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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 125

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2481–2500 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2021अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी कौन-सा मंत्रालय है…
अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी कौन-सा मंत्रालय है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) जनजातीय कार्य मंत्रालय

क्यों?

  • वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय नोडल मंत्रालय है।
करंट अफेयर्स • राजव्यवस्था और शासनअनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: अनुच्छेद 341 के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित जाति सूची मे…

अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. अनुच्छेद 341 के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित जाति सूची में समावेशन या अपवर्जन का अधिकार संबंधित राज्य के विधानमंडल को है।
  2. संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के पैरा 3 में हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म का उल्लेख है।
  3. धर्मांतरण का निजी धार्मिक प्रमाणपत्र अपने आप किसी अधिसूचित पिछड़े वर्ग मुस्लिम समुदाय की सदस्यता का निर्णायक प्रमाण है।

उपर्युक्त में से सही विकल्प चुनिए।

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर: (b) केवल 2

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 341(2) के अंतर्गत सूची बदलने के लिए संसद का कानून आवश्यक है। कथन 2 सही है; फिर भी व्यक्ति का संबंधित अधिसूचित जाति का सदस्य होना जरूरी रहता है। कथन 3 गलत है: धर्मांतरण की पुष्टि और वैधानिक पिछड़ा वर्ग दर्जे का निर्धारण अलग प्रक्रियाएँ हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनअनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ( CEC) और निर्वाचन आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की स…

अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ( CEC) और निर्वाचन आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक किस समिति की सिफारिश का निर्देश दिया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट की 5-जजों की संविधान पीठ ने निर्देश दिया था कि जब तक संसद कानून नहीं बनाती, तब तक और CEC ECs की नियुक्तिPM CJI, और विपक्ष के नेता की 3-सदस्यीय समिति की सिफारिश पर होगी (जिसके बाद संसद ने 2023 में नया अधिनियम बनाया)। यह 2023 का अंतरिम न्यायिक प्रबंध था; बाद में संसद ने 2023 का नया अधिनियम बनाया, जिसके तहत वर्तमान चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता/सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के अधिकार की संवैधानिक सुरक्षा मुख्यतः किस अनुच्छेद से जुड़ी है?
अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने के अधिकार की संवैधानिक सुरक्षा मुख्यतः किस अनुच्छेद से जुड़ी है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) अनुच्छेद 21

क्यों?

  • व्यक्तिगत गरिमा और पसंद का अधिकार अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनअमेरिकी उपराष्ट्रपति और भारतीय उपराष्ट्रपति के मध्य तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा अंतर सही है?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति और भारतीय उपराष्ट्रपति के मध्य तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा अंतर सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अमेरिकी संविधान में राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफा या हटने पर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति पद का उत्तराधिकारी बन जाता है और शेष कार्यकाल पूरा करता है। भारत में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति नहीं बनता, बल्कि अनुच्छेद 65 के तहत कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है और नई निर्वाचन प्रक्रिया छह महीने के भीतर पूरी की जाती है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति सीनेट का अध्यक्ष भी होता है, इसलिए विकल्प (b) उलटा है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनअशोक मेहता समिति (1977) ने पंचायती राज व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख सिफारिशें की थीं? 1. त्रि-स्तरीय प्रणाली के स्थान पर…

अशोक मेहता समिति (1977) ने पंचायती राज व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख सिफारिशें की थीं? 1. त्रि-स्तरीय प्रणाली के स्थान पर द्वि-स्तरीय प्रणाली (मंडल पंचायत और जिला परिषद) की स्थापना। 2. पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तरों पर राजनीतिक दलों की खुली भागीदारी। 3. पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान करना। 4. राज्य में पंचायती राज मामलों के लिए मंत्रिपरिषद में एक मंत्री की नियुक्ति। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अशोक मेहता समिति ने 132 सिफारिशें की थीं, जिनमें द्वि-स्तरीय प्रणाली, राजनीतिक दलों की भागीदारी, संवैधानिक संरक्षण और एससी/एसटी आरक्षण शामिल थे।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020अस्पृश्यता के विरुद्ध संरक्षण किस मौलिक अधिकार के अंतर्गत आता है?
अस्पृश्यता के विरुद्ध संरक्षण किस मौलिक अधिकार के अंतर्गत आता है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) समानता का अधिकार

क्यों?

  • अनुच्छेद 17 समानता के अधिकार के अंतर्गत अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनआठवीं अनुसूची में भाषाओं के समावेश के संदर्भ में कौन-से युग्म सही हैं? 1. 21वाँ संशोधन, 1967—सिंधी 2. 71वाँ संशोधन, 1992—कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली …

आठवीं अनुसूची में भाषाओं के समावेश के संदर्भ में कौन-से युग्म सही हैं? 1. 21वाँ संशोधन, 1967—सिंधी 2. 71वाँ संशोधन, 1992—कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली 3. 92वाँ संशोधन, 2003—बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों युग्म सही हैं। आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनआदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct—MCC) के बारे में कौन-सा कथन सही है?

आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct—MCC) के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

MCC स्वयं कोई अलग वैधानिक संहिता नहीं है। यह चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से लागू होती है। इसके कुछ कृत्य अलग कानूनों—जैसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, IPC/BNS या अन्य विधियों—के तहत दंडनीय हो सकते हैं।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2018आधार के संदर्भ में:आधार कार्ड नागरिकता या अधिवास का प्रमाण है।जारी होने के बाद आधार संख्या कभी निष्क्रिय या हटाई नहीं जा सकती।
आधार के संदर्भ में:
  1. आधार कार्ड नागरिकता या अधिवास का प्रमाण है।
  2. जारी होने के बाद आधार संख्या कभी निष्क्रिय या हटाई नहीं जा सकती।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(d) कोई नहीं

क्यों?

  • आधार नागरिकता प्रमाण नहीं है और नियमों के तहत निष्क्रियकरण संभव है।
UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2020आधार के संदर्भ में:आधार मेटाडाटा 3 महीने से अधिक नहीं रखा जा सकता।राज्य निजी कंपनियों से आधार डाटा साझा करने का अनुबंध नहीं कर सकता।बीमा उत्पाद क…
आधार के संदर्भ में:
  1. आधार मेटाडाटा 3 महीने से अधिक नहीं रखा जा सकता।
  2. राज्य निजी कंपनियों से आधार डाटा साझा करने का अनुबंध नहीं कर सकता।
  3. बीमा उत्पाद के लिए आधार अनिवार्य है।
  4. भारत की संचित निधि से वित्तपोषित लाभ पाने के लिए आधार आवश्यक हो सकता है।
सही कथन चुनिए।
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 2 और 4

क्यों?

  • 2 और 4 सही हैं; बीमा के लिए आधार अनिवार्य नहीं था और 3 माह वाला कथन सही नहीं।
BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2019आम आदमी पार्टी क्या थी?
आम आदमी पार्टी क्या थी?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक

व्याख्या

  • BPSC की अंतिम उत्तर-कुंजी में इस प्रश्न के लिए विकल्प (E) स्वीकार किया गया है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनआर. के . गर्ग बनाम भारत संघ (1981) मामले में उच्चतम न्यायालय ने अध्यादेश शक्ति के संबंध में क्या सिद्धांत प्रतिपादित किया था?

आर. के . गर्ग बनाम भारत संघ (1981) मामले में उच्चतम न्यायालय ने अध्यादेश शक्ति के संबंध में क्या सिद्धांत प्रतिपादित किया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

आर. के . गर्ग (स्पेशल बियरर बॉन्ड्स) मामले (1981) में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति संसद के समान व्यापक है और इसके द्वारा आर्थिक एवं कर संबंधी नियम भी बनाए जा सकते हैं, किंतु अध्यादेश द्वारा संविधान संशोधन नहीं हो सकता।

UPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023आरक्षण और अनुच्छेद 335 के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ मामलों में अनुच्छेद 16(4) की आरक्षण नीतियों को प्रशासनि…
आरक्षण और अनुच्छेद 335 के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए:

कथन I: सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ मामलों में अनुच्छेद 16(4) की आरक्षण नीतियों को प्रशासनिक दक्षता हेतु अनुच्छेद 335 से सीमित माना है।

कथन II: अनुच्छेद 335 ‘प्रशासनिक दक्षता’ की परिभाषा देता है।

उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(c) I सही, II गलत

क्यों?

  • अनुच्छेद 335 प्रशासनिक दक्षता के दावे को मान्यता देता है, लेकिन ‘दक्षता’ को परिभाषित नहीं करता।
  • न्यायालय ने आरक्षण नीति और प्रशासनिक दक्षता के संतुलन पर विचार किया है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनइंदिरा साहनी बनाम भारत संघ मामला (1992) (मंडल मामला) के निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए …

इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ मामला (1992) (मंडल मामला) के निर्णय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए 27% आरक्षण को वैध ठहराया गया, किंतु 'क्रीमी लेयर' (Creamy Layer) को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने का निर्देश दिया गया। 2. न्यायालय ने अनुच्छेद 16(4) के तहत पदोन्नति में आरक्षण को मान्य नहीं माना। 3. कुल आरक्षण की सीमा असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर सामान्यतः 50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। इंदिरा साहनी (1992) में 27% OBC आरक्षण को क्रीमी लेयर को बाहर रखते हुए वैध माना गया, अनुच्छेद 16(4) को प्रारंभिक नियुक्ति तक सीमित माना गया और सामान्यतः 50% की सीमा प्रतिपादित की गई। बाद में 77वें संविधान संशोधन (1995) से अनुच्छेद 16(4A) जोड़कर SC/ST के लिए पदोन्नति में आरक्षण का संवैधानिक आधार बनाया गया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनइंद्रजीत गुप्त समिति (1998) की प्रमुख सिफारिश क्या थी?

इंद्रजीत गुप्त समिति (1998) की प्रमुख सिफारिश क्या थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

समिति ने चुनावों में धनबल घटाने के लिए सीमित राज्य वित्तपोषण, विशेषकर in-kind सहायता, का समर्थन किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनउच्च न्यायालय के रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 226) और अधीक्षण क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 227) के मध्य अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

उच्च न्यायालय के रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 226) और अधीक्षण क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 227) के मध्य अंतर के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

अनुच्छेद 226 एक उपचारात्मक रिट अधिकारिता है, जबकि 227 उच्च न्यायालय को अपने क्षेत्राधिकार के सभी न्यायालयों व न्यायाधिकरणों पर निरंतर प्रशासनिक और न्यायिक निगरानी रखने की व्यापक शक्ति प्रदान करता है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 2023उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार किसके पास है?
उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार किसके पास है?
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(a) राष्ट्रपति

क्यों?

  • BPSC की अंतिम कुंजी में राष्ट्रपति सही उत्तर है; आयोग ने अनुच्छेद 216 का संदर्भ दिया।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनउच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए संवैधानिक योग्यताओं में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल हैं? 1. भारत का नागरिक होना। 2. किसी उच्च…

उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए संवैधानिक योग्यताओं में निम्नलिखित में से कौन-सी शामिल हैं? 1. भारत का नागरिक होना। 2. किसी उच्च न्यायालय में कम-से-कम 5 वर्ष न्यायाधीश रहना, या किसी उच्च न्यायालय में कम-से-कम 10 वर्ष अधिवक्ता रहना। 3. राष्ट्रपति की दृष्टि में प्रतिष्ठित विधिवेत्ता (Distinguished Jurist) होना। 4. न्यूनतम आयु 35 वर्ष होना। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। अनुच्छेद 124(3) नागरिकता और तीन वैकल्पिक योग्यता-पथ देता है—कम-से-कम पाँच वर्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश, कम-से-कम दस वर्ष उच्च न्यायालय का अधिवक्ता, या राष्ट्रपति की राय में distinguished jurist। संविधान Supreme Court Judge बनने के लिए कोई अलग न्यूनतम आयु—जैसे 35 वर्ष—निर्धारित नहीं करता। आयु से संबंधित स्पष्ट संवैधानिक सीमा सेवानिवृत्ति की है, जो 65 वर्ष है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनउच्चतम न्यायालय की अभिलेख न्यायालय ( Court of Record — अनुच्छेद 129) की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय क…

उच्चतम न्यायालय की अभिलेख न्यायालय ( Court of Record — अनुच्छेद 129) की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का साक्ष्य मूल्य (Evidentiary value) होता है और किसी भी अधीनस्थ न्यायालय में उनकी प्रामाणिकता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। 2. न्यायालय को अपनी अवमानना ( Contempt of Court) के लिए दंडित करने की शक्ति प्राप्त है, जिसमें साधारण कारावास या अर्थदंड शामिल है। 3. उच्चतम न्यायालय को केवल अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति है, वह अधीनस्थ न्यायालयों की अवमानना के लिए दंडित नहीं कर सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

कथन 3 गलत है क्योंकि दिल्ली न्यायिक सेवा संघ वाद (1991) में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 129 के तहत उसे न केवल अपनी अवमानना, बल्कि पूरे देश के अधीनस्थ न्यायालयों और अधिकरणों की अवमानना के लिए भी दंडित करने की अंतर्निहित शक्ति प्राप्त है। कथन 1 और 2 सही हैं।