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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 139

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2761–2780 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबजट प्रक्रिया में कटौती प्रस्तावों (Cut Motions) के प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. नीति अस्वीकृति कटौती — मांग को घ…

बजट प्रक्रिया में कटौती प्रस्तावों (Cut Motions) के प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. नीति अस्वीकृति कटौती — मांग को घटाकर ₹1 करना। 2. मितव्ययिता कटौती — मांग को किसी निर्दिष्ट राशि से कम करना। 3. सांकेतिक कटौती — मांग में ₹100 की कमी करना। उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (c) है। Policy Cut में मांग को ₹1 कर देना पूरी नीति की अस्वीकृति व्यक्त करता है। Economy Cut किसी विशेष राशि को कम करने का प्रस्ताव है, जो अनावश्यक व्यय घटाने की मांग दर्शाता है। Token Cut में ₹100 की कटौती प्रस्तावित कर किसी विशिष्ट शिकायत या विषय को उजागर किया जाता है। Cut Motions केवल लोकसभा की वित्तीय नियंत्रण प्रक्रिया का भाग हैं; इनमें से किसी का पारित होना सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक पराजय माना जाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबलवंत राय मेहता समिति (1957) की प्रमुख सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली—ग्राम स्त…

बलवंत राय मेहता समिति (1957) की प्रमुख सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली—ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद की स्थापना की सिफारिश की। 2. इसने सिफारिश की कि जिला कलेक्टर को जिला परिषद का अध्यक्ष होना चाहिए। 3. राजस्थान 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में पंचायती राज लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना, जिसके बाद आंध्र प्रदेश ने इसे लागू किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। तीनों कथन सही हैं। 2 अक्टूबर 1959 को पंडित नेहरू ने राजस्थान के नागौर में इसका उद्घाटन किया था और उसी वर्ष आंध्र प्रदेश ने इसे अपनाया था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबी. पी. सिंघल बनाम भारत संघ (2010) मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने राज्यपाल को पद से हटाने (Removal of Governor) के संबंध में क्या व्…

बी. पी. सिंघल बनाम भारत संघ (2010) मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने राज्यपाल को पद से हटाने (Removal of Governor) के संबंध में क्या व्यवस्था दी? 1. राष्ट्रपति केंद्र सरकार की सलाह पर किसी भी समय बिना कोई कारण बताए राज्यपाल को हटा सकते हैं, किंतु यह शक्ति मनमानी या दुर्भावनापूर्ण नहीं होनी चाहिए। 2. केवल केंद्र में सत्तारूढ़ दल के बदल जाने या राज्यपाल की विचारधारा केंद्र से मेल न खाने के आधार पर राज्यपाल को पद से हटाना असंवैधानिक है। 3. यदि किसी राज्यपाल को दुर्भावनापूर्ण आधार पर हटाया जाता है, तो न्यायालय ऐसे निष्कासन की न्यायिक समीक्षा कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 2010 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि प्रसाद का सिद्धांत (Doctrine of pleasure) मनमाने निष्कासन का लाइसेंस नहीं है और सत्ता बदलने पर राज्यपालों को हटाना गलत है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबेरुबारी यूनियन मामले (Berubari Union Case, 1960) में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संस…

बेरुबारी यूनियन मामले (Berubari Union Case, 1960) में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद की अनुच्छेद 3 के तहत राज्य के क्षेत्र को कम करने की शक्ति में किसी भारतीय क्षेत्र को विदेशी राज्य को सौंपने की शक्ति शामिल नहीं है। 2. किसी भारतीय भूभाग को किसी विदेशी देश को सौंपने के लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन आवश्यक है। 3. भारत और किसी अन्य देश के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है, इसे कार्यपालिका कार्रवाई द्वारा किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने 1960 में व्यवस्था दी कि भूभाग सौंपने हेतु अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन अनिवार्य है (9वां संशोधन 1960), किंतु 1969 में स्पष्ट किया कि केवल सीमा विवाद समाधान कार्यपालिका स्तर पर हो सकता है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020ब्रिटिश शासनकाल में संविधान के विकास का मील का पत्थर कौन-सा अधिनियम नहीं है?
ब्रिटिश शासनकाल में संविधान के विकास का मील का पत्थर कौन-सा अधिनियम नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955

व्याख्या

  • 1955 का नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम स्वतंत्र भारत का कानून है, ब्रिटिश संवैधानिक विकास का अधिनियम नहीं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनब्रिटिश संसदीय मॉडल और भारतीय संसदीय मॉडल के मध्य भिन्नताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारत …

ब्रिटिश संसदीय मॉडल और भारतीय संसदीय मॉडल के मध्य भिन्नताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश संसद संप्रभु है, जबकि भारत में संसद की शक्तियाँ लिखित संविधान और न्यायिक समीक्षा से सीमित हैं। 2. ब्रिटेन में प्रधानमंत्री केवल निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) का सदस्य होना चाहिए, जबकि भारत में प्रधानमंत्री संसद के किसी भी सदन का सदस्य हो सकता है। 3. ब्रिटेन में मंत्रियों की विधिक जिम्मेदारी (Legal Responsibility) होती है, जबकि भारत में मंत्रियों के लिए ऐसी कोई समान संवैधानिक विधिक जिम्मेदारी नहीं है। 4. ब्रिटेन में 'छाया मंत्रिमंडल' (Shadow Cabinet) की संस्था है, जबकि भारत में ऐसी कोई आधिकारिक संवैधानिक संस्था नहीं है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। चारों कथन सही हैं। ब्रिटेन में संसदीय संप्रभुता का सिद्धांत प्रभावी है, जबकि भारत में संविधान सर्वोच्च है और संसद न्यायिक समीक्षा तथा संवैधानिक सीमाओं के अधीन है। भारत में प्रधानमंत्री लोकसभा या राज्यसभा—किसी भी सदन से हो सकता है; ब्रिटिश परंपरा में प्रधानमंत्री हाउस ऑफ कॉमन्स से होता है। भारत में मंत्रियों के कार्यों पर ब्रिटेन जैसी औपचारिक कानूनी प्रतिहस्ताक्षर-जिम्मेदारी नहीं है, और 'Shadow Cabinet' भारत की संवैधानिक व्यवस्था का आधिकारिक अंग नहीं है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनब्रिटेन के विपरीत, भारत में मंत्रियों की कोई समान संवैधानिक 'विधिक जिम्मेदारी' (Legal Responsibility) नहीं होने का मुख्य अर्थ क्या है?

ब्रिटेन के विपरीत, भारत में मंत्रियों की कोई समान संवैधानिक 'विधिक जिम्मेदारी' (Legal Responsibility) नहीं होने का मुख्य अर्थ क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। ब्रिटिश परंपरा में सम्राट के औपचारिक आदेशों को मंत्री के countersignature से राजनीतिक/कानूनी जिम्मेदारी से जोड़ा जाता है। भारतीय संविधान में राष्ट्रपति के आधिकारिक आदेश के लिए ऐसी मंत्री-प्रतिहस्ताक्षर व्यवस्था नहीं है; संघ सरकार का कार्य अनुच्छेद 77 के तहत राष्ट्रपति के नाम से व्यक्त होता है। इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं कि मंत्री सामान्य कानून से ऊपर हैं या उनके विरुद्ध आपराधिक/दीवानी कार्रवाई नहीं हो सकती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभाग XV के चुनावी प्रावधानों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 324 संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों का अधीक्षण …

भाग XV के चुनावी प्रावधानों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 324 संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों का अधीक्षण ECI में निहित करता है। 2. पंचायत और नगरपालिका चुनाव भी ECI ही कराता है। 3. अनुच्छेद 325 धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर मतदाता सूची से बहिष्कार रोकता है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 2 गलत है। स्थानीय निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत कराते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभाग XVI के अनुच्छेदों का सही मिलान कौन-सा है? 1. अनुच्छेद 330—लोकसभा में SC/ST सीट आरक्षण 2. अनुच्छेद 332—राज्य विधानसभाओं में SC/ST सीट आरक्षण 3…

भाग XVI के अनुच्छेदों का सही मिलान कौन-सा है? 1. अनुच्छेद 330—लोकसभा में SC/ST सीट आरक्षण 2. अनुच्छेद 332—राज्य विधानसभाओं में SC/ST सीट आरक्षण 3. अनुच्छेद 335—सेवाओं और पदों में SC/ST के दावे

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत और ब्रिटेन के CAG की 'Comptroller' भूमिका में मुख्य अंतर क्या है?

भारत और ब्रिटेन के CAG की 'Comptroller' भूमिका में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

भारतीय पद का नाम Comptroller and Auditor-General है, लेकिन ब्रिटिश व्यवस्था जैसी ex ante treasury-control भूमिका भारत में नहीं है। भारतीय CAG मुख्यतः व्यय के बाद लेखा-परीक्षा और रिपोर्टिंग करता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की सर्वोच्च न्यायपालिका की तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में एकीकृत न्यायपालिका है, …

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की सर्वोच्च न्यायपालिका की तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में एकीकृत न्यायपालिका है, जबकि अमेरिका में federal और state court systems का दोहरा ढाँचा है। 2. भारतीय Supreme Court के पास अनुच्छेद 143 के तहत advisory jurisdiction है, जबकि U.S. Supreme Court advisory opinions नहीं देता। 3. भारतीय Supreme Court को संविधान में civil, criminal और constitutional appeals के साथ अनुच्छेद 136 की विशेष अनुमति शक्ति दी गई है; अमेरिकी Supreme Court का appellate jurisdiction अलग संवैधानिक-सांविधिक ढाँचे से नियंत्रित है और उसे केवल constitutional disputes तक सीमित कहना गलत होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासनभारत का राष्ट्रपति कितनी बार पुनः चुनाव के लिए पात्र होता है?
भारत का राष्ट्रपति कितनी बार पुनः चुनाव के लिए पात्र होता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) कितनी भी बार

व्याख्या

  • संविधान राष्ट्रपति के पुनर्निर्वाचन की संख्या पर सीमा नहीं लगाता।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की घोषित परमाणु नीति के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. Credible Minimum Deterrence और No First Use इसके प्रमुख घोषित तत्व हैं। 2. परमाणु प्…

भारत की घोषित परमाणु नीति के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. Credible Minimum Deterrence और No First Use इसके प्रमुख घोषित तत्व हैं। 2. परमाणु प्रतिशोध का प्राधिकरण नागरिक राजनीतिक नियंत्रण वाली Nuclear Command Authority में है। 3. गैर-परमाणु हथियार संपन्न राज्यों के विरुद्ध non-use की नीति घोषित है, लेकिन 2003 doctrine में भारत/भारतीय बलों पर बड़े chemical/biological attack की स्थिति में nuclear retaliation का विकल्प सुरक्षित रखा गया। 4. Nuclear Command Authority की Political Council की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों भारत की 2003 में औपचारिक रूप से स्पष्ट की गई nuclear doctrine/command structure के अनुरूप हैं। बाद की सरकारी घोषणाओं ने Credible Minimum Deterrence और No First Use के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की चुनाव प्रणाली के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. लोकसभा और विधानसभा चुनाव FPTP से होते हैं। 2. राज्यसभा तथा विधान परिषद के निर्वाचित सदस्…

भारत की चुनाव प्रणाली के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. लोकसभा और विधानसभा चुनाव FPTP से होते हैं। 2. राज्यसभा तथा विधान परिषद के निर्वाचित सदस्यों के चुनावों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा STV का प्रयोग होता है। 3. FPTP में जीतने के लिए 50% से अधिक वैध मत अनिवार्य हैं।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है। FPTP में सर्वाधिक मत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है; पूर्ण बहुमत आवश्यक नहीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की दलीय व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में बहुदलीय प्रणाली है। 2. मूल संविधान ने राजनीतिक दलों की मान्यता औ…

भारत की दलीय व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में बहुदलीय प्रणाली है। 2. मूल संविधान ने राजनीतिक दलों की मान्यता और चुनाव चिह्नों की विस्तृत प्रक्रिया अलग भाग में निर्धारित की थी। 3. भारतीय दलीय राजनीति में सामाजिक विविधता, क्षेत्रीयता, नेतृत्व और व्यावहारिक गठबंधनों का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है। सही उत्तर चुनिए।

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 और 3 सही हैं। मूल संविधान राजनीतिक दलों की मान्यता/चुनाव चिह्नों की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित नहीं करता; पंजीकरण RPA, 1951 और मान्यता/चिह्न Election Symbols Order, 1968 से संचालित होते हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की संचित निधि ( Consolidated Fund of India) पर 'भारित व्यय' (Expenditure Charged) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारित व्…

भारत की संचित निधि ( Consolidated Fund of India) पर 'भारित व्यय' (Expenditure Charged) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारित व्यय पर संसद के दोनों सदनों में केवल चर्चा हो सकती है, लेकिन इस पर मतदान नहीं कराया जाता। 2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन और पेंशन दोनों भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। 3. भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ( CAG) का वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 2 गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन राज्य की संचित निधि पर भारित होता है, केवल उनकी 'पेंशन' भारत की संचित निधि पर भारित होती है। कथन 1 और 3 सही हैं; भारित व्यय पर केवल बहस हो सकती है, मतदान नहीं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की संचित निधि पर 'भारित व्यय' (Charged Expenditure) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

भारत की संचित निधि पर 'भारित व्यय' (Charged Expenditure) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 113(1) के अनुसार भारत की संचित निधि पर charged expenditure को लोकसभा की demands for grants के रूप में मतदान के लिए नहीं रखा जाता, लेकिन संसद में उस पर चर्चा हो सकती है। राष्ट्रपति, संसद के पीठासीन अधिकारियों, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, CAG आदि से जुड़े कुछ व्यय इस श्रेणी में आते हैं। 'Charged' का अर्थ संसदीय scrutiny से मुक्त होना नहीं, बल्कि voting से मुक्त होना है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनभारत की संचित निधि, लोक लेखा और आकस्मिकता निधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संचित निधि से धन निकालने के लिए विनियोग कानून का…

भारत की संचित निधि, लोक लेखा और आकस्मिकता निधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संचित निधि से धन निकालने के लिए विनियोग कानून का प्राधिकार आवश्यक है। 2. लोक लेखा में भविष्य निधि, छोटी बचत/जमा आदि ऐसी राशियाँ आती हैं जिन्हें सरकार न्यासी रूप में रखती है और भुगतान सामान्यतः संसदीय विनियोग मतदान के अधीन नहीं होता। 3. आकस्मिकता निधि राष्ट्रपति की ओर से वित्त मंत्रालय के अधिकृत सचिव द्वारा धारण की जाती है और अप्रत्याशित व्यय हेतु अग्रिम देती है, जिसे बाद में संसद की स्वीकृति से पुनर्भरा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 266 Consolidated Fund और Public Account का ढाँचा देता है, जबकि अनुच्छेद 267 Contingency Fund की अनुमति देता है। संचित निधि से निकासी appropriation law के बिना नहीं हो सकती। Public Account में सरकार जनता/अन्य पक्षों की ओर से धन रखती है, इसलिए उसकी निकासी demands for grants जैसी मतदान प्रक्रिया से नहीं गुजरती। Contingency Fund of India Act के अनुसार निधि राष्ट्रपति की ओर से Ministry of Finance के Secretary द्वारा धारण होती है और unforeseen expenditure के लिए अस्थायी advance देती है।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2026भारत की संसद की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: यद्यपि इस समिति के सदस…
भारत की संसद की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. यद्यपि इस समिति के सदस्यों को संसद के दोनों सदनों से निर्वाचित किया जाता है, तथापि राज्य सभा के सभापति द्वारा इस समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति की जाती है।
  2. राज्य सभा द्वारा बीस सदस्यों और लोक सभा द्वारा दस सदस्यों को निर्वाचित किया जाता है।
  3. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के अतिरिक्त, कोई अन्य मंत्री इस समिति का सदस्य होने का पात्र नहीं है।
  4. सदस्यों को उनके पद ग्रहण करने की तारीख से 2 वर्ष की नियत पदावधि के लिए निर्वाचित किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) कोई भी कथन सही नहीं है

व्याख्या

  • कथन 1 गलत: समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोक सभा अध्यक्ष करते हैं।
  • कथन 2 गलत: कुल 30 सदस्यों में 20 लोक सभा और 10 राज्य सभा से होते हैं।
  • कथन 3 गलत: कोई मंत्री समिति का सदस्य नहीं हो सकता; सामाजिक न्याय मंत्री के लिए अलग अपवाद नहीं है।
  • कथन 4 गलत: समिति की पदावधि एक वर्ष होती है।
परीक्षा नोट: SC/ST Welfare Committee = 30 सदस्य: लोक सभा 20 + राज्य सभा 10; अध्यक्ष लोक सभा अध्यक्ष द्वारा; अवधि 1 वर्ष।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2017भारत की संसद के संदर्भ में:निजी सदस्य विधेयक वह विधेयक है जिसे केवल राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सांसद प्रस्तुत करता है।हाल में भारत के संसदीय इतिहास…
भारत की संसद के संदर्भ में:
  1. निजी सदस्य विधेयक वह विधेयक है जिसे केवल राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सांसद प्रस्तुत करता है।
  2. हाल में भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार कोई निजी सदस्य विधेयक पारित हुआ।
सही कथन चुनिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) न तो 1, न 2

क्यों?

  • निजी सदस्य वह सांसद है जो मंत्री नहीं है; भारत में निजी सदस्य विधेयक पहले भी पारित हो चुके हैं।