वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 130
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2581–2600 / 4666 प्रश्न
प्रश्न-संग्रह
प्रश्न खोलकर हल करेंकौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद Supreme Court को अपने समक्ष लंबित मामले में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक decree या order पारित क…
कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद Supreme Court को अपने समक्ष लंबित मामले में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक decree या order पारित करने की शक्ति देता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (c) है। अनुच्छेद 142(1) Supreme Court को उसके समक्ष लंबित cause or matter में complete justice करने के लिए आवश्यक decree या order पारित करने की विशेष शक्ति देता है। यह शक्ति व्यापक है, लेकिन न्यायालय स्वयं भी मानता है कि इसका प्रयोग संवैधानिक सीमाओं और substantive law की मूल संरचना को ध्यान में रखकर होना चाहिए। अनुच्छेद 141 Supreme Court द्वारा घोषित विधि की बाध्यता, अनुच्छेद 137 review और अनुच्छेद 144 सभी civil/judicial authorities द्वारा Supreme Court की सहायता से संबंधित है।
क्या राष्ट्रपति या राज्यपाल अध्यादेश द्वारा संविधान में संशोधन ( Constitutional Amendment) कर सकते हैं?
क्या राष्ट्रपति या राज्यपाल अध्यादेश द्वारा संविधान में संशोधन ( Constitutional Amendment) कर सकते हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
संविधान का अनुच्छेद 368 स्पष्ट करता है कि संविधान संशोधन केवल संसद के दोनों सदनों में विशेष प्रक्रिया द्वारा ही हो सकता है; अध्यादेश (अनुच्छेद 123 या 213) के माध्यम से संविधान में कोई संशोधन नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय परिषदों (Zonal Councils) के उपाध्यक्ष (Vice-Chairman) का पद किसके द्वारा धारण किया जाता है?
क्षेत्रीय परिषदों (Zonal Councils) के उपाध्यक्ष (Vice-Chairman) का पद किसके द्वारा धारण किया जाता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। केंद्रीय गृह मंत्री प्रत्येक Zonal Council के अध्यक्ष होते हैं, जबकि उस क्षेत्र के सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री वार्षिक रोटेशन से उपाध्यक्ष का पद संभालते हैं। यह व्यवस्था क्षेत्रीय स्वामित्व और सहकारी संघवाद दोनों को बढ़ावा देती है। परिषदें न्यायिक निकाय नहीं हैं, इसलिए उनके पदों का सर्वोच्च न्यायालय से संबंध नहीं है।
क्षेत्रीय परिषदों (Zonal Councils) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक निकाय हैं जिनका उल्लेख अनुच्छेद …
क्षेत्रीय परिषदों (Zonal Councils) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक निकाय हैं जिनका उल्लेख अनुच्छेद 263 में है। 2. इनकी स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत की गई थी। 3. केंद्रीय गृह मंत्री सभी क्षेत्रीय परिषदों के साझा अध्यक्ष होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। कथन 1 गलत है—क्षेत्रीय परिषदें संवैधानिक नहीं बल्कि सांविधिक निकाय हैं, जिनकी स्थापना States Reorganisation Act, 1956 के तहत हुई। पाँच क्षेत्रीय परिषदों के साझा अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं। इनका उद्देश्य अंतर-राज्यीय सहयोग, सीमा/भाषाई/आर्थिक मुद्दों पर संवाद और क्षेत्रीय समन्वय बढ़ाना है; इन्हें अनुच्छेद 263 की अंतर-राज्यीय परिषद से भ्रमित नहीं करना चाहिए।
गठबंधन राजनीति की सामान्य विशेषताओं के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. Common Minimum Programme का उपयोग हो सकता है। 2. प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री …
गठबंधन राजनीति की सामान्य विशेषताओं के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. Common Minimum Programme का उपयोग हो सकता है। 2. प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री को सहयोगियों के साथ अधिक समन्वय करना पड़ता है। 3. क्षेत्रीय दलों की संघीय bargaining power बढ़ सकती है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों गठबंधन शासन की सामान्य राजनीतिक विशेषताएँ हैं।
गांधी शांति पुरस्कार के चयन-जूरी में निम्नलिखित में से कौन शामिल हैं? भारत के राष्ट्रपतिभारत के प्रधानमंत्रीभारत के मुख्य न्यायाधीशलोकसभा में विप…
- भारत के राष्ट्रपति
- भारत के प्रधानमंत्री
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा में विपक्ष के नेता
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- प्रधानमंत्री जूरी की अध्यक्षता करते हैं।
- मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता भी सदस्य होते हैं।
- राष्ट्रपति इस जूरी के सदस्य नहीं हैं; दो प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी अलग से शामिल किए जाते हैं।
गांधीवाद और मार्क्सवाद के बीच सामान्य सहमति किस पर है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
क्यों?
- दोनों परंपराओं में अंतिम आदर्श के रूप में राज्यविहीन समाज की धारणा मिलती है, हालांकि साधन अलग हैं।
गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य मामला (1967) में उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती निर्णयों को पलटते हुए क्या ऐतिहासिक व्यवस्था दी थी?
गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य मामला (1967) में उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती निर्णयों को पलटते हुए क्या ऐतिहासिक व्यवस्था दी थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
गोलकनाथ मामले (1967) में 11 न्यायाधीशों की पीठ ने 6:5 के बहुमत से निर्णय दिया कि मौलिक अधिकार अप्रतिरोध्य हैं और संसद अनुच्छेद 368 का प्रयोग करके किसी भी मूल अधिकार को न तो समाप्त कर सकती है और न ही सीमित।
गोलकनाथ मामले के प्रभाव को समाप्त करने के लिए संसद द्वारा पारित 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 के संदर्भ में क्या प्रावधान किया गया?
गोलकनाथ मामले के प्रभाव को समाप्त करने के लिए संसद द्वारा पारित 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 के संदर्भ में क्या प्रावधान किया गया?
उत्तर और पूरी व्याख्या
24वें संशोधन (1971) ने अनुच्छेद 13(4) और अनुच्छेद 368(3) जोड़कर संसद की संशोधन शक्ति को पुनः स्थापित किया और इसे अनुच्छेद 13 के दायरे से बाहर घोषित किया।
ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के प्रमुख प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्राम न्यायालयों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों…
ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008 के प्रमुख प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्राम न्यायालयों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को उनके द्वार पर सस्ता और त्वरित न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। 2. ग्राम न्यायालय की अध्यक्षता एक न्यायाधिकारी द्वारा की जाती है जो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ( Judicial Magistrate of the First Class) के समकक्ष होता है। 3. ग्राम न्यायालय एक मोबाइल कोर्ट (Mobile Court) के रूप में कार्य करता है और यह दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार के विवादों की सुनवाई कर सकता है। 4. ग्राम न्यायालय भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के कड़े नियमों से बंधा होता है और वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं कर सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
कथन 1, 2 और 3 सही हैं; कथन 4 गलत है। Gram Nyayalayas Act, 2008 का Section 30 ग्राम न्यायालय को ऐसे साक्ष्य प्राप्त करने की अनुमति देता है जिसे वह विवाद के प्रभावी निपटारे में सहायक समझे, भले वह सामान्य Evidence Act के तहत अन्यथा प्रासंगिक/ग्राह्य न हो। इसलिए इसे पुराने कठोर साक्ष्य नियमों से पूर्णतः बँधा हुआ नहीं माना जाता।
चुनाव सुधार से जुड़े निम्नलिखित युग्मों में कौन-से सही हैं? 1. तारकुंडे समिति—1974-75 2. दिनेश गोस्वामी समिति—1990 3. इंद्रजीत गुप्त समिति—1998, …
चुनाव सुधार से जुड़े निम्नलिखित युग्मों में कौन-से सही हैं? 1. तारकुंडे समिति—1974-75 2. दिनेश गोस्वामी समिति—1990 3. इंद्रजीत गुप्त समिति—1998, चुनावों का राज्य वित्तपोषण 4. विधि आयोग की 170वीं और 255वीं रिपोर्ट—चुनाव सुधार
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों चुनाव-सुधार विमर्श के प्रमुख ऐतिहासिक संदर्भ हैं।
चुनावी कानून बनाने की शक्तियों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 327 संसद को संसद/राज्य विधानमंडल चुनावों पर व्यापक विधायी शक्ति देता ह…
चुनावी कानून बनाने की शक्तियों के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. अनुच्छेद 327 संसद को संसद/राज्य विधानमंडल चुनावों पर व्यापक विधायी शक्ति देता है। 2. अनुच्छेद 328 राज्य विधानमंडल को अपने विधानमंडल के चुनावों पर, संसद द्वारा उपबंध न किए गए क्षेत्र में और संसद के कानून के अधीन, कानून बनाने देता है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
दोनों सही हैं।
छठी अनुसूची की Autonomous District/Regional Councils के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. यह असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के निर्दिष्ट जनजातीय क…
छठी अनुसूची की Autonomous District/Regional Councils के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. यह असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के निर्दिष्ट जनजातीय क्षेत्रों पर लागू है। 2. परिषदों को भूमि, गैर-आरक्षित वन, प्रथागत कानून आदि निर्दिष्ट विषयों पर कानून बनाने और सीमित न्यायिक शक्तियाँ मिल सकती हैं। 3. राज्यपाल को अनुसूची के तहत स्वायत्त क्षेत्रों की सीमाओं/नाम आदि पर महत्वपूर्ण पुनर्गठन शक्तियाँ हैं।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों सही हैं, हालांकि परिषदों की सटीक संरचना/शक्तियाँ राज्य और विशेष संवैधानिक संशोधनों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
छठी अनुसूची के जिला परिषदों (District Councils) की सामान्य संवैधानिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सामान्य नियम के तहत…
छठी अनुसूची के जिला परिषदों (District Councils) की सामान्य संवैधानिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सामान्य नियम के तहत जिला परिषद में अधिकतम 30 सदस्य होते हैं। 2. सामान्य व्यवस्था में अधिकतम 4 सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जा सकते हैं और शेष वयस्क मताधिकार से निर्वाचित होते हैं। 3. छठी अनुसूची में कुछ क्षेत्रों, विशेषकर असम के कुछ स्वायत्त परिषदों, के लिए पृथक संशोधित व्यवस्थाएँ/अपवाद भी हैं। 4. परिषदों को अनुसूची में निर्दिष्ट विषयों पर विधायी तथा कुछ न्यायिक शक्तियाँ प्राप्त हैं। सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। छठी अनुसूची का सामान्य नियम जिला परिषद में अधिकतम 30 सदस्यों का है, जिनमें अधिकतम 4 राज्यपाल द्वारा मनोनीत और शेष निर्वाचित होते हैं। लेकिन यह नियम सभी परिषदों पर बिना अपवाद लागू नहीं किया जा सकता—कुछ क्षेत्रों के लिए संविधान संशोधनों से विशेष व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं। जिला/क्षेत्रीय परिषदों को भूमि, परंपरा, स्थानीय प्रशासन आदि विषयों पर विधायी तथा सीमित न्यायिक अधिकार प्राप्त हैं।
छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषदों ( ADCs) की विधायी शक्तियों के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषदों ( ADCs) की विधायी शक्तियों के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
Sixth Schedule councils के निर्दिष्ट कानून राज्यपाल की assent के अधीन होते हैं।
छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषदों को राजस्व संग्रहण और वित्तीय शक्तियों के संदर्भ में कौन-से अधिकार प्राप्त हैं? 1. भूमि राजस्व का निर्धार…
छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त जिला परिषदों को राजस्व संग्रहण और वित्तीय शक्तियों के संदर्भ में कौन-से अधिकार प्राप्त हैं? 1. भूमि राजस्व का निर्धारण और संग्रहण करने की शक्ति 2. भवनों, भूमि, व्यवसायों, पशुओं, वाहनों और नौकाओं पर कर लगाने की शक्ति 3. खनिजों के निष्कर्षण के लिए दिए गए खनन पट्टों से प्राप्त रॉयल्टी ( Royalty) में हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार नीचे दिए गए कू ट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। छठी अनुसूची के पैरा 8 और 9 के तहत ADCs को स्वतंत्र कर लगाने और राज्य सरकार से रॉयल्टी में हिस्सा प्राप्त करने की वित्तीय स्वायत्तता दी गई है।
छठी अनुसूची के तहत Autonomous District Council की सामान्य संवैधानिक संरचना के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. मूल सामान्य नियम के अनुसार District…
छठी अनुसूची के तहत Autonomous District Council की सामान्य संवैधानिक संरचना के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. मूल सामान्य नियम के अनुसार District Council में अधिकतम 30 सदस्य होते हैं, जिनमें अधिकतम 4 राज्यपाल द्वारा मनोनीत और शेष वयस्क मताधिकार से निर्वाचित होते हैं। 2. सामान्य नियम में निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल पहली बैठक के लिए नियुक्त तिथि से पाँच वर्ष है और मनोनीत सदस्य राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। 3. संविधान में बाद के विशेष संशोधनों के कारण कुछ परिषदों—जैसे Bodoland क्षेत्र—की संरचना इस सामान्य 30-सदस्यीय मॉडल से अलग हो सकती है।
उत्तर और पूरी व्याख्या
तीनों सही हैं। UPSC के लिए 'हर Sixth Schedule council में ठीक 30 सदस्य = 26 elected + 4 nominated' याद करना सुरक्षित नहीं है; यह मूल सामान्य मॉडल है, लेकिन विशेष संवैधानिक प्रावधानों से कुछ परिषदों की संरचना अलग है।
छठी अनुसूची के राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम) के संदर्भ में संसद या राज्य विधानमंडल के कानूनों के लागू होने के बारे में क्या सत्य है?
छठी अनुसूची के राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम) के संदर्भ में संसद या राज्य विधानमंडल के कानूनों के लागू होने के बारे में क्या सत्य है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (b) है। छठी अनुसूची के पैरा 12 के तहत असम में राज्यपाल संसद या राज्य विधानमंडल के कुछ अधिनियमों के लागू होने को अपवाद/संशोधन सहित नियंत्रित कर सकता है। मेघालय (पैरा 12A), त्रिपुरा (12AA) और मिजोरम (12B) में संसद के अधिनियम के संबंध में ऐसी अधिसूचना की शक्ति राष्ट्रपति को दी गई है; राज्य विधायन के लिए अलग नियम हैं।
छठी अनुसूची में शामिल राज्यों और स्वायत्त परिषदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. असम : बोडोलैंड BTC), कार्बी आंगलोंग, दीमा ह…
छठी अनुसूची में शामिल राज्यों और स्वायत्त परिषदों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. असम : बोडोलैंड BTC), कार्बी आंगलोंग, दीमा हसाओ 2. मेघालय : खासी, गारो और जयंतिया हिल्स स्वायत्त जिला परिषदें 3. प्रादेशिक परिषद ( मिजोरम : चकमा, मारा और लाई स्वायत्त जिला परिषदें 4. त्रिपुरा : त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
चारों युग्म सही सुमेलित हैं। पूर्वोत्तर के चार राज्यों में कुल 10 स्वायत्त जिला परिषदें छठी अनुसूची के तहत कार्य कर रही हैं।
छावनी बोर्ड (Cantonment Board) के प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह छावनी क्षेत्र में नागरिक आबादी के लिए नगरपालिका प्…
छावनी बोर्ड (Cantonment Board) के प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह छावनी क्षेत्र में नागरिक आबादी के लिए नगरपालिका प्रशासन प्रदान करने हेतु स्थापित किया जाता है। 2. यह रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence), भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। 3. इसकी स्थापना छावनी अधिनियम, 2006 (Cantonments Act, 2006) के तहत की गई है। 4. सैन्य स्टेशन का स्टेशन कमांडर (Military Officer Commanding the Station) छावनी बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर (d) है। छावनी बोर्ड केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करने वाला वैधानिक निकाय है और 2026 में भी Cantonments Act, 2006 लागू कानून है। स्टेशन कमांडर बोर्ड का पदेन अध्यक्ष होता है।