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अभ्यास से समझ तक

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-संग्रह • पृष्ठ 118

एक सवाल हल कीजिए, उसका कारण समझिए, फिर आगे बढ़िए। करंट अफेयर्स, विषयवार अध्ययन और विगत वर्षों के प्रश्न अब एक जगह।

4666 प्रश्न संग्रह में3816 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित
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सत्र में प्रश्नों की संख्या

2341–2360 / 4666 प्रश्न

प्रश्न-संग्रह

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विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन73वें संविधान संशोधन के अनुसार त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली में मध्यवर्ती स्तर के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

73वें संविधान संशोधन के अनुसार त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली में मध्यवर्ती स्तर के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। अनुच्छेद 243B(2) के अनुसार जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से अधिक नहीं है, वहाँ मध्यवर्ती स्तर की पंचायत का गठन न किया जा सकता है। यह छूट जिला स्तर के लिए नहीं है।

BPSC विगत वर्ष • राजव्यवस्था और शासन • 202273वें संविधान संशोधन के बाद विकेंद्रीकरण किन क्षेत्रों में होना चाहिए? 1. निर्णय-निर्माण शक्तियाँ 2. संपूर्ण व्यवस्था 3. न्यायिक शक्तियाँ 4. प्रश…
73वें संविधान संशोधन के बाद विकेंद्रीकरण किन क्षेत्रों में होना चाहिए? 1. निर्णय-निर्माण शक्तियाँ 2. संपूर्ण व्यवस्था 3. न्यायिक शक्तियाँ 4. प्रशासनिक शक्तियाँ
उत्तर और पूरी व्याख्या
सही उत्तर(b) केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

  • पंचायती राज में राजनीतिक/निर्णयकारी, संस्थागत और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण प्रमुख है; न्यायिक शक्ति इसका सामान्य घटक नहीं है।
विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में कौन-सा नया भाग और अनुसूची जोड़ी गई थी?

74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में कौन-सा नया भाग और अनुसूची जोड़ी गई थी?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (a) है। 74वें संशोधन (1992) द्वारा संविधान में भाग IX-A (नगरपालिकाएं) और 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें 18 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 के तहत राज्यों के 4-स्तरीय वर्गीकरण (भाग क, ख, ग और घ) को समाप्त कर कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का गठ…

7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 के तहत राज्यों के 4-स्तरीय वर्गीकरण (भाग क, ख, ग और घ) को समाप्त कर कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का गठन किया गया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 तथा राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा 1 नवंबर 1956 को 14 राज्य और 6 केंद्रशासित प्रदेश स्थापित किए गए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन80वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2000 द्वारा केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में क्या ऐतिहासिक परिवर्तन किया गया था?

80वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2000 द्वारा केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों में क्या ऐतिहासिक परिवर्तन किया गया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

80वें संशोधन (2000) ने 10वें वित्त आयोग की सिफारिश पर अनुच्छेद 269, 270 और 272 में संशोधन कर केंद्रीय करों के लगभग संपूर्ण पूल को विभाज्य बना दिया, जिसमें से राज्यों को निर्धारित हिस्सा मिलना तय हुआ।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में किए गए त्रि-आयामी परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भाग III : …

86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान में किए गए त्रि-आयामी परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. भाग III : अनुच्छेद 21A जोड़कर 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया। 2. भाग IV : अनुच्छेद 45 की विषय-वस्तु बदलकर 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आरंभिक बाल्यावस्था की देखभाल और शिक्षा का निर्देश दिया गया। 3. भाग IV-A : अनुच्छेद 51A(k) जोड़कर माता-पिता या संरक्षक पर 6 से 14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का 11वां मूल कर्तव्य जोड़ा गया। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

A तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। 86वें संशोधन (2002) ने शिक्षा के अधिकार को तीन भागों (मौलिक अधिकार 21 , नीति निदेशक तत्व 45, Ak तथा मौलिक कर्तव्य 51 ) में एक साथ समाहित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 ने नीति निदेशक तत्वों के किस अनुच्छेद की विषय-वस्तु में परिवर्तन किया?

86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 ने नीति निदेशक तत्वों के किस अनुच्छेद की विषय-वस्तु में परिवर्तन किया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

86वें संशोधन ने अनुच्छेद 21A को मौलिक अधिकार बनाया और अनुच्छेद 45 की भाषा बदलकर इसे 'छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा' तक सीमित किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक के संदर्भ में कौन-सा कथन असत्य है?

9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक के संदर्भ में कौन-सा कथन असत्य है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पहली बैठक में अस्थायी अध्यक्ष नहीं बनाया गया था। 9 दिसंबर 1946 की पहली बैठक की अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की। डॉ. राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के आकार के संबंध में क्या सीमा निर्धारित की गई?

91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के आकार के संबंध में क्या सीमा निर्धारित की गई?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। 91वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 75(1A) जोड़कर प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों की कुल संख्या को लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत तक सीमित किया। इसका उद्देश्य अत्यधिक बड़े मंत्रिमंडलों और राजनीतिक समर्थन जुटाने के लिए मंत्री पदों के विस्तार पर रोक लगाना था। संविधान कैबिनेट मंत्रियों की अलग अधिकतम संख्या तय नहीं करता; सीमा पूरी Council of Ministers पर लागू होती है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा दलबदल (Defection) के आधार पर अयोग्य घोषित सदस्य के मंत्री बनने पर क्या रोक लगाई गई है?

91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा दलबदल (Defection) के आधार पर अयोग्य घोषित सदस्य के मंत्री बनने पर क्या रोक लगाई गई है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। 91वें संशोधन ने दलबदल विरोधी कानून को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अनुच्छेद 75(1B) जोड़ा। दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के तहत अयोग्य ठहराया गया सांसद उस अवधि तक मंत्री नहीं बन सकता जब तक उसकी मूल सदस्यता की अवधि समाप्त न हो जाए या वह बीच में फिर से निर्वाचित न हो जाए। इसका उद्देश्य दलबदल के बदले तत्काल मंत्री पद पाने की राजनीतिक प्रोत्साहन-व्यवस्था को सीमित करना था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने दलबदल कानून में कौन-सी छूट समाप्त की?

91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने दलबदल कानून में कौन-सी छूट समाप्त की?

उत्तर और पूरी व्याख्या

मूल दसवीं अनुसूची का एक-तिहाई split अपवाद 91वें संशोधन से हटा दिया गया। अब merger अपवाद के लिए दो-तिहाई विधायिका दल का समर्थन आवश्यक है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन के बाद दलबदल से अयोग्य सदस्य पर अतिरिक्त संवैधानिक रोक के बारे में कौन-सा कथन सही है?

91वें संविधान संशोधन के बाद दलबदल से अयोग्य सदस्य पर अतिरिक्त संवैधानिक रोक के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

91वें संशोधन ने अनुच्छेद 75(1B), 164(1B) और 361B जोड़े। रोक 'हर office of profit' पर नहीं है; वह मंत्री पद और संविधान में परिभाषित remunerative political post पर लागू होती है, जब तक संबंधित सदन का कार्यकाल समाप्त न हो जाए या वह पुनः निर्वाचित न हो जाए—जो पहले हो।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन के बाद मंत्रिपरिषद और दलबदल के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. केंद्र में मंत्रियों की संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के …

91वें संविधान संशोधन के बाद मंत्रिपरिषद और दलबदल के बारे में कौन-से कथन सही हैं? 1. केंद्र में मंत्रियों की संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं। 2. राज्य में सीमा विधानसभा के 15% की है। 3. राज्य में न्यूनतम 12 मंत्री हो सकते हैं। 4. दलबदल से अयोग्य सदस्य को निर्दिष्ट अवधि तक मंत्री बनने से भी रोका गया है।

उत्तर और पूरी व्याख्या

चारों सही हैं। राज्यों के लिए 15% ceiling के साथ न्यूनतम 12 का प्रावधान है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन91वें संविधान संशोधन के बाद राज्य मंत्रिपरिषद के आकार और दलबदल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल…

91वें संविधान संशोधन के बाद राज्य मंत्रिपरिषद के आकार और दलबदल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या Assembly की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी। 2. किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 12 से कम नहीं होगी। 3. Tenth Schedule के तहत disqualified सदस्य निर्दिष्ट अवधि तक मंत्री बनने के लिए भी अयोग्य होगा। सही उत्तर चुनिए:

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। Article 164(1A) राज्य Council of Ministers पर 15% ceiling और स्पष्ट minimum 12 निर्धारित करता है। यहाँ किसी 'छोटे राज्य' का संवैधानिक अपवाद नहीं है—मूल PDF की व्याख्या में यह अनावश्यक caveat था। Article 164(1B) Tenth Schedule में defection पर disqualified सदस्य को तय अवधि तक minister बनने से भी रोकता है। 91वें संशोधन का उद्देश्य jumbo ministries और दलबदल के बदले ministerial reward दोनों पर अंकुश लगाना था।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 (सहकारी समितियां / Cooperative Societies) के संदर्भ में भारत संघ बनाम राजेंद्र एन. शाह (2021) मामले में उच्चतम…

97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 (सहकारी समितियां / Cooperative Societies) के संदर्भ में भारत संघ बनाम राजेंद्र एन. शाह (2021) मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर विचार कीजिए: 1. सर्वोच्च न्यायालय ने 97वें संशोधन के भाग IX-B को बहु-राज्य सहकारी समितियों (MSCS) के संबंध में वैध ठहराया, किंतु राज्यों के भीतर कार्य करने वाली सहकारी समितियों के संबंध में इसे असंवैधानिक घोषित किया। 2. न्यायालय ने माना कि राज्यों के भीतर सहकारी समितियों से जुड़े प्रावधानों को पारित करने के लिए अनुच्छेद 368(2) के तहत कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों के अनुसमर्थन ( Ratification) की आवश्यकता थी, जो नहीं लिया गया था। c 3. न्यायालय ने अनुच्छेद 19(1)( ) में सहकारी समितियां बनाने के मौलिक अधिकार को भी पूरी तरह निरस्त कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

c कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 19(1) के तहत सहकारी समिति बनाने के अधिकार और अनुच्छेद 43 ( B DPSP ) को न्यायालय ने IX B पूरी तरह बरकरार रखा। केवल भाग - के राज्य-स्तरीय सहकारी प्रावधानों को बिना राज्यों के अनुसमर्थन के पारित होने के कारण आंशिक रूप से रद्द किया गया। कथन 1 और 2 सही हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा नीति निदेशक तत्वों में कौन-सा नया अनुच्छेद जोड़ा गया था?

97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 द्वारा नीति निदेशक तत्वों में कौन-सा नया अनुच्छेद जोड़ा गया था?

उत्तर और पूरी व्याख्या

97वें संशोधन (2011) द्वारा अनुच्छेद 43B जोड़ा गया, जिसके तहत राज्य सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त संचालन और लोकतांत्रिक नियंत्रण को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग ( NJAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन द्वारा …

99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग ( NJAC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन द्वारा उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त कर NJAC का गठन किया गया था। 2. सुप्रीम कोर्ट एडवोके ट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015) मामले में सर्वोच्च न्यायालय की 5-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 99वें संशोधन और NJAC अधिनियम दोनों को असंवैधानिक घोषित कर दिया। 3. न्यायालय ने माना कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Independence of Judiciary) संविधान का मूल ढांचा है और NJAC की संरचना इस स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

तीनों कथन सही हैं। अक्टूबर 2015 में 4:1 के बहुमत से संविधान पीठ ने 99वें संशोधन को न्यायपालिका की स्वतंत्रता (जो मूल ढांचा है) पर आघात मानते हुए रद्द कर दिया और कॉलेजियम प्रणाली को पुनः बहाल किया।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासन99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और National Judicial Appointments Commission (NJAC) के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय ने 2015 में क्या निर्णय दिया…

99वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2014 और National Judicial Appointments Commission (NJAC) के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय ने 2015 में क्या निर्णय दिया?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (b) है। 2015 के Fourth Judges Case में पाँच-न्यायाधीशीय संविधान पीठ ने 4:1 बहुमत से 99वें संविधान संशोधन और NJAC Act को असंवैधानिक घोषित किया। मुख्य आधार न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायिक नियुक्तियों में संस्थागत स्वतंत्रता था, जिसे संविधान की मूल संरचना का हिस्सा माना गया। परिणामस्वरूप collegium व्यवस्था पुनर्जीवित हुई। यह निर्णय इस सिद्धांत को भी पुष्ट करता है कि संविधान संशोधन भी Basic Structure की न्यायिक समीक्षा से परे नहीं हैं।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनअंतर-राज्यीय जल विवाद (Inter-State Water Disputes) के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 262 के प्रावधानों पर विचार कीजिए: 1. संसद कानून द्वारा किसी अ…

अंतर-राज्यीय जल विवाद (Inter-State Water Disputes) के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 262 के प्रावधानों पर विचार कीजिए: 1. संसद कानून द्वारा किसी अंतर-राज्यीय नदी या नदी घाटी के जल के उपयोग, वितरण या नियंत्रण से संबंधित विवाद के न्यायनिर्णयन का उपबंध कर सकती है। 2. संसद यह प्रावधान कर सकती है कि न तो उच्चतम न्यायालय और न ही कोई अन्य न्यायालय ऐसे विवाद के संबंध में अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करेगा। 3. संसद ने इस शक्ति का प्रयोग करते हुए नदी बोर्ड अधिनियम, 1956 और अंतर-राज्यीय जल विवाद अधिनियम, 1956 बनाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 262 संसद को अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए विशेष कानून बनाने और न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र को बाहर करने की अनुमति देता है। इसी संवैधानिक आधार पर 1956 के संबंधित कानून बनाए गए। ध्यान दें कि संविधान स्वयं हर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का क्षेत्राधिकार सीधे समाप्त नहीं करता; वह संसद को ऐसा कानून बनाने की शक्ति देता है।

विषयवार प्रश्न-सेट • राजव्यवस्था और शासनअंतरराष्ट्रीय समझौतों और संधियों को लागू करने के लिए संसद को राज्य सूची के किसी भी विषय पर कानून बनाने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?

अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संधियों को लागू करने के लिए संसद को राज्य सूची के किसी भी विषय पर कानून बनाने की शक्ति किस अनुच्छेद के तहत प्राप्त है?

उत्तर और पूरी व्याख्या

सही उत्तर (d) है। अनुच्छेद 253 संसद को किसी संधि, अंतरराष्ट्रीय समझौते या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के निर्णय को लागू करने के लिए पूरे भारत या उसके किसी भाग हेतु कानून बनाने की विशेष शक्ति देता है। इस उद्देश्य से संसद राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बना सकती है। इसे संघवाद का एक महत्वपूर्ण अपवाद माना जाता है, क्योंकि सामान्य स्थिति में राज्य सूची पर विधायी अधिकार राज्यों का होता है।