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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 147

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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2921–2940 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमंत्रिपरिषद और प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री के संवैधानिक उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 75(3) के तहत मंत्रिप…

मंत्रिपरिषद और प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री के संवैधानिक उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 75(3) के तहत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से संसद के दोनों सदनों के प्रति उत्तरदायी होती है। 2. अनुच्छेद 75(2) के तहत मंत्री व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद धारण करते हैं। 3. यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो राज्यसभा से चुने गए मंत्रियों को भी त्यागपत्र देना पड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 75(3) के तहत मंत्रिपरिषद केवल 'लोकसभा' के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, संसद के दोनों सदनों के प्रति नहीं। कथन 2 और 3 सही हैं; मंत्री व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं और सरकार गिरने पर राज्यसभा से बने मंत्रियों को भी इस्तीफा देना पड़ता है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2022मंत्रिपरिषद के संदर्भ में: संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों—कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री—में बाँटता ह…
मंत्रिपरिषद के संदर्भ में:
  1. संविधान मंत्रियों को चार श्रेणियों—कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री—में बाँटता है।
  2. प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • संविधान मंत्रियों की ऐसी औपचारिक श्रेणीकरण सूची नहीं देता।
  • 91वें संविधान संशोधन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद के आकार पर 15% सीमा लगाई।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017मंत्रिमंडलीय शासन प्रणाली के मूल सिद्धांत को कौन-सा कथन सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता है?
मंत्रिमंडलीय शासन प्रणाली के मूल सिद्धांत को कौन-सा कथन सबसे अच्छी तरह व्यक्त करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) संसदीय लोकतंत्र में सरकार की सामूहिक उत्तरदायित्व व्यवस्था

क्यों?

  • कैबिनेट प्रणाली सामूहिक उत्तरदायित्व पर आधारित है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमंत्रिमंडलीय समितियों (Cabinet Committees) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये संविधानेतर निकाय हैं; संविधान में इन…

मंत्रिमंडलीय समितियों (Cabinet Committees) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये संविधानेतर निकाय हैं; संविधान में इनका उल्लेख नहीं है, लेकिन सरकारी कार्य-संचालन नियमों के तहत गठित की जाती हैं। 2. ये स्थायी (Standing) या तदर्थ (Ad-hoc) हो सकती हैं। 3. इनमें केवल कैबिनेट मंत्री ही सदस्य हो सकते हैं; गैर-कैबिनेट मंत्रियों को कभी सदस्य या विशेष आमंत्रित नहीं बनाया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। Cabinet Committees संविधान में निर्मित संस्थाएँ नहीं हैं; उनका संगठन कार्य-संचालन नियमों और प्रधानमंत्री/सरकार के प्रशासनिक निर्णयों से होता है। वे स्थायी या किसी विशेष उद्देश्य के लिए तदर्थ हो सकती हैं। कथन 3 गलत है—यद्यपि प्रमुख सदस्य प्रायः Cabinet Ministers होते हैं, अन्य मंत्री भी सदस्य या special invitee बनाए जा सकते हैं। इन समितियों की संरचना समय-समय पर पुनर्गठित होती रहती है, इसलिए समसामयिक प्रश्न में नवीन Cabinet Secretariat सूची देखना चाहिए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमंत्रिमंडलीय समितियों और उनकी अध्यक्षता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

मंत्रिमंडलीय समितियों और उनकी अध्यक्षता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Cabinet Committee on Parliamentary Affairs) की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना आवश्यक नहीं है; वर्तमान सरकारी संरचना में भी यह प्रधानमंत्री के बजाय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में है। इसके विपरीत Political Affairs, Economic Affairs और Appointments Committee में प्रधानमंत्री केंद्रीय भूमिका/अध्यक्षता रखते हैं। Cabinet Committees की संरचना बदल सकती है, इसलिए वर्तमान तथ्य के लिए Cabinet Secretariat की नवीनतम अधिसूचना निर्णायक स्रोत है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमंत्रिमंडलीय समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये समितियाँ कैबिनेट के कार्यभार को कम करने और विशिष्ट नीत…

मंत्रिमंडलीय समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये समितियाँ कैबिनेट के कार्यभार को कम करने और विशिष्ट नीतिगत मुद्दों पर गहन विचार के लिए बनाई जाती हैं। 2. ये केवल सिफारिश ही नहीं करतीं; अपने आवंटित विषयों में कैबिनेट की ओर से निर्णय भी ले सकती हैं। 3. कैबिनेट इनके निर्णयों की समीक्षा कर सकता है और आवश्यक होने पर उन्हें बदल सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। Cabinet Committees कार्य-विभाजन और विशेषज्ञ विचार-विमर्श के माध्यम से पूरे Cabinet पर भार कम करती हैं। कई मामलों में उन्हें अपने क्षेत्र में निर्णय लेने का अधिकार होता है, जिससे हर विषय पूर्ण मंत्रिमंडल में ले जाने की आवश्यकता नहीं रहती। फिर भी वे Cabinet से ऊपर नहीं हैं; पूर्ण Cabinet उनके निर्णयों की समीक्षा, संशोधन या पुनर्विचार कर सकता है। यही व्यवस्था दक्षता और सामूहिक मंत्रिमंडलीय नियंत्रण के बीच संतुलन बनाती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमंत्रियों के उत्तरदायित्व के संदर्भ में 'व्यक्तिगत उत्तरदायित्व' (Individual Responsibility — अनुच्छेद 75(2)) का क्या अर्थ है?

मंत्रियों के उत्तरदायित्व के संदर्भ में 'व्यक्तिगत उत्तरदायित्व' (Individual Responsibility — अनुच्छेद 75(2)) का क्या अर्थ है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 75(2) कहता है कि मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेंगे। संसदीय व्यवहार में इसका अर्थ यह नहीं कि राष्ट्रपति अपनी निजी इच्छा से मंत्रियों को हटाते हैं; प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख हैं और किसी मंत्री को हटाने की सलाह दे सकते हैं। यह 'individual responsibility' सामूहिक उत्तरदायित्व से अलग है—पूरी मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी रहती है, जबकि किसी एक मंत्री का पद प्रधानमंत्री के विश्वास पर भी निर्भर करता है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2025मध्यवर्ती स्तर की पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: मध्यवर्ती स्तर की पंचायतें सभी राज्यों में होती हैं।ऐसी पंचायत का सदस्य …
मध्यवर्ती स्तर की पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. मध्यवर्ती स्तर की पंचायतें सभी राज्यों में होती हैं।
  2. ऐसी पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष है।
  3. मुख्यमंत्री पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु वित्त आयोग गठित करता है।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही नहीं हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2 और 3

क्यों?

  • 20 लाख से कम आबादी वाले राज्य मध्यवर्ती पंचायत स्तर से मुक्त हो सकते हैं।
  • पंचायत सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 30 नहीं।
  • राज्य वित्त आयोग का गठन राज्यपाल करता है, मुख्यमंत्री नहीं।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024मनी बिल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: अनुच्छेद 109 मनी बिल के लिए विशेष प्रक्रिया बताता है।मनी बिल राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किय…
मनी बिल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. अनुच्छेद 109 मनी बिल के लिए विशेष प्रक्रिया बताता है।
  2. मनी बिल राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
  3. राज्यसभा इसे अस्वीकार नहीं कर सकती; केवल सिफारिशें दे सकती है।
  4. लोकसभा को राज्यसभा की सभी सिफारिशें स्वीकार करनी होती हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 1, 2 और 3

क्यों?

  • मनी बिल केवल लोकसभा में प्रस्तुत होता है और राज्यसभा 14 दिनों में सिफारिशें दे सकती है।
  • लोकसभा उन सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमहानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - MPC - अनुच्छेद 243ZE) के संदर्भ में सदस्यों के निर्वाचन के बारे में क्या प्रावधान है?

महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - MPC - अनुच्छेद 243ZE) के संदर्भ में सदस्यों के निर्वाचन के बारे में क्या प्रावधान है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 243ZE(2)(b) के अनुसार MPC के कम से कम 2/3 सदस्य महानगर क्षेत्र की नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा चुने जाते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमहान्यायवादी की स्थिति और सीमाओं के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. वह पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी नहीं है। 2. निजी वकालत कर सकता है। 3. भारत सरका…

महान्यायवादी की स्थिति और सीमाओं के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. वह पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी नहीं है। 2. निजी वकालत कर सकता है। 3. भारत सरकार के विरुद्ध सलाह नहीं दे सकता और आपराधिक आरोपी का बचाव सरकार की अनुमति के बिना नहीं कर सकता।

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन महान्यायवादी की पारंपरिक सेवा-शर्तों और पेशेवर सीमाओं का सार हैं। निजी प्रैक्टिस संभव है, लेकिन हित-संघर्ष और सरकारी अनुमति से जुड़े प्रतिबंध लागू होते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के संदर्भ में:हर गर्भवती महिला को 3 माह पूर्व और 3 माह पश्चात भुगतान अवकाश मिलता है।क्रेच वाली संस्था में माँ …
मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के संदर्भ में:
  1. हर गर्भवती महिला को 3 माह पूर्व और 3 माह पश्चात भुगतान अवकाश मिलता है।
  2. क्रेच वाली संस्था में माँ को प्रतिदिन न्यूनतम छह क्रेच विज़िट मिलती हैं।
  3. दो या अधिक जीवित बच्चों वाली महिला को कम अवधि का मातृत्व लाभ मिलता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) केवल 3

क्यों?

  • संशोधन में सामान्यतः 26 सप्ताह और दो या अधिक बच्चों के मामले में कम अवधि का प्रावधान है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्य दलों के प्रमुख विशेषाधिकारों में कौन-से शामिल हैं? 1. आरक्षित चुनाव चिह्न। 2. मान्यता प्राप्त दल के लिए अधिकतम 40…

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्य दलों के प्रमुख विशेषाधिकारों में कौन-से शामिल हैं? 1. आरक्षित चुनाव चिह्न। 2. मान्यता प्राप्त दल के लिए अधिकतम 40 स्टार प्रचारक। 3. आम चुनावों में दूरदर्शन/आकाशवाणी पर निर्धारित मुफ्त प्रसारण समय। 4. चुनाव संबंधी कुछ निःशुल्क मतदाता-सूची सुविधाएँ।

उत्तर और पूरी व्याख्या

मान्यता प्राप्त दलों को आरक्षित चिह्न सहित कई चुनावी सुविधाएँ मिलती हैं। RPA के चुनाव-व्यय नियमों में मान्यता प्राप्त दल अधिकतम 40 स्टार प्रचारकों की सूची दे सकते हैं; गैर-मान्यता प्राप्त दलों के लिए सीमा कम होती है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024मार्च 2024 में किए गए परिवर्तन के बाद वरिष्ठ नागरिकों को डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा के लिए न्यूनतम आयु कितनी की गई?
मार्च 2024 में किए गए परिवर्तन के बाद वरिष्ठ नागरिकों को डाक मतपत्र से मतदान की सुविधा के लिए न्यूनतम आयु कितनी की गई?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) 85 वर्ष

क्यों?

  • चुनाव नियमों में संशोधन के बाद डाक मतपत्र की विशेष सुविधा के लिए वरिष्ठ नागरिकों की आयु सीमा 80 से बढ़ाकर 85 वर्ष की गई।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमार्शल लॉ (अनुच्छेद 34) और राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्शल लॉ किसी विशेष प…

मार्शल लॉ (अनुच्छेद 34) और राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्शल लॉ किसी विशेष प्रभावित क्षेत्र तक सीमित हो सकता है, जबकि राष्ट्रीय आपातकाल पूरे भारत या उसके किसी भाग पर लागू हो सकता है। 2. मार्शल लॉ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में सैन्य प्राधिकार सामान्य नागरिक प्रशासन और साधारण न्यायिक व्यवस्था पर असाधारण नियंत्रण ग्रहण कर सकते हैं, जबकि राष्ट्रीय आपातकाल में संवैधानिक सरकार और न्यायालय बने रहते हैं। 3. राष्ट्रीय आपातकाल के आधार संविधान में स्पष्ट रूप से बताए गए हैं, जबकि 'मार्शल लॉ' की परिस्थितियों को संविधान ने अलग से परिभाषित नहीं किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। राष्ट्रीय आपातकाल संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर घोषित संवैधानिक व्यवस्था है। मार्शल लॉ की संविधान में अलग परिभाषा नहीं है; यह असाधारण स्थिति में किसी सीमित क्षेत्र में सैन्य प्राधिकार के प्रभुत्व से संबंधित अवधारणा है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ मामला (1980) में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ मामला (1980) में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान भाग III(मूल अधिकार) और भाग IV(निदेशक तत्व) के मध्य संतुलन की नींव पर स्थापित है। एक को दूसरे पर निरपेक्ष प्राथमिकता देना संविधान के संतुलन को नष्ट करना है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को हटाने की संवैधानिक व्यवस्था में मुख्य अंतर क्या है?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को हटाने की संवैधानिक व्यवस्था में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 324(5) CEC को विशेष सुरक्षा देता है। उसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जैसी प्रक्रिया और आधार पर हटाया जाता है। अन्य निर्वाचन आयुक्तों को राष्ट्रपति CEC की सिफारिश पर हटा सकते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत चयन समिति में कौन शामिल हैं? 1. प्रधानमंत्री…

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत चयन समिति में कौन शामिल हैं? 1. प्रधानमंत्री (अध्यक्ष) 2. लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता 3. प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री 4. भारत के मुख्य न्यायाधीश

उत्तर और पूरी व्याख्या

2023 के अधिनियम की धारा 7 के अनुसार चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या मान्यता न होने पर सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होते हैं। CJI इस समिति का सदस्य नहीं है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त को सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर हटाने की प्रक्रिया क्या है?

मुख्य सूचना आयुक्त या सूचना आयुक्त को सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर हटाने की प्रक्रिया क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

RTI Act की धारा 14 के तहत proved misbehaviour or incapacity के मामलों में राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय से जांच कराते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनमुख्यमंत्रियों की अंतर-सरकारी संस्थाओं में भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे NITI Aayog Governing Council में संबंधित र…

मुख्यमंत्रियों की अंतर-सरकारी संस्थाओं में भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वे NITI Aayog Governing Council में संबंधित राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2. National Development Council में Chief Ministers सदस्य रहे थे, पर NDC Planning Commission युग की ऐतिहासिक/अब निष्क्रिय व्यवस्था है। 3. Inter-State Council में राज्यों के Chief Ministers सदस्य होते हैं। 4. Zonal Councils में संबंधित राज्यों के Chief Ministers सदस्य होते हैं और उनमें से एक rotation से Vice-Chairman होता है। सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। चारों कथन संस्थागत इतिहास/वर्तमान ढाँचे को सही संदर्भ में रखते हैं। NITI Aayog Governing Council में Chief Ministers मुख्य सदस्य हैं; Inter-State Council और Zonal Councils भी Centre-State coordination में उनकी भूमिका रखते हैं। NDC को वर्तमान सक्रिय निकाय की तरह पढ़ना पुराना होगा—वह Planning Commission-era body थी और अब नियमित नीति-निर्माण संरचना में सक्रिय नहीं है। Zonal Council में Union Home Minister Chairman और एक Chief Minister rotation से Vice-Chairman रहता है।