वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 146
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2901–2920 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंभारतीय संविधान में निहित 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (Procedure Established by Law) और 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' (Due Process of Law) के संदर…
भारतीय संविधान में निहित 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (Procedure Established by Law) और 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' (Due Process of Law) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में मूलतः 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' शब्दावली का प्रयोग किया गया है। 2. मेनका गांधी मामले (1978) के बाद उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 21 में 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' के सिद्धांत को समाविष्ट माना। 3. 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' की अवधारणा जापानी संविधान से प्रेरित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 21 में मूलतः 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (Procedure Established by Law) शब्दावली है। मेनका गांधी मामले (1978) में न्यायपालिका ने 'विधि की सम्यक प्रक्रिया' (अमेरिकी अवधारणा) को स्वीकार किया।
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों की अवधारणा किस देश से प्रेरित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- मौलिक अधिकारों की अवधारणा पर अमेरिकी संविधान का प्रभाव माना जाता है।
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को किस समिति की सिफारिशों के आधार पर शामिल किया गया था?
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों (Fundamental Duties) को किस समिति की सिफारिशों के आधार पर शामिल किया गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
1976 में आपातकाल के दौरान गठित सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा संविधान में मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया।
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों की प्रेरणा किस देश के संविधान से ली गई है?
भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्यों की प्रेरणा किस देश के संविधान से ली गई है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
मौलिक कर्तव्य पूर्व सोवियत संघ (USSR) के संविधान से प्रेरित हैं। उल्लेखनीय है कि प्रमुख लोकतांत्रिक देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस) में केवल जापान के संविधान में नागरिकों के कर्तव्यों का उल्लेख है।
भारतीय संविधान में राज्य के नीति-निदेशक तत्वों की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- राज्य के नीति-निदेशक तत्वों की प्रेरणा आयरलैंड के संविधान से ली गई।
भारतीय संविधान में राज्यपाल के पद और नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 7वें संविधान संशोधन, 1956 के बाद एक ही व्यक्ति को…
भारतीय संविधान में राज्यपाल के पद और नियुक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 7वें संविधान संशोधन, 1956 के बाद एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। 2. राज्यपाल का चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष मतदान से होता है। 3. राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा करते हैं। सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 153 के तहत एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है; यह व्यवस्था 7वें संविधान संशोधन से स्पष्ट हुई। राज्यपाल निर्वाचित पद नहीं है—अनुच्छेद 155 के अनुसार उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति warrant under hand and seal द्वारा करते हैं। संविधान निर्माताओं ने प्रत्यक्ष चुनाव के बजाय नियुक्त राज्यपाल का मॉडल अपनाया ताकि राज्य में संसदीय कार्यपालिका और संवैधानिक प्रमुख के बीच टकराव कम रहे।
भारतीय संविधान संशोधन प्रक्रिया की अमेरिकी संविधान संशोधन प्रक्रिया से तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमेरिका में राज्यो…
भारतीय संविधान संशोधन प्रक्रिया की अमेरिकी संविधान संशोधन प्रक्रिया से तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमेरिका में राज्यों को संविधान संशोधन प्रस्तावित करने का अधिकार है, जबकि भारत में राज्य विधानमंडल संविधान संशोधन विधेयक पेश नहीं कर सकते। 2. अमेरिका में संशोधन के लिए तीन-चौथाई (3/4) राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है, जबकि भारत में केवल आधे (1/2) राज्यों की सहमति पर्याप्त है। 3. अमेरिका में संशोधन के लिए एक अलग संवैधानिक सम्मेलन (Constitutional Convention) का प्रावधान है, जबकि भारत में ऐसी कोई अलग संस्था नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अमेरिकी संविधान अत्यंत कठोर है जिसमें राज्यों की पहल और 3/4 राज्यों की स्वीकृति आवश्यक होती है, जबकि भारत में प्रक्रिया अधिक लचीली है।
भारतीय संवैधानिक इतिहास में 'सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक' किसे कहा जाता है?
भारतीय संवैधानिक इतिहास में 'सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक' किसे कहा जाता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
लॉर्ड मिंटो सही उत्तर है। 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन व्यवस्था स्वीकार की गई। इस व्यवस्था ने मतदाताओं और प्रतिनिधियों को धार्मिक समुदाय के आधार पर अलग किया और आगे की संवैधानिक राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला।
भारतीय संसद के Parliamentary Forums की संस्थागत रूपरेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पहला Parliamentary Forum on Water Conse…
भारतीय संसद के Parliamentary Forums की संस्थागत रूपरेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पहला Parliamentary Forum on Water Conservation and Management 2005 में स्थापित किया गया। 2. सामान्यतः लोकसभा अध्यक्ष forums के पदेन President रहे हैं; Population and Public Health Forum में राज्यसभा सभापति पदेन President और लोकसभा अध्यक्ष Co-President की व्यवस्था रही है। 3. forum guidelines में अधिकतम 31 सामान्य सदस्य—21 लोकसभा और 10 राज्यसभा—की संरचना दी गई है, ex-officio पदाधिकारियों के अतिरिक्त। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। Parliamentary Forum on Water Conservation and Management 12 अगस्त 2005 को पहला ऐसा forum बना। पारंपरिक forum guidelines में Speaker, Lok Sabha अधिकांश forums के ex-officio President रहे, जबकि Population and Public Health Forum में Chairman, Rajya Sabha President और Speaker Co-President रहे। सामान्य membership सीमा 31—21 LS और 10 RS—रखी गई। ध्यान दें कि सक्रिय forums की संख्या समय के साथ बदल सकती है; प्रश्न यहाँ मूल संस्थागत संरचना और guidelines पर है।
भारतीय संसदीय प्रणाली और ब्रिटिश संसदीय प्रणाली के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारत…
भारतीय संसदीय प्रणाली और ब्रिटिश संसदीय प्रणाली के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारत में संसद की संप्रभुता लिखित संविधान और न्यायिक समीक्षा द्वारा सीमित है। 2. ब्रिटेन में राज्य का प्रमुख वंशानुगत (राजशाही) होता है, जबकि भारत में राज्य का प्रमुख निर्वाचित (गणतंत्र) होता है। 3. ब्रिटेन में मंत्रियों की विधिक जिम्मेदारी (Legal Responsibility) होती है, जबकि भारतीय संविधान में मंत्रियों की ऐसी किसी विधिक जिम्मेदारी का प्रावधान नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। ब्रिटेन में संसद संप्रभु है और राजा औपचारिक प्रमुख है, जबकि भारत में संविधान सर्वोच्च है, राष्ट्रपति निर्वाचित होता है और मंत्रियों पर विधिक उत्तरदायित्व नहीं थोपा गया है।
भारतीय संसदीय प्रणाली की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति राज्य का कार्यकारी प्रमुख (नाममात्र का प्रमुख) हो…
भारतीय संसदीय प्रणाली की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति राज्य का कार्यकारी प्रमुख (नाममात्र का प्रमुख) होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का वास्तविक प्रमुख होता है। 2. मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से संसद के दोनों सदनों के प्रति उत्तरदायी होती है। 3. एक मंत्री जो लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता, वह मंत्री पद पर नहीं बना रह सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। कथन 1 सही है—भारत में राष्ट्रपति संवैधानिक/नाममात्र कार्यपालिका है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद है। कथन 2 गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 75(3) मंत्रिपरिषद को सामूहिक रूप से केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी बनाता है, राज्यसभा के प्रति नहीं। कथन 3 अनुच्छेद 75(5) के अनुरूप है: यदि कोई मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं बनता, तो वह मंत्री नहीं रह सकता। परीक्षा में 'संसद' और 'लोकसभा' के बीच यही अंतर मुख्य जाल है।
भारतीय संसदीय व्यवस्था में 'दोहरी सदस्यता' (Double Membership) का क्या अर्थ है?
भारतीय संसदीय व्यवस्था में 'दोहरी सदस्यता' (Double Membership) का क्या अर्थ है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। संसदीय शासन में मंत्री कार्यपालिका का हिस्सा होने के साथ-साथ सामान्यतः विधायिका के भी सदस्य होते हैं; इसी को यहाँ 'दोहरी सदस्यता' कहा गया है। यदि कोई व्यक्ति मंत्री नियुक्त होते समय सांसद नहीं है, तो अनुच्छेद 75(5) के अनुसार उसे छह महीने के भीतर संसद के किसी सदन का सदस्य बनना होगा। विकल्प (b), (c) और (d) संवैधानिक दोहरी सदस्यता की अवधारणा नहीं हैं और सदस्यता-संबंधी अयोग्यता/त्याग के नियमों के अधीन आते हैं।
भारतीय समाजवाद (Indian Socialism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय समाजवाद 'मार्क्सवादी समाजवाद' का एक रूप है जो उत्पादन …
भारतीय समाजवाद (Indian Socialism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय समाजवाद 'मार्क्सवादी समाजवाद' का एक रूप है जो उत्पादन के सभी साधनों के राष्ट्रीयकरण पर बल देता है। 2. भारतीय समाजवाद 'लोकतांत्रिक समाजवाद' (Democratic Socialism) है, जो एक मिश्रित अर्थव्यवस्था में विश्वास रखता है। 3. सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, भारतीय समाजवाद मार्क्सवाद और गांधीवाद का मिश्रण है, जो गांधीवादी समाजवाद की ओर भारी रूप से झुका हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 गलत है। भारत साम्यवादी/मार्क्सवादी समाजवाद (जिसमें निजी संपत्ति का पूर्ण उन्मूलन होता है) का अनुसरण नहीं करता, बल्कि लोकतांत्रिक समाजवाद का अनुसरण करता है।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के बाद संविधान सभा की स्थिति में कौन-से परिवर्तन हुए? 1. वह पूर्ण संप्रभु संविधान-निर्माता निकाय बनी। 2. उसने साम…
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के बाद संविधान सभा की स्थिति में कौन-से परिवर्तन हुए? 1. वह पूर्ण संप्रभु संविधान-निर्माता निकाय बनी। 2. उसने सामान्य विधायी कार्य भी किया। 3. संविधान-सभा की बैठक की अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद और विधायी बैठक की अध्यक्षता जी. वी. मावलंकर करते थे। 4. विभाजन के बाद सदस्य संख्या 299 रह गई। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन सही हैं। स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा ब्रिटिश प्राधिकार से मुक्त होकर संप्रभु निकाय बनी और संविधान बनाने के साथ केंद्रीय विधायिका का काम भी करने लगी। दोनों भूमिकाओं की कार्यवाही अलग रखी जाती थी। विभाजन के बाद भारतीय संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 299 रह गई।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश शासन समाप्त कर भारत को स्वतंत्र डोमिनियन बनाया गया। 2. …
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश शासन समाप्त कर भारत को स्वतंत्र डोमिनियन बनाया गया। 2. भारत सचिव का पद समाप्त किया गया। 3. भारत और पाकिस्तान की संविधान सभाओं को संविधान बनाने और ब्रिटिश कानूनों को बदलने की विधायी शक्ति मिली। सही कथन कौन-से हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ने ब्रिटिश संसद की प्रत्यक्ष राजनीतिक प्रभुता समाप्त की और भारत तथा पाकिस्तान के लिए अलग डोमिनियन बनाए। दोनों संविधान सभाएँ अपने-अपने क्षेत्रों में संविधान-निर्माता और विधायिका की भूमिका निभाने लगीं तथा पुराने ब्रिटिश कानूनों को बदलने में सक्षम थीं।
भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग की जांच हेतु गठित विभिन्न आयोगों/समितियों का सही कालानुक्रम क्या है?
भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग की जांच हेतु गठित विभिन्न आयोगों/समितियों का सही कालानुक्रम क्या है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
एस. के. धर आयोग (जून 1948) → जे.वी.पी. समिति (दिसंबर 1948) → फज़ल अली आयोग (दिसंबर 1953)।
भाषाई अल्पसंख्यकों के आयुक्त (Commissioner for Linguistic Minorities) की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
भाषाई अल्पसंख्यकों के आयुक्त (Commissioner for Linguistic Minorities) की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की आधिकारिक रिपोर्ट बताती है कि आयुक्त का कार्यालय 2014 से नई दिल्ली से कार्य करता है। यह अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अंतर्गत है; पद की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। पुराने स्रोतों में इलाहाबाद/प्रयागराज मुख्यालय का उल्लेख मिलता है, जो अब अद्यतन नहीं है।
भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद किस संशोधन और अनुच्छेद से जोड़ा गया?
भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी का पद किस संशोधन और अनुच्छेद से जोड़ा गया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा अनुच्छेद 350B जोड़ा गया, जो भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी की व्यवस्था करता है।
भाषाई अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए अनुच्छेद 350, 350A और 350B के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 350 शिकायत के निवारण हेतु संघ/राज्य म…
भाषाई अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए अनुच्छेद 350, 350A और 350B के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 350 शिकायत के निवारण हेतु संघ/राज्य में प्रयुक्त किसी भाषा में अभ्यावेदन की अनुमति देता है। 2. अनुच्छेद 350A प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा-सुविधाओं के प्रयास से संबंधित है। 3. अनुच्छेद 350B भाषाई अल्पसंख्यकों के विशेष अधिकारी की व्यवस्था करता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों सही हैं। PDF में इन उपबंधों की मूल दिशा सही थी; यहाँ अनुच्छेद संख्या स्पष्ट करके भ्रम दूर किया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े अपराधों की CBI जांच पर अधीक्षण किस निकाय के पास है?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े अपराधों की CBI जांच पर अधीक्षण किस निकाय के पास है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
DSPE/CBI द्वारा Prevention of Corruption Act से संबंधित जांच के मामलों पर CVC को अधीक्षण की विशेष भूमिका दी गई है।