KMGBF के लक्ष्य और भारत की जैव-विविधता पहल
प्रश्न
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के उद्देश्य और लक्ष्यों की चर्चा कीजिए। इसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भारत की प्रतिबद्धताओं और पहलों का उपयुक्त उदाहरणों सहित उल्लेख कीजिए।
आदर्श उत्तर
कुनमिंग–मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (KMGBF), CBD के अंतर्गत 2030 तक प्रकृति-हानि रोकने और 2050 तक “प्रकृति के साथ सामंजस्य” की दिशा देने वाला ढाँचा है। इसमें चार दीर्घकालिक लक्ष्य और 23 कार्य-लक्ष्य हैं।
प्रमुख लक्ष्य: 2030 तक 30% क्षतिग्रस्त पारितंत्र की बहाली तथा 30% स्थलीय, अंतर्देशीय जल और समुद्री क्षेत्रों का संरक्षण; प्रदूषण एवं आक्रामक विदेशी प्रजातियों के दबाव में कमी; टिकाऊ उत्पादन-उपभोग; तथा आनुवंशिक संसाधनों व पारंपरिक ज्ञान से लाभ का न्यायसंगत साझाकरण।
भारत की पहल: जैव विविधता अधिनियम और NBA के माध्यम से ABS व्यवस्था; संरक्षित क्षेत्रों व आर्द्रभूमियों का संरक्षण; Green India Mission, MISHTI और Project Cheetah; तथा स्थानीय जैव विविधता प्रबंधन समितियों की भागीदारी। कृषि जैविक संसाधनों का हालिया ABS वितरण Target 13 के क्रियान्वयन का उदाहरण है।
अतः भारत को समुदाय-आधारित संरक्षण, पर्याप्त वित्त, पारिस्थितिकी बहाली और मापनीय निगरानी को जोड़कर इन लक्ष्यों की प्राप्ति करनी होगी।