वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 137
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
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2721–2740 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंपांचवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्यपाल की विधायी और विनियामक शक्तियों के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है? 1. राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा यह निर्देश द…
पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्यपाल की विधायी और विनियामक शक्तियों के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है? 1. राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा यह निर्देश दे सकता है कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई विशिष्ट अधिनियम उस राज्य के अनुसूचित क्षेत्र पर लागू नहीं होगा या संशोधनों के साथ लागू होगा। 2. राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र में शांति और सुशासन के लिए नियम बना सकता है, विशेषकर जनजातियों द्वारा भूमि के हस्तांतरण को प्रतिबंधित करने तथा साहूकारी को विनियमित करने के लिए। 3. ऐसा कोई भी विनियम बनाने से पहले राज्यपाल के लिए जनजातीय सलाहकार परिषद ( TAC) से परामर्श करना और राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। पांचवीं अनुसूची के पैरा 5 के तहत राज्यपाल को कानूनों के अनुप्रयोग को रोकने या संशोधित करने तथा राष्ट्रपति की सहमति से विनियम बनाने की असाधारण शक्ति प्राप्त है।
पाँचवीं अनुसूची के तहत जनजाति सलाहकार परिषद (Tribes Advisory Council—TAC) की सामान्य संरचना के बारे में कौन-सा कथन सही है?
पाँचवीं अनुसूची के तहत जनजाति सलाहकार परिषद (Tribes Advisory Council—TAC) की सामान्य संरचना के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। पाँचवीं अनुसूची के पैरा 4 के अनुसार TAC में अधिकतम 20 सदस्य होते हैं। यथासंभव तीन-चौथाई सदस्य राज्य विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधि होते हैं; यदि विधानसभा में इतने ST प्रतिनिधि न हों तो शेष स्थान राज्य की अन्य अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधियों से भरे जाते हैं। परिषद अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और उन्नति से जुड़े विषयों पर राज्यपाल को सलाह देती है।
पांचवीं अनुसूची के तहत राज्यपाल की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्यपाल यह निर्देश दे सकता है कि संसद या राज्य विध…
पांचवीं अनुसूची के तहत राज्यपाल की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्यपाल यह निर्देश दे सकता है कि संसद या राज्य विधानमंडल का कोई विशिष्ट अधिनियम अनुसूचित क्षेत्र पर लागू नहीं होगा या संशोधनों के साथ लागू होगा। 2. राज्यपाल अनुसूचित क्षेत्र में शांति और सुशासन के लिए नियम (Regulations) बना सकता है, जिसमें आदिवासियों की भूमि के हस्तांतरण पर रोक और साहूकारी का नियमन शामिल है। 3. ऐसा कोई भी नियम तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक कि उसे राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त न हो जाए। 4. राज्यपाल प्रतिवर्ष राष्ट्रपति को उस राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। चारों कथन सही हैं। पांचवीं अनुसूची में राज्यपाल को कार्यपालिका और विधायी दोनों स्तरों पर असाधारण शक्तियां प्राप्त हैं।
पाँचवीं अनुसूची के पैरा 6 के तहत किसी क्षेत्र को “अनुसूचित क्षेत्र” घोषित करने की संवैधानिक शक्ति किसके पास है?
पाँचवीं अनुसूची के पैरा 6 के तहत किसी क्षेत्र को “अनुसूचित क्षेत्र” घोषित करने की संवैधानिक शक्ति किसके पास है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। पाँचवीं अनुसूची के पैरा 6 में “अनुसूचित क्षेत्र” से आशय ऐसे क्षेत्र से है जिसे राष्ट्रपति आदेश द्वारा अनुसूचित क्षेत्र घोषित करें। सीमाओं में परिवर्तन, क्षेत्र बढ़ाने अथवा पुनर्निर्धारण जैसी बाद की कार्रवाइयों के लिए भी राष्ट्रपति की आदेश-शक्ति निर्धारित है।
पारंपरिक 'Locus Standi' और Public Interest Litigation (PIL) के बीच क्या संबंध है?
पारंपरिक 'Locus Standi' और Public Interest Litigation (PIL) के बीच क्या संबंध है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। पारंपरिक private litigation में सामान्य नियम था कि वही व्यक्ति अदालत जाए जिसका अपना legal right प्रभावित हुआ हो। PIL ने इस नियम को सामाजिक न्याय के लिए उदार किया ताकि bonded labourers, prisoners, marginalized communities या अन्य कमजोर समूहों की ओर से bona fide petitioner न्यायालय का दरवाजा खटखटा सके। लेकिन इसका अर्थ standing का पूर्ण अंत नहीं है—courts petitioner की bona fides और वास्तविक public interest जाँचते हैं ताकि निजी, राजनीतिक या publicity litigation को रोका जा सके।
पारंपरिक State Planning Board व्यवस्था में उसका अध्यक्ष सामान्यतः कौन होता है?
पारंपरिक State Planning Board व्यवस्था में उसका अध्यक्ष सामान्यतः कौन होता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। पारंपरिक textbook framework में State Planning Board की अध्यक्षता Chief Minister करते रहे हैं, क्योंकि राज्य की विकास-प्राथमिकताओं, योजना समन्वय और विभागीय संसाधन-वितरण में मुख्यमंत्री केंद्रीय राजनीतिक भूमिका निभाता है। लेकिन यह संविधान द्वारा अनिवार्य एक समान संस्था नहीं है; Planning Commission युग के बाद विभिन्न राज्यों ने planning/development institutions को अलग-अलग ढंग से पुनर्गठित किया है। इसलिए इसे वर्तमान हर राज्य के लिए अपरिवर्तनीय संवैधानिक तथ्य न मानें।
पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (b) काका साहेब कालेलकर है।
पुंछी आयोग (2010) ने केंद्र-राज्य संबंधों में सौहार्द बनाए रखने के लिए अंतर-राज्यीय परिषद ( Inter-State Council) के संदर्भ में क्या सिफारिश की थी…
पुंछी आयोग (2010) ने केंद्र-राज्य संबंधों में सौहार्द बनाए रखने के लिए अंतर-राज्यीय परिषद ( Inter-State Council) के संदर्भ में क्या सिफारिश की थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
पुंछी आयोग ने सिफारिश की थी कि अंतर-राज्यीय परिषद को अंतर-सरकारी संवाद का मुख्य मंच बनाया जाना चाहिए, इसका एक स्वतंत्र सचिवालय होना चाहिए और इसकी वर्ष में कम से कम 3 बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड निम्नलिखित में से कितनी गतिविधियों को विनियमित करता है? कच्चे तेल का उत्पादनपेट्रोलियम का शोधन, भंडारण …
- कच्चे तेल का उत्पादन
- पेट्रोलियम का शोधन, भंडारण और वितरण
- पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री
- प्राकृतिक गैस का उत्पादन
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- बोर्ड पेट्रोलियम/प्राकृतिक गैस के शोधन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विपणन और बिक्री जैसे डाउनस्ट्रीम कार्यों को विनियमित करता है।
- कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन इसके नियामक क्षेत्र से बाहर है।
- इसलिए केवल 2 और 3 सही हैं।
पैरोल के संदर्भ में:पर्याप्त मामला सिद्ध करने पर पैरोल कैदी का अधिकार बन जाता है।राज्य सरकारों के अपने पैरोल नियम होते हैं।
- पर्याप्त मामला सिद्ध करने पर पैरोल कैदी का अधिकार बन जाता है।
- राज्य सरकारों के अपने पैरोल नियम होते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- पैरोल सामान्यतः अधिकार नहीं बल्कि नियमों के अधीन विवेकाधीन रियायत है; राज्यों के अलग नियम हो सकते हैं।
प्रख्यात कर्नाटक अयोग्यता मामले (श्रीमंत बालासाहेब पाटिल, 2019) में उच्चतम न्यायालय ने दलबदल
प्रख्यात कर्नाटक अयोग्यता मामले (श्रीमंत बालासाहेब पाटिल, 2019) में उच्चतम न्यायालय ने दलबदल
उत्तर और पूरी व्याख्या
Shrimanth Balasaheb Patil (2019) में सुप्रीम कोर्ट ने Speaker द्वारा सदस्यों को शेष विधानसभा-कार्यकाल तक चुनाव लड़ने से रोकने वाली अतिरिक्त पाबंदी हटाई। resignation और disqualification अलग संवैधानिक प्रश्न हैं; resignation disqualification proceedings को स्वतः समाप्त नहीं करता। वैध resignation की voluntariness/genuineness की जाँच और disqualification का निर्णय Speaker के अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आते हैं।
प्रतिषेध रिट (Writ of Prohibition) उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय द्वारा किसे जारी की जाती है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- प्रतिषेध रिट उच्च न्यायालय/उच्चतम न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को उसके अधिकार-क्षेत्र से बाहर की कार्यवाही रोकने के लिए जारी की जाती है।
प्रत्यायोजित विधान ( Delegated Legislation) अथवा अधीनस्थ विधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद द्वारा पारित मूल अधिनियम के…
प्रत्यायोजित विधान ( Delegated Legislation) अथवा अधीनस्थ विधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संसद द्वारा पारित मूल अधिनियम के ढांचे के भीतर कार्यपालिका (मंत्रालयों/अधिकारियों) द्वारा नियम, विनियम और उप-विधियां बनाने की शक्ति को प्रत्यायोजित विधान कहते हैं। 2. संसद अपनी अनिवार्य विधायी शक्तियां ( Essential Legislative Functions), जैसे नीति का निर्धारण, कार्यपालिका को नहीं सौंप सकती। 3. संसद में दोनों सदनों की अधीनस्थ विधान संबंधी समितियां ( Committees on Subordinate Legislation) यह जांच करती हैं कि कार्यपालिका द्वारा बनाए गए नियम संसद द्वारा प्रत्यायोजित शक्तियों की सीमा के भीतर हैं या नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। कार्यपालिका संसद द्वारा अधिकृ त दायरे में ही नियम बना सकती है और संसद की अधीनस्थ विधान समिति इसकी निगरानी करती है।
प्रधानमंत्री की नियुक्ति और बर्खास्तगी के संबंध में राष्ट्रपति के विवेकाधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी भी दल को …
प्रधानमंत्री की नियुक्ति और बर्खास्तगी के संबंध में राष्ट्रपति के विवेकाधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब किसी भी दल को लोकसभा में स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हो, तो राष्ट्रपति सबसे बड़े दल या चुनाव पूर्व गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते हैं। 2. जब प्रधानमंत्री की अचानक मृत्यु हो जाए और कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी न हो, तो राष्ट्रपति अपने व्यक्तिगत विवेक से कार्य कर सकते हैं। 3. लोकसभा में बहुमत का विश्वास खो देने वाली मंत्रिपरिषद यदि इस्तीफा देने से इंकार करे, तो राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। यह राष्ट्रपति के परिस्थितिजन्य विवेकाधिकार ( Situational Discretion ) के अंतर्गत आता है: त्रिशंकुलोकसभा में प्रधानमंत्री का चयन, प्रधानमंत्री की आकस्मिक मृत्यु पर उत्तराधिकारी तय करना, तथा बहुमत खो चुकी मंत्रिपरिषद द्वारा त्यागपत्र न देने पर उसे बर्खास्त करना।
प्रधानमंत्री के कार्यकाल (Tenure) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
प्रधानमंत्री के कार्यकाल (Tenure) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 75(2) में मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण करते हैं, लेकिन संसदीय शासन में यह 'pleasure' राष्ट्रपति का निजी राजनीतिक विवेक नहीं है। प्रधानमंत्री का वास्तविक आधार लोकसभा का विश्वास है। यदि प्रधानमंत्री बहुमत रखता है तो राष्ट्रपति उसे मनमाने ढंग से नहीं हटा सकते। पाँच वर्ष लोकसभा का सामान्य कार्यकाल है, प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत निश्चित कार्यकाल नहीं; सरकार बहुमत खोने पर इससे पहले भी समाप्त हो सकती है।
प्रधानमंत्री निम्नलिखित में से किन संस्थाओं/निकायों के पदेन अध्यक्ष माने जाते हैं? 1. नीति आयोग (NITI Aayog) 2. राष्ट्रीय विकास परिषद (National D…
प्रधानमंत्री निम्नलिखित में से किन संस्थाओं/निकायों के पदेन अध्यक्ष माने जाते हैं? 1. नीति आयोग (NITI Aayog) 2. राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council) 3. राष्ट्रीय एकता परिषद (National Integration Council) 4. अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) 5. राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद (National Water Resources Council) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है, जैसा कि पारंपरिक भारतीय राजव्यवस्था संदर्भों में इन संस्थाओं की संरचना दी जाती है। प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष हैं और अंतर-राज्यीय परिषद के भी अध्यक्ष होते हैं; राष्ट्रीय एकता परिषद तथा राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद की अध्यक्षता भी प्रधानमंत्री से जुड़ी रही है। राष्ट्रीय विकास परिषद योजना आयोग युग की संस्था थी और अब सक्रिय नीति-निर्माण ढाँचे में लगभग निष्क्रिय है, इसलिए समकालीन संदर्भ में NITI Aayog और Inter-State Council को अधिक व्यावहारिक महत्व देना चाहिए।
प्रधानमंत्री पर लोकपाल के अधिकार क्षेत्र के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. प्रधानमंत्री लोकपाल के दायरे में हैं। 2. अंतरराष्ट्रीय संबंध, बाह्य/आ…
प्रधानमंत्री पर लोकपाल के अधिकार क्षेत्र के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. प्रधानमंत्री लोकपाल के दायरे में हैं। 2. अंतरराष्ट्रीय संबंध, बाह्य/आंतरिक सुरक्षा, लोक व्यवस्था, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर अपवाद है। 3. जांच शुरू करने के लिए पूर्ण पीठ में कम-से-कम दो-तिहाई सदस्यों का अनुमोदन चाहिए। 4. कार्यवाही in-camera होती है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों कथन लोकपाल कानून में प्रधानमंत्री के संबंध में लगाए गए विशेष सुरक्षा उपायों का सार हैं।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: नामांकन आयु 21–40 वर्ष है।लाभार्थी आयु-विशिष्ट अंशदान करता है।60 वर्ष की आय…
- नामांकन आयु 21–40 वर्ष है।
- लाभार्थी आयु-विशिष्ट अंशदान करता है।
- 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम ₹3000 मासिक पेंशन मिलती है।
- परिवार पेंशन जीवनसाथी और अविवाहित पुत्रियों दोनों को मिलती है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- योजना में प्रवेश आयु 18–40 वर्ष है, इसलिए कथन 1 गलत है।
- आयु-विशिष्ट अंशदान और 60 वर्ष के बाद ₹3000 मासिक न्यूनतम पेंशन का प्रावधान है।
- परिवार पेंशन केवल जीवनसाथी के लिए लागू है, अविवाहित पुत्रियों के लिए नहीं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: यह दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव के बाद 6 माह की …
- यह दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव के बाद 6 माह की स्वास्थ्य सेवा की गारंटी देता है।
- विशिष्ट विशेषज्ञता वाले निजी स्वास्थ्य प्रदाता निकटस्थ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वैच्छिक सेवा दे सकते हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- योजना दूसरी और तीसरी तिमाही में निर्धारित दिवस पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव-पूर्व देखभाल पर केंद्रित है; 6 माह की प्रसवोत्तर गारंटी इसका हिस्सा नहीं है।
- निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ स्वैच्छिक सेवा दे सकते हैं।
प्रवासी भारतीय नागरिकता (Overseas Citizenship of India - OCI) कार्डधारक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
प्रवासी भारतीय नागरिकता (Overseas Citizenship of India - OCI) कार्डधारक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (c) गलत है क्योंकि OCI कार्डधारक को भारत में मताधिकार (Right to Vote) प्राप्त नहीं होता है, न ही वे संवैधानिक पद धारण कर सकते हैं।