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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 162

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3221–3240 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301 से 307) में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद …

संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301 से 307) में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 301, भाग XIII के अन्य प्रावधानों के अधीन, भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता की सामान्य गारंटी देता है। 2. संसद सार्वजनिक हित में राज्यों के बीच व्यापार की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगा सकती है (अनुच्छेद 302)। 3. राज्य विधानमंडल अनुच्छेद 304(b) के तहत सार्वजनिक हित में युक्तियुक्त प्रतिबंध प्रस्तावित कर सकता है, पर ऐसे विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 301 स्वतंत्रता की आधारभूत घोषणा करता है, लेकिन यह निरपेक्ष नहीं है—पूरा भाग XIII पढ़ना आवश्यक है। अनुच्छेद 302 संसद को सार्वजनिक हित में प्रतिबंध लगाने देता है, जबकि अनुच्छेद 304 राज्यों को कुछ सीमित परिस्थितियों में कर/प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। अनुच्छेद 304(b) के प्रतिबंधकारी विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। प्रश्न की भाषा में 'पूर्ण और अबाध' कहना भ्रामक होता, इसलिए यहाँ संवैधानिक अपवाद स्पष्ट किए गए हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के भाग XIII में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता (Freedom of Trade, Commerce and Intercourse) के संदर्भ में अनुच्छेद 301 की विषय-व…

संविधान के भाग XIII में व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता (Freedom of Trade, Commerce and Intercourse) के संदर्भ में अनुच्छेद 301 की विषय-वस्तु पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 301 घोषणा करता है कि संविधान के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और समागम स्वतंत्र होगा। 2. यह स्वतंत्रता अंतर-राज्यीय ( Inter-state) व्यापार के साथ-साथ अंतर-राज्यीय (Intra-state / राज्य के भीतर) व्यापार पर भी लागू होती है। 3. अनुच्छेद 301 ऑस्ट्रेलियाई संविधान की धारा 92 से प्रेरित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 301 भारत को एक एकीकृ त आर्थिक इकाई बनाता है और राज्यों के बीच व्यापारिक बाधाओं को रोकता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के भाग XIV-A (अधिकरण / Tribunals) के अंतर्गत अनुच्छेद 323A और 323B के बीच अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A 1. अनुच्छ…

संविधान के भाग XIV-A (अधिकरण / Tribunals) के अंतर्गत अनुच्छेद 323A और 323B के बीच अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: A 1. अनुच्छेद 323 केवल लोक सेवा और पदों पर भर्ती व सेवा शर्तों से जुड़े विवादों के लिए प्रशासनिक अधिकरणों की स्थापना से संबंधित है। 2. अनुच्छेद 323A के तहत अधिकरण केवल संसद द्वारा स्थापित किया जा सकता है, जबकि अनुच्छेद 323B के तहत संसद और राज्य विधानमंडल दोनों अपनी विधायी क्षमता के विषयों (कर, विदेशी मुद्रा, भूमि सुधार आदि) पर अधिकरण बना सकते हैं। A 3. अनुच्छेद 323 के तहत केंद्र और प्रत्येक राज्य के लिए केवल एक अधिकरण की स्थापना हो सकती है, जबकि 323 के तहत B अधिकरणों का एक पदानुक्रम ( Hierarchy of tribunals) बनाया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

A B तीनों कथन सही हैं। 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए 323 (सेवा मामले, केवल संसद द्वारा) और 323 (अन्य मामले, संसद व राज्य विधानमंडल दोनों द्वारा) के बीच ये महत्वपूर्ण अंतर हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के भाग XX में अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संशोधन विधेयक संसद के किस…

संविधान के भाग XX में अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है, किंतु राज्य विधानमंडल में नहीं। 2. विधेयक को किसी मंत्री या गैर-सरकारी सदस्य (Private Member) द्वारा पेश किया जा सकता है। 3. विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि संविधान संशोधन विधेयक पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति (Prior permission) की आवश्यकता नहीं होती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के संघीय ढांचे (Federal Structure) से संबंधित प्रावधानों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के अतिरिक्त कम से कम कितने राज्यों के विधा…

संविधान के संघीय ढांचे (Federal Structure) से संबंधित प्रावधानों में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के अतिरिक्त कम से कम कितने राज्यों के विधानमंडलों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संघीय प्रावधानों के संशोधन हेतु कम से कम आधे (50%) राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत (Simple majority) से अनुसमर्थन प्राप्त होना आवश्यक है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019संविधान के संदर्भ में:उच्च न्यायालय किसी केंद्रीय कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकता।संवैधानिक संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा …
संविधान के संदर्भ में:
  1. उच्च न्यायालय किसी केंद्रीय कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकता।
  2. संवैधानिक संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) कोई नहीं

क्यों?

  • उच्च न्यायालय न्यायिक समीक्षा कर सकते हैं और संशोधन भी मूल संरचना परीक्षण के अधीन हैं।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024संविधान के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: नगरपालिकाओं की शक्तियाँ भाग IX-A में हैं।आपातकालीन प्रावधान भाग XVIII में हैं।संविधान संशोधन से संबंधि…
संविधान के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. नगरपालिकाओं की शक्तियाँ भाग IX-A में हैं।
  2. आपातकालीन प्रावधान भाग XVIII में हैं।
  3. संविधान संशोधन से संबंधित प्रावधान भाग XX में हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2 और 3

क्यों?

  • तीनों संवैधानिक भाग सही सुमेलित हैं।
  • भाग IX-A नगरपालिकाएँ, भाग XVIII आपातकाल और भाग XX संशोधन से संबंधित है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान के Part XXI की राज्यों से संबंधित विशेष व्यवस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. महाराष्ट्र और गुजरात — अनुच्छेद 37…

संविधान के Part XXI की राज्यों से संबंधित विशेष व्यवस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. महाराष्ट्र और गुजरात — अनुच्छेद 371 के तहत क्षेत्रीय विकास-संतुलन हेतु Governor को विशेष जिम्मेदारी देने की व्यवस्था। 2. नागालैंड — अनुच्छेद 371A के तहत कुछ परिस्थितियों में law and order पर Governor की special responsibility। 3. असम — अनुच्छेद 371B के तहत tribal areas के प्रतिनिधियों वाली विधानसभा समिति का विशेष प्रावधान। 4. मणिपुर — अनुच्छेद 371C के तहत Hill Areas Committee और उसके सुचारु कार्य के लिए Governor की special responsibility का प्रावधान। कितने युग्म सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। यहाँ एक सूक्ष्म सुधार जरूरी है: Assam के Article 371B में स्वयं Governor की 'special responsibility' वाली भाषा नहीं, बल्कि President को tribal areas के लिए Legislative Assembly committee की व्यवस्था करने की शक्ति दी गई है। Maharashtra/Gujarat में Article 371(2), Nagaland में 371A और Manipur में 371C Governor को विशेष संवैधानिक जिम्मेदारियाँ दे सकते हैं। इसलिए चारों युग्म अपने-अपने सही संवैधानिक प्रावधान को व्यक्त करते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023संविधान दिवस के संबंध में: कथन I: नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रसार के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। कथन II: 26 नवंबर 1949 क…
संविधान दिवस के संबंध में:

कथन I: नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रसार के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।

कथन II: 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने डॉ. आंबेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति गठित की।

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) I सही, II गलत

क्यों?

  • 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत किया गया था।
  • प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को गठित हुई थी, इसलिए कथन II गलत है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017संविधान निर्माताओं की मूल भावना सबसे स्पष्ट किसमें प्रतिबिंबित होती है?
संविधान निर्माताओं की मूल भावना सबसे स्पष्ट किसमें प्रतिबिंबित होती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) प्रस्तावना

क्यों?

  • प्रस्तावना संविधान के उद्देश्यों और मूल आदर्शों का संक्षिप्त कथन है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान में निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित बातों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सदस्यों की विशिष्ट शैक्षणिक/कानूनी योग्यता तय नहीं करता। 2. सं…

संविधान में निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित बातों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सदस्यों की विशिष्ट शैक्षणिक/कानूनी योग्यता तय नहीं करता। 2. संविधान स्वयं निश्चित कार्यकाल नहीं लिखता। 3. संविधान सेवानिवृत्त निर्वाचन आयुक्तों को किसी अन्य सरकारी पद से पूर्णतः निषिद्ध नहीं करता। कौन-से कथन सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन संविधान के पाठ के संदर्भ में सही हैं। हालांकि 2023 के अधिनियम ने पात्रता और पदावधि के लिए वैधानिक नियम निर्धारित किए हैं, जैसे सचिव-स्तर का अनुभव तथा छह वर्ष या 65 वर्ष, जो पहले हो।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2025संविधान संशोधन के लिए आधे से कम नहीं राज्यों के विधानमंडलों की पुष्टि किन विषयों में आवश्यक है? सातवीं अनुसूची की संघ सूचीराज्य की कार्यपालिका शक…
संविधान संशोधन के लिए आधे से कम नहीं राज्यों के विधानमंडलों की पुष्टि किन विषयों में आवश्यक है?
  1. सातवीं अनुसूची की संघ सूची
  2. राज्य की कार्यपालिका शक्ति की सीमा
  3. राज्यपाल के पद की शर्तें
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) केवल 1 और 2

क्यों?

  • सातवीं अनुसूची की सूचियों में परिवर्तन संघीय ढाँचे को प्रभावित करता है और राज्यों की पुष्टि आवश्यक है।
  • अनुच्छेद 162 में राज्य की कार्यपालिका शक्ति भी ऐसे संघीय प्रावधानों में आती है।
  • राज्यपाल की पद-शर्तों वाले अनुच्छेद 158 में संशोधन के लिए राज्यों की पुष्टि आवश्यक नहीं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान संशोधन विधेयक के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

संविधान संशोधन विधेयक के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संविधान संशोधन विधेयक के मामले में संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का कोई प्रावधान नहीं है। दोनों सदनों द्वारा इसे अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित किया जाना अनिवार्य है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2022संविधान संशोधन विधेयक के संदर्भ में: इसे पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक है।राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत होने पर assent देना अ…
संविधान संशोधन विधेयक के संदर्भ में:
  1. इसे पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक है।
  2. राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत होने पर assent देना अनिवार्य है।
  3. दोनों सदनों से विशेष बहुमत आवश्यक है और संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2 और 3

क्यों?

  • संविधान संशोधन विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक नहीं है।
  • अनुच्छेद 368 के तहत राष्ट्रपति assent देते हैं और दोनों सदनों में अलग-अलग विशेष बहुमत चाहिए।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान संशोधन विधेयक के संबंध में राष्ट्रपति की शक्तियों के संदर्भ में 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा क्या अनिवार्य प्रावधान किया गया…

संविधान संशोधन विधेयक के संबंध में राष्ट्रपति की शक्तियों के संदर्भ में 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा क्या अनिवार्य प्रावधान किया गया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

24वें संविधान संशोधन (1971) ने अनुच्छेद 368 में संशोधन कर यह स्पष्ट कर दिया कि जब संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति देंगे ही ( Shall give his assent ); वे न तो अनुमति रोक सकते हैं और न ही पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान संशोधन विधेयक जब संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होकर राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो राष्ट्रपति की शक्तियों के संदर्भ में…

संविधान संशोधन विधेयक जब संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होकर राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो राष्ट्रपति की शक्तियों के संदर्भ में क्या प्रावधान है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा यह बाध्यकारी बना दिया गया कि राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी सहमति देंगे ही। वे वीटो का प्रयोग नहीं कर सकते।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा ( Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली और गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के सदस्य वयस्क मताधिकार …

संविधान सभा ( Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली और गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के सदस्य वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष रूप से भारत की जनता द्वारा निर्वाचित किए गए थे। 2. प्रत्येक प्रांत और देशी रियासतों को उनकी संबंधित जनसंख्या के अनुपात में सीटें आवंटित की गई थीं। 3. देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा मनोनयन ( Nomination) के माध्यम से किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान सभा के सदस्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हुए थे। कथन 2 और 3 सही हैं; सीटें जनसंख्या के अनुपात (लगभग 10 लाख पर 1) में आवंटित थीं और देशी रियासतों के सदस्य मनोनीत थे।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा की आधिकारिक मुहर/प्रतीक के रूप में किस पशु का उपयोग किया गया?

संविधान सभा की आधिकारिक मुहर/प्रतीक के रूप में किस पशु का उपयोग किया गया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संविधान सभा की मुहर का प्रतीक हाथी था। इसे अशोक चक्र या सिंह-चिह्न से भ्रमित नहीं करना चाहिए; वे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित हैं। संविधान सभा की संगठनात्मक पहचान में हाथी का प्रतीक विशिष्ट था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा की आलोचनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुछ आलोचकों ने कहा कि यह ब्रिटिश योजना से बनी होने के कारण प्रारंभ में …

संविधान सभा की आलोचनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुछ आलोचकों ने कहा कि यह ब्रिटिश योजना से बनी होने के कारण प्रारंभ में पूर्ण संप्रभु नहीं थी। 2. विंस्टन चर्चिल ने इसके प्रतिनिधित्व को एक बड़े समुदाय तक सीमित बताया। 3. ग्रैनविल ऑस्टिन ने कांग्रेस के अत्यधिक प्रभुत्व की ओर संकेत करने वाला प्रसिद्ध वर्णन दिया। सही कथन कौन-से हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन आलोचना या समकालीन टिप्पणी के रूप में मिलते हैं। संविधान सभा पर प्रत्यक्ष वयस्क मताधिकार से न चुने जाने, कांग्रेस के प्रभुत्व और प्रारंभिक ब्रिटिश योजना से उत्पत्ति जैसी आलोचनाएँ की गईं। फिर भी सभा में विविध क्षेत्रीय, सामाजिक और वैचारिक दृष्टिकोणों पर लंबी बहस हुई और स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के बाद इसकी संप्रभु स्थिति स्पष्ट हो गई।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनसंविधान सभा की समितियों और अध्यक्षों में कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

संविधान सभा की समितियों और अध्यक्षों में कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, इसलिए तीसरा युग्म गलत है। के. एम. मुंशी कार्य-संचालन से संबंधित एक अलग समिति से जुड़े थे। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर, संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल थे।