वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 158
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3141–3160 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंसंविधान के अनुच्छेद 136 के अंतर्गत विशेष अनुमति याचिका ( Special Leave Petition - SLP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न…
संविधान के अनुच्छेद 136 के अंतर्गत विशेष अनुमति याचिका ( Special Leave Petition - SLP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय अपने विवेकानुसार भारत के किसी भी न्यायालय या अधिकरण द्वारा किसी भी मामले या वाद में पारित किसी निर्णय, डिक्री, या आदेश के विरुद्ध अपील की विशेष अनुमति दे सकता है। 2. अनुच्छेद 136 के तहत अपील करने का अधिकार नागरिकों का कोई मौलिक या अंतर्निहित अधिकार नहीं है; यह न्यायालय का विशुद्ध विवेकाधिकार है। 3. अनुच्छेद 136 सशस्त्र बलों से संबंधित किसी विधि द्वारा गठित किसी न्यायालय या अधिकरण ( Courts Martial) के निर्णयों पर लागू नहीं होता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 136 एक असाधारण अवशिष्ट अपीलीय शक्ति है, जो किसी भी अदालत या अधिकरण के खिलाफ लागू होती है, किंतु अनुच्छेद 136(2) सशस्त्र सेना न्यायालयों (सैन्य अदालतों) को स्पष्ट रूप से इससे बाहर रखता है।
संविधान के अनुच्छेद 141 के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का प्रभाव क्या होता है?
संविधान के अनुच्छेद 141 के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का प्रभाव क्या होता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 141 घोषित करता है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि ( Law declared by the Supreme Court) भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर ( Binding ) होगी।
संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उच्चतम न्यायालय की पूर्ण न्याय करने की शक्ति ( Power to do Complete Justice) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विच…
संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उच्चतम न्यायालय की पूर्ण न्याय करने की शक्ति ( Power to do Complete Justice) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय अपने क्षेत्राधिकार का प्रयोग करते हुए ऐसा आदेश या डिक्री पारित कर सकता है जो उसके समक्ष लंबित किसी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक हो। 2. अनुच्छेद 142 के तहत पारित आदेश पूरे भारत में संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के तहत लागू होने तक उसी रीति से प्रवर्तनीय होता है। 3. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ (1998) मामले में न्यायालय ने माना कि अनुच्छेद 142 की शक्ति का प्रयोग मूल सांविधिक कानूनों या मौलिक अधिकारों के स्पष्ट उल्लंघन में नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट की एक अद्वितीय असाधारण शक्ति है, किंतु यह शक्ति विधायी शून्यता को भरने के लिए है, विधायिका के स्पष्ट कानूनों को पूरी तरह दरकिनार करने के लिए नहीं।
संविधान के अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति की उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति ( Advisory Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों…
संविधान के अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति की उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति ( Advisory Jurisdiction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति विधि या तथ्य के किसी ऐसे व्यापक लोक महत्व के प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय से राय मांग सकते हैं जो उत्पन्न हुआ हो या उत्पन्न होने की संभावना हो। 2. संविधान-पूर्व की किसी संधि, करार या सनद से जुड़े विवादों पर राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांग सकते हैं। 3. संविधान-पूर्व संधियों से जुड़े मामलों में उच्चतम न्यायालय राय देने के लिए बाध्य है, जबकि सामान्य लोक महत्व के मामलों में राय देने से इनकार कर सकता है। 4. उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई राय राष्ट्रपति या सरकार के लिए बाध्यकारी ( Binding) नहीं होती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन सही हैं। अनुच्छेद 143(1) में राय देना न्यायालय का विवेकाधिकार है (जैसे बाबरी मस्जिद संदर्भ 1993 में राय देने से इनकार किया गया), जबकि 143(2) में राय देना अनिवार्य है। दी गई राय केवल सलाहकारी होती है।
संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांगने की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विध…
संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांगने की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विधि या सार्वजनिक महत्व के किसी तथ्य संबंधी प्रश्न पर परामर्श देने के लिए उच्चतम न्यायालय बाध्य नहीं है (विवेकाधीन है)। 2. संविधान-पूर्व की किसी संधि या समझौते से उत्पन्न विवाद पर उच्चतम न्यायालय राष्ट्रपति को परामर्श देने के लिए बाध्य है। Binding nature) की होती है। 3. उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति को दी गई राय बाध्यकारी प्रकृ ति ( उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 143 के तहत दी गई राय केवल परामर्शकारी होती है, यह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती। कथन 1 और 2 सही हैं; सार्वजनिक महत्व के कानूनी प्रश्न पर राय देना विवेकाधीन है, लेकिन संविधान-पूर्व संधियों से जुड़े विवादों पर राय देना अनिवार्य है।
संविधान के अनुच्छेद 163 में राज्यपाल के विवेकाधिकार ( Discretionary Powers) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 163(1) स्प…
संविधान के अनुच्छेद 163 में राज्यपाल के विवेकाधिकार ( Discretionary Powers) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 163(1) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि राज्यपाल को उन मामलों को छोड़कर जहां संविधान द्वारा या उसके अधीन विवेकाधिकार अपेक्षित है, अपने कार्यों में मंत्रिपरिषद की सलाह लेनी होगी। 2. यदि कोई प्रश्न उठता है कि कोई मामला राज्यपाल के विवेकाधिकार में आता है या नहीं, तो राज्यपाल का निर्णय ही अंतिम होता है। 3. संविधान में राष्ट्रपति के लिए कोई स्पष्ट विवेकाधिकार उल्लिखित नहीं है, जबकि राज्यपाल के लिए संविधान स्पष्ट विवेकाधिकार का उल्लेख करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 74 में राष्ट्रपति के लिए विवेकाधिकार का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है (वहां केवल परिस्थिति-जन्य विवेक है), जबकि अनुच्छेद 163 में राज्यपाल के लिए संवैधानिक विवेकाधिकार का स्पष्ट पाठ है।
संविधान के अनुच्छेद 19(1)( ) (व्यापार या व्यवसाय की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 301 (व्यापार की स्वतंत्रता) के मध्य क्या संबंध है? g 1. अनुच्छेद 19(1…
संविधान के अनुच्छेद 19(1)( ) (व्यापार या व्यवसाय की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 301 (व्यापार की स्वतंत्रता) के मध्य क्या संबंध है? g 1. अनुच्छेद 19(1)( ) एक मौलिक अधिकार है जो केवल भारत के नागरिकों को प्राप्त है, जबकि अनुच्छेद 301 एक सामान्य संवैधानिक अधिकार है जो नागरिकों, गैर-नागरिकों और कंपनियों सभी को संरक्षण देता है। g 2. अनुच्छेद 19(1)( ) व्यापार करने के व्यक्तिगत अधिकार पर जोर देता है, जबकि अनुच्छेद 301 संपूर्ण देश में माल और वाणिज्य के मुक्त प्रवाह (Free flow of trade) पर जोर देता है। नीचे दिए गए कू ट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
g दोनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 19(1) व्यक्तिगत नागरिक का अधिकार है जिसे अनुच्छेद 32 के तहत लागू कराया जा सकता है, जबकि 301 संपूर्ण अंतर-राज्यीय व्यापारिक आयाम को समाहित करने वाली व्यवस्था है।
संविधान के अनुच्छेद 19(1)( ) के अंतर्गत वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आरोपित किए जा सकने वाले युक्तिसंगत Reasonable Restrictions) में निम्…
संविधान के अनुच्छेद 19(1)( ) के अंतर्गत वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आरोपित किए जा सकने वाले युक्तिसंगत Reasonable Restrictions) में निम्नलिखित में से कौन-से आधार शामिल हैं? प्रतिबंधों ( 1. भारत की संप्रभुता और अखंडता 2. विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध Public Order) और न्यायालय का अवमान 3. लोक व्यवस्था ( 4. नैतिकता या सदाचार (Morality/Decency) नीचे दिए गए कू ट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों आधार अनुच्छेद 19(2) के तहत शामिल हैं। 19(2) में 8 आधार उल्लिखित हैं: भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता, न्यायालय का अवमान, मानहानि, और अपराध के लिए उकसाना।
संविधान के अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत संसद की शक्तियों के बीच अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संविधान के अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत संसद की शक्तियों के बीच अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
a कथन सही है। अनुच्छेद 2 संसद को उन नए राज्यों को संघ में शामिल करने या स्थापित करने की शक्ति देता है जो पहले भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे। अनुच्छेद 3 मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित है। अनुच्छेद 3 के तहत राज्य की राय संसद पर बाध्यकारी नहीं होती।
संविधान के अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संविधान के अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 2 उन राज्यों से संबंधित है जो पहले से भारतीय संघ का भाग नहीं हैं (जैसे सिक्किम का प्रवेश), जबकि अनुच्छेद 3 भारतीय संघ के मौजूदा राज्यों के आंतरिक पुनर्गठन से संबंधित है।
संविधान के अनुच्छेद 200 के दूसरे परंतुक ( Second Proviso) के अनुसार, राज्यपाल के लिए किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित करना किस परिस…
संविधान के अनुच्छेद 200 के दूसरे परंतुक ( Second Proviso) के अनुसार, राज्यपाल के लिए किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित करना किस परिस्थिति में अनिवार्य (Obligatory) है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 200 के परंतुक के अनुसार, यदि कोई विधेयक उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति या शक्तियों को क्षीण करता है, तो राज्यपाल ऐसे विधेयक को अनिवार्य रूप से राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित करेगा।
संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की सभी अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्ति ( Power of Superintendence) के संदर्भ में निम्नलिख…
संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की सभी अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्ति ( Power of Superintendence) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्च न्यायालय को अपने राज्यक्षेत्र के भीतर के सभी न्यायालयों और अधिकरणों ( Tribunals) पर प्रशासनिक और न्यायिक दोनों प्रकार के अधीक्षण की शक्ति प्राप्त है। 2. अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति सशस्त्र बलों से संबंधित किसी विधि द्वारा गठित न्यायालय या अधिकरण पर लागू नहीं होती। 3. यह शक्ति केवल अपीलीय क्षेत्राधिकार तक सीमित है और उच्च न्यायालय स्वतः संज्ञान ( Suo motu) से इसका प्रयोग नहीं कर सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 227 के तहत अधीक्षण की शक्ति मूल और पर्यवेक्षी दोनों है और उच्च न्यायालय न्याय के हित में स्वतः Suo motu संज्ञान से भी इसका प्रयोग कर सकता है। कथन 1 और 2 सही हैं।
संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों ( District Judges) की नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी राज्य म…
संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों ( District Judges) की नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पदस्थापन और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा संबंधित उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है। 2. जो व्यक्ति पहले से संघ या राज्य की सेवा में नहीं है, वह केवल तभी जिला न्यायाधीश नियुक्त होने का पात्र है जब वह कम से कम 7 वर्ष तक अधिवक्ता ( Advocate) रहा हो और उच्च न्यायालय ने उसकी नियुक्ति की सिफारिश की हो। 3. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति में राज्यपाल को राज्य लोक सेवा आयोग से अनिवार्य रूप से परामर्श करना होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 3 गलत है क्योंकि जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति में उच्च न्यायालय ( High Court) से परामर्श किया जाता है, राज्य लोक सेवा आयोग से नहीं। कथन 1 और 2 अनुच्छेद 233 के तहत बिल्कुल सही हैं।
संविधान के अनुच्छेद 234 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों से भिन्न न्यायिक सेवा के अन्य अधिकारियों ( Subordinate Judicial Officers) की भर्ती के संदर्भ …
संविधान के अनुच्छेद 234 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों से भिन्न न्यायिक सेवा के अन्य अधिकारियों ( Subordinate Judicial Officers) की भर्ती के संदर्भ में क्या प्रावधान है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 234 के तहत जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की राज्य न्यायिक सेवा में नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और संबंधित उच्च न्यायालय के परामर्श से बनाए गए नियमों के अनुसार की जाती है।
संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण ( Control over Subordinate Courts) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण ( Control over Subordinate Courts) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 235 अधीनस्थ न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है; इसके तहत जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ सभी न्यायालयों के कर्मियों के पदस्थापन, पदोन्नति और अनुशासन का संपूर्ण नियंत्रण उच्च न्यायालय में निहित होता है।
संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति को किन केंद्रशासित प्रदेशों की शांति, प्रगति और सुशासन के लिए नियम/ विनियम (Regulations) बनाने की शक्ति…
संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत राष्ट्रपति को किन केंद्रशासित प्रदेशों की शांति, प्रगति और सुशासन के लिए नियम/ विनियम (Regulations) बनाने की शक्ति प्राप्त है? 1. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 2. लक्षद्वीप 3. दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव 4. पुडुचेरी (केवल तभी जब उसकी विधानसभा निलंबित या विघटित हो) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 240 राष्ट्रपति को अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और पुडुचेरी के लिए शांति, प्रगति और सुशासन संबंधी विनियम बनाने की शक्ति देता है। पुडुचेरी में विधानमंडल के कार्यरत रहते यह शक्ति सामान्यतः उपलब्ध नहीं होती; विधानमंडल भंग या निलंबित होने पर अपवाद लागू होता है। ऐसा विनियम संसद के अधिनियम जैसी शक्ति रखता है और लागू कानून को संशोधित या निरस्त भी कर सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 243-O के अनुसार, पंचायतों के चुनावी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर क्या रोक है?
संविधान के अनुच्छेद 243-O के अनुसार, पंचायतों के चुनावी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर क्या रोक है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (c) है। अनुच्छेद 243-O अदालतों के चुनावी मामलों में हस्तक्षेप को रोकता है; परिसीमन न्यायिक समीक्षा से बाहर है और चुनाव केवल राज्य विधि द्वारा निर्धारित प्राधिकारी को चुनाव याचिका देकर ही चुनौती दिए जा सकते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 243A के तहत 'ग्राम सभा' (Gram Sabha) की संरचना के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
संविधान के अनुच्छेद 243A के तहत 'ग्राम सभा' (Gram Sabha) की संरचना के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 243(b) और 243A के अनुसार, ग्राम सभा ग्राम स्तर पर पंचायत के क्षेत्र में किसी गांव की निर्वाचक नामावली (Voter List) में पंजीकृत सभी व्यक्तियों से मिलकर बनने वाला निकाय है।
संविधान के अनुच्छेद 243D के तहत पंचायतों में सीटों के आरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित …
संविधान के अनुच्छेद 243D के तहत पंचायतों में सीटों के आरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए प्रत्येक पंचायत में उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आरक्षित की जाती हैं। 2. महिलाओं के लिए (SC/ST महिलाओं सहित) कुल सीटों की संख्या के कम से कम एक-तिहाई (1/3) पद आरक्षित होना अनिवार्य है। 3. अध्यक्षों के पदों में भी महिलाओं के लिए कम से कम 1/3 पद आरक्षित होते हैं। 4. अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए आरक्षण का प्रावधान करना राज्यों के लिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। कथन 4 गलत है क्योंकि पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए आरक्षण अनिवार्य नहीं बल्कि 'स्वैच्छिक' (Voluntary) है; राज्य विधानमंडल यदि चाहे तो ऐसा उपबंध कर सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 243I के तहत 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
संविधान के अनुच्छेद 243I के तहत 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 243I के अनुसार, राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष के अंतराल पर राज्य और पंचायतों के बीच करों के वितरण और अनुदान की सिफारिश हेतु राज्य वित्त आयोग का गठन करता है।