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GS-II • पंचायती राज और सामाजिक न्याय • UPSC

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना: पंचायतों में क्षमता-वृद्धि और जवाबदेह स्थानीय शासन

28 अक्टूबर के मंत्रिमंडलीय निर्णय में ₹7,395.55 करोड़ का प्रावधान; 2026–27 से 2030–31 तक पंचायतों की क्षमता एवं पारदर्शिता बढ़ाने पर ध्यान।

प्रकाशन: 29 अक्टूबर 2026 · पाठ्यक्रम: GS-II • पंचायती राज और सामाजिक न्याय

चर्चा में क्यों और योजना की मूल पहचान

28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM-VGSY) को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी। इसका कार्यकाल वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 है और यह सोलहवें वित्त आयोग की अवधि के साथ जुड़ा है।

मुख्य बात यह है कि योजना हर गाँव को एक बार में समान नकद अनुदान देने वाली योजना नहीं, बल्कि पंचायत संस्थाओं की प्रशासनिक, डिजिटल, नियोजन तथा लेखा-क्षमता सुदृढ़ करने का कार्यक्रम है।

आधिकारिक आँकड़े: पूरा वित्तीय ढाँचा

सूचक28 अक्टूबर 2026 के स्वीकृत तथ्य
कुल परिव्यय₹7,395.55 करोड़
केंद्रांश₹4,869.48 करोड़
राज्यांश₹2,526.07 करोड़
अवधि2026–27 से 2030–31
प्रत्यक्ष लाभार्थीलगभग 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत कर्मचारी एवं अन्य हितधारक
संस्थागत पहुँच2.55 लाख से अधिक पंचायतें और परंपरागत स्थानीय निकाय

योजना सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योग्य संस्थानों के लिए है; जहाँ भाग IX के तहत सामान्य पंचायत व्यवस्था नहीं है वहाँ संबंधित परंपरागत ग्रामीण स्थानीय निकायों की पात्रता का भी प्रावधान है।

73वाँ संशोधन: पंचायत का संवैधानिक आधार

संविधान के भाग IX में पंचायतों से संबंधित अनुच्छेद 243 से 243-O आते हैं। ग्राम सभा, तीन-स्तरीय पंचायती व्यवस्था, आरक्षण, पाँच-वर्षीय कार्यकाल, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग इसके आधार हैं। 11वीं अनुसूची में 29 विषय पंचायतों के संभावित कार्यक्षेत्र से संबंधित हैं, लेकिन वास्तविक शक्तियों और धन के हस्तांतरण का बड़ा भाग राज्य कानून और प्रशासन पर निर्भर है।

इसलिए पंचायतों की स्थिति समझते समय तीन F: Functions, Funds और Functionaries—कार्य, वित्त और कर्मचारी—का वास्तविक विकेंद्रीकरण जाँचना चाहिए।

ग्रामीण योजना, डिजिटल साधन और सामाजिक लेखापरीक्षा

ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में ग्राम सभा और स्थानीय समुदाय विकास की प्राथमिकताएँ पहचान सकते हैं। ई-ग्रामस्वराज जैसे डिजिटल मंच नियोजन, कार्य प्रगति और लेखांकन की पारदर्शिता में मदद करते हैं। आधिकारिक पृष्ठभूमि के अनुसार प्रतिवर्ष 2.55 लाख से अधिक ग्राम विकास योजनाएँ और ऑनलाइन लेखापरीक्षा योजनाएँ तैयार करने का लक्ष्य है।

लेकिन कंप्यूटर में योजना दर्ज होने से ही भागीदारी सिद्ध नहीं होती। सार्वजनिक बैठक, महिलाओं और वंचित समुदायों की उपस्थित‍ि, खर्च का निरीक्षण, कार्य की गुणवत्ता तथा शिकायत निवारण से वास्तविक जवाबदेही बनती है।

सोलहवें वित्त आयोग और योजना का संबंध

सोलहवें वित्त आयोग की अवधि में ग्रामीण स्थानीय निकायों हेतु लगभग ₹4.35 लाख करोड़ अनुदान की सिफारिश का उल्लेख सरकारी पृष्ठभूमि रिपोर्ट में है। PM-VGSY के ₹7,395.55 करोड़ और वित्त आयोग के ग्रामीण निकाय अनुदान को जोड़कर एक ही केंद्रीय योजना का बजट नहीं समझना चाहिए। पहला क्षमता एवं शासन सुधार कार्यक्रम है; दूसरा संविधान-आधारित वित्तीय हस्तांतरण व्यवस्था का हिस्सा है।

चुनौतियाँ और सुधार का मार्ग

  • कर्मियों की कमी तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के तकनीकी प्रशिक्षण में असमानता।
  • ग्राम सभा की कम भागीदारी और कमजोर सामाजिक लेखापरीक्षा।
  • राज्यों में वास्तविक वित्तीय व प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की भिन्न स्थिति।
  • डिजिटल पहुँच, स्थानीय भाषा प्रशिक्षण और रिकॉर्ड-रखरखाव की चुनौतियाँ।
  • परंपरागत निकायों की विशिष्ट स्थानीय संस्थागत संरचना का सम्मान।

आगे की राह: प्रशिक्षण की गुणवत्ता को कार्य-आधारित परिणामों से जोड़ें; ग्राम सभा, महिलाओं और अनुसूचित समूहों की भागीदारी का मूल्यांकन करें; वित्तीय विवरण स्थानीय भाषा में सार्वजनिक करें तथा स्वतंत्र सामाजिक लेखापरीक्षा मजबूत करें।

UPSC दृष्टिकोण और परीक्षा-ट्रैप

यह योजना GS-II के विकेंद्रीकरण, शासन-क्षमता, सार्वजनिक सेवा वितरण तथा सहभागितापूर्ण लोकतंत्र से जुड़ती है। GS-IV में स्थानीय प्रशासन की ईमानदारी, निष्पक्षता और सार्वजनिक उत्तरदायित्व से भी इसका संबंध है। परीक्षा-ट्रैप: इसे संवैधानिक आयोग या केंद्रीय क्षेत्र की योजना न मानें; यह केंद्र प्रायोजित योजना है। भाग IX की सामान्य पंचायतें और कुछ क्षेत्रों के परंपरागत स्थानीय निकाय एक जैसे नहीं होते।

प्रारंभिक परीक्षा: व्याख्यासहित अभ्यास

यहाँ दिए प्रश्न मूल अभ्यास प्रश्न हैं; वास्तविक UPSC विगत वर्ष प्रश्न नहीं।

अभ्यास प्रश्न 1. PM-VGSY की मंजूर अवधि कौन-सी है?

  1. 2026–27 से 2030–31
  2. 2024–25 से 2028–29
  3. 2027–28 से 2039–40
  4. केवल 2026–27
सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या

उत्तर: विकल्प A — 2026–27 से 2030–31। सरकारी मंत्रिमंडल निर्णय के अनुसार योजना 2026–27 से 2030–31 तक कार्यान्वित होगी।

अभ्यास प्रश्न 2. संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायत संबंधी कितने विषय हैं?

  1. 18
  2. 29
  3. 47
  4. 66
सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या

उत्तर: विकल्प B — 29। 73वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ी गई 11वीं अनुसूची में 29 विषय हैं।

मुख्य परीक्षा: विश्लेषणात्मक अभ्यास

  1. अभ्यास प्रश्न 115 अंक250 शब्द

    PM विकसित ग्राम स्वराज योजना स्थानीय स्वशासन के ‘तीन F’ को किस सीमा तक मजबूत कर सकती है? विश्लेषण कीजिए।

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  2. अभ्यास प्रश्न 210 अंक150 शब्द

    ग्रामीण विकास योजनाओं में डिजिटल लेखांकन और सामाजिक लेखापरीक्षा की पूरक भूमिका स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर लेखन के लिए मार्गदर्शन

उत्तर लेखन मार्गदर्शन: घटना की तिथि, कानूनी अथवा वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, कारण, प्रभाव, चुनौतियाँ, उदाहरण, आगे की राह और निष्कर्ष को प्रश्न की माँग के अनुसार रखें। प्रश्नों के आदर्श उत्तर अब अलग पृष्ठों पर उपलब्ध हैं।

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मूल स्रोत और संबंधित अध्ययन