वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 145
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
छोटे कदम, बेहतर तैयारी
विषय चुनकर शुरू करें। उत्तर के साथ व्याख्या पढ़ें और कठिन प्रश्न दोहराएँ।
2881–2900 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंभारतीय संविधान की प्रस्तावना—
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- प्रस्तावना संविधान का भाग है, लेकिन स्वतंत्र अधिकार-स्रोत के रूप में लागू नहीं की जा सकती।
भारतीय संविधान के 'नम्यता एवं अनम्यता के समन्वय' (Synthesis of Rigidity and Flexibility) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान केवल संस…
भारतीय संविधान के 'नम्यता एवं अनम्यता के समन्वय' (Synthesis of Rigidity and Flexibility) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान केवल संसद के साधारण बहुमत (Simple Majority) से संशोधित किया जा सकता है? 1. नए राज्यों का प्रवेश या गठन (अनुच्छेद 2 व 3) 2. राज्यों में विधान परिषदों का निर्माण या समाप्ति (अनुच्छेद 169) 3. राष्ट्रपति का निर्वाचन और उसकी प्रक्रिया (अनुच्छेद 54 व 55) 4. नागरिकता की प्राप्ति एवं समाप्ति नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
राष्ट्रपति के निर्वाचन और प्रक्रिया (3) में संशोधन के लिए संसद का विशेष बहुमत और कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की सहमति अनिवार्य है (अनुच्छेद 368)। 1, 2 और 4 साधारण बहुमत से होते हैं।
भारतीय संविधान के अंतर्गत धन का संकेंद्रण किसका उल्लंघन करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अनुच्छेद 39(c) राज्य को धन और उत्पादन साधनों के अहितकारी संकेंद्रण को रोकने का निर्देश देता है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 में प्रयुक्त ‘विधि के समक्ष समानता’ वाक्यांश किस देश के संविधान से लिया गया है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- ‘विधि के समक्ष समानता’ की अवधारणा ब्रिटिश विधि-शासन परंपरा से जुड़ी है; जबकि ‘विधियों का समान संरक्षण’ अमेरिकी संविधान से प्रेरित है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता / Uniform Civil Code) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह राज्य को भारत के पूर…
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 (समान नागरिक संहिता / Uniform Civil Code) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह राज्य को भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है। 2. यह न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय मौलिक अधिकार है। 3. उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 और 3 सही हैं। अनुच्छेद 44 भाग IV का नीति निदेशक तत्व है, इसलिए यह स्वयं न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय मौलिक अधिकार नहीं है। उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से लागू हुई। गोवा में पुर्तगाली मूल की नागरिक संहिता का अलग ऐतिहासिक ढांचा पहले से लागू रहा है।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा अस्पृश्यता समाप्त की गई है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है और उसके व्यवहार को दंडनीय बनाता है।
भारतीय संविधान के तहत मंत्रियों की गोपनीयता की शपथ (Oath of Secrecy) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
भारतीय संविधान के तहत मंत्रियों की गोपनीयता की शपथ (Oath of Secrecy) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 75(4) के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक मंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं। इन शपथों का प्रारूप तीसरी अनुसूची में है, दूसरी में नहीं। गोपनीयता का दायित्व सभी केंद्रीय मंत्रियों पर लागू होता है—केवल कैबिनेट मंत्रियों पर नहीं। शपथ-उल्लंघन पर संसद द्वारा स्वतः बर्खास्तगी जैसा कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है।
भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष (Secular) स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता की पश्चिमी अवधारण…
भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष (Secular) स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता की पश्चिमी अवधारणा (धर्म और राज्य का पूर्ण अलगाव) का पूर्णतः अनुसरण करता है। 2. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्षता की सकारात्मक अवधारणा (सभी धर्मों को समान आदर और संरक्षण) को अपनाता है। 3. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) शब्द जोड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1 गलत है क्योंकि भारत पश्चिमी नकारात्मक धर्मनिरपेक्षता (धर्म और राज्य का कठोर अलगाव) का अनुसरण नहीं करता, बल्कि सर्वधर्म समभाव (सकारात्मक अवधारणा) को अपनाता है।
भारतीय संविधान के निम्नलिखित प्रावधानों में से कौन-से इसके 'संघीय स्वरूप' (Federal Character) को स्थापित करते हैं? 1. द्वैध शासन प्रणाली (Dual Po…
भारतीय संविधान के निम्नलिखित प्रावधानों में से कौन-से इसके 'संघीय स्वरूप' (Federal Character) को स्थापित करते हैं? 1. द्वैध शासन प्रणाली (Dual Polity) 2. लिखित और सर्वोच्च संविधान 3. संविधान की कठोरता (Rigid Constitution) 4. स्वतंत्र न्यायपालिका और द्विसदनीय व्यवस्था नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। संघवाद की पहचान केवल केंद्र और राज्यों के अस्तित्व से नहीं, बल्कि उनके बीच संवैधानिक रूप से संरक्षित शक्तिविभाजन से होती है। लिखित एवं सर्वोच्च संविधान इस विभाजन को स्थिर आधार देता है; संशोधन की आंशिक कठोरता संघीय संतुलन की रक्षा करती है। स्वतंत्र न्यायपालिका केंद्र-राज्य विवादों की संवैधानिक निर्णायक है, जबकि राज्यसभा संघीय इकाइयों को केंद्रीय विधायिका में प्रतिनिधित्व देती है। इसलिए चारों बिंदु संघीय चरित्र को मजबूत करते हैं।
भारतीय संविधान के निर्माण में कितनी अवधि लगी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन में संविधान निर्माण का कार्य पूरा किया।
भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 'भारत का मैग्ना कार्टा' (Magna Carta of India) कहा ज…
भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 'भारत का मैग्ना कार्टा' (Magna Carta of India) कहा जाता है। 2. संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार पूर्ण (Absolute) हैं और राज्य द्वारा इन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। 3. ये अधिकार राज्य के कठोर नियमों के विरुद्ध नागरिकों की आजादी की सुरक्षा करते हैं तथा विधानपालिका व कार्यपालिका के तानाशाही को रोकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 2 गलत है क्योंकि मूल अधिकार पूर्ण (Absolute) नहीं बल्कि न्यायोचित प्रतिबंधों (Reasonable Restrictions) के अधीन हैं। राज्य इन पर उचित प्रतिबंध लगा सकता है।
भारतीय संविधान के संदर्भ में:संविधान संघवाद, धर्मनिरपेक्षता, मौलिक अधिकार और लोकतंत्र की संरचना देता है।न्यायिक समीक्षा नागरिक स्वतंत्रताओं और सं…
- संविधान संघवाद, धर्मनिरपेक्षता, मौलिक अधिकार और लोकतंत्र की संरचना देता है।
- न्यायिक समीक्षा नागरिक स्वतंत्रताओं और संवैधानिक आदर्शों की रक्षा का साधन है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- प्रश्न की आधिकारिक कुंजी के अनुसार दोनों कथन इस रूप में सही नहीं माने गए।
भारतीय संविधान के स्रोतों (Sources of the Constitution) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. विधि का शासन (Rule of Law) — ब्रिटिश …
भारतीय संविधान के स्रोतों (Sources of the Constitution) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. विधि का शासन (Rule of Law) — ब्रिटिश संविधान 2. राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) — आयरिश संविधान 3. समवर्ती सूची (Concurrent List) — ऑस्ट्रेलियाई संविधान 4. संविधान में संशोधन की प्रक्रिया — दक्षिण अफ्रीकी संविधान उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं। विधि का शासन ब्रिटेन से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से और संविधान संशोधन की प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका से ली गई है।
भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू करने के लिए यह तिथि क्यों चुनी गई?
भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू करने के लिए यह तिथि क्यों चुनी गई?
उत्तर और पूरी व्याख्या
26 जनवरी की तिथि को 1930 के पूर्ण स्वराज दिवस की स्मृति से जोड़ा गया। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन के बाद 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता/पूर्ण स्वराज का संकल्प सार्वजनिक रूप से मनाया गया था। इसलिए संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू कर स्वतंत्रता आंदोलन की उस ऐतिहासिक प्रतिज्ञा को सम्मान दिया गया।
भारतीय संविधान में 'एकल नागरिकता' (Single Citizenship) की अवधारणा किस देश के संविधान से प्रेरित है?
भारतीय संविधान में 'एकल नागरिकता' (Single Citizenship) की अवधारणा किस देश के संविधान से प्रेरित है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
भारत में केवल एक नागरिकता (भारतीय नागरिकता) है, राज्यों की अलग नागरिकता नहीं है। यह अवधारणा ब्रिटेन/ कनाडा के मॉडल से प्रेरित है, जबकि अमेरिका और स्विट्जरलैंड में दोहरी नागरिकता है।
भारतीय संविधान में 'बजट' शब्द का उल्लेख किस रूप में किया गया है?
भारतीय संविधान में 'बजट' शब्द का उल्लेख किस रूप में किया गया है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। केंद्र सरकार के बजट का संवैधानिक नाम Article 112 के तहत Annual Financial Statement है। 'Budget' प्रशासनिक और सामान्य प्रयोग का शब्द है, संविधान का तकनीकी शब्द नहीं। अनुच्छेद 202 राज्यों के वार्षिक वित्तीय विवरण से संबंधित है, केंद्र से नहीं। Annual Financial Statement में भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण प्रस्तुत किया जाता है और आगे demands for grants, appropriation तथा finance legislation की प्रक्रिया चलती है।
भारतीय संविधान में 'Judicial Review' शब्दावली के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
भारतीय संविधान में 'Judicial Review' शब्दावली के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। संविधान 'judicial review' शीर्षक से कोई एक सर्वसमावेशी अनुच्छेद नहीं देता, बल्कि इसकी शक्ति कई संवैधानिक प्रावधानों में वितरित है। अनुच्छेद 13 असंगत कानूनों को शून्य करता है; अनुच्छेद 32 और 226 rights enforcement की न्यायिक शक्ति देते हैं; legislative competence और constitutional limitations की जाँच भी courts करते हैं। Kesavananda और बाद के निर्णयों के बाद संविधान संशोधन भी Basic Structure test के अधीन न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं हैं।
भारतीय संविधान में केंद्र-प्रवृत्त संघवाद (Centripetal Federalism) को बढ़ावा देने वाले वित्तीय प्रावधानों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं?…
भारतीय संविधान में केंद्र-प्रवृत्त संघवाद (Centripetal Federalism) को बढ़ावा देने वाले वित्तीय प्रावधानों में निम्नलिखित में से कौन-से शामिल हैं? 1. राज्यों की केंद्र पर वित्तीय निर्भरता (अनुदान और कर वितरण हेतु)। 2. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा केंद्र और राज्यों दोनों के खातों का एक समान संवैधानिक लेखापरीक्षण ढांचा। 3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) के दौरान केंद्र द्वारा राज्यों के वित्तीय मामलों पर व्यापक नियंत्रण। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। भारतीय वित्तीय संघवाद में कर-संग्रह और संसाधनों का बड़ा हिस्सा केंद्र के पास केंद्रित रहता है, जबकि राज्यों की व्यय जिम्मेदारियाँ व्यापक हैं; इसलिए कर-वितरण और अनुदान महत्वपूर्ण बनते हैं। CAG केंद्र और राज्यों दोनों की सार्वजनिक वित्तीय जवाबदेही के लिए साझा संवैधानिक संस्था है। अनुच्छेद 360 लागू होने पर संघ राज्यों को वित्तीय अनुशासन संबंधी निर्देश दे सकता है। ये तत्व मिलकर भारतीय संघवाद की केंद्राभिमुख प्रकृति को दर्शाते हैं।
भारतीय संविधान में त्रि-स्तरीय सरकार (Three-tier Government) का प्रावधान निम्नलिखित में से किस/किन संशोधनों द्वारा किया गया था?
भारतीय संविधान में त्रि-स्तरीय सरकार (Three-tier Government) का प्रावधान निम्नलिखित में से किस/किन संशोधनों द्वारा किया गया था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
73वें (पंचायती राज) और 74वें (नगरपालिका) संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में क्रमशः भाग IX व IX-A जोड़कर त्रि-स्तरीय शासन व्यवस्था स्थापित की गई।
भारतीय संविधान में नागरिकता (Citizenship) से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग II के अनुच्छेद 5…
भारतीय संविधान में नागरिकता (Citizenship) से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग II के अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता का उल्लेख है। 2. संविधान नागरिकता के अधिग्रहण या समाप्ति से संबंधित विस्तृत स्थायी प्रावधान नहीं करता, बल्कि यह शक्ति संसद को सौंपता है। 3. संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 पारित किया, जिसे समय-समय पर संशोधित किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। संविधान केवल 26 जनवरी 1950 को नागरिक बनने वाले व्यक्तियों की पहचान करता है। भविष्य के नियमों हेतु अनुच्छेद 11 ने संसद को पूर्ण शक्ति दी।