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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 138

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2741–2760 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना की विधिक प्रकृति (Legal Status) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

प्रस्तावना की विधिक प्रकृति (Legal Status) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रस्तावना गैर-न्यायिक (Non-justiciable) है; यह विधायिका की शक्ति का स्रोत नहीं है और न ही उसकी शक्तियों पर प्रतिबंध लगाती है। केशवानंद भारती मामले में इसे संविधान का भाग माना गया और संशोधन योग्य घोषित किया गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावना संविधान सभा द्वारा तब अपनाई गई थी जब शेष संविधान पहले ही अधिनियमित हो चुका…

प्रस्तावना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावना संविधान सभा द्वारा तब अपनाई गई थी जब शेष संविधान पहले ही अधिनियमित हो चुका था। 2. प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संशोधन किया गया है। 3. केशवानंद भारती मामले (1973) में न्यायालय ने व्यवस्था दी कि प्रस्तावना के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) के तत्वों को संशोधित नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। प्रस्तावना को शेष संविधान के अधिनियमित होने के बाद इसलिए अपनाया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह संविधान के अन्य प्रावधानों के अनुकूल है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना को 'संविधान का परिचय-पत्र' (Identity Card of the Constitution) किसने कहा था?

प्रस्तावना को 'संविधान का परिचय-पत्र' (Identity Card of the Constitution) किसने कहा था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रख्यात न्यायविद् एन. ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को 'संविधान का परिचय-पत्र' कहा था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना को 'संविधान का भाग' माने जाने के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक मामलों का सही कालानुक्रम क्या है?

प्रस्तावना को 'संविधान का भाग' माने जाने के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक मामलों का सही कालानुक्रम क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

बेरुबारी यूनियन मामला (1960 - प्रस्तावना भाग नहीं है) → केशवानंद भारती मामला (1973 - प्रस्तावना संविधान का अभिन्न भाग है) → एल.आई.सी. ऑफ इंडिया मामला (1995 - पुनः पुष्टि कि यह आंतरिक भाग है)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना को 'हमारी संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य की जन्मकुंडली' (Horoscope of our sovereign democratic republic) किसने कहा था?

प्रस्तावना को 'हमारी संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य की जन्मकुंडली' (Horoscope of our sovereign democratic republic) किसने कहा था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

संविधान सभा की प्रारूप समिति के सदस्य डॉ. के. एम. मुंशी ने प्रस्तावना को 'हमारी संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य की जन्मकुंडली' कहा था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित 'गणराज्य' (Republic) शब्द का तात्पर्य क्या है? 1. राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) हमेशा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक नि…

प्रस्तावना में उल्लिखित 'गणराज्य' (Republic) शब्द का तात्पर्य क्या है? 1. राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) हमेशा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है। 2. राजनीतिक संप्रभुता किसी एक व्यक्ति (जैसे राजा) के हाथ में न होकर जनता में निहित होती है। 3. किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग की अनुपस्थिति होती है तथा सभी नागरिक पदों के द्वार बिना भेदभाव के खुले होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। गणराज्य का अर्थ वंशानुगत शासन का न होना, निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष होना, लोकप्रिय संप्रभुता तथा विशेषाधिकारों की अनुपस्थिति है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (Justice) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय—सामाजिक, आर्थिक और…

प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (Justice) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय—सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की बात की गई है। 2. सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के तत्वों को 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से लिया गया है। 3. आर्थिक न्याय और सामाजिक न्याय मिलकर 'वितरणात्मक न्याय' (Distributive Justice) का निर्माण करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 2 गलत है क्योंकि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के इन आदर्शों को 1917 की 'रूसी क्रांति' (Russian Revolution) से लिया गया है, न कि फ्रांसीसी क्रांति से।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित 'स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व' (Liberty, Equality and Fraternity) के आदर्श किस क्रांति से प्रेरित हैं?

प्रस्तावना में उल्लिखित 'स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व' (Liberty, Equality and Fraternity) के आदर्श किस क्रांति से प्रेरित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श 1789-1799 की फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) से लिए गए हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित 'स्वतंत्रता' (Liberty) के संदर्भ में निम्नलिखित में से किन पांच स्वतंत्रताओं का उल्लेख किया गया है?

प्रस्तावना में उल्लिखित 'स्वतंत्रता' (Liberty) के संदर्भ में निम्नलिखित में से किन पांच स्वतंत्रताओं का उल्लेख किया गया है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रस्तावना में नागरिकों को 'विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता' (Liberty of thought, expression, belief, faith and worship) सुनिश्चित की गई है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित संप्रभुता ( Sovereignty) के संदर्भ में भारत की राष्ट्रमंडल (Commonwealth) की सदस्यता और संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के विध…

प्रस्तावना में उल्लिखित संप्रभुता ( Sovereignty) के संदर्भ में भारत की राष्ट्रमंडल (Commonwealth) की सदस्यता और संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के विधिक प्रभाव पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता उसकी संप्रभुता को सीमित करती है क्योंकि ब्रिटिश क्राउन को इसका औपचारिक प्रमुख माना जाता है। 2. भारत की राष्ट्रमंडल या संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता एक स्वैच्छिक घोषणा है जो भारत की संप्रभुता को किसी भी प्रकार प्रभावित या सीमित नहीं करती। 3. भारत किसी विदेशी राज्यक्षेत्र का अधिग्रहण कर सकता है या किसी अन्य देश के पक्ष में अपने राज्यक्षेत्र का दावा छोड़ सकता है क्योंकि वह एक संप्रभु राष्ट्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 1 गलत है क्योंकि राष्ट्रमंडल में सदस्यता भारत का एक संप्रभु और स्वैच्छिक निर्णय है, जो किसी भी प्रकार की संवैधानिक या बाह्य अधीनता नहीं दर्शाता। कथन 2 और 3 सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में उल्लिखित स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व ( Liberty, Equality and Fraternity) के आदर्श किस ऐतिहासिक क्रांति से प्रेरित हैं?

प्रस्तावना में उल्लिखित स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व ( Liberty, Equality and Fraternity) के आदर्श किस ऐतिहासिक क्रांति से प्रेरित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श 1789 की फ्रांसीसी क्रांति से लिए गए हैं, जबकि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के आदर्श 1917 की रूसी क्रांति से प्रेरित हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में प्रयुक्त शब्द गणराज्य ( Republic) का संवैधानिक अर्थ क्या है? 1. राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) हमेशा एक निश्चित अवधि के लिए प्रत्यक्…

प्रस्तावना में प्रयुक्त शब्द गणराज्य ( Republic) का संवैधानिक अर्थ क्या है? 1. राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) हमेशा एक निश्चित अवधि के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है, वंशानुगत नहीं होता। 2. राजनीतिक संप्रभुता किसी एक व्यक्ति या राजा के बजाय जनता के हाथों में निहित होती है। 3. किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग की अनुपस्थिति होती है और सभी सार्वजनिक कार्यालय बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक के लिए खुले होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। गणराज्य का अर्थ है निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष, जनता में संप्रभुता, और किसी वंशानुगत विशेषाधिकार का न होना।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में बंधुत्व ( कीजिए: 1. डॉ. अम्बेडकर के अनुसार, बंधुत्व के बिना स्वतंत्रता और समता स्वाभाविक रूप से स्थापित नहीं हो सकते। 2. प्रस्तावन…

प्रस्तावना में बंधुत्व ( कीजिए: 1. डॉ. अम्बेडकर के अनुसार, बंधुत्व के बिना स्वतंत्रता और समता स्वाभाविक रूप से स्थापित नहीं हो सकते। 2. प्रस्तावना में बंधुत्व को दो लक्ष्यों को सुनिश्चित करने वाला माना गया है: व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता। Ae 3. संविधान का अनुच्छेद 51 ( ) प्रत्येक नागरिक पर यह मूल कर्तव्य आरोपित करता है कि वह भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

A तीनों कथन सही हैं। बंधुत्व राष्ट्र की एकता और व्यक्ति की गरिमा की नींव है, जिसे संविधान में मौलिक कर्तव्यों (अनुच्छेद 51 ) द्वारा नागरिकों का दायित्व भी बनाया गया है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रस्तावना में संविधान को अपनाने, अधिनियमित करने और आत्मार्पित करने की कौन-सी निश्चित तिथि उल्लिखित है?

प्रस्तावना में संविधान को अपनाने, अधिनियमित करने और आत्मार्पित करने की कौन-सी निश्चित तिथि उल्लिखित है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रस्तावना में स्पष्ट उल्लेख है: '...आज तारीख 26 नवंबर 1949 ईस्वी (मिती मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।'

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्राक्कलन समिति ( Estimates Committee) के गठन एवं कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संसद की सबसे बड़ी वित्तीय समि…

प्राक्कलन समिति ( Estimates Committee) के गठन एवं कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संसद की सबसे बड़ी वित्तीय समिति है जिसमें कुल 30 सदस्य होते हैं और सभी सदस्य केवल लोकसभा से होते हैं। 2. इसे 'मितव्ययिता समिति' ( Continuous Economy Committee) के रूप में भी जाना जाता है। 3. समिति बजट के प्राक्कलनों की जांच बजट के संसद में प्रस्तुत होने से पहले ही समाप्त कर लेती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि प्राक्कलन समिति बजट के संसद में प्रस्तुत होने के बाद और पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान प्राक्कलनों की जांच करती है; यह बजट पूर्व कोई निकाय नहीं है। कथन 1 और 2 सही हैं; इसमें सभी 30 सदस्य लोकसभा से होते हैं और इसे सतत मितव्ययिता समिति कहा जाता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्राक्कलन समिति ( Estimates Committee) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संसद की सबसे बड़ी स्थाई समिति है जिसमें कुल 30 सदस्य …

प्राक्कलन समिति ( Estimates Committee) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह संसद की सबसे बड़ी स्थाई समिति है जिसमें कुल 30 सदस्य होते हैं। 2. इसके सभी 30 सदस्य केवल लोक सभा से ही चुने जाते हैं; राज्य सभा का इसमें कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता। 3. समिति का अध्यक्ष अनिवार्य रूप से सदन के विपक्षी दल से होता है। 4. इसे मितव्ययिता समिति ( Continuous Economy Committee) के रूप में भी जाना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष सदैव सत्तारूढ़ दल ( Ruling Party) से लोक सभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत किया जाता है, विपक्ष से नहीं। कथन 1, 2 और 4 सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनप्रेस की स्वतंत्रता और इंटरनेट के माध्यम से वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अंतर्निहित मानी गई है?

प्रेस की स्वतंत्रता और इंटरनेट के माध्यम से वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में अंतर्निहित मानी गई है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

प्रेस की स्वतंत्रता का संविधान में अलग से उल्लेख नहीं है; इसे अनुच्छेद 19(1)(a) की वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में निहित माना गया है। अनुराधा भसीन मामले (2020) में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट के माध्यम से वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19(1)(a) द्वारा संरक्षित है। न्यायालय ने अलग से कोई निरपेक्ष 'इंटरनेट पाने का मौलिक अधिकार' घोषित नहीं किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनफज़ल अली आयोग (राज्य पुनर्गठन आयोग, 1953) के सदस्यों में फज़ल अली के अतिरिक्त अन्य दो सदस्य कौन थे?

फज़ल अली आयोग (राज्य पुनर्गठन आयोग, 1953) के सदस्यों में फज़ल अली के अतिरिक्त अन्य दो सदस्य कौन थे?

उत्तर और पूरी व्याख्या

फज़ल अली आयोग तीन सदस्यीय था: न्यायमूर्ति फज़ल अली (अध्यक्ष), के. एम. पणिक्कर और हृदयनाथ कुंजरू (एच. एन. कुंजरू)।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबजट पर चर्चा के दौरान लोक सभा में पेश किए जाने वाले कटौती प्रस्तावों ( Cut Motions) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. नीतिगत कट…

बजट पर चर्चा के दौरान लोक सभा में पेश किए जाने वाले कटौती प्रस्तावों ( Cut Motions) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. नीतिगत कटौती प्रस्ताव ( Disapproval of Policy Cut) : मांग की राशि घटाकर ₹1 कर दी जाए। 2. मितव्ययिता कटौती प्रस्ताव ( Economy Cut) : मांग की राशि में से एक विनिर्दिष्ट राशि कम कर दी जाए। 3. सांके तिक कटौती प्रस्ताव ( Token Cut) : मांग की राशि में से ₹100 की कमी कर दी जाए (विशिष्ट शिकायत व्यक्त करने हेतु)। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। बजट की अनुदान मांगों पर ये तीन प्रकार के कटौती प्रस्ताव होते हैं। नीतिगत कटौती सरकारी नीति की अस्वीकृ ति दर्शाती है और इसका पारित होना सरकार के विश्वास मत हारने जैसा होता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनबजट प्रक्रिया में 'गिलोटिन' (Guillotine) का क्या अर्थ है?

बजट प्रक्रिया में 'गिलोटिन' (Guillotine) का क्या अर्थ है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। बजट पर प्रत्येक मंत्रालय की Demand for Grants पर अलग-अलग लंबी चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। निर्धारित अंतिम दिन पर शेष मांगों को, चाहे उन पर चर्चा हुई हो या नहीं, पीठासीन अधिकारी मतदान के लिए रख देते हैं; इसे Guillotine कहा जाता है। इसका उद्देश्य निर्धारित समय में वित्तीय कार्य पूरा करना है, लेकिन आलोचना यह है कि कई मंत्रालयों के व्यय पर विस्तृत सदनीय चर्चा का अवसर कम हो जाता है।