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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 163

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3241–3260 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा के अन्य कार्यों से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय ध्वज को अपनाना — 22 जुलाई 1947 2. राष्ट्रमंडल सदस्यता की प…

संविधान सभा के अन्य कार्यों से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय ध्वज को अपनाना — 22 जुलाई 1947 2. राष्ट्रमंडल सदस्यता की पुष्टि — मई 1949 3. राष्ट्रीय गान को अपनाना — 24 जनवरी 1950 4. डॉ. राजेंद्र प्रसाद को प्रथम राष्ट्रपति चुनना — 26 जनवरी 1950। कितने युग्म सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

पहले तीन युग्म सही हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद का प्रथम राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन/घोषणा 24 जनवरी 1950 की अंतिम बैठक में हुआ, न कि 26 जनवरी को। 26 जनवरी 1950 को संविधान प्रभावी हुआ और भारत गणराज्य बना।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा के उपाध्यक्षों के रूप में किनका निर्वाचन हुआ? 1. डॉ. एच. सी. मुखर्जी 2. वी. टी. कृष्णमाचारी 3. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

संविधान सभा के उपाध्यक्षों के रूप में किनका निर्वाचन हुआ? 1. डॉ. एच. सी. मुखर्जी 2. वी. टी. कृष्णमाचारी 3. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

उत्तर और पूरी व्याख्या

डॉ. एच. सी. मुखर्जी और वी. टी. कृष्णमाचारी संविधान सभा के उपाध्यक्ष चुने गए थे। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने पहली बैठक में अस्थायी अध्यक्ष की भूमिका निभाई थी; वे उपाध्यक्ष नहीं थे।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा के कार्यकाल के संबंध में कौन-सा विकल्प सही है?

संविधान सभा के कार्यकाल के संबंध में कौन-सा विकल्प सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संविधान सभा ने 11 सत्रों में कुल 165 दिनों तक बैठक की और इनमें 114 दिन प्रारूप संविधान पर विचार में लगे। यह तथ्य संविधान-निर्माण की गहराई को दिखाता है—सभा ने केवल अंतिम पाठ को मंजूरी नहीं दी, बल्कि धाराओं, संशोधनों और वैकल्पिक प्रस्तावों पर लंबी बहस की।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा के सदस्यों के चयन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रांतीय प्रतिनिधियों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं ने आनुपातिक प्…

संविधान सभा के सदस्यों के चयन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रांतीय प्रतिनिधियों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं ने आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा एकल संक्रमणीय मत से किया। 2. रियासतों के प्रतिनिधि शासकों द्वारा नामित किए जाने थे। 3. संविधान सभा आंशिक रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से नामित निकाय थी। कितने कथन सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। संविधान सभा का गठन प्रत्यक्ष जनमत से नहीं हुआ था। ब्रिटिश भारत के प्रतिनिधि अप्रत्यक्ष चुनाव से आए और देशी रियासतों के प्रतिनिधि नामांकन से। इसलिए उसकी संरचना निर्वाचित और नामित दोनों तत्वों का मिश्रण थी।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा में डॉ. बी. आर. आंबेडकर द्वारा 'राज्यों का संघ' (Union of States) शब्दावली के प्रयोग के पक्ष में दिए गए दो प्रमुख कारण क्या थे? 1. भा…

संविधान सभा में डॉ. बी. आर. आंबेडकर द्वारा 'राज्यों का संघ' (Union of States) शब्दावली के प्रयोग के पक्ष में दिए गए दो प्रमुख कारण क्या थे? 1. भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है। 2. राज्यों को संघ से अलग होने (Secede) का कोई अधिकार नहीं है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। डॉ. आंबेडकर ने 'Union' शब्द का उपयोग इस बात पर जोर देने के लिए किया कि भारत किसी संधि या राज्यों के आपसी समझौते से बना संघ नहीं है। इसलिए किसी राज्य को एकतरफा अलग होने का अधिकार भी नहीं दिया गया। यह अमेरिकी संघ के ऐतिहासिक निर्माण से अलग भारतीय संवैधानिक दृष्टिकोण को दिखाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा में भारत के लिए अध्यक्षीय प्रणाली के स्थान पर संसदीय प्रणाली को अपनाने के प्रमुख कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. ब्र…

संविधान सभा में भारत के लिए अध्यक्षीय प्रणाली के स्थान पर संसदीय प्रणाली को अपनाने के प्रमुख कारणों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल थे? 1. ब्रिटिश शासन के दौरान इस व्यवस्था से भारतीयों की पूर्व-परिचितता। 2. स्थायित्व की तुलना में उत्तरदायित्व को अधिक प्राथमिकता देना। 3. विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव से बचने की आवश्यकता। 4. भारतीय समाज की विषम और बहुलवादी प्रकृति। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। संविधान निर्माताओं ने संसदीय शासन को इसलिए प्राथमिकता दी क्योंकि भारत इस व्यवस्था से पहले से परिचित था और वे 'स्थायित्व' से अधिक 'उत्तरदायित्व' को महत्व देते थे। संसदीय प्रणाली कार्यपालिका और विधायिका के बीच संस्थागत समन्वय बनाए रखती है, जिससे टकराव की संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। बहुलवादी भारतीय समाज में विविध समूहों को मंत्रिपरिषद और संसद के माध्यम से प्रतिनिधित्व देने की क्षमता भी इसे उपयुक्त बनाती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान-निर्माण से जुड़े व्यक्तियों और भूमिकाओं के युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बी. एन. राव — संवैधानिक सलाहकार 2. एच. वी. आर. आयंगर — मुख्य प्रारू…

संविधान-निर्माण से जुड़े व्यक्तियों और भूमिकाओं के युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बी. एन. राव — संवैधानिक सलाहकार 2. एच. वी. आर. आयंगर — मुख्य प्रारूपकार 3. एस. एन. मुखर्जी — संविधान सभा के सचिव 4. प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा — मूल अंग्रेज़ी संविधान के सुलेखक। कितने युग्म सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

युग्म 1 और 4 सही हैं। बी. एन. राव संवैधानिक सलाहकार थे और प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने मूल अंग्रेज़ी संविधान का सुलेखन किया। एच. वी. आर. आयंगर संविधान सभा के सचिव थे, जबकि एस. एन. मुखर्जी संयुक्त सचिव तथा प्रमुख प्रारूपकार/ड्राफ्ट्समैन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका में थे। इसलिए युग्म 2 और 3 उलटे दिए गए हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंवैधानिक नैतिकता ( Constitutional Morality) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने जॉर्ज ग्रोट (Ge…

संवैधानिक नैतिकता ( Constitutional Morality) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने जॉर्ज ग्रोट (George Grote) का हवाला देते हुए संविधान सभा में संवैधानिक नैतिकता को संविधान के रूपों और प्रक्रियाओं के प्रति निष्ठा तथा लोकतांत्रिक संयम के रूप में व्याख्यायित किया था। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने नवतेज सिंह जौहर (2018) और जोसेफ शाइन (2018) मामलों में माना कि संवैधानिक नैतिकता सामाजिक नैतिकता (Popular/Social Morality) से कहीं अधिक श्रेष्ठ और मार्गदर्शक है। 3. संवैधानिक नैतिकता का अर्थ बहुसंख्यक समाज की धार्मिक या पारंपरिक मान्यताओं को कानून पर थोपना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि संवैधानिक नैतिकता व्यक्तिगत गरिमा, समानता, स्वतंत्रता और बहुलवाद के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करती है, न कि बहुसंख्यक सामाजिक नैतिकता के आगे समर्पण करती है। कथन 1 और 2 सही हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019संवैधानिक संशोधनों के संदर्भ में:44वें संशोधन ने प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर किया।सुप्रीम कोर्ट ने 99वाँ संशोधन न्यायपालिका …
संवैधानिक संशोधनों के संदर्भ में:
  1. 44वें संशोधन ने प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर किया।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने 99वाँ संशोधन न्यायपालिका की स्वतंत्रता के विरुद्ध मानकर निरस्त किया।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • पहला कथन 39वें संशोधन से जुड़ी बहस से मेल खाता है; दूसरा सही है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020संवैधानिक सरकार मूलतः कैसी सरकार होती है?
संवैधानिक सरकार मूलतः कैसी सरकार होती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) सीमित सरकार

क्यों?

  • संविधान सरकार की शक्तियों को सीमित और नियंत्रित करता है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2026संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा/ कौन-से कथन सही है/हैं? इसके कार्यान्वयन की अवधि 1 अप्रैल, 20…
संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा/ कौन-से कथन सही है/हैं?
  1. इसके कार्यान्वयन की अवधि 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 है।
  2. संशोधित RGSA का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु पंचायती राज संस्थाओं की शासनक्षमताएँ विकसित करना है।
  3. सभी राज्यों और संघ राज्य-क्षेत्रों के लिए संशोधित RGSA हेतु केंद्रीय वित्त पोषण का हिस्सा 100% है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

व्याख्या

  • कथन 1 गलत: संशोधित RGSA की स्वीकृत अवधि 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 है।
  • कथन 2 सही: योजना का केंद्र पंचायती राज संस्थाओं की शासन क्षमता बढ़ाना और सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण को सक्षम बनाना है।
  • कथन 3 गलत: सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 100% केंद्रीय वित्तपोषण नहीं है; सामान्य राज्यों में 60:40 और पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों में 90:10 जैसी साझेदारी व्यवस्था लागू होती है।
परीक्षा नोट: Revamped RGSA = 2022–2026; लक्ष्य = PRI क्षमता + SDG स्थानीयकरण; 100% केंद्रीय हिस्सा सभी के लिए नहीं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद और राज्य विधानमंडलों के कानूनों के छठी अनुसूची के क्षेत्रों में लागू होने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. असम के स्वायत्त …

संसद और राज्य विधानमंडलों के कानूनों के छठी अनुसूची के क्षेत्रों में लागू होने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. असम के स्वायत्त जिलों के संबंध में राज्यपाल को यह निर्देश देने की शक्ति है कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई अधिनियम वहां लागू नहीं होगा या संशोधनों के साथ लागू होगा। 2. मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के स्वायत्त जिलों के संबंध में संसद के अधिनियमों के लागू होने पर निर्णय लेने की शक्ति भारत के राष्ट्रपति के पास है। 3. मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के स्वायत्त जिलों में राज्य विधानमंडल के अधिनियमों के लागू होने पर निर्णय लेने की शक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल के पास है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

Sixth Schedule में Act applicability के लिए राज्य-विशिष्ट संवैधानिक उपबंध लागू होते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद की 'विशेषाधिकार समिति' (Committee of Privileges) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

संसद की 'विशेषाधिकार समिति' (Committee of Privileges) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। Privileges Committee का काम यह देखना है कि किसी सदस्य, समिति या सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन या contempt हुआ है या नहीं। यह तथ्य-जाँच और सुनवाई के कारण अर्ध-न्यायिक स्वरूप रखती है, पर अंतिम दंडात्मक अधिकार सदन का रहता है। लोकसभा और राज्यसभा में इसकी संरचना अलग संख्या की है। समिति रिपोर्ट और सिफारिश देती है; उसे सामान्य न्यायालय की तरह स्वतंत्र अंतिम दंडादेश देने वाला निकाय नहीं समझना चाहिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद की वित्तीय समितियों में लोक लेखा समिति ( Public Accounts Committee - PAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें कुल 22 सदस…

संसद की वित्तीय समितियों में लोक लेखा समिति ( Public Accounts Committee - PAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोक सभा से और 7 राज्य सभा से) जो एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते हैं। 2. कोई भी मंत्री इस समिति का सदस्य नहीं बन सकता। 3. 1967 से चली आ रही परंपरा के अनुसार समिति का अध्यक्ष विपक्षी दल के किसी सदस्य को नियुक्त किया जाता है। 4. यह समिति सीएजी ( CAG) की वार्षिक ऑडिट रिपोर्टों की सूक्ष्म जांच करती है, अतः CAG को इसका मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों कथन सही हैं। PAC संसद की सबसे पुरानी वित्तीय समिति (1921 में गठित) है। इसके अध्यक्ष की नियुक्ति लोक सभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है जो विपक्ष से होता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के किसी सदन के आंतरिक मामलों के संचालन और आंतरिक प्रक्रियाओं में न्यायालयों के हस्तक्षेप के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 122 के तहत क्या उप…

संसद के किसी सदन के आंतरिक मामलों के संचालन और आंतरिक प्रक्रियाओं में न्यायालयों के हस्तक्षेप के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 122 के तहत क्या उपबंध है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 122(1) स्पष्ट रूप से यह घोषित करता है कि संसद की किसी कार्यवाही की विधिमान्यता को केवल प्रक्रिया की अनियमितता (Procedural irregularity ) के आधार पर किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के दोनों सदनों की अवधि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

संसद के दोनों सदनों की अवधि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 83(1) राज्यसभा को स्थायी सदन बनाता है और लगभग एक-तिहाई सदस्यों की द्विवार्षिक सेवानिवृत्ति का ढाँचा देता है; छह वर्ष का व्यक्तिगत कार्यकाल संसद द्वारा बनाए गए कानून में निर्धारित है। लोकसभा का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष है। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संसद इसे एक बार में केवल एक वर्ष तक बढ़ा सकती है, और आपातकाल समाप्त होने के छह महीने से आगे वह विस्तार जारी नहीं रह सकता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों ( Committees of Privileges) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक सभा की विशेषाधिकार …

संसद के दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों ( Committees of Privileges) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लोक सभा की विशेषाधिकार समिति में 15 सदस्य होते हैं, जबकि राज्य सभा की विशेषाधिकार समिति में 10 सदस्य होते हैं। 2. इस समिति का कार्य सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन के मामलों की जांच करना और उपयुक्त दंड की सिफारिश करना है। 3. विशेषाधिकार समिति अर्ध-न्यायिक ( Quasi-judicial) प्रकृ ति की होती है और यह गवाहों को बुला सकती है तथा दस्तावेजों की मांग कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। लोक सभा में 15 और राज्य सभा में 10 सदस्यों वाली विशेषाधिकार समिति सदन के पीठासीन अधिकारी द्वारा मनोनीत की जाती है और यह अर्ध-न्यायिक जांच करती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लो…

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं, और उनकी अनुपस्थिति में राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) करते हैं। 2. संयुक्त बैठक में विधेयक उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से पारित होता है। 3. संविधान संशोधन विधेयक ( Constitution Amendment Bill) और धन विधेयक के मामले में संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 गलत है क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष और उनकी अनुपस्थिति में 'राज्यसभा के उपसभापति' संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हैं; राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करते क्योंकि वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं होते। कथन 2 और 3 सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में राष्ट्रपति की भूमिका के बारे में कौन-सा कथन सही है?

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting — अनुच्छेद 108) के संदर्भ में राष्ट्रपति की भूमिका के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति दोनों सदनों के बीच साधारण विधेयक पर गतिरोध की निर्दिष्ट परिस्थितियों में संयुक्त बैठक बुला सकते हैं। इसकी अध्यक्षता सामान्यतः लोकसभा अध्यक्ष करते हैं; उनके अभाव में उपाध्यक्ष आदि निर्धारित क्रम में अध्यक्षता करते हैं। धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है। राष्ट्रपति बैठक के निर्णायक मतदाता या अध्यक्ष नहीं होते।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंसद के विभिन्न प्रस्तावों ( 1. काम रोको प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है और यह केवल ल…

संसद के विभिन्न प्रस्तावों ( 1. काम रोको प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है और यह केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है। 2. अविश्वास प्रस्ताव ( No-Confidence Motion) लाने के लिए सदन में इसके कारणों का उल्लेख करना अनिवार्य है। 3. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (Calling Attention Motion) भारतीय संसदीय व्यवस्था की एक स्वदेशी खोज (1954 से) है, जिसका प्रक्रिया नियमों में उल्लेख है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 2 गलत है क्योंकि लोकसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव ( - No Confidence Motion) लाने के लिए किसी कारण का उल्लेख करना आवश्यक नहीं होता है। कथन 1 और 3 सही हैं; काम रोको प्रस्ताव केवल लोकसभा में 50 सदस्यों के समर्थन से आता है और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव 1954 से एक भारतीय नवाचार है।