2014 · Q3(b)
प्रश्न
“मनुष्य के साथ सदैव ‘साध्य’ (Ends in Themselves) के रूप में व्यवहार किया जाना चाहिए, न कि कभी केवल ‘साधन’ (Means) के रूप में।” आधुनिक तकनीकी-आर्थिक समाज में इसके निहितार्थ बताते हुए इस कथन का अर्थ और महत्त्व स्पष्ट कीजिए।
मॉडल उत्तर
इमैनुएल कांट के 'निरपेक्ष आदेश' ( Categorical Imperative) का यह द्वितीय सूत्र कहता है कि प्रत्येक मनुष्य में विवेक
और स्वायत्तता होने के कारण उसका अपना 'आंतरिक और निरपेक्ष मूल्य' ( Intrinsic Dignity) है; वह किसी दूसरे के उद्देश्य को पूरा करने
का निर्जीव उपकरण मात्र नहीं है। आधुनिक तकनीकी-आर्थिक समाज में निहितार्थ: (1) श्रम का शोषण रोकना: गिग वर्कर्स (Gig
Workers) या कारखाना श्रमिकों को केवल मुनाफा कमाने की मशीन (Means) मानकर न्यूनतम वेतन और सुरक्षा से वंचित रखना अनैतिक
है। (2) डेटा और एआई नैतिकता: बड़ी टेक कंपनियों द्वारा उपयोगकर्ताओं को 'उत्पाद' (Product) मानकर उनकी निजता और मनोविज्ञान
का मुद्रीकरण करना कांट के सिद्धांत का उल्लंघन है। (3) चिकित्सा एवं जैव-प्रौद्योगिकी: क्लोनिंग, व्यावसायिक सरोगेसी या गरीबों पर बिना
सूचित सहमति के क्लिनिकल ट्रायल करना मनुष्य को साधन बनाना है, जिस पर कड़ा नैतिक अंकुश आवश्यक है।
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