वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 132
एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।
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2621–2640 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंदसवीं अनुसूची के तहत political party और legislature party के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
दसवीं अनुसूची के तहत political party और legislature party के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
विकल्प (b) सही है। 2023 के महाराष्ट्र निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि whip और legislature party leader की वैध नियुक्ति political party से आती है, केवल टूटे हुए legislature faction से नहीं।
दसवीं अनुसूची के merger अपवाद में अयोग्यता से बचने के लिए विधायिका दल के कितने सदस्य विलय से सहमत होने चाहिए?
दसवीं अनुसूची के merger अपवाद में अयोग्यता से बचने के लिए विधायिका दल के कितने सदस्य विलय से सहमत होने चाहिए?
उत्तर और पूरी व्याख्या
पैरा 4 के तहत दो-तिहाई विधायिका दल का समर्थन आवश्यक है।
दसवीं अनुसूची में पीठासीन अधिकारी के लिए विशेष छूट कब उपलब्ध है?
दसवीं अनुसूची में पीठासीन अधिकारी के लिए विशेष छूट कब उपलब्ध है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
दसवीं अनुसूची का पैरा 5 पीठासीन पदों की निष्पक्षता के लिए यह सीमित अपवाद देता है।
दसवीं अनुसूची में split और merger की वर्तमान स्थिति के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. एक-तिहाई सदस्यों वाला 'split' अपवाद 91वें संशोधन से समाप्त…
दसवीं अनुसूची में split और merger की वर्तमान स्थिति के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. एक-तिहाई सदस्यों वाला 'split' अपवाद 91वें संशोधन से समाप्त हो चुका है। 2. merger exception के लिए संबंधित legislature party के कम-से-कम दो-तिहाई सदस्यों का ऐसे merger से सहमत होना आवश्यक है। 3. जो सदस्य merger स्वीकार नहीं करते और अलग समूह के रूप में काम करना चुनते हैं, वे केवल इसी आधार पर दलबदल से अयोग्य नहीं होते।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों सही हैं। पैरा 4 में दो-तिहाई कसौटी legislature party की है, मूल राजनीतिक दल के समस्त संगठन की नहीं। 91वें संशोधन ने पुराने split exception को हटा दिया।
दसवीं अनुसूची से इतर आधारों पर राज्य विधान सभा के सदस्य की अयोग्यता का निर्णय कौन करता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संविधान के अनुच्छेद 192 के अनुसार ऐसी अयोग्यता के प्रश्न पर राज्यपाल निर्णय करता है और चुनाव आयोग की राय प्राप्त करता है।
दिनेश गोस्वामी समिति (1990) और विधि आयोग की 170वीं रिपोर्ट (1999) ने दलबदल
दिनेश गोस्वामी समिति (1990) और विधि आयोग की 170वीं रिपोर्ट (1999) ने दलबदल
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों सिफारिशें सही हैं। विभिन्न विशेषज्ञ समितियों ने स्पीकर के पक्षपात से बचने के लिए चुनाव आयोग की बाध्यकारी सलाह पर राष्ट्रपति/राज्यपाल द्वारा निर्णय लेने की सिफारिश की है।
दिल्ली की मंत्रिपरिषद के आकार के संदर्भ में अनुच्छेद 239AA में क्या विशिष्ट प्रावधान है?
दिल्ली की मंत्रिपरिषद के आकार के संदर्भ में अनुच्छेद 239AA में क्या विशिष्ट प्रावधान है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 239AA(4) के अनुसार दिल्ली में मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा के कुल सदस्यों (70) के 10% से अधिक नहीं होगा (अर्थात मुख्यमंत्री सहित कुल 7 मंत्री)। अन्य राज्यों में यह 15% है।
दिसंबर 2023 तक भारत सरकार ने कितने परिसीमन आयोग गठित किए थे?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- भारत में 1952, 1963, 1973 और 2002 में परिसीमन आयोग गठित हुए।
- जम्मू-कश्मीर के लिए बाद की विशेष परिसीमन प्रक्रिया अलग संदर्भ में थी।
दूरसंचार, बीमा, बिजली जैसे स्वतंत्र नियामकों की संसदीय समीक्षा कौन कर सकता है?संसद की तदर्थ समितियाँविभाग-संबंधित स्थायी समितियाँवित्त आयोगवित्ती…
- संसद की तदर्थ समितियाँ
- विभाग-संबंधित स्थायी समितियाँ
- वित्त आयोग
- वित्तीय क्षेत्र विधायी सुधार आयोग
- नीति आयोग
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- संसदीय समितियाँ नियामकों की जवाबदेही की समीक्षा कर सकती हैं।
दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (Joint State Public Service Commission) कैसे स्थापित किया जाता है?
दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (Joint State Public Service Commission) कैसे स्थापित किया जाता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 315(2) के अनुसार संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के प्रस्तावों के बाद संसद कानून बनाकर संयुक्त आयोग स्थापित कर सकती है। इसके अध्यक्ष/सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
द्विसदनीय राज्य में Assembly से पारित ordinary Bill पर Legislative Council की शक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
द्विसदनीय राज्य में Assembly से पारित ordinary Bill पर Legislative Council की शक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (a) है। Articles 196–197 में State bicameralism जानबूझकर Assembly-dominant बनाया गया है। Assembly से आए ordinary Bill को Council पहली बार तीन महीने तक रोक सकती है; Assembly पुनः पारित कर दे तो दूसरी बार अधिकतम एक महीने का delay संभव है। इसके बाद Bill Assembly के रूप में deemed passed हो सकता है। राज्यों में Parliament जैसी joint sitting नहीं होती। इसलिए Legislative Council revising/delaying chamber है, co-equal veto chamber नहीं।
धन विधेयक ( Money Bill) और वित्त विधेयक (Finance Bill) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी धन विधेयक वित्त विधेयक होते हैं, लेकि…
धन विधेयक ( Money Bill) और वित्त विधेयक (Finance Bill) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सभी धन विधेयक वित्त विधेयक होते हैं, लेकिन सभी वित्त विधेयक धन विधेयक नहीं होते हैं। 2. धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पुरःस्थापित किया जा सकता है और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुशंसा अनिवार्य है। 3. राज्यसभा धन विधेयक को संशोधित या अस्वीकार नहीं कर सकती, केवल 14 दिनों के भीतर सिफारिशों के साथ लौटा सकती है। 4. धन विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध होने पर राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ( Joint Sitting) बुला सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 4 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 108 के तहत धन विधेयक ( Money Bill ) के मामले में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है; यदि राज्यसभा 14 दिनों में इसे नहीं लौटाती, तो यह दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सही हैं।
धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 110(1) में निर्दिष्ट विषयों से संबंधित विधेयक को धन विधेयक माना …
धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 110(1) में निर्दिष्ट विषयों से संबंधित विधेयक को धन विधेयक माना जाता है। 2. अनुच्छेद 110(3) के पाठ के अनुसार किसी विधेयक के धन विधेयक होने पर लोकसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम है, किंतु संवैधानिक न्यायशास्त्र में उसका प्रमाणन न्यायिक समीक्षा से पूर्णतः प्रतिरक्षित नहीं माना गया है। 3. राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती; वह 14 दिनों के भीतर केवल सिफारिशें कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। अनुच्छेद 110 धन विधेयक की विषय-वस्तु निर्धारित करता है और 110(3) स्पीकर के निर्णय को अंतिम कहता है। फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संवैधानिक सीमाओं के उल्लंघन के प्रश्न पर Money Bill certification न्यायिक समीक्षा से पूर्णतः बाहर नहीं है। राज्यसभा की भूमिका 14 दिनों के भीतर सिफारिश देने तक सीमित है।
धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में राज्यसभा की शक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में राज्यसभा की शक्ति के बारे में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 109 के अनुसार Money Bill केवल लोकसभा में प्रस्तुत होता है। राज्यसभा उसे 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों सहित लौटा सकती है, लेकिन लोकसभा सिफारिश स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है। यदि राज्यसभा 14 दिनों में वापस नहीं करती तो विधेयक उस रूप में दोनों सदनों द्वारा पारित माना जाता है जिस रूप में लोकसभा ने उसे पारित किया था। इसलिए राज्यसभा चर्चा कर सकती है, पर संशोधन/अस्वीकृति की निर्णायक शक्ति नहीं रखती।
धन विधेयक के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- धन विधेयक में विनियोग मुख्यतः भारत की संचित निधि से संबंधित है।
नए संसद भवन के निर्माण की बोली किस कंपनी ने जीती?
उत्तर और पूरी व्याख्या
व्याख्या
- Tata Projects ने नए संसद भवन के निर्माण का ठेका जीता।
नगालैंड को Naga religious/social practices, customary law, customary justice और भूमि-संसाधनों के स्वामित्व/हस्तांतरण पर विशेष संरक्षण किस अनुच्छे…
नगालैंड को Naga religious/social practices, customary law, customary justice और भूमि-संसाधनों के स्वामित्व/हस्तांतरण पर विशेष संरक्षण किस अनुच्छेद में मिलता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
अनुच्छेद 371A नगालैंड के लिए विशेष संवैधानिक व्यवस्था देता है; इन विषयों पर संसद का कानून राज्य विधानसभा की स्वीकृति के बिना स्वतः लागू नहीं होता।
नबाम रेबिया बनाम उपाध्यक्ष, अरुणाचल प्रदेश विधान सभा (2016) मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने राज्यपाल के विवेकाधिकार पर क्या सिद्धां…
नबाम रेबिया बनाम उपाध्यक्ष, अरुणाचल प्रदेश विधान सभा (2016) मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने राज्यपाल के विवेकाधिकार पर क्या सिद्धांत स्थापित किया? 1. राज्यपाल का विवेकाधिकार अनुच्छेद 163(1) के सख्त दायरे तक सीमित है और वह मनमाना नहीं हो सकता। 2. विधान सभा का सत्र आहूत ( Summon) करने, सत्रावसान करने या भंग करने में राज्यपाल सामान्यतः मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह से बंधे होते हैं। 3. राज्यपाल अपने विवेक से विधान सभा की बैठक की तारीख पहले तय नहीं कर सकते जब तक कि सरकार के पास स्पष्ट रूप से बहुमत न हो या अविश्वास का मामला न हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। नबाम रेबिया (2016) में संविधान पीठ ने राज्यपाल द्वारा बिना कै बिनेट की सलाह के विधानसभा सत्र बुलाने के आदेश को असंवैधानिक घोषित कर दिया था।
नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का मुख्य निष्कर्ष क्या था?
नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय का मुख्य निष्कर्ष क्या था?
उत्तर और पूरी व्याख्या
नवतेज सिंह जौहर (2018) मामले में सुप्रीम कोर्ट की 5-जजों की पीठ ने आईपीसी की धारा 377 को आंशिक रूप से निरस्त करते हुए वयस्कों के बीच सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर ( Decriminalize ) कर दिया।
नवम अनुसूची किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में संविधान में जोड़ी गई?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- पहले संविधान संशोधन, 1951 में नवम अनुसूची जोड़ी गई।