभी संसदीय समितियों पर यह सीमा समान रूप से लागू नहीं होती। 3. समितियाँ सामान्यतः दिन-प्रतिदिन के कार्यपालिका प्रशासन को अपने हाथ में नहीं लेतीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। समिति-प्रणाली संसद को विस्तृत जाँच का समय देती है, लेकिन उसकी रिपोर्टें सामान्यतः advisory होती हैं और अंतिम राजनीतिक/विधायी निर्णय सदन या सरकार पर रहता है। PAC का काम काफी हद तक expenditure के बाद audit-based scrutiny है, इसलिए उसे post-mortem financial control कहा जाता है; यह विशेषता हर समिति पर लागू नहीं—DRSCs bills और Demands for Grants को पहले भी जाँचती हैं। समितियाँ oversight करती हैं, रोजमर्रा का प्रशासन स्वयं नहीं चलातीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय समितियों के वर्गीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी समिति 'स्थायी समिति' (Standing Committee) नहीं है?

संसदीय समितियों के वर्गीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी समिति 'स्थायी समिति' (Standing Committee) नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। PAC, Estimates Committee और Committee on Public Undertakings संसद की स्थायी वित्तीय समितियाँ हैं, जिन्हें नियमित रूप से पुनर्गठित किया जाता है। किसी विशेष विधेयक की जाँच के लिए गठित Select Committee या Joint Committee एक ad hoc committee होती है—उसका अस्तित्व निर्दिष्ट कार्य/रिपोर्ट पूरी होने तक रहता है। यही Standing और Ad hoc समितियों का मूल अंतर है: पहली निरंतर संसदीय ढाँचे का भाग है, दूसरी विशिष्ट उद्देश्य के लिए अस्थायी।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसदीय सरकार को 'कैबिनेट सरकार' या 'उत्तरदायी सरकार' भी कहा जाता है। इसके संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

संसदीय सरकार को 'कैबिनेट सरकार' या 'उत्तरदायी सरकार' भी कहा जाता है। इसके संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका विधायिका से निकलती है और उसके प्रति उत्तरदायी रहती है, इसलिए यहाँ शक्तियों का कठोर पृथक्करण नहीं, बल्कि 'शक्तियों का संलयन' (Fusion of Powers) पाया जाता है। प्रश्नकाल, अविश्वास प्रस्ताव, चर्चा और संसदीय समितियाँ कार्यपालिका पर निरंतर नियंत्रण के साधन हैं। कठोर पृथक्करण अध्यक्षीय प्रणाली, विशेषकर अमेरिकी मॉडल, की प्रमुख विशेषता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसदन की अवमानना ( Contempt of the House) और विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) के बीच क्या अंतर है?

सदन की अवमानना ( Contempt of the House) और विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) के बीच क्या अंतर है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अवमानना ( Contempt ) एक व्यापक अवधारणा है; ऐसा कोई भी कृत्य जो सदन के कार्य में बाधा डाले, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाए या उसके प्राधिकार को चुनौती दे, अवमानना है, भले ही वह किसी संहिताबद्ध विशिष्ट विशेषाधिकार का उल्लंघन न हो।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसदन के पटल पर व्यवस्था का प्रश्न ( Point of Order) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

सदन के पटल पर व्यवस्था का प्रश्न ( Point of Order) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

व्यवस्था का प्रश्न सदन के नियमों या संविधान के उल्लंघन पर उठाया जाता है। यह एक असाधारण प्रक्रिया है जो चल रही चर्चा को तुरंत रोक देती है और पीठासीन अधिकारी इस पर अंतिम निर्णय देते हैं (इस पर कोई बहस नहीं होती)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसमवर्ती सूची ( Concurrent List) के विषयों पर कानून निर्माण और केंद्र-राज्य टकराव के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 254 के प्रावधानों पर विचार कीज…

समवर्ती सूची ( Concurrent List) के विषयों पर कानून निर्माण और केंद्र-राज्य टकराव के संदर्भ में संविधान के अनुच्छेद 254 के प्रावधानों पर विचार कीजिए: 1. यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाई गई विधि और संसद द्वारा बनाई गई विधि में

उत्तर और पूरी व्याख्या

Article 254 Concurrent List में repugnancy की व्यवस्था देता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसमवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर केंद्र और राज्य के कानूनों के बीच टकराव की स्थिति में क्या प्रावधान है? 1. सामान्य नियम के अनुसार …

समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर केंद्र और राज्य के कानूनों के बीच टकराव की स्थिति में क्या प्रावधान है? 1. सामान्य नियम के अनुसार केंद्रीय कानून राज्य कानून पर प्रभावी होता है और असंगति की सीमा तक राज्य कानून अप्रभावी हो जाता है। 2. यदि राज्य के कानून को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रखा गया था और राष्ट्रपति की सहमति मिल गई है, तो वह कानून उस राज्य में प्रभावी रह सकता है। 3. किंतु इसके बाद भी संसद उस राज्य कानून को संशोधित, परिवर्तित या निरस्त करने वाला कानून बना सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 254 का सामान्य नियम है कि समवर्ती सूची में केंद्र और राज्य कानून में प्रतिकूलता होने पर केंद्रीय कानून प्रभावी होगा। अनुच्छेद 254(2) एक अपवाद देता है: राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त राज्य कानून उस राज्य में प्रभावी रह सकता है। लेकिन संसद की अंतिम विधायी प्रधानता बनी रहती है—वह बाद में नया कानून बनाकर ऐसे राज्य कानून को संशोधित या निरस्त कर सकती है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017समाज में समानता का एक निहितार्थ किसकी अनुपस्थिति है?
समाज में समानता का एक निहितार्थ किसकी अनुपस्थिति है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) विशेषाधिकार

क्यों?

  • समानता का सिद्धांत जन्म या दर्जे पर आधारित विशेषाधिकारों को अस्वीकार करता है।