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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 151

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

3001–3020 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

प्रश्न खोलकर हल करें
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) राष्ट्रपति

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) राष्ट्रपति है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यपाल की संवैधानिक स्थिति और विवेकाधिकार ( Discretionary Powers) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान राज्यपाल को स्पष्ट …

राज्यपाल की संवैधानिक स्थिति और विवेकाधिकार ( Discretionary Powers) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान राज्यपाल को स्पष्ट संवैधानिक विवेकाधिकार ( Constitutional discretion) प्रदान करता है, जबकि राष्ट्रपति को ऐसा कोई स्पष्ट संवैधानिक विवेकाधिकार प्राप्त नहीं है। 2. राज्यपाल का यह निर्णय कि कोई मामला उसके विवेकाधिकार में आता है या नहीं, अंतिम होता है और इस आधार पर न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता। 3. अनुच्छेद 200 के तहत राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित करना राज्यपाल का संवैधानिक विवेकाधिकार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। संविधान के अनुच्छेद 163(1) और 163(2) में राज्यपाल को स्पष्ट विवेकाधिकार दिया गया है और यह निर्णय कि कोई मामला उसके विवेकाधिकार में है या नहीं, राज्यपाल का ही अंतिम होता है। राष्ट्रपति के पास केवल परिस्थितिजन्य विवेकाधिकार होता है, कोई लिखित संवैधानिक विवेकाधिकार नहीं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018राज्यपाल के संदर्भ में:कार्यकाल के दौरान आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।कार्यकाल के दौरान वेतन-भत्ते घटाए नहीं जा सकते।
राज्यपाल के संदर्भ में:
  1. कार्यकाल के दौरान आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।
  2. कार्यकाल के दौरान वेतन-भत्ते घटाए नहीं जा सकते।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) दोनों

क्यों?

  • संविधान राज्यपाल को पदावधि में ये सुरक्षा देता है।
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024राज्यपाल को किसी साधारण विधेयक को पुनर्विचार के लिए राज्य विधानमंडल को लौटाने हेतु कितनी समय-सीमा दी गई है?
राज्यपाल को किसी साधारण विधेयक को पुनर्विचार के लिए राज्य विधानमंडल को लौटाने हेतु कितनी समय-सीमा दी गई है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) कोई निर्धारित समय-सीमा नहीं

क्यों?

  • संविधान राज्यपाल के लिए साधारण विधेयक को पुनर्विचार हेतु लौटाने की कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं करता।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यपाल द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियो…

राज्यपाल द्वारा की जाने वाली नियुक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वह मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। 2. वह राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति करता है। 3. वह राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति करता है। 4. वह State Public Service Commission के अध्यक्ष/सदस्यों की नियुक्ति भी करता है और उन्हें स्वयं हटा सकता है। सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति अनुच्छेद 164, Advocate General की नियुक्ति अनुच्छेद 165 और State Election Commissioner की नियुक्ति अनुच्छेद 243K से जुड़ी है। SPSC के अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त तो Governor करते हैं, लेकिन removal की शक्ति Governor के पास नहीं है; अनुच्छेद 317 के तहत हटाने का अधिकार राष्ट्रपति को है और misbehaviour के मामले में Supreme Court की जाँच की भूमिका होती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित राज्य विधेयकों (अनुच्छेद 201) के संदर्भ में राष्ट्रपति की वीटो शक्ति के बारे में क्या सत्य है?

राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित राज्य विधेयकों (अनुच्छेद 201) के संदर्भ में राष्ट्रपति की वीटो शक्ति के बारे में क्या सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 201 के तहत राज्यपाल द्वारा आरक्षित गैर-धन विधेयक को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं। राज्य विधानमंडल उसे फिर पारित करके भेज दे, तब भी संसद के विधेयक की तरह राष्ट्रपति पर सहमति देने की बाध्यता नहीं बनती। धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस भेजने का प्रावधान नहीं है और राष्ट्रपति के निर्णय के लिए संविधान कोई निश्चित छह-महीने की समय-सीमा नहीं देता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यपाल पद की योग्यताओं और सेवा-शर्तों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान में मूल योग्यताएँ—भारत का नागरिक होना और 35 वर्…

राज्यपाल पद की योग्यताओं और सेवा-शर्तों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान में मूल योग्यताएँ—भारत का नागरिक होना और 35 वर्ष की आयु पूरी करना—हैं। 2. परंपरागत रूप से राज्यपाल को उस राज्य का निवासी न होने और स्थानीय राजनीति से दूरी रखने की अपेक्षा की गई है। 3. विभिन्न आयोगों ने नियुक्ति से पहले संबंधित मुख्यमंत्री से प्रभावी परामर्श की सिफारिश की है। 4. राज्यपाल संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य रहते हुए पद ग्रहण कर सकता है। सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 157 केवल नागरिकता और 35 वर्ष की न्यूनतम आयु निर्धारित करता है। बाहरी राज्य के प्रतिष्ठित, स्थानीय राजनीति से अपेक्षाकृत मुक्त व्यक्ति को नियुक्त करने और मुख्यमंत्री से परामर्श की बातें संवैधानिक पाठ नहीं, बल्कि संवैधानिक परंपरा/आयोगीय सिफारिशों से जुड़ी हैं। अनुच्छेद 158(1) स्पष्ट करता है कि Governor संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं रह सकता; सदस्य नियुक्त होने पर उसकी सीट पद ग्रहण के साथ रिक्त मानी जाती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यसभा की अनन्य एवं विशेष शक्तियों ( Exclusive Powers of Rajya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 249 के तहत राज…

राज्यसभा की अनन्य एवं विशेष शक्तियों ( Exclusive Powers of Rajya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सूची के किसी विषय पर संसद को राष्ट्रीय हित में कानून बनाने के लिए अधिकृ त करने का प्रस्ताव। 2. अनुच्छेद 312 के तहत केंद्र और राज्यों के लिए एक या अधिक नई अखिल भारतीय सेवाओं ( All India Services) के सृजन का प्रस्ताव। 3. उपराष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही शुरू किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 249 (राज्य सूची पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाना) और अनुच्छेद 312 (नई अखिल भारतीय सेवा का सृजन) राज्यसभा की अनन्य शक्तियां हैं जहां 2/3 उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव भी केवल राज्यसभा में ही पेश हो सकता है (अनुच्छेद 67)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यसभा की अनन्य विशेष शक्तियों में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल हैं? 1. अनुच्छेद 249 के तहत राष्ट्रीय हित में संसद को राज्य सूची पर कानून बना…

राज्यसभा की अनन्य विशेष शक्तियों में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल हैं? 1. अनुच्छेद 249 के तहत राष्ट्रीय हित में संसद को राज्य सूची पर कानून बनाने की अनुमति देना। 2. अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन का मार्ग खोलना। 3. उपराष्ट्रपति को हटाने का संकल्प केवल राज्यसभा में प्रारंभ होना। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। राज्यसभा संघीय सदन होने के कारण कुछ विशिष्ट संवैधानिक शक्तियाँ रखती है। अनुच्छेद 249 में दो-तिहाई उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के प्रस्ताव से संसद को राज्य सूची के विषय पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाने की शक्ति मिलती है। अनुच्छेद 312 नई All India Service के लिए इसी प्रकार विशेष प्रस्ताव मांगता है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए उनके removal resolution की शुरुआत भी राज्यसभा से होती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यसभा की संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 निर्धारित करता है—238 राज्य/केंद…

राज्यसभा की संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 निर्धारित करता है—238 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और 12 मनोनीत सदस्य। 2. राष्ट्रपति साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव रखने वाले 12 व्यक्तियों को मनोनीत कर सकते हैं। 3. चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए राज्यसभा सीटों के आवंटन का आधार देती है। 4. सभी केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा में समान प्रतिनिधित्व प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 80 राज्यसभा की अधिकतम शक्ति 250 रखता है, जिसमें अधिकतम 238 प्रतिनिधि राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से और 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं। मनोनयन के क्षेत्र साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा हैं। सीटों का आवंटन चौथी अनुसूची में है। कथन 4 गलत है—सभी केंद्रशासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलता और जहाँ मिलता है वहाँ समान संख्या भी नहीं होती; आवंटन संवैधानिक/वैधानिक प्रावधानों पर निर्भर है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों के चुनाव की पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव संबंधित राज्य…

राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों के चुनाव की पद्धति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्यों के प्रतिनिधियों का चुनाव संबंधित राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं। 2. चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है। 3. 2003 के बाद राज्यसभा चुनाव में गुप्त मतदान के स्थान पर खुला मतदान (Open Ballot) व्यवस्था लागू है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। राज्यसभा के राज्य-प्रतिनिधियों का चुनाव निर्वाचित विधायक करते हैं और पद्धति proportional representation by single transferable vote है। 2003 के संशोधन से खुला मतदान व्यवस्था लाई गई, ताकि दल-बदल/क्रॉस-वोटिंग में पारदर्शिता बढ़े; साथ ही राज्यसभा उम्मीदवार के लिए संबंधित राज्य का निवासी होने की पुरानी domicile शर्त भी हटाई गई। यह लोकसभा के प्रत्यक्ष, साधारण बहुमत आधारित चुनाव से अलग प्रणाली है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता …

राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। 2. सभापति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता। 3. सभापति पद से हटना उपराष्ट्रपति पद से हटने से जुड़ा है। 4. किसी विधेयक को धन विधेयक प्रमाणित करने की शक्ति राज्यसभा सभापति के पास नहीं होती। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति बनाता है, लेकिन वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता। इसलिए उसका पद राज्यसभा सदस्यता पर नहीं, उपराष्ट्रपति पद पर आधारित है। धन विधेयक का प्रमाणीकरण अनुच्छेद 110(3) के तहत लोकसभा अध्यक्ष की विशिष्ट शक्ति है। संयुक्त बैठक की सामान्य अध्यक्षता भी लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। इसलिए चारों कथन राज्यसभा सभापति की संवैधानिक स्थिति को सही दर्शाते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020राज्यसभा को लोकसभा के समान शक्ति किस मामले में है?
राज्यसभा को लोकसभा के समान शक्ति किस मामले में है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) संविधान संशोधन

क्यों?

  • संविधान संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों की समान शक्ति होती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यों की राजभाषा और अंतर-राज्यीय संचार के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 345 के तहत राज्य विधानमंडल राज्य में प्रचलित किसी एक या अधिक…

राज्यों की राजभाषा और अंतर-राज्यीय संचार के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 345 के तहत राज्य विधानमंडल राज्य में प्रचलित किसी एक या अधिक भाषाओं अथवा हिंदी को राजभाषा बना सकता है। 2. राज्य केवल आठवीं अनुसूची की भाषा को ही राजभाषा बना सकता है। 3. अनुच्छेद 346 के तहत संघ-राज्य और अंतर-राज्यीय आधिकारिक संचार में संघ के आधिकारिक प्रयोजनों के लिए अधिकृत भाषा लागू होती है, जब तक संबंधित राज्य आपसी सहमति से हिंदी न अपनाएँ।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। अनुच्छेद 345 राज्य को आठवीं अनुसूची तक सीमित नहीं करता। इसलिए किसी राज्य की राजभाषा का आठवीं अनुसूची में होना अनिवार्य नहीं है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यों के विधानमंडलों को संसद द्वारा भेजे गए संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी सहमति देने के लिए संविधान में क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?

राज्यों के विधानमंडलों को संसद द्वारा भेजे गए संविधान संशोधन विधेयक पर अपनी सहमति देने के लिए संविधान में क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संविधान में यह कहीं भी उल्लिखित नहीं है कि राज्य विधानमंडल कितने समय के भीतर संशोधन विधेयक को अपनी सहमति देंगे या अस्वीकार करेंगे। इस विषय पर संविधान मौन है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराज्यों में अनुसूचित अपराधों की जांच के मामले में NIA को CBI से कौन-सा महत्वपूर्ण अंतर प्राप्त है?

राज्यों में अनुसूचित अपराधों की जांच के मामले में NIA को CBI से कौन-सा महत्वपूर्ण अंतर प्राप्त है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

NIA Act एक केंद्रीय वैधानिक ढांचा देता है जिसके तहत अनुसूचित अपराधों की जांच के लिए राज्य की पूर्व सहमति की CBI-जैसी शर्त नहीं है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवैधानिक संचार के प्रमुख माध्यम के रूप में प्रधानमंत्री की भूमिका किस अनुच्छेद में वर्णित है?

राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवैधानिक संचार के प्रमुख माध्यम के रूप में प्रधानमंत्री की भूमिका किस अनुच्छेद में वर्णित है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री पर राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद के निर्णयों और विधायी प्रस्तावों की जानकारी देने, मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने और राष्ट्रपति की अपेक्षा पर किसी मंत्री के निर्णय को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने का कर्तव्य डालता है। अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति को aid and advice से संबंधित है, अनुच्छेद 75 नियुक्ति और उत्तरदायित्व से, जबकि अनुच्छेद 77 संघ सरकार के कार्य-संचालन से संबंधित है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति कोर्ट मार्शल द्वारा दी गई स…

राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति कोर्ट मार्शल द्वारा दी गई सजा को क्षमा कर सकते हैं, जबकि राज्यपाल के पास यह शक्ति नहीं है। 2. राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्ण क्षमा (Pardon) कर सकते हैं, जबकि राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते, यद्यपि वे उसे निलंबित, परिहार या लघुकरण कर सकते हैं। 3. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र उनके व्यक्तिगत विवेक पर आधारित होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को कोर्ट मार्शल मामलों और मृत्युदंड में विशेष शक्ति देता है। राज्यपाल की अनुच्छेद 161 वाली शक्ति राज्य के कार्यपालिका क्षेत्र से जुड़ी है और वह कोर्ट मार्शल दंड को क्षमा नहीं कर सकता। पारंपरिक संवैधानिक व्याख्या में राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्ण pardon दे सकते हैं। कथन 3 गलत है—मारू राम और केहर सिंह जैसे मामलों में न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति क्षमादान शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह पर प्रयोग करते हैं, निजी विवेक से नहीं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020राष्ट्रपति और संसद के संदर्भ में:राष्ट्रपति संसद का सत्र ऐसे स्थान पर बुला सकता है जिसे वह उचित समझे।संविधान में संसद के तीन सत्र हर वर्ष अनिवार्…
राष्ट्रपति और संसद के संदर्भ में:
  1. राष्ट्रपति संसद का सत्र ऐसे स्थान पर बुला सकता है जिसे वह उचित समझे।
  2. संविधान में संसद के तीन सत्र हर वर्ष अनिवार्य हैं।
  3. एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच 6 माह से अधिक अंतर नहीं हो सकता।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1 और 3

क्यों?

  • अनुच्छेद 85 स्थान और 6 माह की अधिकतम अंतराल सीमा देता है; तीन सत्र संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनराष्ट्रपति और Governor की clemency powers के बीच death sentence के संदर्भ में मानक संवैधानिक अंतर क्या है?

राष्ट्रपति और Governor की clemency powers के बीच death sentence के संदर्भ में मानक संवैधानिक अंतर क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को Court Martial, Union executive sphere और विशेष रूप से सभी death sentences में clemency power देता है। अनुच्छेद 161 Governor की power को उन offences तक बाँधता है जिनसे State executive power संबंधित है। अनुच्छेद 72(3) expressly Governor की death sentence को suspend, remit या commute करने की शक्ति बचाता है। Supreme Court ने बार-बार कहा है कि Article 161 की constitutional clemency statutory remission rules से ऊँची संवैधानिक शक्ति है और सामान्यतः State Cabinet की aid and advice पर प्रयोग होती है।