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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 131

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2601–2620 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजनहित याचिकाओं ( PIL) के दुरुपयोग को रोकने के संदर्भ में स्टेट ऑफ उत्तरांचल बनाम बलवंत सिंह चौफाल (2010) मामले में उच्चतम न्यायालय ने क्या दिशानि…

जनहित याचिकाओं ( PIL) के दुरुपयोग को रोकने के संदर्भ में स्टेट ऑफ उत्तरांचल बनाम बलवंत सिंह चौफाल (2010) मामले में उच्चतम न्यायालय ने क्या दिशानिर्देश तय किए थे? 1. अदालतों को याचिकाकर्ता की वास्तविक साख ( Credentials) और जनहित के उद्देश्य की पहले पुष्टि करनी चाहिए। 2. अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि याचिका किसी व्यक्तिगत लाभ, निजी रंजिश या गुप्त राजनीतिक उद्देश्य ( Political motive) से प्रेरित न हो। 3. महत्वहीन या दुर्भावनापूर्ण याचिकाओं को अनुकरणीय हर्जाने ( Exemplary costs) के साथ खारिज किया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। बलवंत सिंह चौफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी और प्रचार-प्रेरित पीआईएल (Publicity Interest Litigation) पर अंकुश लगाने के लिए कड़े नियम बनाए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजब एक ही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त होता है, तो उसके वेतन और भत्तों का वहन कैसे होता है?

जब एक ही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त होता है, तो उसके वेतन और भत्तों का वहन कैसे होता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 158(3A) के अनुसार यदि एक ही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का Governor है, तो उसके emoluments और allowances का खर्च उन राज्यों के बीच ऐसे अनुपात में बाँटा जाता है जैसा राष्ट्रपति आदेश द्वारा निर्धारित करें। इससे एक ही पदाधिकारी के कारण किसी एक राज्य पर पूरा वित्तीय भार नहीं पड़ता। राज्यपाल का वेतन संबंधित राज्य की संचित निधि पर charged expenditure है; यह सामान्य वार्षिक मतदान के अधीन नहीं होता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजब कोई अध्यादेश संसद के समक्ष रखा जाता है और दोनों सदन अलग-अलग तारीखों को पुनः संवेत ( Reassemble) होते हैं, तो 6 सप्ताह की अवधि की गणना किस तारी…

जब कोई अध्यादेश संसद के समक्ष रखा जाता है और दोनों सदन अलग-अलग तारीखों को पुनः संवेत ( Reassemble) होते हैं, तो 6 सप्ताह की अवधि की गणना किस तारीख से की जाती है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 123 के स्पष्टीकरण के अनुसार, यदि संसद के दोनों सदन अलग-अलग तारीखों को पुनः समवेत होते हैं, तो 6 सप्ताह की अवधि की गणना बाद वाली तारीख ( Later date ) से की जाती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजब लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का संकल्प विचाराधीन हो, तब अध्यक्ष की स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?

जब लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का संकल्प विचाराधीन हो, तब अध्यक्ष की स्थिति के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 96 अध्यक्ष को अपने हटाने के प्रस्ताव पर चल रही कार्यवाही की अध्यक्षता करने से रोकता है, लेकिन वह सदन में उपस्थित रह सकता है, बोल सकता है और कार्यवाही में भाग ले सकता है। विशेष रूप से उसे 'in the first instance' मतदान का अधिकार रहता है, जबकि सामान्यतः अध्यक्ष पहले मतदान नहीं करता और केवल बराबरी पर casting vote देता है। इस स्थिति में casting vote उपलब्ध नहीं रहता।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजिंदल स्टेनलेस लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य (2016) मामले में 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने प्रवेश कर ( Entry Tax) और भाग XIII के संदर्भ में क्या …

जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य (2016) मामले में 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने प्रवेश कर ( Entry Tax) और भाग XIII के संदर्भ में क्या निर्णय दिया? 1. न्यायालय ने प्रतिकरात्मक कर (Compensatory tax) के पुराने सिद्धांत को खारिज कर दिया। 2. न्यायालय ने माना कि राज्य सरकारें बाहर से आने वाले माल पर प्रवेश कर (Entry Tax) लगा सकती हैं, बशर्ते वह कर गैर-विभेदकारी (Non-discriminatory) हो और स्थानीय रूप से उत्पादित माल के समान ही लागू हो। 3. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल वित्तीय कर लगाना ही अनुच्छेद 301 के तहत व्यापार की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं है, जब तक कि वह प्रत्यक्ष रूप से विभेदकारी न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। 2016 में 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता को मजबूत करते हुए गैर-विभेदकारी प्रवेश कर को वैध ठहराया।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2022जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग/फोरम के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग/फोरम के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम कुंजी के अनुसार दिए गए तीनों कथन स्वीकार्य माने गए, इसलिए ‘इनमें से कोई नहीं’ सही उत्तर है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजी. वी. के. राव समिति (1985) ने विकास प्रक्रिया के अत्यधिक नौकरशाहीकरण (Bureaucratisation) के संदर्भ में पंचायती राज की स्थिति को किस रूप में वर्…

जी. वी. के. राव समिति (1985) ने विकास प्रक्रिया के अत्यधिक नौकरशाहीकरण (Bureaucratisation) के संदर्भ में पंचायती राज की स्थिति को किस रूप में वर्णित किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। जी. वी. के. राव समिति ने कहा था कि विकास प्रशासन के नौकरशाहीकरण के कारण पंचायती राज संस्थाएँ कमजोर हो गई हैं और वे 'बिना जड़ की घास' (Grass without roots) बन गई हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजीवंत संविधानवाद (Living Constitutionalism) का आशय क्या है?

जीवंत संविधानवाद (Living Constitutionalism) का आशय क्या है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

विकल्प (b) सही है। उदाहरण के लिए निजता के अधिकार का आधुनिक विस्तार इस गतिशील व्याख्या को दिखाता है। Anuradha Bhasin में सुप्रीम कोर्ट ने internet को अलग standalone fundamental right घोषित नहीं किया; उसने internet के माध्यम से Article 19(1)(a) और 19(1)(g) के प्रयोग को संवैधानिक संरक्षण से जोड़ा।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनजोसेफ शाइन बनाम भारत संघ (2018) मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की किस धारा को असंवैधानिक घोषित करते हुए अपराध की श्रेणी से बाहर क…

जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ (2018) मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की किस धारा को असंवैधानिक घोषित करते हुए अपराध की श्रेणी से बाहर किया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

जोसेफ शाइन मामले (2018) में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 497 (जारकर्म) को महिलाओं की गरिमा, समानता (अनुच्छेद 14) और स्वायत्तता (अनुच्छेद 21) के विरुद्ध मानते हुए असंवैधानिक घोषित कर दिया।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018झारखंड राज्य किस वर्ष अस्तित्व में आया?
झारखंड राज्य किस वर्ष अस्तित्व में आया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) 2000

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम Series-A उत्तर-कुंजी के अनुसार सही उत्तर (c) 2000 है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: केंद्र सरकार योजना के लिए 100% वित्तपोषण देती है।भूकर मानचित्रो…
डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:
  1. केंद्र सरकार योजना के लिए 100% वित्तपोषण देती है।
  2. भूकर मानचित्रों का डिजिटलीकरण किया जाता है।
  3. अधिकार अभिलेखों को स्थानीय भाषा से संविधान की मान्यता प्राप्त भाषाओं में लिप्यंतरित करने की पहल की गई है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) 1, 2 और 3

क्यों?

  • यह केंद्रीय क्षेत्र योजना है और केंद्र द्वारा वित्तपोषित है।
  • भूकर मानचित्र डिजिटलीकरण तथा अधिकार अभिलेखों के बहुभाषी लिप्यंतरण दोनों कार्यक्रम के घटक हैं।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनडी. एस. नकारा बनाम भारत संघ (1983) मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय समाजवाद ( Indian Socialism) के स्वरूप को किस प्रकार व्याख्यायित किया था?

डी. एस. नकारा बनाम भारत संघ (1983) मामले में उच्चतम न्यायालय ने भारतीय समाजवाद ( Indian Socialism) के स्वरूप को किस प्रकार व्याख्यायित किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

डी. एस. नकारा मामले (1983) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भारतीय समाजवाद एक लोकतांत्रिक समाजवाद है जो मार्क्सवाद और गांधीवाद का अनूठा मिश्रण है, जिसमें गांधीवादी समाजवाद का प्रभाव अधिक है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीबी, अज्ञानता और अवसर की असमानता को समाप्त करना है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनडी. सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य (1987) और कृष्ण कुमार सिंह बनाम बिहार राज्य (2017) में उच्चतम न्यायालय ने अध्यादेश शक्ति के संबंध में क्या सिद्धां…

डी. सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य (1987) और कृष्ण कुमार सिंह बनाम बिहार राज्य (2017) में उच्चतम न्यायालय ने अध्यादेश शक्ति के संबंध में क्या सिद्धांत प्रतिपादित किया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। डी.सी. वाधवा मामले ने लगातार पुनःप्रख्यापन को संवैधानिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना, और कृष्ण कुमार सिंह मामले ने अध्यादेश की असाधारण प्रकृति तथा विधायी नियंत्रण पर जोर दिया। अध्यादेश नियमित कानून-निर्माण का विकल्प नहीं है। इसकी शक्ति न्यायिक समीक्षा के अधीन है और कार्यपालिका अध्यादेशों को बार-बार जारी करके विधायिका की भूमिका को निष्प्रभावी नहीं कर सकती।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनडॉ. बी. आर. आंबेडकर ने संविधान के किस अनुच्छेद को 'संविधान का हृदय और आत्मा' (Heart and Soul of the Constitution) कहा था?

डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने संविधान के किस अनुच्छेद को 'संविधान का हृदय और आत्मा' (Heart and Soul of the Constitution) कहा था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

डॉ. आंबेडकर ने अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) को संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद बताते हुए इसे संविधान का 'हृदय और आत्मा' कहा था।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2024डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पद ग्रहण करने से पहले संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पद ग्रहण करने से पहले संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा

क्यों?

  • संविधान सभा की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने।
  • बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनत्रिशंकु विधानसभा/लोकसभा जैसी स्थिति में सरकार गठन के लिए सरकारिया आयोग द्वारा सुझाए प्राथमिकता क्रम का सही क्रम कौन-सा है?

त्रिशंकु विधानसभा/लोकसभा जैसी स्थिति में सरकार गठन के लिए सरकारिया आयोग द्वारा सुझाए प्राथमिकता क्रम का सही क्रम कौन-सा है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सरकारिया आयोग ने स्थिर बहुमत की संभावना के आधार पर यह प्राथमिकता क्रम सुझाया। बाद की आयोगीय सिफारिशों और न्यायिक सिद्धांतों में floor test को बहुमत जाँच का केंद्रीय साधन माना गया है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनदबाव समूहों के सही उदाहरणों के युग्म कौन-से हैं? 1. व्यवसाय—FICCI, ASSOCHAM, CII 2. श्रमिक—AITUC, INTUC, BMS, CITU 3. किसान—BKU, All India Kisan …

दबाव समूहों के सही उदाहरणों के युग्म कौन-से हैं? 1. व्यवसाय—FICCI, ASSOCHAM, CII 2. श्रमिक—AITUC, INTUC, BMS, CITU 3. किसान—BKU, All India Kisan Sabha 4. छात्र—ABVP, NSUI, AISF

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों श्रेणियाँ हित-अभिव्यक्ति और दबाव राजनीति के सामान्य उदाहरण हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2022दलबदल-विरोधी कानून के संबंध में: मनोनीत सदस्य नियुक्ति के छह महीने के भीतर किसी दल में शामिल नहीं हो सकता।पीठासीन अधिकारी को दलबदल मामले का निर्ण…
दलबदल-विरोधी कानून के संबंध में:
  1. मनोनीत सदस्य नियुक्ति के छह महीने के भीतर किसी दल में शामिल नहीं हो सकता।
  2. पीठासीन अधिकारी को दलबदल मामले का निर्णय देने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं दी गई है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2

क्यों?

  • मनोनीत सदस्य छह महीने के भीतर दल में शामिल हो सकता है; छह महीने बाद ऐसा करने पर अयोग्यता हो सकती है।
  • दसवीं अनुसूची निर्णय की निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं करती।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनदसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता के आधारों में कौन-से शामिल हैं? 1. दल के निर्वाचित सदस्य द्वारा स्वेच्छा से सदस्यता छोड़ना। 2. पार्टी whip के विपरी…

दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता के आधारों में कौन-से शामिल हैं? 1. दल के निर्वाचित सदस्य द्वारा स्वेच्छा से सदस्यता छोड़ना। 2. पार्टी whip के विपरीत मतदान/अनुपस्थिति और 15 दिनों में क्षमा न मिलना। 3. निर्दलीय निर्वाचित सदस्य का बाद में दल में शामिल होना। 4. मनोनीत सदस्य का सीट ग्रहण करने के छह महीने बाद दल में शामिल होना।

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों दसवीं अनुसूची में अयोग्यता के मान्य आधार हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनदसवीं अनुसूची के तहत जब किसी सदस्य के विरुद्ध अयोग्यता याचिका लंबित हो, तो क्या वह सदस्य मंत्री के रूप में शपथ ले सकता है?

दसवीं अनुसूची के तहत जब किसी सदस्य के विरुद्ध अयोग्यता याचिका लंबित हो, तो क्या वह सदस्य मंत्री के रूप में शपथ ले सकता है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

जब तक अयोग्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और स्पीकर द्वारा अयोग्यता का अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक सदस्य की स्थिति सामान्य रहती है और वह मंत्री पद धारण कर सकता है।