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UPSC CSE Mains · GS Paper 4

2024 · Q2(b)

10 अंक150 शब्दअध्याय 1

प्रश्न

ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन विकास के नाम पर मानवीय लालच (Human Greed) के परिणाम हैं और यह मनुष्य सहित जीव-जगत के अस्तित्व के लिए गंभीर संकट की ओर संकेत करते हैं। जीवन की रक्षा करने तथा समाज और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए आप इस प्रवृत्ति को कैसे रोकेंगे?

प्रश्न की मांग एवं दृष्टिकोण

यह प्रश्न पर्यावरणीय नीतिशास्त्र (Environmental Ethics -
UPSC 2015 Q1a से भी जुड़ा) पर आधारित है। इसमें मानव-केंद्रित मानसिकता (Anthropocentrism) की आलोचना करते हुए
पारिस्थितिक संतुलन के नैतिक और व्यावहारिक उपाय सुझाने हैं।

मॉडल उत्तर

भूमिका: वर्तमान जलवायु संकट और छठा सामूहिक विलोपन ( Sixth Mass Extinction) वास्तव में महात्मा गांधी की इस चेतावनी की पुष्टि है
कि "पृथ्वी प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता (Need) तो पूरी कर सकती है, किंतु किसी के लालच (Greed) को नहीं।"

मुख्य भाग: समाज और पर्यावरण के मध्य संतुलन स्थापित करने के नैतिक व व्यावहारिक उपाय:

मानव-केंद्रितवाद से पारिस्थितिकी-केंद्रितवाद की ओर ( Anthropocentrism to Ecocentrism): प्रकृति को केवल उपभोग की
Commodity) मानने के पश्चिमी उपभोक्तावादी दृष्टिकोण को त्यागकर भारतीय दर्शन के 'प्रकृति-पुरुष सह-अस्तित्व' और आर्न नेस
वस्तु (
(Arne Naess) की 'डीप इकोलॉजी' (Deep Ecology) को अपनाना होगा, जहाँ प्रत्येक जीव का अपना आंतरिक मूल्य (Intrinsic
Value) है।
अंतर-पीढ़ीगत न्याय ( Inter-generational Equity): हमें यह नैतिक बोध विकसित करना होगा कि हमने पृथ्वी को अपने पूर्वजों से
विरासत में नहीं पाया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों से उधार लिया है।
मिशन LiFE और चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy): व्यक्तिगत स्तर पर 'उपयोग करो और फें को' (Use and Throw)
संस्कृ ति के स्थान पर संयमित उपभोग ( Mindful Consumption - अपरिग्रह) तथा नीतिगत स्तर पर हरित ऊर्जा, कार्बन टैक्स और हरित
जीडीपी ( Green GDP) को लागू करना।
पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन ( EIA) में नैतिक सत्यनिष्ठा: विकास परियोजनाओं को मंजूरी देते समय आदिवासी समुदायों और वन्यजीवों के
पर्यावास की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।

निष्कर्ष: पृथ्वी पर जीवन की रक्षा केवल तकनीकी समाधानों से नहीं, बल्कि 'पर्यावरणीय न्यासिता' ( Environmental Trusteeship) और
प्रकृति के प्रति करुणा व कृ तज्ञता के नैतिक मूल्यों को अपनाने से ही संभव है।

मॉडल उत्तर स्रोत PDF पर आधारित है; पठनीयता के लिए टंकण, विराम-चिह्न और स्पष्ट OCR त्रुटियों का संपादकीय परिष्कार किया गया है। प्रश्न क्रमांक/शब्द-सीमा सत्यापन के बाद प्रकाशित हैं।