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UPSC CSE Mains · GS Paper 4

2014 · Q3(b)

10 अंक150 शब्दअध्याय 1

प्रश्न

“मनुष्य के साथ सदैव ‘साध्य’ (Ends in Themselves) के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए, न कि कभी केवल ‘साधन’ (Means) के रूप में।” आधुनिक तकनीकी-आर्थिक समाज में इसके निहितार्थ बताते हुए इस कथन का अर्थ और महत्त्व स्पष्ट कीजिए।

मॉडल उत्तर

इमैनुएल कांट के 'निरपेक्ष आदेश' ( Categorical Imperative) का यह द्वितीय सूत्र कहता है कि प्रत्येक मनुष्य में विवेक
और स्वायत्तता होने के कारण उसका अपना 'आंतरिक और निरपेक्ष मूल्य' ( Intrinsic Dignity) है; वह किसी दूसरे के उद्देश्य को पूरा करने
का निर्जीव उपकरण मात्र नहीं है। आधुनिक तकनीकी-आर्थिक समाज में निहितार्थ: (1) श्रम का शोषण रोकना: गिग वर्कर्स (Gig
Workers) या कारखाना श्रमिकों को केवल मुनाफा कमाने की मशीन (Means) मानकर न्यूनतम वेतन और सुरक्षा से वंचित रखना अनैतिक
है। (2) डेटा और एआई नैतिकता: बड़ी टेक कंपनियों द्वारा उपयोगकर्ताओं को 'उत्पाद' (Product) मानकर उनकी निजता और मनोविज्ञान
का मुद्रीकरण करना कांट के सिद्धांत का उल्लंघन है। (3) चिकित्सा एवं जैव-प्रौद्योगिकी: क्लोनिंग, व्यावसायिक सरोगेसी या गरीबों पर बिना
सूचित सहमति के क्लिनिकल ट्रायल करना मनुष्य को साधन बनाना है, जिस पर कड़ा नैतिक अंकुश आवश्यक है।

मॉडल उत्तर स्रोत PDF पर आधारित है; पठनीयता के लिए टंकण, विराम-चिह्न और स्पष्ट OCR त्रुटियों का संपादकीय परिष्कार किया गया है। प्रश्न क्रमांक/शब्द-सीमा सत्यापन के बाद प्रकाशित हैं।