वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 161
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3201–3220 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंसंविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान संशोधन विधेयक किसी भी सद…
संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान संशोधन विधेयक किसी भी सदन में किसी मंत्री या गैर-सरकारी सदस्य द्वारा बिना राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के पेश किया जा सकता है। 2. संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों के बीच असहमति होने पर संयुक्त बैठक का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है। 3. 24वें संविधान संशोधन (1971) के बाद राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी सहमति देने के लिए बाध्य हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती; दोनों सदनों में गतिरोध होने पर संयुक्त बैठक नहीं हो सकती; और 24वें संविधान संशोधन (1971) के बाद राष्ट्रपति संशोधन विधेयक पर सहमति देने के लिए बाध्य हैं (वीटो नहीं कर सकते)।
संविधान के अनुच्छेद 38 में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा क्या महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया था?
संविधान के अनुच्छेद 38 में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा क्या महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
44वें संशोधन (1978) ने अनुच्छेद 38 में खंड (2) अंतःस्थापित कर राज्य पर यह कर्तव्य डाला कि वह आय, प्रतिष्ठा और अवसरों की असमानताओं को कम करने का विशेष प्रयास करेगा।
संविधान के अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत बनाई गई विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संविधान के अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत बनाई गई विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 4 स्पष्ट घोषित करता है कि नए राज्यों के प्रवेश (अनुच्छेद 2) या आंतरिक पुनर्गठन (अनुच्छेद 3) के कानूनों को अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन नहीं माना जाएगा; ये सामान्य विधायी प्रक्रिया (साधारण बहुमत) से पारित होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतों का संगठन) और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्संबंध पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 40 गांधीवादी विच…
संविधान के अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतों का संगठन) और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्संबंध पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 40 गांधीवादी विचारधारा पर आधारित एक नीति निदेशक तत्व है जो राज्य को ग्राम पंचायतों का संगठन करने और उन्हें स्वायत्त शासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने की शक्तियां देने का निर्देश देता है। 2. 73वें संविधान संशोधन (1992) ने अनुच्छेद 40 के इस स्वप्न को भाग IX और 11वीं अनुसूची जोड़कर एक संवैधानिक अधिदेश (Mandate) में बदल दिया। 3. 73वें संशोधन के बाद अब पंचायतों का गठन राज्यों के लिए वैकल्पिक ( Optional) है, अनिवार्य नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं, कथन 3 गलत है। 73वें संशोधन ने Part IX के माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक ढाँचा दिया, लेकिन Article 243M कुछ क्षेत्रों/राज्यों को अपवाद देता है और 20 लाख से अधिक न होने वाली आबादी वाले राज्य में intermediate level पंचायत अनिवार्य नहीं है। इसलिए 'हर जगह एक जैसी तीन-स्तरीय पंचायत अनिवार्य' कहना भी सही नहीं होगा।
संविधान के अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता / Uniform Civil Code) के विधिक स्वरूप और न्यायिक व्याख्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजि…
संविधान के अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता / Uniform Civil Code) के विधिक स्वरूप और न्यायिक व्याख्या के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 44 राज्य पर यह दायित्व डालता है कि वह भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता प्राप्त करने का प्रयास करेगा। 2. शाह बानो मामला (1985) और सरला मुद्गल मामला (1995) में उच्चतम न्यायालय ने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रगति न होने पर चिंता व्यक्त की थी। 3. समान नागरिक संहिता एक स्वतः लागू होने वाला प्रावधान है और किसी भी नागरिक द्वारा इसे लागू कराने के लिए अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर की जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 44, अनुच्छेद 37 के कारण न्यायालय द्वारा सीधे प्रवर्तनीय मौलिक अधिकार नहीं है। फिर भी विधानमंडल इस दिशा में कानून बना सकते हैं। वर्तमान उदाहरण के रूप में Uttarakhand Uniform Civil Code 27 जनवरी 2025 से लागू है और 2026 में उसमें संशोधन भी हुए हैं। कथन 1 और 2 सही हैं।
संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति ( Pardon Power) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: Court Martial) द्वारा दी…
संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति ( Pardon Power) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: Court Martial) द्वारा दी गई सजा को भी क्षमा कर सकते हैं। 1. राष्ट्रपति सैन्य न्यायालय ( 2. राष्ट्रपति अपनी क्षमादान शक्ति का प्रयोग केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना स्वतंत्र रूप से कर सकते हैं। 3. याचिकाकर्ता को राष्ट्रपति के समक्ष मौखिक सुनवाई ( Oral hearing) का कोई विधिक अधिकार नहीं है। 4. राष्ट्रपति के क्षमादान निर्णय की सीमित आधारों (जैसे दुर्भावना या मनमानापन) पर न्यायिक समीक्षा की जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है क्योंकि राष्ट्रपति अपनी क्षमादान शक्ति का प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं (मारू राम वाद 1980 व के हर सिंह वाद 1989)। कथन 1, 3 और 4 सही हैं; सैन्य न्यायालय की सजा माफ कर सकते हैं, मौखिक सुनवाई का अधिकार नहीं है, और सीमित न्यायिक समीक्षा संभव है।
संविधान के अनुच्छेद 74 के तहत राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने की बाध्यता के संदर्भ में 42वें और 44वें संविधान संशोधन द्वारा क्या व्यवस्था…
संविधान के अनुच्छेद 74 के तहत राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने की बाध्यता के संदर्भ में 42वें और 44वें संविधान संशोधन द्वारा क्या व्यवस्था की गई? 1. 42वें संशोधन (1976) ने मंत्रिपरिषद की सलाह को राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी बना दिया। 2. 44वें संशोधन (1978) ने राष्ट्रपति को सलाह पर एक बार पुनर्विचार के लिए कहने की अनुमति दी, किंतु पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी रहती है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (c) है। 42वें संशोधन ने अनुच्छेद 74 की भाषा स्पष्ट करके मंत्रिपरिषद की सलाह को राष्ट्रपति पर बाध्यकारी बनाया। 44वें संशोधन ने संतुलन के लिए राष्ट्रपति को सलाह एक बार पुनर्विचार हेतु लौटाने का अधिकार दिया, पर मंत्रिपरिषद वही सलाह दोहराए तो राष्ट्रपति को उसे मानना पड़ता है। इस प्रकार राष्ट्रपति चेतावनी या पुनर्विचार का अवसर दे सकते हैं, लेकिन समानांतर स्वतंत्र कार्यपालिका नहीं बन जाते।
संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 75(1) केवल यह कहता है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा। संविधान यह नहीं बताता कि किस दल या गठबंधन के नेता को किस क्रम में बुलाया जाए; सामान्यतः राष्ट्रपति उस व्यक्ति को नियुक्त करते हैं जो लोकसभा का विश्वास प्राप्त करने की सबसे अधिक संभावना रखता हो। स्पष्ट बहुमत की स्थिति में यह लगभग औपचारिक भूमिका बन जाती है, जबकि त्रिशंकु लोकसभा में संसदीय परंपराएँ अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
संविधान के अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के प्रति कर्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?
संविधान के अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री के राष्ट्रपति के प्रति कर्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा शामिल नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
d a विकल्प अनुच्छेद 78 का हिस्सा नहीं है। अनुच्छेद 78 में प्रधानमंत्री के तीन कर्तव्य हैं: मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चयों की सूचना राष्ट्रपति को b c देना, राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई प्रशासनिक जानकारी देना, तथा किसी मंत्री द्वारा लिए गए निर्णय को राष्ट्रपति के कहने पर पूरी मंत्रिपरिषद के विचारार्थ रखना। <PARSED TEXT FOR PAGE: 15 / 16> प्र. सं. सही उत्तर व्याख्या (Explanation grounded in M. Laxmikanth)
संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति के प्रति क्या कर्तव्य है? 1. संघ प्रशासन और विधायी प्रस्तावों पर मंत्रिपरिषद के निर्णयों…
संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति के प्रति क्या कर्तव्य है? 1. संघ प्रशासन और विधायी प्रस्तावों पर मंत्रिपरिषद के निर्णयों से राष्ट्रपति को अवगत कराना। 2. राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई संघ प्रशासन एवं विधायी प्रस्तावों से संबंधित जानकारी देना। 3. राष्ट्रपति की अपेक्षा पर ऐसे विषय को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ रखना जिस पर किसी मंत्री ने निर्णय लिया हो पर मंत्रिपरिषद ने विचार न किया हो। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवैधानिक संचार-कड़ी बनाता है। राष्ट्रपति सरकार के निर्णयों और प्रस्तावों की जानकारी मांग सकते हैं, और प्रधानमंत्री को यह सूचना देनी होती है। राष्ट्रपति यह भी कह सकते हैं कि किसी व्यक्तिगत मंत्री द्वारा तय विषय को पूरे मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाए। इससे सामूहिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रपति के सूचना-अधिकार दोनों सुरक्षित रहते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार भारत की संसद किनसे मिलकर बनती है? 1. राष्ट्रपति 2. राज्यसभा 3. लोकसभा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुन…
संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार भारत की संसद किनसे मिलकर बनती है? 1. राष्ट्रपति 2. राज्यसभा 3. लोकसभा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 79 कहता है कि संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति तथा दो सदनों—राज्यसभा और लोकसभा—से मिलकर बनेगी। राष्ट्रपति किसी सदन के सदस्य नहीं होते, फिर भी संसद के अभिन्न संवैधानिक अंग हैं क्योंकि विधेयक पर उनकी सहमति, संसद का आह्वान/सत्रावसान और अभिभाषण जैसी भूमिकाएँ विधायी प्रक्रिया से जुड़ी हैं। इसलिए केवल दोनों सदनों को संसद मान लेना अधूरा है।
संविधान के अनुच्छेद 8 के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संविधान के अनुच्छेद 8 के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 8 भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों (यदि वे या उनके माता-पिता/दादा-दादी अविभाजित भारत में जन्मे थे और वे भारतीय राजनयिक प्रतिनिधि के पास पंजीकृत हैं) को नागरिकता देता है।
संविधान के अनुच्छेद 9 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
संविधान के अनुच्छेद 9 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 9 में प्रावधान है कि कोई व्यक्ति जो स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, वह भारत का नागरिक नहीं रहेगा (एकल नागरिकता का सिद्धांत)।
संविधान के अनुसार राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने का एकमात्र आधार क्या है?
संविधान के अनुसार राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने का एकमात्र आधार क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 61 स्पष्ट रूप से केवल 'संविधान का उल्लंघन' (Violation of the Constitution) को राष्ट्रपति के महाभियोग का आधार बनाता है। दिलचस्प बात यह है कि संविधान इस पदबंध को अलग से परिभाषित नहीं करता। कदाचार या अक्षमता जैसी भाषा उच्च न्यायालय/सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की हटाने की प्रक्रिया से जुड़ी अवधारणाओं में मिलती है, राष्ट्रपति के महाभियोग में नहीं।
संविधान के आपातकालीन प्रावधानों (Emergency Provisions) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल यु…
संविधान के आपातकालीन प्रावधानों (Emergency Provisions) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर लगाया जा सकता है। 2. अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता पर लगाया जाता है। 3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) भारत में अब तक दो बार लागू किया जा चुका है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि भारत में वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) आज तक एक बार भी लागू नहीं किया गया है।
संविधान के भाग और उनके संबंधित अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भाग I— संघ और उसका राज्यक्षेत्र (अनुच्छेद 1 से 4) 2…
संविधान के भाग और उनके संबंधित अनुच्छेदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भाग I— संघ और उसका राज्यक्षेत्र (अनुच्छेद 1 से 4) 2. भाग II— नागरिकता (अनुच्छेद 5 से 11) 3. भाग III— मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12 से 35) 4. भाग IV-A— मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51-A) उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं।
संविधान के भाग IV के बाहर दिए गए अन्य निदेशों (Directives outside Part IV) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक स्तर पर म…
संविधान के भाग IV के बाहर दिए गए अन्य निदेशों (Directives outside Part IV) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं — अनुच्छेद 350-A; 2. हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश — अनुच्छेद 351; 3. सेवाओं और पदों के लिए SC और ST के दावे — अनुच्छेद 335 उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों युग्म सही हैं। ये भाग IV के बाहर संविधान के अन्य भागों में दिए गए गैर-न्यायोचित नीति निर्देशक सिद्धांत हैं।
संविधान के भाग IV के संदर्भ में:ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं।ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं।ये राज्य की विधि-निर्माण प्रक्रिया को दि…
- ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं।
- ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं।
- ये राज्य की विधि-निर्माण प्रक्रिया को दिशा देते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- नीति-निदेशक तत्व न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं, पर शासन के लिए मार्गदर्शक हैं।
संविधान के भाग VIII में अनुच्छेद 239 से 241 तक केंद्रशासित प्रदेशों (UTs) के प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक क…
संविधान के भाग VIII में अनुच्छेद 239 से 241 तक केंद्रशासित प्रदेशों (UTs) के प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा ऐसे पदनाम वाले प्रशासक (उपराज्यपाल या मुख्य आयुक्त) के माध्यम से चलाया जाता है जैसा वे तय करें। 2. राष्ट्रपति किसी राज्य के राज्यपाल को निकटवर्ती केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासक नियुक्त कर सकते हैं, और ऐसा राज्यपाल अपनी मंत्रिपरिषद से स्वतंत्र होकर कार्य करता है। 3. केंद्रशासित प्रदेशों के पास कोई अपनी मूल संप्रभु शक्ति नहीं होती; वे सीधे राष्ट्रपति (गृह मंत्रालय के माध्यम से) के नियंत्रण में होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 239 और 239(2) के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक केंद्र सरकार का एजेंट होता है।
संविधान के भाग X में अनुच्छेद 244 के तहत 'अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों' के प्रशासन के संबंध में क्या प्रावधान है? 1. पांचवीं अनुसूची के प्रावधान …
संविधान के भाग X में अनुच्छेद 244 के तहत 'अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों' के प्रशासन के संबंध में क्या प्रावधान है? 1. पांचवीं अनुसूची के प्रावधान असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के अलावा अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन पर लागू होते हैं। 2. छठी अनुसूची के प्रावधान विशेष रूप से चार पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन पर लागू होते हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (c) है। अनुच्छेद 244(1) पाँचवीं अनुसूची को उन राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों/जनजातियों के प्रशासन से जोड़ता है जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम नहीं हैं; वर्तमान में अधिसूचित पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र 10 राज्यों में हैं। अनुच्छेद 244(2) छठी अनुसूची को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू करता है।