ग्रामीण नियोजन में डिजिटल लेखांकन और सामाजिक लेखापरीक्षा
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प्रश्न
ग्रामीण विकास योजनाओं में डिजिटल लेखांकन और सामाजिक लेखापरीक्षा की पूरक भूमिका स्पष्ट कीजिए।
यह अध्ययनसार का मौलिक अभ्यास प्रश्न है, वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न नहीं।
आदर्श उत्तर
भूमिका: ग्रामीण विकास योजना में सरकारी व्यय का रिकॉर्ड और नागरिकों द्वारा वास्तविक कार्य की जाँच, जवाबदेही की दो आवश्यक कड़ियाँ हैं।
पूरक भूमिका
- डिजिटल लेखांकन: ई-ग्रामस्वराज जैसे मंच पर स्वीकृति, भुगतान और प्रगति का रिकॉर्ड तुलना, वित्तीय निगरानी तथा अनियमितता की पहचान आसान बनाता है।
- सामाजिक लेखापरीक्षा: ग्राम सभा वास्तविक निर्माण, मजदूरी, गुणवत्ता और लाभार्थियों का सार्वजनिक सत्यापन करती है।
- संयुक्त प्रभाव: ऑनलाइन भुगतान पूरा दिखने पर भी कार्य अधूरा हो सकता है; स्थानीय जाँच इस अंतर को उजागर करती है।
- समावेशन: अभिलेख स्थानीय भाषा में उपलब्ध हों और महिलाओं एवं वंचित वर्गों को बोलने का अवसर मिले।
- स्वतंत्रता: सामाजिक लेखापरीक्षा में अभिलेखों तक निर्बाध पहुँच, सार्वजनिक सुनवाई और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो; केवल डिजिटल सूचना प्रकाशित करना पर्याप्त नहीं है।
उदाहरण: विकसित ग्राम स्वराज योजना की क्षमता-वृद्धि और ऑनलाइन लेखापरीक्षा पर बल इसी दिशा में है।
निष्कर्ष: डिजिटल व्यवस्था सूचना और निगरानी देती है; सामाजिक लेखापरीक्षा उसे जनता के प्रति उत्तरदायित्व में बदलती है।