नागास्त्र-2 और लोइटरिंग म्यूनिशन
प्रश्न
लोइटरिंग म्यूनिशन ने आधुनिक युद्धक्षेत्र में निगरानी और सटीक प्रहार के बीच की दूरी कम की है। नागास्त्र-2 के संदर्भ में भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
आदर्श उत्तर
लोइटरिंग म्यूनिशन लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर कुछ समय तक मंडरा कर निगरानी, लक्ष्य चयन और तत्क्षण प्रहार को एक ही प्रणाली में जोड़ता है। इससे सेंसर से शूटर तक की समय-श्रृंखला छोटी होती है।
नागास्त्र-2 का महत्व: स्वदेशी विकास, दिन-रात निगरानी, टैंक-रोधी tandem shaped-charge warhead और लंबी प्रहार-दूरी भारत की सटीक युद्ध क्षमता तथा घरेलू रक्षा-उद्योग को मजबूत करती है। स्वदेशी उत्पादन से तेज आपूर्ति, अनुकूलन, रखरखाव और निर्यात की संभावनाएँ भी बढ़ती हैं।
इलेक्ट्रॉनिक युद्ध चुनौती: GNSS जामिंग, spoofing, डेटा-लिंक बाधा और इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप नेविगेशन तथा लक्ष्य-सत्यापन को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए ECCM, बहु-सेंसर नेविगेशन, सुरक्षित संचार और मानव-नियंत्रित लक्ष्य पुष्टि आवश्यक हैं।
साथ ही गलत पहचान और सहायक क्षति से बचने के लिए स्पष्ट नियम तथा विश्वसनीय ISR जरूरी हैं। अतः आत्मनिर्भर प्लेटफॉर्म के साथ इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यास्थता ही इसकी वास्तविक युद्ध उपयोगिता तय करेगी।