प्रयुक्त जल बाज़ार (Used Water Marketplace): जल-सुरक्षा और नगर वित्त
प्रश्न
भारत के शहरों में जल-सुरक्षा के लिए उपचारित अपशिष्ट जल का बाज़ार किस प्रकार चक्रीय अर्थव्यवस्था और नगर वित्त—दोनों को मजबूत कर सकता है? चुनौतियों सहित चर्चा कीजिए।
आदर्श उत्तर
भूमिका: राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 में AMRUT 2.0 के अंतर्गत शुरू प्रयुक्त जल बाज़ार (Used Water Marketplace) शहरी स्थानीय निकायों को उपचारित अपशिष्ट जल की मात्रा और गुणवत्ता सूचीबद्ध कर उद्योगों, संस्थानों तथा अन्य खरीदारों से जोड़ता है।
दोहरे लाभ:
- जल-सुरक्षा: उद्योग, निर्माण और उद्यानिकी जैसे गैर-पेय उपयोगों में पुनर्चक्रित जल के प्रयोग से ताजे जल के दोहन पर दबाव घट सकता है।
- चक्रीय अर्थव्यवस्था: अपशिष्ट जल निस्तारण की समस्या से पुन: उपयोग योग्य संसाधन में बदलता है; उपचार संयंत्रों की क्षमता का बेहतर उपयोग होता है।
- नगर वित्त: बिक्री और दीर्घकालिक खरीद-समझौतों से शहरी निकायों को गैर-कर राजस्व मिल सकता है और संचालन-रखरखाव लागत की आंशिक भरपाई हो सकती है।
चुनौतियाँ: उपचारित जल की गुणवत्ता और निगरानी, परिवहन पाइपलाइन की लागत, उचित मूल्य निर्धारण, सुनिश्चित खरीदार, जन-स्वास्थ्य सुरक्षा और छोटे निकायों की तकनीकी क्षमता।
आगे की राह: उपयोग-अनुकूल गुणवत्ता मानक, पारदर्शी शुल्क-निर्धारण, औद्योगिक समूहों के साथ दीर्घकालिक अनुबंध और नगर वित्त डेटा केंद्र (Municipal Finance Data Hub) के माध्यम से प्रदर्शन-प्रकटीकरण अपनाया जाए।
निष्कर्ष: मजबूत नियमन के साथ उपचारित जल का बाज़ार जल-सुरक्षा और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिरता दोनों को आगे बढ़ा सकता है।