2024 · Q1(b)
प्रश्न
“नीतिशास्त्र में कई प्रमुख आयाम हैं, जो व्यक्तियों और संगठनों को नैतिक रूप से उत्तरदायी व्यवहार की दिशा में मार्गदर्शन करने में महत्त्वपूर्ण हैं।” मानवीय कार्यों को प्रभावित करने वाले नीतिशास्त्र के प्रमुख आयामों की व्याख्या कीजिए। चर्चा कीजिए कि ये आयाम पेशेवर संदर्भ में नैतिक निर्णय-निर्माण को कैसे आकार देते हैं।
प्रश्न की मांग एवं दृष्टिकोण
यह प्रश्न सीधे सिलेबस के उप-विषय 'Dimensions of Ethics'
(नीतिशास्त्र के आयाम) से पूछा गया है। इसमें चारों आयामों (अधिनैतिक, मानकीय, वर्णनात्मक और अनुप्रयुक्त) को स्पष्ट करते हुए उन्हें पेशेवर
जीवन (कॉर्पोरेट एवं सिविल सेवा) के निर्णयों से जोड़ना है।
मॉडल उत्तर
भूमिका: नीतिशास्त्र कोई एकरेखीय अवधारणा नहीं है, बल्कि यह एक बहुआयामी ढाँचा ( Multi-dimensional Framework) है जो मानवीय
मूल्यों की उत्पत्ति से लेकर जटिल पेशेवर परिस्थितियों में उनके व्यावहारिक प्रयोग तक का मार्गदर्शन करता है।
मुख्य भाग:
मानवीय कार्यों को प्रभावित करने वाले नीतिशास्त्र के प्रमुख आयाम:
1. अधिनैतिकता ( Meta-Ethics): यह 'सही' और 'गलत' के मूल अर्थ और सार्वभौमिकता की जांच करता है (जैसे—क्या सत्यनिष्ठा हर
स्थिति में निरपेक्ष है?)।
2. मानकीय नीतिशास्त्र ( Normative Ethics): यह आचरण के मानक तय करता है—इसमें कर्तव्यशास्त्र (Deontology) नियम व
कर्तव्य पर, उपयोगितावाद ( Utilitarianism) अधिकतम जन-कल्याण पर, और सद्गुण नीतिशास्त्र (Virtue Ethics) नैतिक चरित्र
पर बल देता है।
3. वर्णनात्मक नीतिशास्त्र ( Descriptive Ethics): यह समाज या संगठन की वास्तविक कार्य-संस्कृ ति (Work Culture) और व्यवहार
का अध्ययन करता है।
4. अनुप्रयुक्त नीतिशास्त्र ( Applied Ethics): यह चिकित्सा, पर्यावरण, एआई (AI) और लोक प्रशासन जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में नैतिक
सिद्धांतों को लागू करता है।
पेशेवर संदर्भ में नैतिक निर्णय-निर्माण को आकार देना:
लाभ बनाम स्थिरता का संतुलन: उपयोगितावादी और पर्यावरणीय आयाम एक कॉर्पोरेट प्रबंधक को अल्पकालिक मुनाफेके लिए प्रदूषण
फै लाने से रोकते हैं और ESG (Environmental, Social, Governance) मानकों की ओर प्रेरित करते हैं।
नियम और करुणा का समन्वय: एक सिविल सेवक कांट के कर्तव्यशास्त्र से 'विधिक निष्पक्षता' लेता है और सद्गुण नीतिशास्त्र से वंचित वृद्ध
या आदिवासी के प्रति 'करुणा' रखकर कल्याणकारी निर्णय लेता है।
निष्कर्ष: इस प्रकार, नीतिशास्त्र के ये आयाम पेशेवरों को 'नियम-अंधता' ( Rule-blindness) और 'स्वार्थ' से बचाकर पारदर्शी, जवाबदेह और
मानवीय निर्णय लेने का नैतिक कम्पास ( Moral Compass) प्रदान करते हैं।
UPSC CSE 2024 · Q4(a) · 10 अंक · 150 शब्द]
मॉडल उत्तर स्रोत PDF पर आधारित है; पठनीयता के लिए टंकण, विराम-चिह्न और स्पष्ट OCR त्रुटियों का संपादकीय परिष्कार किया गया है। प्रश्न क्रमांक/शब्द-सीमा सत्यापन के बाद प्रकाशित हैं।