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UPSC CSE Mains · GS Paper 4

2025 · Q1(a)

10 अंक150 शब्दअध्याय 1

प्रश्न

वर्तमान डिजिटल युग में, सोशल मीडिया ने हमारे संचार और संवाद के तरीके में क्रांति ला दी है। तथापि, इसने कई नैतिक मुद्दे और चुनौतियाँ खड़ी की हैं। इस संबंध में प्रमुख नैतिक दुविधाओं ( Ethical Dilemmas) का वर्णन कीजिए।

प्रश्न की मांग एवं दृष्टिकोण

यह प्रश्न अनुप्रयुक्त नीतिशास्त्र (Digital & Media Ethics)
तथा मानवीय संबंधों पर तकनीक के प्रभाव से जुड़ा है। इसमें हमें केवल सोशल मीडिया के नुकसान नहीं गिनाने हैं, बल्कि दो सकारात्मक या
Ethical Dilemmas — जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक सौहार्द)
प्रतिस्पर्धी मूल्यों के बीच के 'नैतिक द्वंद्व/दुविधाओं' (
को स्पष्ट करना है।

मॉडल उत्तर

भूमिका: डिजिटल युग में सोशल मीडिया ने सूचना के लोकतंत्रीकरण (
किया है, किंतु एल्गोरिदमिक ध्रुवीकरण, डीपफेक (Deepfakes) और निगरानी पूंजीवाद (Surveillance Capitalism) ने गंभीर नैतिक संकट
उत्पन्न किए हैं।

Key Ethical Dilemmas):
मुख्य भाग: सोशल मीडिया से संबंधित प्रमुख नैतिक दुविधाएँ (

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम घृणास्पद भाषण व लोक-व्यवस्था (Free Speech vs Hate Speech): अनुच्छेद 19(1)(a) के
तहत नागरिकों की स्वतंत्र आवाज को सुरक्षित रखना और साथ ही फेक न्यूज व सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वाली सामग्री पर सेंसरशिप लगाना
एक बड़ा नैतिक द्वंद्व है।
निजता का अधिकार बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा एवं डेटा मुद्रीकरण ( Privacy vs Security & Monetization): अपराधियों/आतंकियों
को पकड़ने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ( End-to-End Encryption) को तोड़ना (Traceability) आम नागरिकों की निजता (पुट्टास्वामी
निर्णय) के साथ टकराता है।
गुमनामी बनाम जवाबदेही ( Anonymity vs Accountability): गुमनामी व्हिसलब्लोअर्स और उत्पीड़ितों को आवाज देती है, किंतु
यही साइबर बुलिंग ( Cyber Bullying) और चरित्र हनन करने वाले ट्रोल्स को नैतिक जवाबदेही से बचाती है।
लोकसेवकों की अभिव्यक्ति बनाम राजनीतिक तटस्थता ( Civil Servant Expression vs Anonymity): लोकसेवकों द्वारा
सोशल मीडिया पर अपने कार्यों का प्रचार करना पारदर्शिता बढ़ाता है, पर यह सिविल सेवा की 'अनामता' ( Anonymity) और निष्पक्षता के
मूल्य को प्रभावित करता है।

निष्कर्ष: इन दुविधाओं के समाधान हेतु बाह्य कानूनी विनियमन ( IT Rules) के साथ-साथ नागरिकों में 'डिजिटल साक्षरता एवं साइबर
नीतिशास्त्र' ( Digital Ethics & Self-Regulation) तथा टेक कंपनियों में 'डिजाइन से नैतिकता' (Ethics by Design) का विकास
अनिवार्य है।

UPSC CSE 2025 · Q1(b) · 10 अंक · 150 शब्द]

मॉडल उत्तर स्रोत PDF पर आधारित है; पठनीयता के लिए टंकण, विराम-चिह्न और स्पष्ट OCR त्रुटियों का संपादकीय परिष्कार किया गया है। प्रश्न क्रमांक/शब्द-सीमा सत्यापन के बाद प्रकाशित हैं।